Saturday, April 9, 2022

जेकेके में बच्चों की प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीता


जयपुर। 
जवाहर कला केंद्र (जेकेके) के 29वें स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन भी जेकेके परिसर में कई कलात्मक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इसमें डूडल वॉल एक्टिविटी, पेंटिंग एग्जीबिशन, पोट्रेट एवं मोलेला वर्कशॉप, नाटक 'तोतों छान', नुक्कड़ नाटक 'चलो हाथ धोते हैं' सहित गजल प्रस्तुति का शानदान आयोजन हुआ। जेकेके के डोम एरिया में दिन भर डूडल वॉल एक्टिविटी आयोजित की गई। विजिटर्स ने बड़ी संख्या में इसमें हिस्सा लिया और ड्राइंग तथा संदेश के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किये। यह डूडल वॉल एक्टिविटी 10 अप्रेल तक सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक विजिटर्स के लिए ओपन रहेगी।

नाटक 'तोतों चान'
दूसरे दिन विहान सोशियो कल्चरल वेलबीइंग सोसाइटी, भोपाल द्वारा बच्चों के नाटक ‘तोतों चान' का भी मंचन किया गया। यह कहानी एक छोटी लड़की तोतो पर आधारित है जो कि बहुत उत्साही और जिज्ञासु बच्ची है। उसे अपने बचकानेपन के कारण स्कूल से बर्खास्त कर दिया जाता है। इसका निर्देशन सौरभ अनंत द्वारा किया गया था। नाटक 'तोतों चान' 1981 में प्रकाशित जापानी उपन्यास 'मेडोगिवा नो तोतो चान' पर आधारित है, जिसमें शिक्षण के अपरंपरागत तरीकों के बारे में बात की है, जो कि लेखक तेत्सुको कुरोयानागी ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अपने स्कूल टोमो में अपने शिक्षक  सोसाकू कोबायाशी से प्राप्त की थी।
नुक्कड़ नाटक 'चलो हाथ धोते हैं'
‘टाबर बाल बसेरा’, जयपुर की ओर से राजू कुमार द्वारा निर्देशित नुक्कड़ नाटक 'चलो हाथ धोते है' की भी प्रस्तुति हुई। जिसमें बच्चों ने हाथ धोने के महत्व को नाटक के माध्यम से समझाया। इस नाटक का उद्देश्य लोगों को साबुन से हाथ धोने की आवश्यकता को समझाना था। नाटक के माध्यम से बताया गया कि हाथ धोना कितना आवश्यक है। कई छोटी-छोटी आदतें हैं जो हमें बीमार होने से और कई ऐसी अनजान अनचाही बीमारियां से हमें बचाती हैं उनमें से एक है 'हाथ धोना'। कोविड ने हमें बहुत अच्छी तरीके से सिखा दिया है कि हमारे जीवन की दिनचर्या में सफाई बहुत ही जरूरी है। इसलिए बीमारियों से बचे रहने के लिए साबुन से हाथ धोते रहना बहुत ही जरूरी है।
बच्चों के लिए थिएटर वर्कशॉप
इसके साथ जेकेके के कृष्णायन में बच्चों की थिएटर वर्कशॉप भी चल रही है। जिसमें 3 से 7 वर्ष की आयु के करीब 40 बच्चे भाग ले रहे हैं। यह वर्कशॉप 10 अप्रेल तक आयोजित होगी। गौरतलब है कि बच्चों के लिए कि यह थिएटर वर्कशॉप पहली बार आयोजित की जा रही है। इसमें बच्चों को उनकी झिझक खोलने के लिए कई गतिविधियां कराई जा रही हैं ताकि वे निडर होकर आपस में घुल मिल सकें, मस्ती कर सकें और खुद को अभिव्यक्त कर सकें। इसके साथ ही कुछ नाटकीय इंप्रोवाइजेशन भी कराया जा रहा है जिससे कि बच्चे अभिनय से जुड़ सकें।
पोट्रेट व मोलेला पॉटरी वर्कशॉप और पेंटिंग एग्जीबिशन
इसी प्रकार से जेकेके के ग्राफिक स्टूडियो 1 व 2 में पोर्ट्रेट और मोलेला पॉटरी वर्कशॉप भी आयोजित की जा रही है। पोट्रेट वर्कशॉप में प्रतिभागियों को पोट्रेट बनाने की बारीकियां और बेसिक्स सिखाए जा रहे हैं। इस वर्कशॉप का संचालन कलाकार दुर्गेश अटल द्वारा किया जा रहा है। वहीं इसके साथ ही कलाकार प्रेम शंकर कुम्हार द्वारा मोलेला पॉटरी वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रतिभागियों को चिकनी मिट्टी के उपयोग से मटका, कुल्हड़ सहित कई प्रकार के बर्तन और मुर्तियां बनाना सिखाया जा रहा है। प्रतिभागी इन वर्कशॉप्स में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। वहीं पारिजात 1 व 2, अलंकार, सुरेख और सुदर्शन गैलरी में पेंटिंग एग्जीबिशन का भी आयोजन किया जा रहा है। यह एग्जीबिशन सुबह 10.30 बजे से शाम 7 बजे तक 10 अप्रेल तक आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न कलाकारों द्वारा 200 पेंटिग्स को प्रस्तुत किया जा रहा है। शाम को जयपुर के सारेगामा फाइनल विजेता मोहम्मद वकील गजल की प्रस्तुति देंगे
10 अप्रेल के कार्यक्रम
समारोह के अंतिम दिन 10 अप्रेल को सुबह 10 बजे डोम एरिया में डूडल वॉल एक्टिविटी आयोजित की जाएगी। सुबह 10.30 बजे से शाम 7 बजे तक पारिजात 1 व 2, अलंकार, सुरेख एवं सुदर्शन गैलरी में पेंटिंग एग्जीबिशन लगाई जाएगी। इसी प्रकार ग्राफिक स्टूडियो 1 व 2 में सुबह 10.30 बजे से शाम 5 बजे तक पोर्ट्रेट व मोलेला पॉटरी वर्कशॉप भी आयोजित होगी। वहीं मध्यवर्ती में शाम 7.30 बजे जयपुर के इंडियाज गॉट टैलेंट फेम सिंगर रवींद्र उपाध्याय की फ्यूजन परफॉर्मेंस के साथ फेस्टिवल का समापन होगा।

No comments:

Post a Comment

जेकेके में महाकाव्य महाभारत पर आधारित नाटक 'उरूभंगम' का हुआ मंचन

जयपुर।  जवाहर कला केंद्र (जेकेके) के  रंगायन  में पाक्षिक नाट्य योजना के तहत रंग साधना थिएटर ग्रुप, जयपुर द्वारा शनिवार शाम को नाटक 'उरू...