Sunday, May 22, 2022

गीता कॉन्टेंस्ट में प्रतियोगियों ने दिखाया उत्साह, अनेकों शहरो से प्रतियोगी हुए शामिल







हरे कृष्णा मूवमेंट जयपुर की ओर से आयोजित

जयपुर | गीता कॉन्टेंस्ट प्रतियोगिता का आयोजन रविवार को पूरे देश भर में हुआ जिसमें हजारों विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया | हरे कृष्ण मूवमेंट राजस्थान के अध्यक्ष श्री अमितासन दास ने बताया कि प्रतियोगिता में ऑनलाइन प्रतिभागी देश के प्रमुख शहरों से अपना परीक्षा घर बैठे ऑनलाइन दिया जबकि ऑफलाइन प्रतियोगिता का चयन करने वाले प्रतिभागियों के लिए जयपुर, उदयपुर एवं भगवान कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में रविवार सुबह परिक्षा आयोजित की गई जिसमें सैकड़ों विद्यार्थी शामिल हुए | जून के प्रथम सप्ताह में परिणाम घोषित किये जायेंगे एवं विजेताओं को पुरस्कार वितरण 26 जून को श्रेणी के आधार पर नकद पुरस्कार दिए जायंगे श्री सिद्ध स्वरूप दास ने बताया कि गीता कॉन्टेस्ट सीनियर कैटेगरी प्रथम पुरस्कार गीता रत्न विजेता को ₹25,000/- , द्वितीय पुरस्कार गीता भूषण को ₹ 11000/- का, तृतीय पुरस्कार गीता को ₹ 11000 दिया जायेगा | साथ ही विशेष आकर्षक ट्रॉफी एंड सर्टिफिकेट दिए जायेंगे | कॉन्टेस्ट में टॉप 10 रैंक में आने वाले प्रतियोगियों को ₹1100/- सांत्वना पुरस्कार दिए जायेंगे |

परीक्षार्थियों के अनुभवथ

देश की प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी मे सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजवीर सिंह ने बताया की गीता में सीखने के लिए बहुत कुछ है. परीक्षा देना भी हमारे लिए एक बेहतर अवसर है।जीवन के हर एक पहले तो आने वाली समस्या का समाधान गीता में दिया है।

महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में कार्यरत नीता वे पूरी तैयारी से परीक्षा देने आए।उन्होंने ने बताया गीता कॉन्टेंस्ट के कारण वे भगवत गीता का अध्ययन कर पाई और जीवन का महत्व समझ पाई | 

जयपुर के अनुराग शर्मा उदयपुर से कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। वे गीता विषयक परीक्षा इसलिए दे रहे है क्योंकि उनकी वैदिक साहित्य में रुचि है। कई बड़े नामों से भगवत गीता को पढ़ने की बात सुनी थी, लेकिन समय की कमी या कुछ ना कुछ अड़चनों के कारण पढ़ नहीं पाए लेकिन अब इसे पढ़ने का मौका मिला है।  

जयपुर की कोमल शर्मा ने गीता कॉन्टेंस्ट ऑनलाइन भाग लिया, उन्होंने बताया। कि गीता को पढ़ने के बाद कई कंसेप्ट क्लीयर होते हैं।

गीता कांटेक्ट के शुभारंभ में अक्षेंद्र वेलफेयर सोसायटी के सचिव नरेंद्र रावत एवं प्रतियोगिता के संयोजक सिद्ध स्वरूप दास उपस्थित रहे |नरेंद्र रावत जी ने कहा गीता जीवन का व्यावहारिक पक्ष है बग़ैर गीता ज्ञान के जीवन अधूरा है आज गीता विद्यार्थी के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है और इस कार्य में हरे कृष्ण मूवमेंट का सहयोग भारतीय सभ्यता संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखने में बड़ा माध्यम है |

गीता कॉन्टेंस्ट में पूछे कुछ सवाल 

श्रीमद्भागवतम के अनुसार परम सत्य के साक्षात्कार हेतु क्या क्रम है ? ईश्वरीय नियम की सबसे बड़ी अवहेलना क्या मानी जाती है ? "अहम् ब्रह्म-अस्मि इस शब्द का क्या अर्थ है ? . कृष्ण परम-साक्षी' क्यों माने जाते हैं ? भगवान की यह परिभाषा कि "वह जो ६ ऐश्वर्यों से परिपूर्ण हैं" , किसने दी ? . वेदों में भगवान की उपमा किससे की गई है?मृत्यु के समय मनुष्य को नवीन जीवन मार्ग पर कौन ले जाता है?भगवत गीता का ज्ञान अर्जुन को क्यों दिया गया?

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