Tuesday, July 19, 2022

गोदरेज सिक्युरिटी सोल्यूशंस के सर्वेक्षण का निष्कर्ष : केवल 28% भारतीय घर की “सुरक्षित और मजबूत’ रक्षा के प्रति जागरूक हैं

इंडिया, 19 जुलाई, 2022 : “स्वस्थ और सुरक्षित” रहने का मतलब क्या है? महामारी के बाद भारतीयों की व्यक्तिगत सुरक्षा से संबंधित आदतों में काफी बदलाव आया है। हालाँकि अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन भारतीय लोग घरों से ज्यादा अपनी सेहत और व्यक्तिगत रहन-सहन के स्तर पर ध्यान देने में लगे हैं। होम सिक्युरिटी के सोल्यूशंस के संबंध में जागरूकता और उसे अपनाने के लिए लोगों की दिलचस्पी में बढ़ती खाई के मद्देनजर गोदरेज ग्रुप के अग्रणी कंपनी, गोदरेज ऐंड बॉयस की व्यावसायिक इकाई गोदरेज सिक्युरिटी सोल्यूशंस ने डिकोडिंग सेफ एंड साउंड : इन द इंडियन कॉन्टेक्सट नामक एक सर्वेक्षण  किया है। सर्वेक्षण  से पता चलता है कि भारतीयों का स्वस्थ और सुरक्षित रहना तीन प्रमुख कारकों पर निर्भर है : सेहत की सुरक्षा, प्रॉपर्टी की सुरक्षा और तकनीकी सुरक्षा। 42% उत्तरदाता ‘सुरक्षित और मजबूत’ (सेफ ऐंड साउंड) को अपने और अपने परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य के सुख से जोड़ा। 

जजब महामारी से धीरे-धीरे निजात मिल रही है और लोग अपने घरों से निकल रहे हैं तो यह जानकर काफी हैरत होती है कि सर्वेक्षण में शामिल केवल 28% लोग अपने मकान और जायदाद की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। लोग अब अपनी सेहत पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं और यह तब सामने आया, जब स्टडी में शामिल 31% लोगों ने कहा कि वह घर की सुरक्षा के लिए स्पर्शरहित (कांटेक्टलेस) विकल्पों को अपनाना ही ज्यादा पसंद करेंगे। गोदरेज सिक्युरिटी सोल्यूशंस ने पिछले 2 सालों में अलग-अलग रेंज के कॉन्टेक्टलेस सिक्युरिटी सोल्यूशंस लॉन्च किए हैं।  इस श्रेणी के उत्पादों की बिक्री में सालाना आधार पर 20% की बढ़ोतरी हुई है। स्टडी से यह सामने आया कि अपने घरों की सुरक्षा के लिए कॉन्टेक्टलेस सोल्यूशंस अपनाने के मामले में महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की दिलचस्पी ज्यादा है।

यहाँ गौरतलब है कि जब 2021 में ब्रैंड की ओर से इसी तरह की स्टडी की गई थी तो 80% से ज्यादा लोग सफर के दौरान अपने और अपने परिजनों की सेहत के प्रति ज्यादा चिंतित दिखे। व्यक्तिगत सुरक्षा की तुलना में उन्होंने अपने घरों में होने वाली चोरी और डकैती के डर को कम अहमियत दी। इस साल की सर्वे रिपोर्ट में लोगों के जवाब ज्यादा संतुलित हैं। यह महामारी के कम होते असर का नतीजा माना जा सकता है।

गोदरेज सिक्युरिटी सोल्यूशंस के बिजनेस हेड, श्री पुष्कर गोखले ने कहा कि, “अपराध की बढ़ती दरों के बीच व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ अपने घर की सुरक्षा पर ध्यान देना काफी महत्वपूर्ण है। उभरती तकनीक के साथ मार्केट में काफी ज्यादा होम सिक्युरिटी सोल्यूशंस मौजूद हैं। इस स्टडी से यह पता चला कि हालाँकि घरों की सुरक्षा के लिए कई विकल्प मौजूद हैं, लेकिन इन तकनीकी समाधानों के प्रति जागरूकता और उन्हें अपनाने के प्रति रुझान में लोगों में भारी अंतर है। सर्वेक्षण का मुख्य लक्ष्य घर की सुरक्षा की जरूरतों के विकल्पों को सामने लाना है। उन्हें मार्केट में मौजूद घर की सुरक्षा के समाधानों के प्रति उपभोक्ताओं को जागरूक बनाना है। इसमें उन्हें यह भी बताया जाएगा कि होम सिक्युरिटी सोल्यूशंस को अपनाने से घरों को कैसे सुरक्षित और आरामदेह आवास बना सकते हैं। इन्हें अपनाने के बाद घरों के मालिक अपना रूटीन आराम से फॉलो कर सकते हैं और घरों की सुरक्षा के प्रति निश्चिंत रह सकते हैं।”

इस सर्वेक्षण  से यह तथ्य भी सामने आया कि वर्ष 1946 से 1964 के बीच जन्मे लोग (बेबी बूमर्स) अपनी संपत्ति और जायदाद की सुरक्षा को सपष्ट रूप से प्राथमिकता देते हैं और वे अपनी जायदाद की सुरक्षा के प्रति ज्यादा निश्चित रहना चाहते है। 1981 से 1996 के बीच जन्मे लोगों (मिलेनिअल्स) में 44% अपनी प्रॉपर्टी की सुरक्षा के ज्यादा महत्व देते हैं। 1995 से 2012 के बीच जन्मे (जनरेशन जेड) लोगों में से 40% ने सर्वे में कहा कि महामारी के बाद उनकी सबसे प्रमुख चिंता और प्राथमिकता अपनी सेहत की सुरक्षा है। वे सेहत या तंदुरुस्ती को ही अपने लिए सेफ और साउंड मानते हैं। गोदरेज सिक्युरिटी सोल्यूशंस की ओर से किये गए पिछले सर्वेक्षण  के अनुसार ज्यादातर घरों के मालिक अपने घरों की सुरक्षा की गंभीरता को नजरअंदाज करते हैं। अपनी कीमती संपत्ति और धरोहरों की सुरक्षा को वे ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते। उनका कर्म में पूर्ण विश्वास है लेकिन घर की सुरक्षा में दिलस्पी कम दिखी।

डेटा की सुरक्षा के प्रति दुनिया भर में ध्यान दिए जाने के बावजूद सर्वे में शामिल केवल 13.6% लोगों ने आँकड़ों की सुरक्षा को सेफ ऐंड साउंड के कॉन्सेप्ट से जोड़ा। पिछले साल गोदरेज सिक्युरिटी सोल्यूशंस ने भारत का सबसे सुरक्षित रेंज का होम कैमरा मार्केट में लॉन्च कर हलचल मचा दी थी। यह दूसरे होम सीसीटीवी विकल्पों के मुकाबले भारत में स्थित सुरक्षित क्लाउड सर्वर पर डेटा ट्रांसफर करता है, जबकि दूसरे सीसीटीवी देश के बाहर स्थित सर्वर्स में डेटा स्टोर करते हैं। इस ब्रैंड के सीसीटीवी कैमरे में पिछले 1 साल में 40% उछाल आया। 

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