Thursday, April 21, 2022

जेकेके में 25 से 29 अप्रैल तक ‘जयपुर थियेटर फेस्टिवल’ का होगा आयोजन

जयपुर। गुलाबी नगरी (जयपुर) ने लंबे समय तक खुद को संयम में रखा है और उत्सव की जीवंतता अतिदेय है। पिछले ढाई वर्षों में कोविड-19 ने हम सभी को कठिन समय दिया है, कई परिवारों ने दर्द और हानि झेली है... अब यह समय खुद को दोबारा मुस्कुराने और आनंदित होने का एक अवसर प्रदान करने का है, क्योंकि अधिकांश लोग पूरी तरह से टीकाकरण करा चुके हैं। जवाहर कला केन्द्र एवं तारामणि फाउंडेशन, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में परिकल्पित और निर्देशित ’जयपुर थिएटर फेस्ट’ एक ऐसा ही अवसर है, जिसमें जयपुरवासी पूरे जोश फरोख के साथ देश भर के कुछ बेहतरीन नाटकों को देखने और खुद को रोमांचित करने के लिए एक साथ आगे आएंगे। पहला संस्करण, यानी थिएटर फेस्टीवल का ग्रीष्म संस्करण 25 अप्रेल से 29 अप्रेल 2022 तक निर्धारित है। यह पांच दिवसीय उत्सव जवाहर कला केंद्र तथा तारामणि फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में  आयोजित किया जा रहा है। जवाहर कला केन्द्र जयपुर में विश्व स्तरीय थिएटर लाने और उत्कृष्ट काम करने वाले
कलाकारों एवं संस्थाओं को सदैव समर्थन करते रहने के लिऐ कटिबद्ध रहता है । हर राजस्थान निवासी सर्वश्रेष्ठ भारतीय और समकालीन रंगमंच देखे, यही जवाहर कला केन्द्र का ध्येय और प्रयास रहता है। पूर्व में भी केन्द्र द्वारा अनेकों समारोहों को सहयोग दिया जाता रहा है और इसी क्रम में केन्द्र तारामणि फाउंडेशन को जयपुर फेस्ट करने में सहयोग  दे रहा है। 
त्योहार के केंद्र में जयपुर शहर है - इसके लोग और इसकी कहानियां, जो एक प्रतिबद्धता प्रदान करते है, एहसास दिलाते हैं हमारी राजधानी के सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान का हमारे जीवन में जेकेके एवं तारामणि संस्थान का संयुक्त मिशन प्रस्तुत करना है कि असाधारण नाट्य अनुभवों का कार्यक्रम जो विविध समुदायों को पसंद आए और आगंतुक जो हमारे शहर को बनाते हैं उन्हें यह प्रस्तुति लुभाए। जयपुर थिएटर फेस्ट  25 अप्रैल 2022 से 29 अप्रैल 2022 तक जवाहर कला केंद्र (जेकेके) में आयोजित किया जाएगा। जयपुर थिएटर फेस्ट मुख्य रूप से कला और संस्कृति मंत्रालय, राजस्थान द्वारा वित्त पोषित है। फेस्टिवल का आगाज़ मुंबई के बहु प्रचलित नाटक ’संगीत-बारी’ के साथ होगा जो की पारंपरिक लावणी कलाकारों की कहानियों और उनके प्रदर्शन के जादू को साझा करने वाला एक अद्वितीय नाटक है। फेस्टिवल के पहले ही दिन जयपुर के  वरिष्ठ रंगकर्मी महमूद अली द्वारा ’मुगल बच्चा’ खेला जाएगा, कहानी इस बारे में है कि कैसे शक्तिशाली शासकों की पत्नियों को अपने पतियों के अहंकार और असफलता का बोझ उठाना पड़ता है। फेस्टिवल के दूसरे दिन मुंबई की अदाकारा उल्का मयूर पूरी नाटक ’कास्ट ऑफ ऑल शेम’ की प्रस्तुति करेंगी । भावपूर्ण कविताओं और कहानियों से युक्त यह नाटक, सभी के लिए एक मनोरंजक, आकर्षक और सशक्त अनुभव साबित होगा। 26 अप्रेल की दूसरी प्रस्तुति भोपाल अथवा भारत के दिग्गज़ रंगकर्मी आलोक चैटर्जी की होगी जो की अपना नाटक ’ऐसा ही होता है’ पेश करेंगे जो की रंगमंच की दुनिया में उनकी यात्रा पर आधारित है। आलोक चैटर्जी ने अपने स्वयं के जीवन की यात्रा, एक थिएटर कलाकार के जीवन को ठीक उसी समय से चित्रित किया है जब उन्होंने थिएटर को करियर विकल्प के रूप में लेने का फैसला किया था। 

27 अप्रेल को राजस्थान के चेखोव कहे जानें वाले कथाकार विजय दान देथा द्वारा रचित कहानी ’केंचुली’ का राजस्थानी अथवा हिंदी भाषा में मंचन होगा, वही दूसरी और रंगायन में स्वर्गीय उषा गांगुली निर्देशित तथा महाश्वेता देवी द्वार लिखित लोकप्रिय नाटक बायन की प्रस्तुति नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (Repertory Company)द्वारा दी जायेगी।

जयपुर थियेटर फेस्ट के चौथे दिन, 28 अप्रेल को जबलपुर से समागम रंगमंडल अपने नाटक अगरबत्ती का मंचन करेंगे। महिंद्रा एक्सीलेंस इन थियेटर अवाड्र्स (मेटा) में चार अवॉर्ड जीतने वाला यह नाटक वाकई में अदभुत है।
फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण, पद्मश्री विदुषी रीटा गांगुली द्वारा निर्देशित नाटक अभिज्ञान शकुंतलम रहेगा। भारतीय नाट्य परंपरा को उजागर करता यह नाटक कालीदास के श्रेष्ठ काव्यों में से एक है । इस नाटक की प्रस्तुति भी नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (Repertory Company) के कलाकारों द्वारा दी जायेगी।
फेस्टिवल के आखरी दिन थियेटर और फिल्म के सुप्रसिद्ध कलाकार बहरूल इस्लाम अपने नाटक ऊंचाई को प्रस्तुत करेंगे । यह कहानी एक मिथ्याचारी व्यक्ति के बारे में है जो एक बुरे काम के माध्यम से इतिहास बनाने का संकल्प करता है।
गौरतलब है की फेस्टिवल के पांचों दिन ’कलासंबंधी’ नाम से टॉक शो का आयोजन होगा जिसके तहत हम कलाकारों के साथ उनके परिवर्तनकारी अनुभव और उनके शिल्प के बारे में बात करेंगे।

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