Monday, July 18, 2022

वोडाफ़ोन आइडिया फाउन्डेशन की रूड़ी संदेशा व्यवहार परियोजना तकनीक के उपयोग द्वारा राजस्थान की ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के अवसर देकर बना रही है सशक्त

जयपुर, 18 जुलाई, 2022: कैलाश चौहान डूंगरपुर के गामरा बमानिया गांव से हैं। लम्बे समय तक कैलाश को काम करने से रोका जाता रहा, क्योंकि उनके समुदाय में महिलाओं का काम के लिए घर से बाहर जाना अच्छा नहीं माना जाता था। लेकिन तभी उनके गांव में वोडाफ़ोन आइडिया फाउन्डेशन के रूडी संदेशा व्यवहार प्रोग्राम द्वारा एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया, जिसके चलते कैलाश सभी बाधाओं को पार कर आगे बढ़ने में सक्षम बनीं और उन्होंने आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का मार्ग चुना। आज वह रूडी सेल्स महिला के रूप में घर-घर जाकर रु 10,000-12,000 महीना तक कमा लेती हैं। वे टेक्नोलॉजी का उपयोग करना भी सीख गई हैं और ऑनलाईन लेनदेन के लिए अपने स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करती हैं।

कैलाश की ही तरह राजस्थान के डूंगरपुर, उदयपुर और बांसवाड़ा से 1350 से अधिक महिलाओं को वोड़ाफोन आइडिया फाउन्डेशन की रूड़ी संदेशा व्यवहार पहल से लाभ हुआ है।  रूड़ी संदेशा व्यवहार की अवधारणा रूड़ी बेन्स (ग्रामीण महिलाओं) की समस्याओं को हल करने के लिए की गई, जो कृषि आधारित खाद्य उत्पाद खरीद कर उपभोक्ताओं को समय पर बेचती हैं।

उनकी समस्याओं को हल करने के लिए, वोडाफ़ोन आइडिया फाउन्डेशन ने महिला सेवा ट्रस्ट के साथ साझेदारी में एंड्रोइड आधारित मोबाइल ऐप्लीकेशन से एक आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली का निर्माण किया है। यह ऐपलीकेशन इन ग्रामीण महिलाओं को सरल, स्थानीकृत एवं रियल टाईम समाधान उपलब्ध कराता है, जिससे उन्हें उपभोक्ताओं की ज़रूरतों को समझने, ऑर्डर प्लेस करने, इन्वेंटरी ट्रैक करने और और अपने कारोबार के प्रबन्धन में मदद मिलती है। इससे पूरी आपूर्ति श्रृंखला प्रक्रिया स्वचालित हो जाती है, कारोबार के सभी पहलुओं जैसे खाते, वित्त, बिक्री, वितरण, कच्चे माल की खरीद, डीलर एवं वितरण नेटवर्क के बीच तालमेल बनता है। परिणामस्वरूप, रूड़ी महिलाओं की दक्षता बढ़ती है और वे अपने स्थानीय समुदायों में खेतों के उत्पाद बेच सकती हैं, इससे इन महिलाओं के लिए आने-जाने के समय में 90 फीसदी तक की कमी आती है और साथ ही कारोबार के अवसर भी बढ़ते हैं।’

आरएसवी प्रोजेक्ट के प्रभाव पर बात करते हुए पी बालाजी, चीफ़ रेग्युलेटरी एण्ड कॉर्पोरेट अफे़यर्स ऑफिसर, वीआईएल एवं डायरेक्टर, वोडाफ़ोन आइडिया फाउन्डेशन ने कहा‘ ‘मोबाइल तकनीक के उपयोग से आम लोगों का जीवन, कारोबार करने का तरीका बदल गया है। समाज में असंख्य बदलाव आए हैं। वोडाफ़ोन आइडिया फाउन्डेशन आधुनिक तकनीक के उपयोग द्वारा देश के समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। महिला सशक्तीकरण हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारा मानना है कि महिलाएं ही समाज में बदलाव लाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाा सकती हैं। मोबाइल तकनीक पर आधारित हमारा यह समाधान रूढ़ी संदेशा व्यवहार, महिलाओं को आजीविका की सुरक्षा देता है। यह महिलाओं को डिजिटल और आर्थिक साक्षरता सिखाकर उनमें आत्ममविश्वास उत्पन्न करता है, उनकी उत्पादकता बढ़ाता है और सबसे बड़ी बात यह है कि यह उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाता है। गुजरात से प्रोग्राम की शुरूआत करने के बाद हमें खुशी है कि हम राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी इसका विस्तार कर रहे हैं और देश की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं।’

वोडाफ़ोन आइडिया फाउन्डेशन की रूढ़ी संदेशा व्यवहार परियोजना चुनिंदा ग्रामीण महिलाओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में पहचानती है, उन्हें विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण देती है जैसे आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली, रूड़ी मोबाइल ऐप्लीकेशन का उपयोग, वित्तीय प्रबन्धन आदि। ये मास्टर ट्रेनर महिलाएं अपने आस-पास की अन्य महिलाओं को शिक्षित करती हैं और उन्हें रूड़ी सेल्स महिला बनने में मदद करती हैं। राजस्थान  में रूड़ी प्रोजेक्ट अब तक आरएसवी मोबाइल ऐप्लीकेशन के ज़रिए 1350 से अधिक रूड़ी बेन्स को सूक्ष्म उद्यमी गतिविधियों में प्रशिक्षण दे चुका है। ये रूड़ी बेन्स एक साथ मिलकर सफलतापूर्वक रु 58 लाख के किफ़ायती एवं हाइजीनिक उत्पाद बेच चुकी हैं जिससे 1.68 लाख से अधिक लोगों को लाभ हुआ है।

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