Monday, June 13, 2022

"बड़े हों सपने, ना मानें हार", अनिल अग्रवाल का ऑक्सफोर्ड यूनियन में संवाद

13 जून, 2022, नई दिल्ली/लंदन: ऑक्सफोर्ड यूनियन में विद्यार्थियों के साथ एक प्रेरणादायी संवाद में, दुनिया के अग्रणी नेचुरल रिसोर्सेज क्षेत्र समूह, वेदांत ग्रुप के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने अपनी उद्यमशीलता की यात्रा से मिली महत्वपूर्ण सीख साझा करते हुए उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया। इसी संवाद के साथ वे दुनिया की सबसे जानी मानी डिबेटिंग सोसाइटीज में एक ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन में बोलने वाले पहले भारतीय बिजनेस फाउंडर भी बन गए।

अपने अनुभव साझा करते हुए, अनिल अग्रवाल, जो बिहार के एक छोटे से गाँव से आने वाले पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं और अब लंदन में रहते हैं, ने छात्रों को बताया कि सफलता और असफलताएँ जीवन का अभिन्न अंग हैं, और उनकी सबसे बड़ी सीख ये ही होती है कि हमें कभी भी कोशिश करने से रुकना नहीं चाहिए।

इस फोरम में बोलते हुए अग्रवाल ने कहा, "आयु बढ़ने के बाद भी, मैं अंग्रेजी के सिर्फ दो शब्द जानता था, 'हां' और 'नहीं'। मैं हिंदी से अंग्रेजी में शब्दों का अनुवाद करने के लिए ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी का उपयोग करता था, और मुझे कभी किसी विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने का मौका नहीं मिला। ऑक्सफोर्ड यूनियन में बोलते हुए मुझे हमारी दुनिया के भविष्य के लीडर्स के साथ संवाद करने का मौका मिला और मुझे पूरी उम्मीद है कि मैं उन्हें अपने अनुभवों से प्रेरित कर पाया। इन युवाओं का उनकी आशाओं में जैसा विश्वास है उससे मुझे बहुत प्रेरणा मिली है।"

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय 900 से अधिक वर्षों की विरासत के साथ शीर्ष शैक्षणिक संस्थान रहा है और यहाँ से अनेक बेहतरीन वर्ल्ड लीडर्स निकले हैं।

उन्होंने कहा, “बिहार के एक छोटे से गाँव से लंदन स्टॉक एक्सचेंज तक का मेरा सफर कई सबक देने वाला रहा है। इसमें मेरी कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास का भी योगदान रहा है। विद्यार्थियों को मेरी सहज सलाह ये ही थी कि: निडर बनो क्योंकि भाग्य हमेशा बहादुर का साथ देता है, विनम्र बनो क्योंकि आत्म विकास तब होता है जब आप खुद के भीतर टटोलते हैं, और स्वभाव को लचीला बनाएं  क्योंकि कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। युवाओं और तकनीक का मिलन दुनिया को एक नई व्यवस्था की ओर ले जाएगा।"

वेदांता चेयरमैन का दृढ़ विश्वास है कि युवा हमारा भविष्य है और इस संवाद के माध्यम से उन्होंने युवाओं को कड़ी मेहनत करने और 'थ्री पिलर फ्रेमवर्क' का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया - निडर, विनम्र और लचीला होना।

वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपनी संपत्ति का 75 प्रतिशत परोपकार और सामाजिक भलाई के लिए देने का संकल्प लिया है। वह हाल ही में उन वैश्विक परोपकारी लोगों के एक आंदोलन द गिविंग प्लेज में शामिल हुए, जो अपनी अधिकांश संपत्ति परोपकार या धर्मार्थ कारणों को देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

स्टार्टअप्स को समर्थन देने के अपने मिशन के चलते, वेदांता ने ग्लोबल कॉरपोरेट ओपन इनोवेशन एंड एक्सेलेरेटर प्रोग्राम- स्पार्क 2.0 लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर प्रभाव पैदा करने के लिए परिवर्तनकारी और टिकाऊ तकनीकों का लाभ उठाने वाले स्टार्टअप्स को सक्षम बनाना है।

 

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