Monday, October 31, 2022

उत्कर्ष के ऑनलाइन स्टूडेंट ने पेश की मिसाल; जूस का ठेला लगाते हुए बना शारीरिक शिक्षक

31st अक्टूबर, जोधपुर । शहर के जाने-माने अशोक उद्यान में प्रतिदिन सवेरे लोग अपनी सेहत की बेहतरी के लिए शारीरिक व्यायाम और ताजा हवा की चाह में सैर-सपाटे के लिए आते हैं। उसी उद्यान के बाहर जूस का ठेला लगाए भवानी सिंह लोगों को जूस पिला कर और थोड़ी बहुत आमदनी करते हुए अपने भविष्य के सपनों को भी उड़ान देते रहे। सपना खुद को सरकारी नौकरी करते हुए देखना और अपने परिवार को खुशियों के पल उपहार में देने का। आखिरकार कड़े संघर्ष के बाद उनका सपना पूरा हुआ और अपनी कड़ी मेहनत और अडिग आत्मविश्वास के दम पर स्कूल पीटीआई का पद उन्होंने हासिल कर लिया।

आत्मनिर्भर होना जरूरत थी और लक्ष्य पाना जुनून
जोधपुर की ओसियां तहसील के बिरलोका गाँव के रहने वाले भवानी सिंह ने गाँव की ही सरकारी स्कूल से प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त कर जोधपुर से उच्च शिक्षा हासिल की। एक बेहद साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से नाता रखने वाले भवानी सिंह ने 2013 में स्नातक करने के साथ ही आत्मनिर्भर रहते हुए आमदनी के लिए अशोक उद्यान के सामने फलों का जूस बेचना शुरू कर दिया था लेकिन आगे पढ़ाई जारी रखते हुए बीपीएड व योगा में डिप्लोमा भी हासिल किया और साथ ही बाकी बचे समय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी जारी रखी। इसी दौरान उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाओं का सामना किया लेकिन असफल रहे। फिर भी हार नहीं मानी और लक्ष्य के लिए प्रयासरत् रहे।
लॉकडाउन के बाद से ही उत्कर्ष एप जैसे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म बहुत से विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हुआ है”- भवानी सिंह
परिस्थितिवश भवानी सिंह प्रतियोगी परीक्षा की ऑफलाइन तैयारी करने में असमर्थ थे तो पीटीआई के लिए उन्होंने उत्कर्ष एप से ऑनलाइन तैयारी की ताकि उनका जूस बेचने का कार्य भी चलता रहे। लेकिन इसके लिए उन्होंने अपनी नींद और आराम से जरूर समझौता किया। ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से तैयारी करने के विषय पर अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने कहा कि समय और परिस्थिति के चलते उनका ऑफ़लाइन तैयारी करना संभव नहीं था ऐसे में उत्कर्ष एप वरदान की तरह साबित हुआ।
योग दिवस पर डॉ. निर्मल गहलोत की शाबाशी ने होंसले को दी नई मजबूती
गत 21 जून को योग दिवस के अवसर पर उत्कर्ष के संस्थापक डॉ. निर्मल गहलोत जूस पीने के दौरान भवानी सिंह की मेहनत और उनकी अपने लक्ष्य को पाने की लगन देखकर उन्हें शाबाशी दिए बिना न रह सकें और अपनी ऑनलाइन पोस्ट द्वारा अन्य विद्यार्थियों को भवानी सिंह से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। इस वाकिए के दौरान मिले प्रोत्साहन ने भवानी सिंह में एक नवीन ऊर्जा का संचार कर दिया था।  
”असफलताओं के दर्दनाक पहलू में सफलता का सुकून अवश्य छुपा होता है”- डॉ. निर्मल गहलोत
उत्कर्ष एप के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी करने वाले भवानी सिंह की संघर्षमयी सफलता से प्रभावित होकर उत्कर्ष क्लासेस के संस्थापक व निदेशक डॉ. निर्मल गहलोत ने बताया कि भवानी सिंह की सफलता प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक प्रेरणादायी सीख है। असफलताओं से भरा मंजिल तक पहुँचने का सफर अक्सर होंसला तोड़ देता है जिसकी वजह से अधिकांश विद्यार्थी कुछ ही प्रयासों में असफल रहने के बाद अपनी किस्मत को कोसते हुए प्रतियोगिता की रेस से बाहर हो जाते हैं, जबकि भवानी सिंह जैसे विद्यार्थी परिस्थितियों से हार मानने की जगह उसका समाधान खोज लेते हैं और नए सिरे से पुन: अपनी तैयारी में जुट जाते हैं। यहीं वजह है कि आत्मनिर्भर भवानी सिंह ने करीब 20 विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल रहने के बाद भी अपनी हिम्मत और उत्साह को बनाए रखा जिसका सुकून भरा सुखद परिणाम आज सबके सामने हैं।

आर्टिस्ट कम्युनिटी नज़ारे ने फिर मचाया धमाल



जयपुर। जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में नज़ारे ने आयोजित किया एक और रोमांचक कार्यक्रम। इस कार्यक्रम में 500 से अधिक दर्शक व 30 से अधिक आर्टिस्ट मौजुद रहे। कार्यक्रम में राजस्थान की चमक लेकर आए छोटे-छोटे कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर मिला। राजस्थानी ज्वैलरी से लेकर पारंपरिक परिधानों की आकर्षक प्रदर्शनी भी इस कार्यक्रम में लगाई गई। चाय बार स्टॉल बनी आकर्षण का केंद्र जहां लोग एडिबल कप में चाय की चुस्की लेते हुए नजर आए। इसके अलावा लव + फ्लोर ने अपने ट्रेडिशनल और मॉडर्न टेस्ट के फ्यूजन से सबको अपनी कुकीज का दीवाना बना लिया।  जहां लोग कबीर वानी और रित्विक वासवानी के गानों पर झूमते हुए नजर आए वहीं दूसरी ओर अली खान की शायरी पर मंत्रमुग्ध हो गए और दक्षित माथुर की कॉमेडी पर लोट पोट होते हुए दिखाई दिए। इतना ही नहीं नज़ारे ने पार्थ भट्ट की किताब 'मैं लिखता हूं, मैं लिखता रहूंगा' को भी किया लॉन्च। नज़ारे के संस्थापक दिव्य घिया ने कहा की कार्यक्रम की सफलता का श्रेय उनकी टीम और आर्टिस्ट को जाता है जो अपने अनन्त प्रयास से कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे रहते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने अपने अगले कार्यक्रम के आयोजन की भी घोषणा की।

छठ महापर्व पर उमड़ा श्रद्धालुओं की भीड़


दुर्गा विस्तार कालोनी पर उगते सूर्य को अर्पित किया दूसरा अर्घ्य

जयपुर। लोक आस्था का महापर्व डाला छठ सोमवार को उगते हुए सूर्य को दूसरा अर्ध्य देने के बाद यह छठ पूजा महोत्सव सम्पन्न हुआ । सूर्य उपासना के चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा की उदीयमान भगवान दीनानाथ जी की सुख-समृद्धि की कामना की। डाला छठ पूजा महोत्सव के मुख्य अतिथि प्रताप सिंह खाचारियावास एवं भाजपा के अरूण चतुर्वेदी रहे ।उन्होंने कहा की छठ माता आपकी नही पूरे विश्व का छठ माता है । मुख्य आयोजन एन बी सी के पीछे दुर्गा विस्तार कालोनी पर हुआ ।जिसमे यह पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया । चार दिवसीय महापर्व का पहला दिन नहाय खाय से शुरू हुआ । लोगे के भीड़ उमड़ पड़ी। रास्ते जाम हो । बिहार समाज संगठन के महासचिव सुरेश पंडित ने बताया कि पुलिस प्रशासन एवं बिहार समाज के स्वयंसेवक ने बड़ी मेहनत की । इस पर्व को देखने के लिए दुर दराज से श्रध्दालु पूजा स्थल पर पहुंचे । इतने पटाके छूटे की दीवाली फीकी पर गया, उस तरह से आतिशबाजी किया गया । इस पर्व की खास रौनक बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बम्बई, दिल्ली, गुजरात, बंगाल पड़ोसी देश नेपाल एवं मॉरिशस, इंग्लैंड सहित अन्य देशो मे देखने को मिलती है । यह व्रत बिहार का सबसे बड़ा व्रत है ‌ यह बहुत ही कठिन साधना के साथ की जाती है ‌। पवित्रता इतनी रखनी पड़ती है किसी ने जान-बूझकर अनिष्ट किया तो कुष्ट जैसे रोग होने की संभावना रहता है समाज के प्रवक्ता संजीव कुमार सिंह ने कहा कि आस्था इतनी होती है जैसे ही मनोकामना पूरी हुई वैसे ही इस व्रत को करने की शुरुआत कर देते है । आपसी प्रेम को भी दर्शाता हुआ यह बहुत बड़ा व्रत है ।जयपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रो में बिहार समाज के बैनर तले छठ पूजा का आयोजन किया गया है । जिसमें बांस के बने हुए टोकरी(डाला या दउरा) भी कहते है बांस से बनी सूप घर - घर में खरीदे जाते है । रविवार को अस्ताचलगामि सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित किया । पूरी रात बिहार समाज संगठन के कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवक प्रशासन के साथ व्यवस्था सम्भालने में लगे रहे । शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए जिसमें कृष्ण लीला की झांकी, महाकाल की भष्म आरती एवं कलकत्ता की काली माई की झांकी प्रमुख रूप से दिखाया गया । बिहार के भाषा जैसे कि भोजपुरी, मैथिली, मगही, वंज्जिका,हिन्दी एवं राजस्थानी भाषा में भजन प्रस्तुत किया गया । जिसमे समाज के लोगो ने बढ चढ़कर भाग लिया । प्रसाद रखने के लिए बांस की बनी टोकरी व सूप जिसमे में रखने वाले प्रसाद के रूप से ठेकुआ, गन्ना, गागर (बड़ा नीबू ), नाशपाती, सेव ,केला ,हल्दी, अदरक, मूली,नारियल, केराव, चावल, पान,सुपारी, संतरा,नींबू, शरीफा, फूल एवं मिठाई आदि शामिल होते है । यह सभी रखकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किए । सोमवार को जैसे ही सूर्य देव की लालिमा दिखा व्रती ने अर्ध्य देना शुरू किया । व्रत करने वाले ने अपने अपने घर जाकर व्रत खोला । व्रती को चरण शूकर आशीर्वाद लिया । महिलाओ को जोड़ा मांग भरा गया। रात को कोशी भरा गया । जिसके घर में कोई शुभ काम करना जैसे शादी विवाह करना होता है उनके घर में कौशिया भरा जाता है। दूसरा अर्ध्य कार्तिक शुक्ल पक्ष सप्तमी को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर इस महापर्व को समापन किया गया ।

Friday, October 28, 2022

सितंबर 2022 को समाप्त तिमाही में अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड ने 12% की मजबूत सीमेंट वॉल्यूम वृद्धि और 14% की शुद्ध बिक्री वृद्धि दर्ज की

अहमदाबाद, 28 अक्टूबर, 2022: अदानी समूह की निर्माण सामग्री शाखा, अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड (अंबुजा) ने आज 30 सितंबर, 2022 को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।

आपरेशनल विशेषताएं:

  • पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में12% की मजबूत वृद्धि।
  • नेटवर्क तालमेल और विभिन्न अन्य लागत दक्षता उपायों से रसद लागत में कमी।

वित्तीय विशिष्टताएं:

  • पिछले वर्ष की समान तिमाही में₹3,193 करोड़ की तुलना में ₹3,631 करोड़ की शुद्ध बिक्री, 14% की वृद्धि।
  • सितंबर2022 को समाप्त तिमाही के लिए एबीटा  ₹304 करोड़ रहा।

अंबुजा सीमेंट्स के सीईओ श्री अजय कपूर ने कहा कि “सीमेंट उद्योग वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी वृद्धि के परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण मार्जिन दबाव का सामना कर रहा है। हालांकि, ऊर्जा कीमतों में हालिया गिरावट और मॉनसून के बाद मांग में तेजी आने वाली तिमाहियों के लिए उम्मीद की किरण दिख रही है। अंबुजा ने क्षमता बढ़ाने और मार्जिन विस्तार पर केंद्रित प्रयासों के साथ पैमाने और बाजार नेतृत्व हासिल करने के लिए एक परिवर्तनकारी यात्रा शुरू की है। अदाणी समूह के दायरे और संसाधनों का लाभ उठाकर, हम सीमेंट उद्योग में नेतृत्व की स्थिति हासिल करने के लिए और अधिक तेजी से और अधिक प्रभाव के साथ विस्तार करने का लक्ष्य रखते हैं। कंपनी में प्रमोटर समूह द्वारा इक्विटी डालने से, आने वाले समय में विस्तार कार्यक्रम गति पकड़ेगा। वादे को ध्यान में रखते हुए, हमने अगले पांच वर्षों में अपनी विनिर्माण क्षमता को दोगुना करने का वादा किया है, हमारी विकास योजनाएं महत्वाकांक्षी हैं, और यह 2023 में स्पष्ट होगा। हालांकि लागत दबाव दूर नहीं हुआ है, हमारी विकास योजनाएं मजबूत बनी हुई हैं।“

30 सितंबर, 2022 को समाप्त तिमाही के लिए अलेखापरीक्षित वित्तीय परिणाम:

 

 

Standalone

Consolidated

 Particulars

UoM

Quarter

Quarter

Jul-Sep

2022

Jul-Sep

2021

Jul-Sep

2022

Jul-Sep

2021

Sales Volume

Million Tonnes

6.74

6.00

12.57

11.90

Net Sales

₹ Crore

3,631

3,193

7,051

6,529

EBITDA

₹ Crore

304

703

334

1416

EBITDA Margin

%

8.4%

22.0%

4.7%

21.7%

 

ईएसजी हाइलाइट्स:

ईएसजी लीडरशीप को जारी रखते और आगे बढ़ाते हुए अंबुजा की स्थिरता रणनीति का नेतृत्व इसकी सतत विकास 2030 योजना द्वारा प्रेरित है।

  • सितंबर2022 में, भाटापारा,  राउरी और मारवाड़-मुंडवा में WHRS परियोजनाओं को आंशिक रूप से चालू किया गया है। अंबुजानगर और मराठा प्लांट्स में WHRS परियोजनाओं की अगली लहर अच्छी तरह से प्रगति कर रही है।
  • अक्षय ऊर्जा-सौर,पवन और जल विद्युत की हिस्सेदारी बढ़ाने पर महत्वपूर्ण जोर।
  • अंबुजा मिश्रित सीमेंट के उच्च अनुपात के माध्यम से कम कार्बन पोर्टफोलियो बनाने और वैकल्पिक ईंधन और कच्चे माल (एएफआर) के बढ़ते उपयोग के माध्यम से हरित उत्पादों और समाधानों में तेजी लाने पर अपना ध्यान केंद्रित करना जारी रखे हुए है।
  • समुदाय के लिए जल प्रशासन,सतत आजीविका और सामाजिक समावेशन सर्वोच्च फोकस क्षेत्र बना हुआ है और कंपनी ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रमों में समर्थन के लिए प्रतिष्ठित कॉरपोरेट्स और कल्याण ट्रस्ट के साथ नई साझेदारी की है।

पुरस्कार और मान्यता:

  • अंबुजा सीमेंट्स को इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा2022 में भारत के प्रतिष्ठित ब्रांडों में से एक के रूप में मान्यता दी गई है।
  • वित्तीय रिपोर्टिंग में उत्कृष्टता के लिए भारत के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स संस्थान द्वारा अंबुजा की वार्षिक एकीकृत रिपोर्ट प्रदान की गई।
  • पहले संयुक्त अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी के कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी कैंपेन-'चेंज द स्टोरी' ने इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशंस के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के लिए फलक्रम अवार्ड्स 2022 में सिल्वर जीता और सस्टेनेबिलिटी पर अपने निरंतर फोकस के लिए साउथ एशिया सेबर अवार्ड्स 2022 गोल्ड जीता।

आईआईएम उदयपुर की टीम इंटर बी-उचयस्कूल गवर्नेंस कंसल्टिंग प्रतियोगिता मे राष्ट्रीय विजेता घोषित

उदयपुर, 28 अक्टूबर, 2022- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट उदयपुर ने इंटर बी-स्कूल प्रतियोगिता - द गवर्नेंस चैलेंज में राष्ट्रीय विजेता का खिताब हासिल किया है और इस तरह संस्थान ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस स्पर्धा में आईआईएम उदयपुर की टीम बलीचा पैंथर्स के छात्र मुस्कान गुप्ता, सुहैल नज़ीर और सूर्यप्रताप बाबर ने प्रतियोगिता के राष्ट्रीय दौर के विजेताओं में स्थान हासिल किया। आईआईएम उदयपुर ने प्रतियोगिता के आयोजकों का आभार व्यक्त किया और छात्रों के आगामी प्रयासों में सफलता की कामना की।


देश में पहली बार आयोजित नेशनल गवर्नेंस केस कम्पटीशन - द गवर्नेंस चैलेंज (टीजीसी) में 25 25 टॉप बिज़नेस और पब्लिक पालिसी स्कूल्ज की 2100 से अधिक टीमों ने भाग लिया। हरियाणा के युवाओं के भविष्य को तैयार करने में मदद करने के लिए टीमों को अपने सोलुशन प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया था। प्रतियोगिता के कड़े फाइनल मुकाबले के दौरान - टॉप 6 टीमों को हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष अपने प्रेजेंटेशन देने के लिए आमंत्रित किया गया था। टॉप 6 टीमें एसवीकेएम एनएमआईएमएस, आईआईएम बैंगलोर, आईआईएम कोज़ीकोडे, आईआईएम शिल्लोंग, आईआईएम उदयपुर और आईआईएफटी थीं।

छात्रों को बधाई देते हुए आईआईएम उदयपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर अशोक बैनर्जी ने कहा, ‘‘हमें यह देखकर ख़ुशी और गर्व का मिलाजुला अनुभव हो रहा है कि हमारे छात्रों के एन्त्रेप्रेंयूर्शिप स्किल्स को मजबूत करने के हमारे प्रयासों के कारण इस तरह के अति उत्कृष्ट परिणाम सामने आ रहे हैं। टॉप बिजनेस स्कूलों से प्रतिस्पर्धा के बावजूद संस्थान की टीम की यह उल्लेखनीय उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि हमारे छात्र आज की जटिल समस्याओं के इनोवेटिव सोलूशन्स के लिए कितनी अच्छी तरह तैयार हैं।’’

विजेता आईआईएमयू टीम, बलीचा पैंथर्स को हरियाणा के मुख्यमंत्री ने ट्रॉफी,प्रमाण पत्र और 5 लाख रुपये के चेक से सम्मानित किया। दूसरे स्थान पर रही आईआईएम बैंगलोर की टीम को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और 3 लाख रुपये का चेक मिला, जबकि तीसरा स्थान आईआईएम कोज़ीकोडे की टीम ने हासिल किया, जिसे प्रमाण पत्र और 1 लाख रुपये का चेक मिला।

उल्लेखनीय है कि टीजीसी लाखों लोगों को प्रभावित करने वाली गवर्नेंस चैलेंज के माध्यम से जटिल मुद्दों का समाधान प्रस्तुत करने का एक प्रभावशाली प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से नीति निर्माताओं और प्रभावशाली लोगों के सम्मुख अपने इनोवेटिव सोलूशन्स पेश करने का अवसर मिलता है। इस पहल का उद्देश्य देश की शासन  संरचना का समर्थन करने के लिए भारत की बेहतरीन युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करना है।

अस्तित्व का प्रयास, इस दिवाली रौशन हो हर परिवार

जयपुर ,28 अक्टूबर 2022: इस भौतिक युग में जहां हर व्यक्ति सिर्फ अपने लिए सोच रहा है वहीं अस्तित्व फाउंडेशन निरंतर समाज के बेहतरी के लिए प्रयासरत है। इसी कड़ी में आज पुनः अस्तित्व ने एक अनोखी पहल की। इस दिपावली के अवसर पर अस्तित्व ने उन नौनिहालों के जीवन में रौशनी भरने की कोशिश की जिनकी हर दिपावली पैसे के अभाव में फीकी रहती है। परंतु इस बार उनकी दिपावली फीकी नहीं लगेगी। क्योंकि आज अस्तित्व  फाउंडेशन के बैनर तले पटना मे राम कृष्णा नगर के पास रहने वाले गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों के बीच दिपावली के अवसर पर उपहार वितरण समारोह का आयोजन किया गया था। बच्चों के बीच मिट्टी के दिये, तथा मिठाई के रूप में उपहार का वितरण किया गया। उपहार प्राप्त करने के पश्चात बच्चों के चेहरे पर मुस्कान खिल उठी है। इस अवसर पर अस्तित्व फाउंडेशन के  स्वीटी कुमारी,राजू कुमार मिश्र,   प्रांशु शुभम, उपस्थित रहे। इसके  राजू कुमार मिश्र ने बताया कि बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान को देखकर अलौकिक शांति की प्राप्ति हुई है। एक मनुष्य के लिए इससे ज्यादा सुखद अहसास क्या हो सकता है कि उसका एक छोटा सा प्रयास किसी के जीवन में बड़ी खुशी ला दे। मनीष कुमार राव ने बताया है कि हमारा ऑर्गेनाइजेशन निरंतर समाज के बेहतरी के लिए प्रयासरत है। जरूरतमंद को रक्त उपलब्ध कराना हो, फ्री मेडिकल कैंप लगाना हो या बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराना हो हमारा ऑर्गेनाइजेशन हर कार्य में अग्रणी भूमिका निभाता है। हमारा यह मानना है कि यदि जीवन में एक बार भी हमारी वज़ह से किसी के चेहरे पर मुस्कान आ जाए तो हमारा मनुष्य का जीवन सफल हो जाएगा। स्वीटी ने बताया है कि इन‌ नौनिहालों में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत है तो सिर्फ उन्हें उचित मार्गदर्शन देने की। जल्दी ही यहां एक संस्थान की शुरुआत की जाएगी जिसमें इन नौनिहालों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

Thursday, October 27, 2022

सूर्य उपासना के महापर्व डाला छठ शुरू

चार दिवसीय महापर्व आज नहाय खाए से शुरू

जयपुर । बिहार समाज संगठन का डाला छठ महापर्व पर आज से लेकर 31 अक्टूबर तक छठ पूजा का धूम रहेगा । चार दिनों तक चलने वाला यह व्रत , नहाय खाय से शुरू होगी । यह व्रत बिहार का सबसे बड़ा व्रत है ‌ यह बहुत ही कठिन साधना के साथ की जाती है । इस व्रत की तैयारी भाई दूज के पूजा के बाद शूरू होती है ‌। भाई दूज के दिन मिट्टी के चूल्हे बनाए जाते हैं , उसी दिन गेहूं भी धोए जाते हैं । पवित्रता इतनी रखनी पड़ती है जो किसी बच्चे का हाथ नहीं लगे या कोई जानवर नहीं आ जाए या खा नही जाए ।

बिहार समाज संगठन के महासचिव सुरेश पंडित ने बताया कि यह व्रत एक ऐसा व्रत जिसमें अमीर- गरीब का कोई भेद -भाव नहीं है । किसी को किसी तरह की बड़ी परेशानी होती है तो यह कहते हैं , परेशानी खत्म हो जाएगी तब पांच साल तक घर-घर जाकर भीख मांग कर हम यह व्रत करेंगे । आस्था इतनी होती है जैसे ही मनोकामना पूरी हुई वैसे ही नहाए - खाए के दिन सुबह - सुबह पांच घरों में जाकर छठ माता के लिए मांग कर लाते है । देने वाले भी बिना कुछ पूछे दे देते हैं । आपसी प्रेम को भी दर्शाता हुआ यह बहुत बड़ा व्रत है । गांव में व्रत में उपयोग में आने वाले जो भी समान किसी एक के पास है वह अपने आसपास के लोगों को भी दे देते हैं और यदि किसी कारणवश भूल गए तो वह खुद मांग कर ले जाते हैं । अब समय के बदलाव ने बहुत कुछ चेंज कर दिया है । पहले गरीबों को नई साड़ी और धोती व्रती को दुकान वाले भी देते थे लेकिन अब समय के अनुसार यह सब बदल गया है । शहर में जिसे कपड़ों का सेल बोलते हैं गांव के दुकान में कम पैसों में व्रत करने वाले तक पहुंचाने का एक जरिया बोलते हैं । अब कुछ लोग कहते हैं सेवा करने वाले को यह व्रत का फल मिलेगा , इस लिए पैसे से सामान लेने चाहिए ‌। तब देने वाले अच्छे हैं तो इसकी कीमत ना के बराबर कर देते हैं । नहाए - खाए के दिन लौकी में सेंधा नमक का प्रयोग किया जाता है बिहार समाज संगठन के तत्वावधान में डाला छठ पूजा महापर्व का आयोजन जयपुर के विभिन्न क्षेत्रो में किया जा रहा है । समाज के प्रवक्ता संजीव कुमार सिंह ने बताया कि समाज की ओर से मुख्य आयोजन हसनपुरा रोड एनबीसी कम्पनी के पीछे दुर्गा विस्तार कॉलोनी के सामने कृत्रिम जलाशय में खड़े होकर करेंगे । जयपुर शहर के विभिन्न कॉलोनीयो में रह रहे बिहार समाज के लोगो ने कानोता बांध , मुरलीपुरा, विश्वकर्मा, प्रताप नगर, करतारपुरा, राॅयल सिटी माचवा, बाईस गोदाम, गुर्जर की थड़ी, रामनगर, बड़ोदिया बस्ती, सैन कालोनी, बनीपार्क , सूतमिल कॉलोनी , संजय कालोनी पानी पेच, विधाधर नगर, हीरापुरा, गिरधारीपुरा 200 फीट बाई पास, गोपालपुरा, सांगानेर, हरीनगर सोडाला,बिहारी कालोनी, जमुना नगर विस्तार, पंचवटी कालोनी, किशनबाग, शास्त्री नगर, आदर्श नगर, बीस दुकान, तिलक नगर, जवाहर नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, एवं जैतापुर आदि जगह पर बिहार समाज के बैनर तले बड़ी धूमधाम से इस महापर्व को मनाया जाएगा । यह पर्व आज से शुरू होगा । शनिवार को खरना का व्रत होगा । रविवार को अस्ताचलगामि सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित करेंगे ।



वार्डविज़र्ड इनोवेशन्स एण्ड मोबिलिटी लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 23 में अब तक की अधिकतम अर्द्ध वार्षिक बढ़ोतरी का रिकॉर्ड बनाया

वड़ोदरा, 27 अक्टूबर, 2022ः इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के अग्रणी ब्राण्ड ‘जॉय ई-बाईक’ के अग्रणी निर्माता वार्डविज़र्ड इनोवेशन्स एण्ड मोबिलिटी लिमिटेड (बीएसई कोडः 538970) ने वित्तीय वर्ष 23 की दूसरी तिमाही में रु 63.97 करोड़ के राजस्व के साथ अब तक की अधिकतम 90 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की है, जबकि वित्तीय वर्ष 22 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने 33.51 करोड़ का राजस्व दर्ज किया था। देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की लगातार बढ़ती मांग के साथ वित्तीय वर्ष 23 की दूसरी तिमाही (जुलाई- सितम्बर 2022) के वित्तीय परिणामों में सकारात्मक आंकड़े सामने आए हैं।

वित्तीय वर्ष 22 की दूसरी तिमाही के परफोर्मेन्स पर बात करते हुए श्री यतिन गुप्ते, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, वार्डविज़र्ड इनोवेशन्स एण्ड मोबिलिटी लिमिटेड ने कहा, ‘‘भारत में ऑटोमोबाल उद्योग में लगातार बदलाव आ रहे हैं, लोग इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर रुख कर रहे हैं।  ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते भी ई-मोबिलिटी की तरफ लोगों का झुकाव बढ़ रहा है। हमारे सशक्त प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और मौजूदगी के साथ लगातार अच्छा परफोर्मेन्स दे रहे हैं, जो उपभोक्ताओं के हममें बढ़ते भरोसे की पुष्टि करता है। त्योहारों के सीज़न की शुरूआत के साथ बाज़ार में अच्छी मांग के चलते, हमने इस तिमाही तथा वित्तीय वर्ष 23 के अर्द्धवर्ष में भी अब तक का अधिकतम राजस्व दर्ज किया है। अपनी मौजूदगी को सशक्त बनाते हुए हमने देशी-विदेशी बाज़ारों में अपना विस्तार किया है। बाज़ार के मौजूंदा संवेग तथा इलेक्ट्रिक वाहनों, खासतौर पर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए हमें विश्वास है कि आने वाले समय में हम नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।’’

कंपनी ने वित्तीय वर्ष 23 की अर्द्धवर्ष में अब तक का अधिकतम राजस्व दर्ज किया है। बाज़ार में लगातार विस्तार के साथ कंपनी ने वित्तीय वर्ष के अर्द्धवर्ष में रु 118.69 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 45.05 करोड़ था। इस दृष्टि से कंपनी ने 164 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है।

कंपनी ने वित्तीय वर्ष 23 की दूसरी तिमाही में 8,448 युनिट्स इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बेचे हैं, और रु 2.5 करोड़ का पीएटी (कर के बाद मुनाफ़ा) दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1.61 करोड़ था।

लोकप्रिय दोपहिया वाहनों की अच्छी मांग के चलते वित्तीय वर्ष 23 के पहले अर्द्धवर्ष में कंपनी ने 16715 युनिट्स की बिक्री के साथ 127 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। पहले अर्द्धवर्ष में कर के बाद मुनाफ़ा रु  4.56 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में रु 2.33 करोड़ था।

वार्डविज़र्ड इनोवेशन्स एण्ड मोबिलिटी लिमिटेड के बारे में: वार्डविज़र्ड इनोवेशन्स एण्ड मोबिलिटी लिमिटेड, ब्राण्ड जॉय ई-बाईक के तहत इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेन्ट में अग्रणी ऑटो निर्माता कंपनी है। यह अपने ब्राण्ड व्योम इनोवेशन्स के माध्यम से होम अप्लायन्स बाज़ार की ज़रूरतों को भी पूरा करता है। इलेक्ट्रिक वाहन के निर्माण के क्षेत्र में बीएसई पर पहली सूचीबद्ध कंपनी होने के नाते, यह मुख्य रूप से भारत के इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेन्ट को बढ़ावा देने तथा परिवहन के स्वच्छ एवं हरित विकल्पों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयासरत है, जो पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव ला सकें। जॉय ई-बाईक्स के माध्यम से कंपनी ईंधन पर चलने वाले पारम्परिक वाहनों का हरित विकल्प उपलब्ध कराती है। वहीं दूसरी ओर व्योम इनोवेशन्स उपभोक्ताओं के लिए उर्जा प्रभावी होम अप्लायन्सेज़ पेश करती है, इसका उद्देश्य भी हरित प्रणाली को बढ़ावा देना ही है। कंपनी का फुटप्रिन्ट भारत के 25 प्रमुख शहरों में फैला है और यह देश भर में अपने विस्तार के लिए तत्पर है।

गोदरेज एंड बॉयस ने भारत में रक्षा क्षेत्र के स्वदेशीकरण में योगदान दिया

मुंबई, 27 अक्टूबर 2022: गोदरेज समूह की प्रमुख कंपनी गोदरेज एंड बॉयस (जी एंड बी) अपने स्वदेशी विनिर्माण कौशल के साथ भारत के रक्षा क्षेत्र को मजबूत कर रही है।  विशिष्ट ग्राहक विश्वास, एक स्वस्थ ऑर्डर बुक और निष्पादन में उत्कृष्टता के आधार पर, व्यवसाय ने हाल के दिनों में उत्कृष्ट विकास का अनुभव किया है और अपने रक्षा व्यवसायों से दोहरे अंकों की वृद्धि जारी रखने की उम्मीद करता है।कंपनी अपने कई व्यवसायों जैसे गोदरेज मटेरियल हैंडलिंग, गोदरेज टूलींग, गोदरेज सिक्योरिटी सॉल्यूशंस, गोदरेज एयरोस्पेस और गोदरेज प्रिसिजन इंजीनियरिंग के माध्यम से रक्षा क्षेत्र की सेवा करती है, जिनमें से तीन अपनी रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए गांधीनगर में डिफेंस एक्सपो 2022 में भी उपस्थित थे।

सरकार के 2025 तक 1.75 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादों के उत्पादन के लक्ष्य के अनुरूप, 35,000 करोड़ रुपये के निर्यात सहित, गोदरेज समूह की प्रमुख कंपनी क्षमता विस्तार, प्रौद्योगिकी साझेदारी और अनुसंधान एवं विकास में महत्वपूर्ण निवेश कर रही है. गोदरेज और बॉयस महाराष्ट्र के खालापुर में व्यवसायों के लिए 100,000 वर्ग मीटर से अधिक की हरित क्षेत्र सुविधा स्थापित करने पर काम कर रहे हैं।

गोदरेज एंड बॉयस ने ब्रह्मोस और एमआरएसएएम, माइन - मूवमेंट लेयर, काउंटर माइन फ्लेल, विभिन्न प्रकार के लॉन्चर्स, वाटरटाइट और प्रेशर टाइट दरवाजे और जहाजों और पनडुब्बियों के लिए हैच जैसे कार्यक्रमों के लिए एयर - फ्रेम जैसे एयरोस्पेस, भूमि और नौसेना अनुप्रयोगों के लिए कई मिशन - महत्वपूर्ण और जटिल उपकरणों का विकास और आपूर्ति की है।

बहुत समय पहले, भारत में रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) को प्रतिष्ठित ब्रह्मोस मिसाइल के वायु - लॉन्च संस्करण के लिए कंपनी से पहली एयरफ्रेम असेंबली की आपूर्ति की गई थी। गोदरेज को आईएनएस विक्रांत पर लगभग 700 जल - तंग दरवाजों की आपूर्ति और फिट होने पर गर्व है, जहां कंपनी ने फोर्कलिफ्ट की आपूर्ति भी की है। आईएनएस विक्रांत की मेडिकल बे में गोदरेज हेल्थ केयर फर्नीचर भी लगाया गया है। अतीत में, सेना रेजिमेंटों के लिए ruggedized भारी शुल्क forklifts की आपूर्ति की गई है।

आर एंड डी में अपनी क्षमताओं को मजबूत करके, गोदरेज एंड बॉयस दुनिया को अत्याधुनिक उत्पाद प्रदान करते हुए घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करता है। कंपनी की कई बुटीक एमएसएमई के साथ मजबूत साझेदारी है, जो भारत में रक्षा उपकरणों के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ाने के लिए पावर सोर्स, एयर कंडीशनिंग उपकरण, हाइड्रोलिक्स औरन्यूमेटिक्स, कंट्रोलर आदि जैसे आईईएस के विशेषज्ञ हैं। नवीन समाधानों के विकास और रोबोटिक्स, आईआईओटी और नियंत्रण प्रणालियों के अपने सहयोगियों के साथ एकीकरण के साथ व्यवसाय की उत्पाद पेशकशों को बढ़ाया जाता है।

गोदरेज एंड बॉयस के स्ट्रैटेजिक प्रोजेक्ट्स – इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स बिजनेस के प्रमुख कौस्तुभ शुक्ला कहते हैं, "भारत के ऑटोकथॉनस रक्षा कार्यक्रम का समर्थन हमें उत्कृष्ट विकास के अवसर प्रदान करता है और हम इससे लाभ उठाने के लिए क्षमताओं और सही साझेदारी का निर्माण कर रहे हैं। हमारे सभी व्यवसाय ग्राहकों के साथ सक्रिय रूप से संलग्न हैं, रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नवाचार, निवेश और विस्तार कर रहे हैं।

इसके अलावा, हम वैश्विक प्रमुखों को जटिल सटीक प्रणालियों के साथ आपूर्ति करके भी सेवा प्रदान कर रहे हैं। वर्षों से निर्यात बहुत आशाजनक रहा है, जो हमारे रक्षा राजस्व का 20 से 40 प्रतिशत तक है। इससे हमें सरकार के रक्षा निर्यात लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करने का विश्वास मिलता है।

भारत सरकार ने हाल ही में रक्षा उत्पादन के लिए एक दृष्टिकोण व्यक्त किया है, जिसमें एक रणनीति बताई गई है जो 2047 तक दुनिया भर में अग्रणी 100 रक्षा निगमों में 20 भारतीय रक्षा विनिर्माण कंपनियों को स्थान देगी। रक्षा में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के दृष्टिकोण को लागू करने के लिए, सरकार ने घरेलू कंपनियों से अधिग्रहित किए जाने वाले उपकरणों की पहचान की है और एक उपयुक्त पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने 30 सितंबर, 2022 को समाप्त अवधि के लिए ₹13,088 करोड़ का नया बिजनेस प्रीमियम दर्ज कराया

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, देश की अग्रणी जीवन बीमा कंपनियों में से एक, ने 30 सितंबर, 2022 को समाप्त अवधि के लिए ₹13,088 करोड़ का नया बिजनेस प्रीमियम दर्ज कराया, जबकि 30 सितंबर, 2021 को समाप्त अवधि के लिए ₹10,288 करोड़ रु. दर्ज किया गया था। 30 सितंबर, 2021 को समाप्त समान अवधि की तुलना में सिंगल प्रीमियम में 33% की वृद्धि हुई है।

सुरक्षा पर स्पष्ट जोर के साथ, एसबीआई लाइफ का नया प्रोटेक्शन बिजनेस प्रीमियम 30 सितंबर, 2022 को समाप्त अवधि में 32% बढ़कर ₹1,598 रुपये दर्ज किया गया। प्रोटेक्शन इंडिविजुअल न्यू बिजनेस प्रीमियम ने 17% की वृद्धि दर्ज कराई और यह 30 सितंबर, 2022 को समाप्त अवधि के लिए ₹434 करोड़ रु. रहा। इंडिविजुअल न्यू बिजनेस प्रीमियम ₹8,461 करोड़ रहा जिसमें 30 सितंबर, 2021 को समाप्त समान अवधि की तुलना में 31% की वृद्धि दर्ज की गई।  

30 सितंबर, 2022 को समाप्त अवधि में एसबीआई लाइफ का कर-पश्चात मुनाफा ₹640 करोड़ रहा।

कंपनी का सॉल्वेंसी रेश्यो 30 सितंबर, 2022 को 1.50 की नियामक आवश्यकता के मुकाबले 2.19 पर मजबूत बना हुआ है।

एसबीआई लाइफ का एयूएम भी लगतार बढ़ते हुए 30 सितंबर, 2022 को 16% की वृद्धि के साथ ₹2,82,632 करोड़ दर्ज किया गया, जो 30 सितंबर, 2021 को ₹2,44,178 करोड़ था, जिसमें 71:29 का डेट-इक्विटी मिश्रण था। 96% से अधिक ऋण निवेश एएए और सॉवरेन इंस्ट्रुमेंट्स में हैं। 

कंपनी के पास 2,39,456 प्रशिक्षित बीमा पेशेवरों का विविधतापूर्ण वितरण नेटवर्क है और देश भर में 990 कार्यालयों के साथ इसकी व्यापक उपस्थिति है, जिसमें मजबूत बैंकएश्योरेंस चैनल, एजेंसी चैनल और अन्य जैसे कि कॉर्पोरेट एजेंट, ब्रोकर, पॉइंट ऑफ सेल पर्सन (पीओएस), बीमा विपणन फर्म, वेब एग्रीगेटर एवं डाइरेक्ट बिजनेस शामिल हैं।

30 सितंबर, 2022 को समाप्त अवधि के दौरान प्रदर्शन

  • 31% की वृद्धि और 25.3% की बाजार हिस्सेदारी के साथ 8,461 करोड़ के व्यक्तिगत एनबीपी में प्राइवेट मार्केट नेतृत्व
  • एपीई 22% की वृद्धि के साथ 6,828 करोड़
  • नए व्यवसाय का मूल्य (वीओएनबी) 53% की वृद्धि के साथ 2,117 करोड़
  • वीओएनबी मार्जिन 630 बीपीएस बढ़कर 31.0% हुआ
  • प्रोटेक्शन एनबीपी 32% की दमदार वृद्धि के साथ 1,598 करोड़
  • कर-पश्चात मुनाफा (पैट) 36% की वृद्धि 640 करोड़
  • 2.19 का मजबूत सॉल्वेंसी रेश्यो
  • भारतीय अन्तर्निर्मित मूल्य (आईईवी) 42,409 करोड़ है

सेपांग में रेपसोल होण्डा टीम के लिए सुरक्षित पॉइन्ट्स

मलेशिया, 27 अक्टूबर, 2022ः मलेशियाई जीपी की ऊर्जा से भरी शुरूआत में मार्क मार्कीज़ और पोल एस्परगारो ने रविवार को पूरे जोखिम के बीच पॉइन्ट्स स्कोर करते हुए अपने आप को सुरक्षित स्थिति में स्थापित कर लिया।

प्रत्याशित आंधी-तूफान सेपांग इंटरनेशनल सर्किट तक नहीं पहुंचा एवं 20 लैप की मोटो जीपी रेस पूरी हो गई, इस बीच आसमान बादलों से ढका था और हवा में काफी नमी थी। ग्रिड के फ्रंट रो से शुरूआत करने के बाद मार्कीज़ ने पहले संकरे मोड़ पर पॉज़िशन खोने से पहले प्रभावशाली शुरूआत की।  
रु93 शुरूआती लैप्स के लिए ग्रुप का नेतृत्व कर रहे थे और टॉप पांच में अपनी स्थिति बनाई। सातवें लैप तक वे सुजुकी राइडरों और आठ बार विश्व चैम्पियन रह चुके बेजे़च्ची के साथ मुकाबला करते रहे, लेकिन मिलर के आते ही ये तीनों पीछे छूट गए। रेस के अंत तक उनके बीच पांचवे स्थान के लिए मुकाबला जारी रहा, तभी मार्कीज़ लाईन पार कर सातवें स्थान पर पहुच गए, इस तरह चोट से ठीक होने के बाद उन्होंने लगातार चौथी बार टॉप-टैन में फिनिश किया है।
वहीं पोल एस्परगारो ने भी इतनी ही मजबूती से रेस शुरू की और एफपी1 की पैनल्टी की वजह से खोई हुई स्थिति को तुरंत हासिल किया। अपनी टीम के साथी की तरह एस्परगारो ने भी शुरूआती लैप्स में अपनी स्थिति को बरक़रार रखने के लिए कड़ा मुकाबला किया और शेष पाइन्ट्स स्कोर करेन के लिए मुकाबला जारी रखा। 14वें स्थान से आगे बढ़कर रु44 ने दो और पॉइन्ट्स हासिल किए और अब वैलेन्सिया में होण्डा आरसी 213 वी के लिए तैयार हैं।
रेस के लिदन रैड बुल के सह-संस्थापक डाइट्रिच मेटशिट्ज़ के दुःखद निधन का यादगार दिवस भी था।
अब मोटो जीपी विश्व चैम्पियनशिप की एक ही रेस बाकी है। 2023 सीज़न से पहले रेपसोल होण्डा टीम को पूरे जोर-शोर के साथ तैयारी करनी है। उनके पास रेपसोल होण्डा टीम कलर्स में पोल एस्परगारो के साथ फाइनल रेस करने का मौका है।

मार्क मार्कीज़ (सातवंे)
‘‘जैसा कि मैंने कल कहा, हमने क्वालिफाइंग में उम्मीद से बेहतर परफोर्मेन्स दिया, रेस में मुझे लगभग ऐसी ही उम्मीद थी। हमने सर्वश्रेष्ठ संभव परिणाम हासिल करने के लिए अपनी ओर से 100ः फीसदी कोशिश की, हमने बहुत अच्छी शुरूआत की, किंतु मेरी स्पीड लीडर्स तक पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं थी। मैंने अपनी जगह बनाने की कोशिश की, मैं बेवजह कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था और मुझे रेस से कुछ अच्छी जानकारी मिली। मैंने हर संभव प्रयास किया जैसा कि मुझे होण्डा ने कहा था, इसलिए मुझे उम्मीद है कि वे इस जानकारी का उपयोग कर वे अपने भविष्य में सुधार लाएंगे। मुश्किल सप्ताहान्त के बाद अब हम वैलेन्सिया के लिए तैयारी कर सकते हैं, क्योंकि यहां हम अपनी बाईक का स्तर साफ देख सकते हैं। मुझे लगता है कि हम वैलेन्सिया में ज़्यादा करीब होंगे।’’

पोल एस्परगारो (14वां)
‘‘आज का दिन मुश्किल था, खासतौर पर तापमान को देखते हुए। आज पिछले सालों जैसी गर्मी नहीं थी, लेकिन उमस बहुत ज़्यादा थी। हमने पी20 में शुरूआत की और पहले ही लैप में हमें उग्र परफोर्मेन्स देकर अपनी स्थिति को मजबूत बनाना था। आखिरकार हमने यहां दो पॉइन्ट्स स्कोर किए और छह स्थान हासिल किए। अब हमारा पूरा ध्यान वैलेन्सिया पर है, जहां मैं पहले मजबूत रहा हूं। मुझे लगता है कि यह हमारी बाईक के लिए भी बेहतर होगा।’’

अभिनव समाधानों के साथ आपके किचन को उत्सव के लिए तैयार करना

यह साल का वह समय फिर से है, जब अधिकांश भारतीय दोस्तों और परिवारों के लिए पार्टियों की मेजबानी करते हैं और ढेर सारा घर का खाना खाते हैं! मेहमानों के आने के साथ, यह आमतौर पर ऐसा समय होता है जब घरों में पेंट खत्म हो जाता है और नई साज-सज्जा शामिल हो जाती है। होम रीमॉडलिंग के दायरे में घर के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक या घर का प्रमुख हिस्सा या ‌दिल रसोईघर है। यही कारण है कि रसोई को उत्तम और कार्यात्मक बनाना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह न केवल उत्पादकता बढ़ाता है बल्कि हमारी सभी उत्सव भंडारण जरूरतों के लिए जगह भी बनाता है।

त्योहारों के मौसम की शुरुआत के साथ, त्योहारी बदलाव के लिए अपनी रसोई की तैयारी शुरू करने का समय आ गया है। गृहणियों, कामकाजी व्यक्तियों और मिलेनियल को जीवन को आसान बनाने के लिए विशेष रूप से मॉड्यूलर रसोई और भंडारण नवाचारों के लिए आकर्षित किया जाता है। वे स्थान की कमी को ध्यान में रखते हुए अपनी जीवन शैली पर अधिक जोर देते हैं। गोदरेज लॉक्स की क्रांतिकारी स्किडो (SKIDO) रेंज के कुछ अभिनव समाधान यहां दिए गए हैं जो आपकी रसोई को उत्सव के लिए तैयार करने में आपकी मदद करेंगे।

किचन की सफाई करें :


उत्सव का समय वार्षिक उत्सव सफाई अनुष्ठान का भी समय होता है। अपने घर में मेहमानों की मेजबानी करते समय एक बेदाग और सुव्यवस्थित रसोई होने से बहुत फर्क पड़ता है क्योंकि यह गारंटी देता है कि सब कुछ अपने इच्छित स्थान पर है, जिससे तैयारी, खाना बनाना और सफाई करना आसान हो जाता है और आपको मेहमानों के साथ अधिक समय बिताने की अनुमति मिलती है। अपने कटलरी और प्लेट्स को दराज में एडजस्टेबल पार्टिशन का उपयोग करके अच्छी तरह और व्यवस्थित रखने से कटलरी अव्यवस्था समाप्त हो जाएगी।

बेकार सामानों को अपनी रसोई से हटा दें


हम अक्सर अपने कई अतिरिक्त कांच के बर्तनों और बड़े बर्तनों को बक्सों में पैक कर देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप हमारे घरों में किसी का ध्यान नहीं जाता है। अपनी रसोई से वह सब कुछ त्याग दें जो आपकी शैली या उपयोगिता के अनुरूप नहीं है। यह आपकी रसोई के दिखने के तरीके को बदलने का समय है, चाहे वह डिश टॉवल के साथ हो या अप्रयुक्त उपकरणों के साथ। अव्यवस्था दूर होने के साथ अलमारियाँ में अधिक जगह होगी। मेजेनाइन स्तर की ट्रे को एकीकृत करके उन कई भंडारण कंटेनरों को फिर से स्थापित करें जो साफ-सफाई लाते हैं। इसकी विशेषता दराज में ऊर्ध्वाधर स्थान का स्मार्ट उपयोग है।

भंडारण के लिए हर कोने का उपयोग करें:


सीमित भंडारण स्थान के साथ रसोई को व्यवस्थित करने के बारे में सोचते समय प्रत्येक वर्ग इंच की जगह का अधिकतम लाभ उठाना महत्वपूर्ण है। उत्सव मिठाई, नमकीन, पेय पदार्थ, और अन्य और रसोई के सामान के भंडारण का समय है। इसलिए उन्हें व्यवस्थित तरीके से संजोने की आवश्यकता है। अपने सभी खाने को एक स्लाइड-आउट पेंट्री में स्टोर करना आसान है, जिसमें ऊपर और नीचे के दराज किनारे से बाहर स्लाइड करते हैं, जिससे आपको सामग्री की पूरी दृश्यता और अंदर की चीजों तक आसान पहुंच मिलती है।

हर जरूरत के लिए अभिनव समाधान:


भारतीय व्यंजनों की जटिलता के कारण, विभिन्न प्रकार के पैन, कड़ाही, तवा, मसाला बॉक्स, प्लेट, थाली और अन्य बर्तनों की जरूरत होती है। विदेशों में बनाई जाने वाली टोकरियाँ और सहायक उपकरण इनमें से किसी को भी समायोजित नहीं कर सकते हैं। एक अच्छी दिखने वाली रसोई आकर्षक है, लेकिन नवीन समाधानों के साथ उपयोग में आसान रसोई अधिक महत्वपूर्ण है। किचन की सभी कार्यात्मक जरूरतों को पूरा करने के लिए, गोदरेज किचन फिटिंग्स ने भारतीय रसोई के लिए SKIDO (स्मार्ट किचन ड्रॉअर्स एंड ऑर्गेनाइजर्स) नामक अभिनव समाधान पेश किए हैं, जिसमें दराज, आयोजक, कोने समाधान, अंडरसिंक समाधान और अनाज भंडारण की एक श्रृंखला शामिल है।

आईडीबीआई बैंक ने फिक्स्ड डिपॉज़िट पर फेस्टिव ऑफर की घोषणा की

आईडीबीआई बैंक ने अपने "अमृत महोत्सव" डिपॉज़िट्स पर फेस्टिव ऑफर की घोषणा की है। बैंक ने सीमित अवधि की ऑफर के रूप में 555 दिनों की विशेष बकेट के लिए 6.90% की अधिकतम दर की घोषणा की है। बैंक ने अलगअलग परिपक्वता अवधियों में 21 अक्टूबर, 2022 से सावधि जमा पर ब्याज दर बढ़ा दिए हैं। साल की जमा राशि पर ब्याज दर 6.75% तक बढ़ा दिया गया हैजबकि दो साल की बकेट अब 6.85% की अधिकतम दर के साथ उपलब्ध है।


आईडीबीआई बैंक - वित्तीय वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम

अब तक का सबसे अधिक तिमाही शुद्ध लाभ 828 करोड़सालाना आधार पर 46% की वृद्धि,

परिचालन लाभ 2,208 करोड़ सालाना वृद्धि 64%,

शुद्ध उधारी 1,46,752 करोड़सालाना आधार पर 17% की वृद्धि,

वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही के लिए मुख्य विशेषताएं

शुद्ध लाभ 828 करोड़सालाना आधार पर 46% और तिमाही आधार पर 10% की वृद्धि।

परिचालन लाभ 2,208 करोड़सालाना आधार पर 64% और तिमाही आधार पर 8% की वृद्धि।

शुद्ध ब्याज आय (NII)  2,738 करोड़सालाना आधार पर 48% और तिमाही आधार पर 10% की वृद्धि।

शुद्ध ब्याज मार्जिन सालाना आधार पर 135 बीपीएस बढ़कर 4.37% पर और तिमाही आधार पर 35 बीपीएस की वृद्धि।

42.29% पर आय अनुपात की लागतसालाना आधार पर 1014 बीपीएस और तिमाही आधार पर115 बीपीएस की कमी।

कासा अनुपात सालाना आधार पर 156 बीपीएस बढ़कर 56.19%, और 54 बीपीएस तिमाही में बढ़ा।

आस्तियों पर रिटर्न (आरओए) 1.09% पर,  सालाना आधार पर 30 बीपीएस और तिमाही आधार पर 6 बीपीएस की वृद्धि।

15.21% पर इक्विटी (आरओईपर रिटर्नसालाना आधार पर 230 बीपीएस और तिमाही में 41 बीपीएस की वृद्धि।

1.15% पर शुद्ध एनपीएसालाना आधार पर 56 बीपीएस की कमी और तिमाही में 10 बीपीएस की कमी।

सकल एनपीए 16.51% परसालाना आधार पर 534 बीपीएस  और तिमाही में 339 बीपीएस घटा।

30, 21 सितंबर को 97.27 फीसदी और 30 जून, 22 जून को 97.79 फीसदी के मुकाबले पीसीआर 97.86 फीसदी रहा।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन:

दूसरी तिमाही-2023 के लिए शुद्ध लाभ 46% बढ़कर 828 करोड़ हो गयाजबकि दूसरी तिमाही -2022 के लिए 567 करोड़ का शुद्ध लाभ हुआ था। पहली तिमाही-2023 के लिए शुद्ध लाभ 756 करोड़ था।

दूसरी तिमाही 2-2023 के लिए टैक्स से पहले लाभ 85% बढ़कर 1,437 करोड़ हो गयाजबकि दूसरी तिमाही-2022 के लिए 775 करोड़ था। पहली तिमाही मंे-2023 के लिए यह 1,093 करोड़ था।

दूसरी तिमाही-2023 के लिए परिचालन लाभ 64% बढ़कर 2,208 करोड़ हो गयाजबकि दूसरी तिमाही-2022 के लिए 1,346 करोड़ था। पहली तिमाही -2023 के लिए परिचालन लाभ  2,052 करोड़ था।

दूसरी तिमाही-2023 के लिए शुद्ध ब्याज आय में 48% सुधार हुआ 2,738 करोड़ जबकि दूसरी तिमाही-2022 के लिए 1,854 करोड़ था। पहली तिमाही -2023 के लिए NII  2,488 करोड़ था।

दूसरी तिमाही-2023 के लिए शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) 4.37% (IT रिफंड पर ब्याज को छोड़कर 4.22%) थाजबकि दूसरी तिमाही-2022 के लिए 3.02% था। पहली तिमाही 2023 के लिए NIM 4.02% (IT रिफंड पर ब्याज को छोड़कर 3.73%) पर रहा।

दूसरी तिमाही-2023 के लिए जमा की लागत 16 बीपीएस घटकर 3.44% हो गईजबकि दूसरी -2022 के लिए यह 3.60% थी। जमा की लागत पहली तिमाही-2023 के लिए 3.36% थी।

दूसरी तिमाही-2023 के लिए फंड की लागत 16 बीपीएस घटकर 3.72% हो गईजबकि दूसरी तिमाही-2022 के लिए यह 3.88% थी। पहली तिमाही-2023 के लिए फंड की लागत 3.61% थी।

व्यापार वृद्धि

कासा 30 सितंबर, 2022 को बढ़कर 1,29,407 करोड़ हो गयाजबकि 30 सितंबर, 2021 को 1,21,995 (वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि 6%) कासा 30 जून, 2022 तक 1,25,356 करोड़ था।

कुल जमा में कासा की हिस्सेदारी 30 सितंबर, 2022 तक बढ़कर 56.19% हो गईजबकि 30 सितंबर, 2021 को यह 54.63% और 30 जून, 2022 को 55.65% थी।

30 सितंबर, 2022 तक शुद्ध अग्रिम 17% सालाना आधार पर बढ़कर 1,46,752 करोड़ हो गया।

सकल अग्रिम पोर्टफोलियो में कॉर्पोरेट बनाम खुदरा की संरचना 30 सितंबर, 2022 को 35:65 थीजबकि 30 जून, 2022 को 37:63 थी।

एसेट क्वालिटी

30 सितंबर, 2022 को सकल एनपीए अनुपात 16.51% थाजबकि 30 सितंबर, 2021 को 21.85% था। सकल एनपीए 30 जून, 2022 तक 19.90% था।

30 सितंबर, 2021 को 1.71% के मुकाबले 30 सितंबर, 2022 को शुद्ध एनपीए अनुपात 1.15% हो गया। 30 जून, 2022 तक शुद्ध एनपीए अनुपात 1.25% था।

प्रावधान कवरेज अनुपात (तकनीकी राइट-ऑफ सहित) 30 सितंबर, 2022 को 97.86% हो गयाजो 30 सितंबर, 2021 को 97.27% था। 30 जून, 2022 तक पीसीआर 97.79% था।

पूंजी की स्थिति

30 सितंबर, 2022 को टियर 1 में सुधार होकर 17.05% हो गयाजबकि 30 सितंबर, 2021 को 14% और 30 जून, 2022 को 17.13% था।

सीआरएआर 30 सितंबर, 2022 को बढ़कर 19.48% हो गयाजबकि 30 सितंबर, 2021 को 16.59% और 30 जून, 2022 को 19.57% था।

जोखिम भारित आस्तियां (आरडब्ल्यूए) 30 सितंबर, 2022 को 1,57,840 करोड़ थीजबकि 30 सितंबर, 2021 को 1,52,028 करोड़ थी। 30 जून, 2022 तक कुल आरडब्ल्यूए 1,53,832 करोड़ था। क्रेडिट जोखिम भारित संपत्ति 30 सितंबर, 2022 को 1,25,250 करोड़ थीजबकि 30 सितंबर, 2021 को 1,20,644 करोड़ थी। 30 जून, 2022 तक क्रेडिट आरडब्ल्यूए 1,21,798 करोड़ था।

मुंबई, 21 अक्टूबर, 2022: आईडीबीआई बैंक लिमिटेड (आईडीबीआई बैंकके निदेशक मंडल ने आज मुंबई में बैठक की और 30 सितंबर, 2022 को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी।

जेके सीमेंट लिमिटेड ने मध्य भारत में अपनी उत्पादन क्षमता का किया विस्तार - उज्जैन, मध्य प्रदेश में आगामी ग्राइंडिंग यूनिट की आधारशिला रखी

उज्जैन, 05 दिसम्बर 2022: जेके सीमेंट लिमिटेड भारत में ग्रे सीमेंट के अग्रणी निर्माताओं और दुनिया के सबसे बड़े व्हाइट सीमेंट निर्माताओं में स...