Friday, April 15, 2022

वैसाखी- खालसा साजना दिवस, 7775 चौपई साहिब पाठ



जयपुर।
 14 अप्रैल 'खालसा साजना दिवस' के तहत सुखमनी सेवा सोसायटी, बनी पार्क के सदस्यों व संगत ने मिलकर गुरू गोबिन्द सिंह जी की बाणी, चौपई साहिब के 7775 पाठ किए, जिसकी अरदास वैसाखी के दिन गुरूद्वारा नेहरू नगर में की। सभी ने मिलकर सरबत के भले की अरदास भी की। वैसाखी पर्व का धार्मिक महत्व यह है कि इस दिन सिक्खों के दसवें गुरू, गुरू गोबिन्द सिंह जी ने सन् 1699 में आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने सर्वप्रथम पांच प्यारों को अमृतपान करवा कर खालसा बनाया। उन पांच प्यारों के हाथों से स्वयं भी अमृतपान किया। गुरू गोबिन्द सिंह जी ने ही दो नारे दिए हैं - 'जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' और 'वाहेगुरू जी का खालसा - वाहेगुरू जी की फतह'। ये नारे सिख धर्म की पहचान हैं। सभी गुरूद्वारों में वैसाखी पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।वैसाखी पर्व सबको गुरू गोबिन्द सिंह जी के बताए मार्ग पर चलने को प्रेरित करता है।

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