Saturday, May 21, 2022

मुर्दा विषय को मुद्दा बना दिया - विजय बंधु


एनएमओपीएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सहित 25 राज्यों के प्रदेशाध्यक्ष व महासचिवो की बैठक संपन्न

जयपुर. एनएमओपीएस के दो दिवसीय सम्मेलन में आज राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन हुआ जिसमें संगठन के राष्ट्रीय तथा 25 राज्यों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि राजस्थान सरकार के द्वारा पुरानी पेंशन बहाल करके कर्मचारियों का दिल ही नहीं जीता। कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी को बचा लिया उन्होंने कहा कि संसद में बनने वाले कानूनों का रास्ता सड़क से होकर जाता है और एनएमओपीएस ने पुरानी पेंशन के मुद्दे को लेकर सड़कें जाम की है। देश का एकमात्र संगठन है जिसकी शुरुआत 2017 में 2 लाख कर्मचारियों की उपस्थिति में हैदराबाद में हुई थी और उसके बाद दिल्ली में लाखों लोगों के साथ प्रदर्शन किए हैं देखा जाए तो संघर्ष के शूरवीर में एकत्र हो चुके है। इसके साथ ही राजस्थान में पेंशन बहाल तो हो गई लेकिन राजस्थान के साथियों की भूमिका बढ़ गई है उन्हें वापस नई पेंशन में ना दल दिया जाए उसके लिए सतर्क रहना होगा और पुरानी पेंशन बहाल करने वाली सरकार का समर्थन करना होगा। राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष कोजाराम सियाग ने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार के कर्मियों की भूमिका बढ़ानी होगी. एनएमओपीएस के लंबे संघर्ष के बाद राजस्थान में पुरानी पेंशन बहाल हुई है संपूर्ण देश में जो पार्टी पुरानी पेंशन के मुद्दे का साथ देगी सरकारी कर्माचारी उसके साथ होंगे। प्रदेश महासचिव जगदीश यादव ने बताया कि 22 मई को 12:00 बजे से राष्ट्रीय कार्यकारिणी व 25 राज्यों के प्रतिनिधि तथा राजस्थान के कर्मचारी दृढ़ संकल्प पेंशन सम्मेलन करने जा रहे हैं जिसमें संपूर्ण देश में पुरानी पेंशन लागू होने तक संघर्ष अनवरत चलेगा राजस्थान में पेंशन बहाल करने वाले राजस्थान के  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए मुख्यमंत्री आवास पर जाकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया जाएगा राजस्थान में पुरानी पेंशन लागू करवाने के लिए संघर्षरत पेंशन योद्धाओं को सम्मानित किया जाएगा।

No comments:

Post a Comment

वी बिज़नेस ने एमएमएसई की डिजिटल यात्रा को आसान बनाने के लिए लॉन्च किया ‘रैडी फॉर नेक्स्ट’

मुंबई, 27 जून, 2022ः महामारी के चलते कारोबार पर पड़े प्रभावों, बहुत अधिक लिक्विडिटी और अन्य बदलावों के चलते एमएसएमई संवेदनशील हो गए हैं। इन्ह...