Tuesday, April 19, 2022

सहर हाशमी की पेंटिंग की प्रदर्शनी 22 से 24 अप्रेल 2022 से जवाहर कला केंद्र में

-अनटैंगलिंग थॉट्स : उलझे हुए विचारों को सुलझाना

-चित्रकला बनाम मानसिक स्वास्थ्य थेरिपी 

जयपुर:चित्र कलाकार सहर हाशमी जवाहर कला केंद्र में चौथा चित्रकला एकांकी प्रदर्शन कर रही हैं
जिसका उदघाटन 22 अप्रेल 2022 को शाम 4 बजे सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज  अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ.सुधीर भंडारी करेंगेपेंटिंग प्रदर्शनी दिनांक 23  24 
अप्रेल 2022 को प्रात:11 बजे से शाम 7 बजे तक सुकृति कला गेलरी जवाहर कला केंद्र जयपुर में दर्शको के लिए खुल्ली रहेगीसहर हाशमी ने प्रेस को सम्बोधित करते हुए कहा कि चित्रकला उनके लिए मानसिक, स्वास्थ्य को ठीक रखने का अहम जरिया हैं | जयपुर शहर में वे अपना  दिल्ली की 26 वर्षीय सहर, फेशन स्टाइलिश हैं | उन्होंने अपने खुद के 10 वर्ष पूर्व Diagnosed Borderline Personality Disorder को चित्रकला के माध्यम से अपने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर किया हैं | प्रेस वार्ता में उनकी माता सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी वैज्ञानिक पिता गोहर रजा भी शामिल रहे | सहर का कहना था कि कला उन्होंने ओपचारिक रूप से सीखा नहीं | कला उनकी सहज अभिव्यक्ति थी और जिसको उनके माता-पिता ने उभरने का मौका दिया| उनके भीतर गुस्सा, गुमसुम हो जाना, पढाई छोड़ देना, रिश्ते बिगड़ जाना, सभी उनके बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य की अभिव्यक्ति थी| जिसको बहुत ही धीरज के साथ उनके माता-पिता ने सम्बल दिया, चित्रकला उनकी साथिन बनी, चुप्पी तोड़ी और वे खुद औरों के लिए सम्बल बनेसहर हाशमी ने अपने अनुभवों को साँझा करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों से निपटने वाले व्यक्ति अक्सर खुद को चित्र और चित्रों में व्यक्त करते हैं। कला का निर्माण भावनाओं की खोज और तनाव से निपटने में मदद करता है। एक पारंपरिक कला की कक्षा आम तौर पर शिक्षण तकनीक या एक विशिष्ट तैयार उत्पाद बनाने पर केंद्रित होती है, लेकिन आर्ट थेरेपी एक व्यक्ति को अपने आंतरिक अनुभव पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में काम करती है। मानसिक बीमारी का सामना करने वाले व्यक्ति ऐसी कला का निर्माण करते हैं जो बाहरी दुनिया की अभिव्यक्ति के रूप में कुछ बनाने से ज्यादा उनकी आंतरिक दुनिया को व्यक्त करती है। जिन लोगों ने भावनात्मक आघात, चिंता, अवसाद और अन्य मनोवैज्ञानिक मुद्दों का अनुभव किया है, वे खुद को रचनात्मक रूप से व्यक्त करने से लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकन आर्ट थेरेपी एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित 2016 के एक अध्ययन के अनुसार, एक घंटे से भी कम समय की रचनात्मक गतिविधि आपके तनाव को काफी हद तक कम कर सकती है और कलात्मक अनुभव या प्रतिभा की परवाह किए बिना आपके मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। 2017 के एक अध्ययन में पाया गया कि अस्पताल की सेटिंग में प्रदर्शित कला ने ऐसे माहौल में योगदान दिया जहां मरीज सुरक्षित महसूस करते थे। इसने समाजीकरण में सुधार लाने और अस्पताल के बाहर एक पहचान बनाए रखने में भी भूमिका निभाई। सहर ऐसी कलाकृतियों का निर्माण करती है, जो गहरी चिंताओं, भावनाओं और असुरक्षाओं को दर्शाती हैं। बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के वह अपने मूड को खूबसूरत पेंटिंग्स में बदल देती है। चित्र ,सहर के आंतरिक अस्तित्व, मानसिक रोग के साथ उसके संघर्ष और कैसे वह इससे लड़ी और अभी भी लड़ रही है, को दर्शाते हैं I सहर ने बताया कि जब वे बुरे मूड में होती है तो पेंटिंग उसकी एकमात्र साथी हैं। कुछ मौकों पर जब उसका चिड़चिड़ापन और बेचैनी बढ़ गई, उसने निराशा की भावना का अनुभव किया और अपने को कमतर महसूस किया, उसने मृत्यु और आत्महत्या के बारे में सोचा, कई बार उसने खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और हिंसक हो गई। अनिवार्य रूप से, हर हिंसक घटना के बाद, उसने खुद को सभी से अलग कर लिया और घंटों बैठी और पेंट की। उसकी पेंटिंग उसके मूड को दर्शाती है और उसकी मानसिक स्थिति पर सुखदायक प्रभाव डालती है। ये कभी भी नियोजित और पूर्व नियोजित पेंटिंग नहीं होतीं | उनका कहना था कि उपचार एक धीमी प्रक्रिया है; सहर केवल खुद अपने मानसिक रोग से लड़ रही है बल्कि मानसिक बीमारी से जुड़ी वर्जनाओं से लड़कर दूसरों की बहुत मदद कर रही है।

 

 

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