Friday, July 29, 2022

एलएंडटी ने कायम किया एक नया बेंचमार्क, 96 फ्लैटों के साथ 12 मंजिला आवासीय टावर का निर्माण किया सिर्फ 96 दिनों में

मुंबई, 29 जुलाई, 2022- लार्सन एंड टुब्रो ने आज ‘मिशन 96’ की उपलब्धि की घोषणा की, जो उनके क्लाइंट, सिडको (सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के लिए 12 मंजिला आवासीय टावर बनाने की योजना से संबंधित है। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी ने 96 फ्लैटों के साथ 12 मंजिला आवासीय टावर का निर्माण सिर्फ 96 दिनों में पूरा किया है। इसके लिए बेहद तेज गति से सार्वजनिक आवास के  निर्माण के लिए कंपनी का प्रीकास्ट लार्ज कंक्रीट पैनल सिस्टम इस्तेमाल किया गया। यह टावर नवी मुंबई में बमडोंगरी, खरकोपर और तलोजा में पीएमएवाई के पैकेज फोर के तहत सिडको द्वारा बनाए जा रहे लगभग 23,432 ईडब्ल्यूएस और एलआईजी घरों का एक हिस्सा है।

एलएंडटी के ‘मिशन 96’ को प्रीकास्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग करके हासिल किया गया। इस तकनीक को कारखाने के माहौल में नियंत्रित मेन्यूफेक्चरिंग के आधार पर बेहतर गुणवत्ता के साथ मशीनीकृत तेजी से तैयार किया जाता है। इस तकनीक को आवासीय टावरों के निर्माण के भविष्य के रूप में जाना जाता है। मिशन 96 में आर्किटेक्चरल फिनिश के साथ सुपरस्ट्रक्चर के 1,985 प्रीकास्ट एलिमेंट्स का उत्पादन और स्थापना करना शामिल था। 64,000 वर्ग फुट के निर्मित क्षेत्र में एमईपी का काम करना भी इसमें शामिल किया गया।

सिडको के संयुक्त प्रबंध निदेशक श्री अश्विन मुद्गल आईएएस ने टॉवर शोकेस समारोह में कहा, ‘‘एल एंड टी द्वारा रिकॉर्ड बनाने की प्रक्रिया को देखकर बहुत अच्छा लगा, जिससे भविष्य में ऐसी तकनीकों और मकान निर्माण की उत्कृष्ट प्रक्रिया के इस्तेमाल का मार्ग प्रशस्त होगा।’’

पद्म भूषण आर्किटेक्ट श्री हफीज कॉन्ट्रैक्टर ने इस अवसर पर कहा, ‘‘एल एंड टी, जिसने देश में एल्युमीनियम फॉर्मवर्क निर्माण का बीड़ा उठाया है और इस तरह जिसने आवासीय क्षेत्र का चेहरा बदल दिया है, उसने अब सस्टेनेबल मैटिरियल के साथ तेजी से कंस्ट्रक्शन करने के लिए प्रीकास्ट टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’’ उन्होंने उम्मीद जताते हुए आगे कहा, ‘‘प्रीफैब्रिकेटेड प्री-फिनिश्ड वॉल्यूमेट्रिक कंस्ट्रक्शन पर कंपनी का ध्यान भारत में आवास की बढ़ती मांग को पूरा करने में मददगार साबित होगा।’’

एल एंड टी के होल टाइम डायरेक्टर और सीनियर एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट (बिल्डिंग्स) श्री एम वी सतीश ने कहा, ‘‘इमारतों और कारखानों के क्षेत्र में हमने हमेशा निर्माण की गति को तेज करने के तरीकों और साधनों की तलाश की है और यह प्रोजेक्ट निर्माण के दौरान के लगने वाले समय को सुखद आश्चर्स के साथ नाटकीय रूप से कम करने का एक और सफल प्रयास है।’’ उन्होंने एक विशेष इकाई, बी एंड एफ फास्ट के गठन के बारे में भी जानकारी दी, जो विकसित तरीकों पर ध्यान केंद्रित करने और तेज गति और बड़े पैमाने के निर्माण के लिए टैक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने पर ध्यान केंद्रित करती है। इस यूनिट ने हाल ही में डीआरडीओ के लिए सिर्फ 45 दिन में एक 7-मंजिला, अत्याधुनिक फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम इंटीग्रेशन सेंटर का काम पूरा किया है। उन्होंने आगे कहा, ‘‘निर्माण तकनीक के अलावा, डिजिटल तकनीक ने भी निर्माण की इस तीव्र गति को हासिल करने में हमारी मदद की। इस प्रोजेक्ट के लिए विकसित बीआईएम मॉडल के साथ डिजिटल ट्विन एप्रोच का उपयोग करके हमने कंक्रीट मैच्योरिटी मैथड को अपनाया और इस तरह कंक्रीट की मजबूती को डिजिटल मीटर के साथ वास्तविक समय में भी परखा और निर्माण की निर्बाध प्रक्रिया की निगरानी की।’’

4 अप्रैल, 2022 को शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के तहत एलएंडटी ने 36 दिनों में 12 मंजिलों की अपनी पहली उपलब्धि हासिल की और तीन दिन का फ्लोर कंस्ट्रक्शन साइकिल पूरा किया, जबकि आम तौर पर यह साइकिल 8 से 12 दिन प्रति मंजिल है। प्रीकास्ट निर्माण के कारण, तीसरी मंजिल के पूरा होते ही 10 दिनों में इंटरनल फिनिशिंग वर्क शुरू करना संभव हो पाया, जिसके बाद 96वे दिन यानी 9 जुलाई 2022 को कंपनी ने अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया।

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