Saturday, April 30, 2022

"किशन रूंगटा के जीवन में उन्हें गांधीजी के असाधारण गुणों ने प्रभावित किया"- मुकुंद रूंगटा



जयपुर।
 यह हमारा सौभाग्य था कि जब भी गांधीजी मुंबई आते थे, तो वे अपनी सुबह की पूजा रूंगटा हाउस में करते थे, जहां उन्हें बड़ी संख्या में जनता को संबोधित करना होता था। मेरे पिता ने मुझे बताया था कि यह गांधीजी की व्यवस्था थी कि जिसे भी उनका ऑटोग्राफ चाहिए होता था, उसे एक रुपया देना होता था और वो पैसे कांग्रेस किटी में जाते थे। एक बार पैसे न दे पाने पर एक व्यक्ति ने गांधीजी का ऑटोग्राफ लेने की गुहार लगाई थी, हालांकि गांधीजी ने उस व्यक्ति को साफ मना कर दिया था। मेरे पिता ने गांधीजी के न्याय परायण और साहसी होने के इन दुर्लभ गुणों को आत्मसात किया, जिन्हें उन्होंने अपने जीवन में बाद में आगे बढ़ाया। यह बात 'दस्तावेज ऑफ रूंगटास' पुस्तक के विमोचन के अवसर पर श्रोताओं को संबोधित करते हुए  किशन रूंगटा के पुत्र मुकुंद रूंगटा ने कही। वे आईटीसी राजपुताना में आकृति पेरीवाल से बातचीत कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि यह पुस्तक राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के बग्गर के रूंगटा परिवार की ऐतिहासिक विरासत और लेखक किशन रूंगटा के नजरिए से परिवार में बीते समय में हुई घटनाओं और किस्सों के बारे में एक दस्तावेज है। यह पुस्तक लेखक, किशन रूंगटा पर भी केंद्रित है, जो एक रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी थे और बीसीसीआई चयन समिति के अध्यक्ष भी रहे थे। किशन रूंगटा के व्यक्तित्व के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे पिता हमेशा से एक ऐसे व्यक्ति थे, जो लाइमलाइट में नहीं बल्कि काम करने में विश्वास करते थे। वे क्रिकेट के बारे में सब कुछ जानते थे, लेकिन कभी भी खेल में कोई कद नहीं लेना चाहते थे। हालांकि, उन्होंने कड़ी मेहनत की। वह भविष्य के लिए सोचते थे। वे हमेशा से युवाओं से बात करते, उनके विचारों को सुनते और नई दुनिया के बारे में सीखते थे। यही मुख्य कारण था कि उन्होंने महसूस किया कि जिन महत्वपूर्ण कारकों और लोगों की वजह से जो आज रूंगटा परिवार है, उनके बारे में इस पुस्तक के माध्यम से बताना उनकी जिम्मेदारी थी। मान इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन (एमआईसी) की स्थापना के बारे में बात करते हुए,  रूंगटा ने कहा कि यह कंपनी 1945 में स्थापित की गई थी। उस समय सिर्फ एक रोलिंग मिल थी, जिससे मेरे पिता ने स्टीलमेकिंग प्लांट, फोर्जिंग प्लांट, ट्रांसमिशन लाइन टॉवर, फेब्रिकेशन यूनिट आदि बनाया था। जब वे मुबंई से आए थे तब वे मां के साथ फेक्ट्री के बंगले में रहे, जहां सुरक्षा को लेकर गंभीर समस्याएं थी। लेकिन उन्होंने अपने चेहरे पर मुस्कान के साथ सभी कठिनाइयों, बाधाओं और चुनौतियों का सामना किया। रूंगटा के जीवन में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए की बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि मेरी मां एक बहुत ही रूढ़िवादी परिवार से हैं। उन्होंने अंग्रेजी अखबार पढ़ने, कालीन बनाने और युद्ध पीड़ितों के लिए स्वेटर बुनने जैसे विभिन्न कार्यों में शामिल होना शुरू किया। मेरे पिता ने हमेशा उनका समर्थन किया और उन्हें उनकी आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। यह परिवार में और कार्यस्थल पर महिलाओं की अगली पीढ़ी तक चला। वे ऐसे व्यक्ति थे जो दृढ़ता से मानते थे कि महिलाओं को पुरुषों के बराबर होना चाहिए।

स्पाइस मनी और रेलिगेयर ब्रोकिंग की साझेदारी से एलआईसी आईपीओ पहुंचेगा 10 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक

मुंबई, 30 अप्रैल, 2022: भारत के बैंकिंग के तरीके में क्रांति ला रही भारत की अग्रणी ग्रामीण फिनटेक कंपनी, स्पाइस मनी ने आज ग्रामीण नागरिकों को मेगा एलआईसी आईपीओ के लिए आवेदन करने में सक्षम बनाने के लिए रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड (आरबीएल) के साथ भागीदारी करने की घोषणा की है। यह अपनी तरह का पहला निवेश अवसर है। इस एसोसिएशन के द्वारा, रेलिगेयर ब्रोकिंग और स्पाइस मनी का उद्देश्य, ग्रामीण नागरिकों को निवेश के अवसरों तक समान पहुंच प्रदान करना है, जिससे ग्रामीण और शहरी विभाजन में कमी आए और वित्तीय समावेशन को बढ़ाने में सफलता मिले। इसके अलावा, यह एसोसिएशन 95% से ज़्यादा ग्रामीण पिन कोड तक के लोगों को भविष्य में आर्थिक मज़बूती देने के लिए इक्विटी, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी, करंसी और एनपीएस जैसे कैपिटल मार्किट से जुड़े अवसरों में निवेश करने के लिए सहायक फिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराएगा। यह बिज़नेस पार्टनरशिप ग्रामीण क्षेत्र में बाज़ार के नए निवेशकों को बड़े पैमाने पर वित्तीय समावेशन और वित्तीय स्वतंत्रता के लिए आगे का अवसर प्रदान करेगा।

रेलिगेयर ब्रोकिंग मौजूदा समय में देश के 400+ शहरों में 1100+ शाखाओं और बिज़नेस पार्टनर्स के अपने पैन इंडिया नेटवर्क के माध्यम से 10 लाख से अधिक डीमैट ग्राहकों को सेवा दे रहा है। दूसरी ओर, स्पाइस मनी एक जानी-मानी ग्रामीण फिनटेक कंपनी है, जिसके 10 लाख से अधिक व्यापारी (जो कि स्पाइस मनी अधिकारी कहलाते हैं) का व्यापक नेटवर्क है, जो भारत के भीतरी क्षेत्रों के 700+ जिलों में 10 करोड़ से अधिक परिवारों को अपनी डिजिटल सेवाएं प्रदान करता है। इस प्रकार, रेलिगेयर ब्रोकिंग और स्पाइस मनी के बीच इन्वेस्टमेंट सर्विसेज़ की साझेदारी से ग्रामीण भारत को डीमैट अकाउंट तक सीधी और सहायक पहुंच प्राप्त करने और कैपिटल मार्केट से जुड़े उत्पादों में निवेश करने में सुविधा मिलेगी।

नए जमाने की प्रौद्योगिकी कंपनियां अग्रणी हैं, जिसके चलते भारत ने दो दशकों में "सर्वश्रेष्ठ आईपीओ ईयर" (2021) का रिकॉर्ड बनाया है, इसके बावजूद जागरूकता और सहायता की कमी के कारण देश के ग्रामीण हिस्सों से निवेशकों का प्रतिशत बेहद कम रहा है। स्पाइस मनी के सबसे समावेशी और तेज़ी से विकास करने वाले विश्वसनीय समुदाय, यानी इसके 10 लाख अधिकारी, जिन्हें सम्मानित बैंकों के प्रतिनिधि के तौर पर देखा जाता है, ऐसे ग्रामीण नागरिकों की सहायता के लिए वन पॉइंट कांटेक्ट के रूप में कार्य करेंगे, जो एलआईसी शेयरों में निवेश तो करना चाहते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि कहां से शुरू करें। स्पाइस मनी अधिकारी उन्हें डीमैट अकाउंट खोलने और एलआईसी आईपीओ के लिए आवेदन करने और भविष्य में अन्य उत्पादों में निवेश करने में सहायता करेंगे। 

स्पाइस मनी के सह-संस्थापक और सीईओ संजीव कुमार का कहना है, “देश के सबसे बड़े आईपीओ को भारत के भीतरी इलाकों में ले जाने के लिए रेलिगेयर ब्रोकिंग के साथ साझेदारी करके हम बहुत ख़ुश हैं। स्पाइस मनी के जरिए हम देश के लिए वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के मिशन पर हैं और यह साझेदारी ग्रामीण नागरिकों के लिए भविष्य में मेगा आईपीओ और अन्य कैपिटल मार्केट से जुड़े उत्पादों में हमारे मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म के माध्यम से भाग लेने का अवसर प्रदान करेगी। एलआईसी जैसे देश के सर्वाधिक विश्वसनीय ब्रांड के आईपीओ तक पहुंच बनाने से ग्रामीण नागरिकों को निवेश के उन अवसरों के बारे में भी जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी, जिनसे वे अब तक अनजान थे।”

संजीव ने यह भी कहा कि "अधिकांश ग्रामीण परिवार के लोगों में फ़ाइनेंशियल लिटरेसी बहुत कम या बिल्कुल नहीं है और अधिकांश लोग अपना पैसा बैंकों में जमा रखना पसंद करते हैं। नतीजन उन्हें कम ब्याज दर के साथ ही संतोष करना पड़ता है, जबकि कैपिटल मार्केट में स्मार्ट इन्वेस्टमेंट करके अपनी संपत्ति बढ़ाने का बड़ा मौका मिलता है। अवसरों का लाभ उठाने से न केवल ग्रामीण नागरिकों के वित्तीय विकास में मदद मिलेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के पुनरोद्धार में भी सहायता मिलेगी। यह 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने और आत्मानिर्भर भारत बनाने के देश के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह साझेदारी लोगों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के आपसी तालमेल को साझा करती है। डिजिटल और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशंस को आगे बढ़ाते हुए स्पाइस मनी का लक्ष्य सभी ग्रामीण वित्तीय जरूरतों के लिए वन स्टॉप प्लेटफॉर्म बनना है।”

पार्टनरशिप की घोषणा के दौरान रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीईओ नितिन अग्रवाल ने कहा, “हम स्पाइस मनी के साथ हाथ मिला कर बहुत खुश हैं। एलआईसी आईपीओ के रूप में एक बड़ा अवसर नए निवेशकों और इसके पॉलिसी होल्डर्स का इंतजार कर रहा है। रेलिगेयर और स्पाइस मनी संयुक्त रूप से ग्रामीण भारत के फ़ाइनेंशियल इन्क्लूजन मॉडल को बनाने, मानव सहायता के साथ नए युग की तकनीक के संयोजन और घर-घर डीमैट अकाउंट लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। स्पाइस अधिकारियों की मदद से, आईपीओ में निवेश करने के इच्छुक सभी निवेशक Dynami ऐप पर एक डीमैट अकाउंट खोल सकते हैं और इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स की बड़ी श्रृंखला में इन्वेस्ट के लिए सही चुनाव कर सकते हैं।”

रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीओओ गुरप्रीत सिदाना ने कहा ”सिम्पलीफाईड इन्वेस्टमेंट जर्नी और इनोवेटिव सर्विसेज़ के अपने वादे को बरकरार रखते हुए, इस बार हम सबसे सस्ता डीमैट अकाउंट खोलने के लिए स्पाइस मनी के साथ बड़े पैमाने पर फिजिटल DIY सुविधा का निर्माण कर रहे हैं। जनता सहित बाजार में नए ग्राहकों के लिए, रेलिगेयर ब्रोकिंग ने हाल ही में नई पेशकश की घोषणा की है, जो डिलीवरी ट्रेडों पर शून्य ब्रोकरेज, गैर-लाभकारी इंट्राडे ट्रेडों पर ज़ीरो ब्रोकरेज और 5 रुपये प्रति लॉट पर ऑप्शंस ट्रेडिंग प्रदान करती है। हमारे DIY अकाउंट खोलने की जर्नी और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म अत्याधुनिक नई तकनीक और सरलीकृत ट्रेडिंग अनुभव द्वारा समर्थित हैं। टिकट के आकार या स्थान के बावजूद, एक निवेशक कैपिटल मार्केट से जुड़े अवसरों में सहज और किफायती रूप से भाग ले सकता है।

स्पाइस मनी के बारे में:

स्पाइस मनी भारत की प्रमुख ग्रामीण फिनटेक कंपनी है, जिसमें 10 लाख से ज़्यादा अधिकारी (उद्यमी) नकद जमा, नकद निकासी के लिए आधार सक्षम भुगतान प्रणाली, मिनी एटीएम, बीमा ऋण, बिल भुगतान, ग्राहक/एजेंटों/NBFC/बैंकों के प्रतिनिधि के लिए कैश कलेक्शन सेंटर/बैंक. एयरटाइम रिचार्ज, टूर और ट्रैवल, ऑनलाइन शॉपिंग, पैन कार्ड और mPoS सेवाएं प्रदान करते हैं। स्पाइस मनी डीजीस्पाइस टेक्नोलॉजीज़ की 100% सहायक कंपनी है। कंपनी का बड़ा नेटवर्क भारत के 95% ग्रामीण पिनकोड को कवर करता है और हर महीने 2 करोड़ से ज़्यादा ग्राहकों को सेवा प्रदान करता है। स्पाइस मनी, स्पाइस मनी ऐप (अधिकारी ऐप) और वेब पोर्टल पर उपलब्ध हैं। यूज़र फ़्रेंडली इंटरफेस और बेहतर तकनीक वाले प्लेटफ़ॉर्म की वजह से ऐप को गूगल प्ले स्टोर पर 4.4 की उत्कृष्ट रेटिंग हासिल करने में कामयाबी मिली है। स्पाइस मनी अपनी अत्याधुनिक तकनीक और स्पाइस मनी अधिकारियों के विस्तृत नेटवर्क के माध्यम से, भारत के कोने-कोने में जनता के लिए विभिन्न वित्तीय सेवाओं तक पहुंच के बीच मौजूद अंतर को कम करने का प्रयास कर रही है। जानकारी के लिए कृपया विजिट करें:  https://spicemoney.com

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के बारे में:

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड (आरबीएल) भारत में नामचीन सिक्यूरिटी फर्म्स में से एक है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म पर 10 लाख से अधिक ग्राहकों को सेवा प्रदान करती है। बड़े पैमाने पर यह देश के हर हिस्से में मौजूद है; रेलिगेयर ब्रोकिंग इक्विटी, करंसी, कमोडिटी, म्यूचुअल फंड, बीमा, एनपीएस और डिपॉजिटरी सर्विसेज़ में सेवाएं प्रदान करता है। रेलिगेयर Dynami आज बाजार में सबसे उन्नत मोबाइल ट्रेडिंग एप्लीकेशंस में से एक है, जिसमें नए निवेशकों के लिए गेस्ट लॉगिन सुविधा मौजूद है। कंपनी को हाल ही में ग्रेट प्लेस टू वर्क संगठन के रूप में भी प्रमाणित किया गया है, जो अपने आप में संगठन के शानदार वर्क कल्चर और एम्प्लॉयी समावेश नीतियों को जाहिर करता है। एनएसई/बीएसई के एक सदस्य और एनएसडीएल और सीडीएसएल के साथ एक डिपॉजिटरी प्रतिभागी, रेलिगेयर ब्रोकिंग भी चयनित शाखाओं में TIN सुविधा और PAN सुविधा प्रदान करता है - PAN,TAN और TDS/TCS रिटर्न संबंधी आवश्यकताओं वाले व्यक्ति की मदद करने के लिए एक अनूठी सेवा। वर्तमान में, रेलिगेयर ब्रोकिंग देश के 400+ शहरों में 1100+ से अधिक शाखाओं और व्यापार भागीदारों के नेटवर्क के साथ 1 मिलियन से अधिक डीमैट अकाउंट धारकों को सेवा दे रहा है।

होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इंडिया ने की ‘होण्डा होमकमिंग फेस्ट’ की शुरूआत

गुरूग्राुम, 30 अप्रैल, 2022ः H’ness; हाईनैस) CB350 और CB350RS के मूल स्थान पर उपभोक्ताओं का स्वागत करते हुए होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इंडिया नेे हरियाणा के मानेसर स्थित अपनी ग्लोबल रिसोर्स फैक्टरी मेें पहलेे कस्टमर एप्रिसिएशन इवेंट ‘होण्डा होमकमिंग फेस्ट’ के साथ भ्ष्दमेे ;हाईनैस) CB350 की पहली सालगिरह का जश्न मनाया।

जापान की कुमामोतो फैक्टरी में आयोजित ग्लोबल होण्डा होमकमिंग इवेंट की धरोहर को आगे बढ़ाते हुए कंपनी ने होण्डा की आइकोनिक H’ness; हाईनैस) CB350 और CB350RS की घर वापसी का जश्न मनाया।

मानेसर में एचएमएसआई की ग्लोबल रिसोर्स फैक्टरी में आयोजित होण्डा होमकमिंग फेस्ट को ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली, इस अवसर पर CB350 सीरीज़ के 2000 से अधिक मालिकों ने देश भर में विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण किया।

कार्यक्रम स्थल पर एचएमएसआई के मैनेजमेन्ट, डीलरों और अन्य दर्शकों ने 120 राइडरों के समूहों का विशेष स्वागत किया, जो अपनी H’ness ;हाईनैस) CB350 और CB350RS पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे थे।

कार्यक्रम में राइडरों का स्वागत करते हुए श्री आत्सुशी ओगाता, एमडी, प्रेज़ीडेन्ट एवं सीईओ- होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इंडिया ने कहा, ‘‘भारत में हमारे CB350 उपभोक्ताओं के लिए पहले होण्डा होमकमिंग फेस्ट का आयोजन करते हुए एचएमएसआई को बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है, हमें इस गतिविधि के लिए बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देना हमारा मूल सिद्धान्त है और हम अपने उत्पादों एवं सेवाओं में विश्वस्तरीय गुणवत्ता के साथ उन्हें सर्वोच्च स्तर का संतोषजनक अनुभव प्रदान करना चाहते हैं।’’

इस अवसर पर श्री यदविंदर सिंह गुलेरिया, डायरेक्टर, सेल्स एण्ड मार्केटिंग, होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इंडिया ने कहा, ‘‘अक्सर कहा जाता है, वास्तविक जश्न तब शुरू होता है, जब आप घर वापस लौटते हैं, हमारी बिगविंग टीम ने इस अनूठे होम कमिंग फेस्ट का आयोजन किया है। CB350 के उपभोक्ताओं को उस मशीन की मैनुफैक्चरिंग प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखने का मौका मिला, जिस पर वे सवारी कर रहे हैं। उनके जोश और उत्साह को देखकर बहुत अच्छा लगता है। कुल मिलाकर, यह घर वापसी सिर्फ H’ness ;हाईनैस )CB350 और CB350RS के लिए नहीं है बल्कि हमारी राइडिंग कम्युनिटी के लिए भी मायने रखती है, जो अपनी इन पसंदीदा मशीनों के साथ राइडिंग का बेजोड़ अनुभव पा रहे हैं।’’

ड्रीमर्स कैफे़ इस होमकमिंग फेस्ट का मुख्य आकर्षण है, जिसे खासतौर पर उपभोक्ताओं को एचएमएसआई के इतिहास और धरोहर का अनुभव प्रदान करने के लिए पेश किया गया है, जो अपने आप में यादगार और महत्वाकांक्षी है। ड्रीमर्स कैफ़े होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इंडिया के बदलावकारी प्रोजेक्ट- रूपांतर यात्रा का एक हिस्सा है। 3 डी लोगो के साथ स्पेशल चैम्पियन्स वॉकवे CB350 के उपभोक्ताआंे को गौरवान्वित करता है और मोटो जीपी चैम्पियनों के प्रति सम्मान की भावना दर्शाता है।

फेस्ट के तहत गाइडेड प्लांट टूर का आयोजन किया गया। इसके अलावा देश भर से आए उपभोक्ताओं के साथ जुड़ने और उन्हें होण्डा परिवार में मजबूती से स्थापित करने के लिए कई अन्य रोचक गतिविधियों का आयोजन भी हुआ जैसे टेड टॉक, रायज़ेन आर्ट, राइडिंग एक्सपीरिएंस शेयरिंग, गोप्रो द्वारा वीडियोग्राफी टेªनिंग आदि।

51 प्रतिशत कर्मचारी हाइब्रिड काम पसंद करते हैं, गोदरेज इंटरियो के अध्ययन का खुलासा

मुंबई, 30 अप्रैल, 2022: गोदरेज समूह की प्रमुख कंपनी, गोदरेज एंड बॉयस ने घोषणा की कि इनके बिजनेस, गोदरेज इंटेरियो, जो घर और संस्थागत क्षेत्रों में भारत काअग्रणी फर्नीचर समाधान ब्रांड है, उसने अपने विशेष अध्ययन ‘होम, ऑफिस एंड बियॉन्ड' के आगे के निष्कर्षों का खुलासा किया है। अध्ययन से पता चला है कि जहां पूर्ण वापसी के साथ कार्यालय से काम करने वालों और दूरस्थ जगह से काम करने वालों दोनों के ही पैरोकार हैं, वहीं बाकी प्रतिक्रियादाता ऐसे हैं जो मिश्रित रूप से दोनों ही चाहते हैं। सर्वेक्षण में अलग-अलग आयु, कार्य अनुभव, और लिंग के अनुसार भिन्न-भिन्न वरीयताओं वाले कर्मचारी पाये गए, जो यह दर्शाता है कि किस तरह से लिंग के आधार पर अलग-अलग कर्मचारी अपने कार्यस्थल से अलग-अलग तरह की सहायताएं चाहते हैं और उन्हें अपने नियोक्ताओं से भिन्न-भिन्न अपेक्षाएं हैं। शोध में कुल 350 कार्यालयिय कर्मचारियों ने भाग लिया, उनमें से अधिकतर बहुराष्ट्रीय कंपनियों और भारतीय कंपनियों में काम करने वाले हैं।

शोध अध्ययन के अनुसार, कार्य - जीवन संतुलन हाइब्रिड वर्क शेड्युल के लाभों की सूची में सबसे ऊपर है, जो आज फिर से नॉलेज वर्कर्स के लिए लचीलेपन और कल्याण के महत्व को दर्शाता है। अध्ययन के अनुसार हाइब्रिड कार्य के प्रमुख लाभ इस प्रकार बताये गये - 23% पुरुषों और 28% महिलाओं ने 'कार्य-जीवन संतुलन' का हवाला दिया, 20% पुरुषों और 28% महिलाओं ने 'यात्रा समय की बचत' की बात कही, 12% पुरुषों और 11% महिलाओं ने 'परिवार के साथ समय' का उल्लेख किया और 14% पुरुषों और 11% महिलाओं ने 'बेहतर कार्य प्रदर्शन' की बात कही।

अध्ययन से यह भी पता चलता है कि कर्मचारी लचीले कार्य विकल्पों के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। 39% उत्तरदाता नियोक्ताओं के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं, 24% नौकरियों को बदलने की इच्छा रखते हैं, 14% मूविंग लोकेशंस के पक्ष में हैं और 13% उत्तरदाता वेतन में 10% कटौती के लिए सहमत हैं।

गोदरेज इंटेरियो के वाइस प्रेसिडेंट, मार्केटिंग (बी2बी), समीर जोशी ने कहा, "पिछले दो वर्षों ने हमें आशा, उद्देश्य और अर्थ की एक नई भावना के साथ भविष्य की ओर देखना सिखाया है। काम का भविष्य वह है जो कर्मचारियों और संगठनों को उनके स्थान की परवाह किए बिना उनके विकास हेतु उन्हें सशक्त बनाए। गोदरेज इंटेरियो के एर्गोनॉमिक्स एंड वर्कप्लेस रिसर्च सेल द्वारा किए गए अध्ययन से पता चलता है कि संगठन अपनी संस्कृति और ब्रांड को मजबूत करने के लिए कार्यस्थल का उपयोग करते हैं। प्लांटर्स और स्टैंडिंग डेस्क के साथ अच्छी प्रकाश व्यवस्था वाले इंटेरियर्स कर्मचारियों के स्वास्थ्य और उनके कल्याण पर केंद्रित होते हैं। मूवेबल फर्नीचर का उपयोग कर तैयार किए गए मॉड्यूलर कार्यस्थल नवाचार और रचनात्मकता में सहायक हो सकते हैं। इस शोध अध्ययन का उद्देश्य कर्मचारियों का तनाव कम करने, उनकी व्यस्तता में सुधार करने, टीम सहयोग में सुधार करने, साथ ही कर्मचारियों की कटौती कम करने हेतु वापस ऑफिस से काम करने संबंधी नीतियाँ तैयार करने में कंपनियों की मदद करना है। गोदरेज इंटेरियो में, हम कार्यालय स्थल में अधिक सहायतापूर्ण फर्नीचर की मांग देख रहे हैं और हमें इस वित्तीय वर्ष में इस सेगमेंट में 25% तक की वृद्धि की उम्मीद है।"

उन्होंने आगे कहा, "समानुभूति पर प्रमुखता से जोर देते हुए कर्मचारियों को 'वर्कर्स' के व्यापक समूह के बजाये उन्हें भिन्न-भिन्न आवश्यकताओं वाले अलग-अलग व्यक्ति मानकर भविष्य के कार्यस्थल को डिजाइन किया जाना महत्वपूर्ण है। विभिन्न उद्योगों में प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें जोड़े रखने के लिए एक लचीला कार्य मॉडल महत्वपूर्ण उपकरण बन गया है।इसलिए, कर्मचारियों की मिश्रित उपस्थिति का समर्थन करने वाली नीतियों को स्थापित करना एक समान क्षेत्र बनाता है, चाहे कर्मचारी कहीं भी हों, और यही आगे का रास्ता है।

एक्सिस बैंक के वित्त वर्ष'22 की चौथी तिमाही और वर्ष भर के परिणाम

भारत के निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक, एक्सिस बैंक ने वित्त वर्ष'22 की चौथी तिमाही और वर्ष भर के अपने परिणामों की आज घोषणा की।  कंपनी ने 4,118 करोड़ रु. का तिमाही शुद्ध मुनाफा दर्ज कराया, जिसमें 54% की वर्ष-दर-वर्ष और 14% की तिमाही-दर-तिमाही की वृद्धि हुई, जबकि वित्त वर्ष'21 की चौथी तिमाही का शुद्ध तिमाही मुनाफा 2,677 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष'22 की चौथी तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याजीय आय (NII) में 17% की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि हुई और यह 8,819 करोड़ रुपये हो गई और वित्त वर्ष'21 की चौथी तिमाही में यह 7,555 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष'22 की चौथी तिमाही में इसकी शुद्ध ब्याजीय मार्जिन (NIM) 3.49% रही। कासा जमा में 16% वर्ष-दर-वर्ष और 7% तिमाही-दर-तिमाही की वृद्धि हुई, जबकि कासा अनुपात 45% रहा। बैंक के परिचालन राजस्व में 18 प्रतिशत वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि हुई और यह वित्त वर्ष'21 की चौथी तिमाही के 11,096 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष'22 की चौथी तिमाही में 13,042 करोड़ रु. हो गया। 31 मार्च 2022 को, बैंक का दर्ज सकल एनपीए और शुद्ध एनपीए स्तर क्रमशः 2.82% और 0.73% था, जबकि 31 दिसंबर 2021 को 3.17% और 0.91% था। बैंक की शुल्क आय 11% वर्ष-दर-वर्ष और 12% तिमाही-दर-तिमाही की वृद्धि के साथ 3,758 करोड़ रु. हो गई। खुदरा शुल्क में 14% वर्ष-दर-वर्ष और 14% तिमाही-दर-तिमाही की वृद्धि हुई; और बैंक की कुल शुल्क आय में इसका योगदान 66% रहा। बैंक का समग्र पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीएआर) 18.54% रहा, जिसमें सीईटी1 अनुपात 15.24% था। बैंक की घरेलू अनुषंगियों का वित्त वर्ष'22 का संयुक्त कर-पश्चात मुनाफा दमदार 1,195 करोड़ रु. रहा, जिसमें 44% की वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि हुई, और इसने 16.67% के समेकित आरओई (वार्षिक) में 80 आधार अंक का योगदान दिया।

अक्षय तृतीया का त्योहार मनाएं एमएमटीसी पैम्प के स्पेशल एडीशन 24 कैरट 999.9 शुद्ध शंख वाले सोने के सिक्कों के साथ

जयपुर, 30 अप्रैल, 2022: अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भारत की एकमात्र लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन गुड डिलीवरी गोल्ड एण्ड सिल्वर रिफाइनरी एमएमटीसी-पैम्प ने लोहिया सिल्वर गलारिया ज्वैलर्स और नंदकिशोर मेघराज ज्वैर्ल्स के साथ साझेदारी में अपनी विशेष से रूप से तैयार की गई 24 कैरट 999.9 शुद्धता वाली शंख गोल्ड कॉयन्स की रेंज का लॉन्च किया है। एमएमटीसी पैम्प की यह पेशकश लोहिया सिल्वर गलारिया ज्वैलर्स और नंदकिशोर मेघराज ज्वैल्स पर उपलब्ध कराई गई है, इन स्टोर्स को जयपुर में सर्वोच्च गुणवत्ता के आभूषणां की व्यापक रेंज के लिए जाना जाता है।

 भारतीय संस्कृति में सोने का हमेशा से महत्वपूर्ण स्थान रहा है और अक्षय तृतीया को सोने के त्योहार के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन सोने की खरीददारी को पवित्र माना जाता है। शंख वाले सोने के सिक्के इस पावन त्योहार पर उपभोक्ताओं को कुछ अनूठा अनुभव प्रदान करने के लिए लॉन्च किए गए हैं। शंख के आकार में पेश किए गए सिक्कों का यह स्पेशल एडीशन शुद्धता का प्रतीक है, साथ ही भारतीय संसकृति के महत्व को भी अपने आप में समाए हुए हैं। 24 कैरट 999.9 शुद्धता वाले सोने के ये सिक्के भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक हैं, इन पर बेहतरीन कारीगरी के साथ देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की तस्वीर बनाई गई है, जिन्हें समृद्धि और पवित्रता का पर्याय माना जाता है। शंख वाले सोने के ये सिक्के 20 ग्राम और 5 ग्राम के जोड़े में उपलब्ध हैं। 20 ग्राम के सिक्के पर देवी लक्ष्मी की तस्वीर है जबकि 5 ग्राम के जोड़े पर लक्ष्मी और गणेश जी की तस्वीर है।

इस घोषणा के बारे में बात करते हुए विकास सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, एमएमटीसी- पैम्प ने कहा, ‘‘एमएमटीसी-पैम्प भारत के कीमती धातु उद्योग में अपनी बेजोड़ गुणवत्ता एवं शुद्धता के लिए विख्यात है। एमएमटीसी-पैम्प के सभी प्रोडक्ट्स को आधुनिक स्विस तकनीक के द्वारा सर्वोच्च मानकों के साथ तैयार किया जाता है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर, उपभोक्ता उपहार और निवेश के लिए शुद्ध सोने के सिक्के खरीदना चाहते हैं। हमें खुशी है कि हमने राजस्थान में अपना फुटप्रिन्ट बढ़ाने के लिए लोहिया सिल्वर गलारिया ज्वैलर्स और नंदकिशोर मेघराज ज्वैर्ल्स के साथ साझेदारी की है। हम सुनिश्चित करेंगे कि एमएमटीसी-पैम्प की ओर से 24 कैरट 999.9 शुद्धता वाले सोने के ये सिक्के उपभोक्ताओं को आसानी से उपलब्ध हों।’

सभी महत्वपूर्ण त्योहारों पर उपभोक्ताओं को एमएमटीसी-पैम्प के लॉन्चेज़ का इंतज़ार रहता है। 2021 में धनतेरस के मौके पर एमएमटीसी-पैम्प के चांदी के शंख वाले जोड़े को मिली अपार सफलता के बाद इस अक्षय तृतीया शंख वाले सोने के सिक्के बाज़ार में उतारे गए हैं। इससे पहले भी ब्राण्ड ने कई अनूठे डिज़ाइन जैसे वैदिक संस्कृति से प्रेरित तोला का लॉन्च किया है। एमएमटीसी-पैम्प अपने पारम्परिक भव्य ऑक्टागोनल 24 कैरट 999.9 शुद्ध सोने के सिक्कों की पेशकश भी जारी रखे हुए हैं। शुद्ध सोने और चांदी में शंख के आकार के साथ कंपनी ने अपनी इसी परम्परा को आगे बढ़ाया है। 

 अक्षय तृतीया के मौके पर सोने और चांदी के शुद्ध उत्पादों की व्यापक रेंज पेश की गई है और उपभोक्ता इन्हें जयपुर के लोहिया सिल्वर गलारिया ज्वैलर्स और नंदकिशोर मेघराज ज्वैर्ल्स से खरीद सकते हैं। 

प्रोडक्ट्स की प्रमाणिकता को सुनिश्चित करने के लिए एमएमटीसी-पैम्प के हर प्रोडक्ट एक विशेष नंबर के साथ आता है और इसे असेयर सर्टिफाईड सर्टिकार्ड में पैक किया जाता है। एमएमटीसी-पैम्प पर उपलब्ध सोने और चांदी के सभी प्रोडक्ट पॉज़िटिव वेट टॉलरेन्स के साथ आते हैं जो इस बात की गारंटी देते हैं कि आपके द्वारा खरीदे जाने वाले हर सिक्के या बार का वज़न सूचीबद्ध वज़न से अधिक हो, ताकि उपभोक्ता को अपने निवेश पर अधिकतम रिटर्न मिले।

 सभी प्रोडक्ट्स एमएमटीसी-पैम्प की प्रमाणिकता की स्टैम्प के साथ आते हैं और 999.9 प्लस शुद्धता का वादा करते हैं। इन्हें आधुनिक स्विस तकनीक का उपयोग कर सर्वोच्च मानकों के साथ तैयार किया गया है।

भारत बिलपे ने किया ‘फार्म्स’ के साथ सहयोग, देशभर में किसानों को डिजिटल तरीके से आवर्ती भुगतान करने की सुविधा

मुंबई, 30 अप्रैल 2022- सभी श्रेणियों में अक्सर किए जाने वाले भुगतान की सुविधा के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म भारत बिल पेमेंट सिस्टम ने फार्म्स के साथ सहयोग किया है। इस सहयोग के माध्यम से देशभर के किसान अक्सर किए जाने वाले पेमेंट्स का अब फार्म्स ऐप पर भारत बिलपे के माध्यम से आसानी से भुगतान कर सकते हैं। इस ऐप के माध्यम से, किसान आसानी से समस्त उत्पादों और सेवाओं तक पहुंच सकते हैं जिसमें बीज, उर्वरक, कीटनाशक, पशु चारा, और अन्य ऐसे प्रोडक्ट शामिल हैं, जो सीधे उनके दरवाजे पर वितरित किए जाते हैं। यह सहयोग पूरे भारत में किसानों के लिए एक बाज़ार बनाने में मदद करेगा जिसमें वे एक ही ऐप पर उत्पादों की खरीद के साथ-साथ बिजली, ऋण चुकौती, पानी के बिल आदि जैसे विभिन्न अक्सर किए जाने वाले पेमेंट्स का प्रबंधन कर सकते हैं।

कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत सरकार और आरबीआई के दृष्टिकोण का समर्थन करने की अपनी निरंतर कोशिशों के तहत भारत बिलपे ने लगातार नए भागीदारों के साथ सहयोग किया है। साथ ही, समस्त उपयोगकर्ताओं के लिए आवर्ती भुगतान को आसान बनाकर डिजिटल समावेशन की सुविधा के लिए भी प्रयास किया है। इस सहयोग के साथ, भारत बिलपे प्रत्येक भारतीय घर को एक सहज डिजिटल यात्रा की ओर ले जाने, सक्षम करने और चलाने में मदद करेगा।

वर्तमान में, भारत बिलपे बिजली, दूरसंचार, डीटीएच, गैस, शिक्षा शुल्क, पानी और नगरपालिका कर, एनईटीसी फास्टैग रिचार्ज, ऋण चुकौती, बीमा, केबल, सदस्यता शुल्क, मोबाइल प्रीपेड रिचार्ज, और कई अन्य श्रेणियों में ग्राहकों को भुगतान संबंधी सेवाएं प्रदान करता है। .

एनपीसीआई भारत बिलपे लिमिटेड (एनबीबीएल) की सीईओ नूपुर चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘भारत बिलपे के माध्यम से हर भारतीय घर के लिए जीवन को आसान, सुरक्षित और आसान बनाने के लिए हमें फार्म्स के साथ सहयोग करने की खुशी है। यह साझेदारी किसानों को डिजिटल भुगतान प्रणाली की मुख्यधारा में लाने और देश के अंतिम छोर तक वित्तीय समावेशन की खाई को दूर करने की दिशा में एक कदम है। हम अपने नेटवर्क को और व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए कई नए खिलाड़ियों के साथ सहयोग करने के लिए तत्पर हैं और पूरे

भारत में किसानों और ऐसे कई परिवारों को सुविधाजनक, समान और सुनिश्चित लेनदेन अनुभव प्रदान करने के अपने प्रयास जारी रखेंगे।’’

फार्म्स के सीईओ और को-फाउंडर तरणबीर सिंह ने कहा, ‘‘हम कृषक समुदाय के बीच डिजिटल भुगतान से संबंधित आवश्यक जानकारी पहुंचाने और उन्हें इस दिशा मंे जागरूक करने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि भारत बिलपे भारत में पारंपरिक रूप से बिलों का भुगतान करने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। सरकार के साथ सहयोग भारत बिलपे को फार्म्स ऐप में एकीकृत करने से ग्रामीण भारत को अपने सभी बिलों का भुगतान करने के लिए सीधे कहीं भी पहुंच मिलेगी। यह एक जीवन बदलने वाला क्षण है और हम इस बदलाव का माध्यम बनकर खुशी का अनुभव कर रहे हैं।’’

 

फार्म्स के सीओओ और को-फाउंडर आलोक दुग्गल कहते हैं, ‘‘उत्तरी और मध्य भारत के सुदूर गांवों में हमारी गहरी पहुंच है और हम पिछले 2 वर्षों में किसान समुदाय का विश्वास हासिल करने में सफल रहे हैं। इससे हमें ब्रांडों को ग्रामीण समुदाय से जोड़ने के लिए गठजोड़ करने वाले पहले कृषि-स्टार्टअप में से एक बनने में मदद मिली।’’

बैंक ऑफ इंडिया ने भुवनेश्वर में कस्टमर आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया

भुवनेश्वर, 30 अप्रेल, 2022- देश में सार्वजनिक क्षेत्र के एक प्रमुख बैंक- बैंक ऑफ इंडिया ने आईडीसीओएल ऑडिटोरियम हॉल, भुवनेश्वर में कस्टमर आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बैंक ऑफ इंडिया के एमडी और सीईओ श्री ए के दास उपस्थित थे।

श्री दास ने अपने विचार-विमर्श में ग्राहकों के बैंक ऑफ इंडिया के साथ उनके मजबूत संबंध के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बैंक ऑफ इंडिया आर्थिक सुधार और बहाली की वर्तमान प्रक्रिया के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, जो व्यापक और टिकाऊ है।

इस कार्यक्रम में 100 से अधिक ग्राहकों ने भाग लिया। बैंक ने ग्राहकों के आउटरीच कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में भुवनेश्वर क्षेत्र के लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपए के 30 स्वीकृति पत्र वितरित किए, जो आत्मनिर्भर भारत के प्रति बैंक की प्रमुख भूमिका को दर्शाते हैं। राष्ट्रीय बैंकिंग समूह (पूर्व) द्वारा अपने 10 क्षेत्रों के माध्यम से कुल मिलाकर, 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की गई है। इसके तहत मुख्य रूप से खुदरा, कृषि और एमएसएमई क्षेत्रों को कवर किया गया है, जिसमें सरकार के प्रमुख कार्यक्रम जैसे स्टैंड अप इंडिया, प्रधान मंत्री मुद्रा योजना, स्वयं सहायता समूहों को ऋण और पीएम स्वनिधि जैसे प्रोग्राम भी शामिल हैं।

डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए ग्राहकों को 50 से अधिक पीओएस मशीनें और भीम यूपीआई क्यूआर जारी किए गए। इस अवसर पर 30 बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट भी उपस्थित रहे।

एक जिम्मेदार कॉर्पाेरेट नागरिक के रूप में, बीओआई विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लागू करने में सबसे आगे रहा है। इस आउटरीच कार्यक्रम के दौरान, एनबीजी ने एपीवाई के तहत 5000, पीएमएसबीवाई के तहत 5000 और पीएमजेजेबीवाई के तहत 3000 लाभार्थियों को नामांकित किया।

ग्राहक आउटरीच कार्यक्रम में ग्राहकों और आगंतुकों ने बैंक ऑफ इंडिया की इस तरह की पहल की सराहना करते हुए बैंक के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

बैंक ऑफ इंडिया के एमडी और सीईओ श्री ए के दास ने विशेष रूप से पत्थर कला और मूर्तिकला के क्षेत्र में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए ओडिशा के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व पद्म विभूषण पुरस्कार विजेता श्री सुदर्शन साहू, भारतीय साहित्य में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म भूषण पुरस्कार विजेता श्रीमती प्रतिभा रे और मेटल यील्ड में सुधार के लिए अयस्क और खनिज संसाधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्टार्ट अप पुरस्कार 2021, और राष्ट्रीय उद्यमिता पुरस्कार 2019 प्राप्त श्री ज्ञान रंजन दास को सम्मानित किया।

बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी कॉर्पाेरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत ओडिशा एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड्स, भुवनेश्वर को वित्तीय सहायता भी दी।

Friday, April 29, 2022

एमयूजे में दो दिवसीय ऑनलाइन डेटा साइंस कॉन्क्लेव का हुआ आयोजन



जयपुर।
 मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर (एमयूजे) के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, ने हाल ही में दो दिवसीय 'डेटा साइंस' कॉन्क्लेव का आयोजन किया। कॉन्क्लेव का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. नीतू भटनागर (रजिस्ट्रार, मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर) और गेस्ट ऑफ ऑनर, प्रो. (डॉ.) राजवीर सिंह शेखावत (डीन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग और डायरेक्टर, स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग, एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) ने किया। इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव का उदेश्य छात्रों को डेटा साइंस कॉन्सेप्ट, एप्लिकेशंस और डेटा साइंस के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं के बारे में बताना था। इस आयोजन में उद्योग और शिक्षा जगत के विभिन्न प्रमुख डेटा साइंस विशेषज्ञों ने भाग लिया जिनमें डॉ राजेश कृष्णन (अल्टेयर, इंडिया), डॉ गायत्री अनंतनारायणन (आईआईटी धरवाद), डॉ प्रवीण रंजन श्रीवास्तव (आईआईएम, रोहतक),  दीपक बत्रा (एचसीएल टेक्नोलॉजीज), और  अशरफ संकनाल (इंजीनियरिंग डेटा साइंटिस्ट, अल्टेयर) शामिल थे। दूसरे दिन, उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के साथ-साथ डॉ. यशवर्धन शर्मा (बिट्स, पिलानी), सुभाजीत भट्टाचार्य (एक्सेंचर, भारत), श्रीधर जोन्नाला (आईबीएम, भारत) और . हर्ष कुमार (सह-संस्थापक, एजीफार्म बायो इनोवेशन, एलएलपी) द्वारा पैनल डिस्कशन का आयोजन हुआ। उद्घाटन समारोह में एमयूजे और अन्य विश्वविद्यालयों के इंजीनियरिंग छात्रों ने भाग लिया। जयपुर के प्रमुख स्कूलों के स्टूडेंट्स के लिए कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यूट्यूब पर किया गया।

'जयपुर थिएटर फेस्ट’ का टॉक शो और नाटक 'ऊंचाई' की प्रस्तुति के साथ समापन


जयपुर।
 जवाहर कला केन्द्र (जेकेके) में 5 दिवसीय ’जयपुर थिएटर फेस्ट’ का शुक्रवार को प्रसिद्ध फिल्म और थिएटर अभिनेता, बहरुल इस्लाम के नाटक 'ऊंचाई' की प्रस्तुति के साथ समापन हुआ। समापन दिवस पर जेकेके बुक क्लब में कलासंबंधी टॉक शो के तहत 'वर्तमान समय में शास्त्रीय रंगमंच का महत्व' विषय पर पद्मश्री विदुषी रीटा गांगुली द्वारा चर्चा का भी आयोजन किया गया। वहीं दूसरे सेशन में नाटक 'अगरबत्ती' और 'ऊंचाई' नाटक के लेखक और निर्देशकों ने अपने नाटक के बारे में विस्तार से चर्चा की। गौरतलब है कि फेस्टिवल का आयोजन तारामणि फाउंडेशन द्वारा जेकेके के सहयोग से किया गया था।

'वर्तमान समय में शास्त्रीय रंगमंच का महत्व' विषय चर्चा
कलासंबंधी टॉक शो के तहत 'वर्तमान समय में शास्त्रीय रंगमंच का महत्व' विषय पर वार्ता का आयोजन किया गया। टॉक शो के दौरान कवि कालिदास द्वारा लिखित प्रसिद्ध नाटक 'अभिज्ञान शाकुंतलम' की निर्देशक पद्मश्री विदुषी रीटा गांगुली ने चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन के अनुभव, नाटक 'अभिज्ञान शाकुंतलम', भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से मुलाकात का किस्सा, नाटक में स्थायी भाव और रस की उत्पत्ति आदि विषयों पर उन्होंने प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि परफॉर्मिंग आर्ट द्वारा आप समाज की समस्याओं को सामने ला सकते हैं लेकिन उनका उद्धार नहीं कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि एक कलाकार को पात्र के रंग में ढालने के लिए, खुद को रिक्त रखना चाहिए।रीटा गांगुली ने कहा कि नाट्यशास्त्र को समझने के लिए बौद्धिकता का स्तर अलग है। इसके अलावा उन्होंने नाट्यशास्त्र के स्थायी भावों जैसे कि रति, हास्य, क्रोध, उत्साह आदि के बारे में और रस उत्पत्ति के बारे में विस्तार से बताया।
'अगरबत्ती' और 'ऊंचाई' नाटक पर हुई चर्चा
इसके बाद टॉक शो के अंतर्गत दूसरा सत्र आयोजित किया गया जिसमें नाटक 'अगरबत्ती' की निर्देशक स्वाति दुबे और लेखक आशीष पाठक ने अपने नाटक के बारे में चर्चा की। उनके साथ नाटक 'ऊंचाई' के बहरूल इस्लाम भी शामिल रहे, जिन्होंने अपने नाटक की स्टोरी और कॉन्सेप्ट पर प्रकाश डाला। नाटक 'अगरबत्ती' के लेखक आशीष पाठक ने कहा कि फिल्म 'बैंडिट क्वीन' देखने के बाद इस नाटक का विचार आया। उन्होंने कहा फूलन देवी के यथार्थ ने मुझे प्रभावित किया। जिसके बाद मैंने इस कहानी को अपनी कल्पना के माध्यम से सामने लाया। कल्पना होना कला की महत्वपूर्ण शर्त है। वहीं नाटक की निर्देशक स्वाति दुबे ने कहा कि हमेशा से ही मुझे औरतों के मुद्दों ने प्रभावित किया है। मैंने शुरूआत से अपने आस पास जातिवाद, महिलाओं के दमन, और उनसे जुड़े मुद्दों को बड़े करीब से देखा है।उन्हीं मुद्दों को मैं सामने लाने का प्रयास करती हूं। इसके अलावा नाटक 'ऊंचाई' के निर्देशक बहरूल इस्लाम ने कहा कि मैं नाटक की स्टोरी और कॉन्सेप्ट पर काम करता हूं। समकालीन दुनिया के संदर्भ में व्यंग्य और स्वयं की अवधारणा की खोज करने का यह उनका पहला प्रयास है। दोनों सेशंस का संचालन तारामणि फाउंडेशन के नरेंद्र अरोड़ा ने किया।
बहरूल इस्लाम द्वारा नाटक 'ऊंचाई'
जेकेके के कृष्णायन में प्रसिद्ध फिल्म और थिएटर अभिनेता, बहरुल इस्लाम द्वारा नाटक 'ऊंचाई' का प्रदर्शन किया गया। बहरुल इस्लाम ने नाटक का निर्देशन किया है और इस 7 सदस्यीय कलाकारों में अभिनय भी किया। कहानी एक मिथ्याचारी व्यक्ति के बारे में थी जिसने हेरोस्ट्रेटस के मार्ग का अनुसरण करने और एक बुरे काम के माध्यम से छह अलग-अलग लोगों (उसकी रिवॉल्वर में प्रत्येक गोली एक के लिए ) को मारकर इतिहास बनाने का संकल्प लिया। जब वह अपनी रिवॉल्वर को अपनी जेब में सड़कों पर निकलता है, तो उसे प्राप्त होने वाली शक्ति की भावना से उसे प्रसन्नता होती है। लेकिन उसने अब रिवॉल्वर से नहीं, बल्कि खुद से आश्वासन मिला कि वह रिवॉल्वर, टारपीडो या बम की तरह बन गया।नाटक ने दर्शकों को एक अंतर्दृष्टिपूर्ण विवरण दिया कि कैसे एक व्यक्ति की प्रकृति उसके पास होने वाली वस्तुओं के साथ बदलती है, जैसा कि निष्कर्ष में देखा गया कि वस्तु स्वयं आंतरिक व्यक्ति को बदलने में असमर्थ है। नाटक के कलाकारों में शामिल थे - भगीरथी बाई, बहरुल इस्लाम, मौसमी तालुकदार, प्रशांत कालिता और जीत बरुआ। कहानी जीन पॉल सार्त्रे द्वारा लिखी गई थी। लाइट डिजाइन दिबोश ज्योति बोरुआ द्वारा किया गया था, सेट देबोजीत बोरठाकुर और संगीत ओम प्रतिम गोगोई द्वारा प्रदान किया गया था।

ऐडटेक स्टार्ट-अप सफलता ने वीरेन्द्र सहवाग को बनाया अपना गुडविल अम्बेसडर

नई दिल्ली, 29 अप्रैल, 2022ः शिक्षा को सुलभ बनाने और युवाओं के लिए रोज़गार की खामियों को दूर करने के प्रयासों को जारी रखते हुए ऐडटेक प्लेटफॉर्म सफलता ने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज वीरेन्द्र सहवाग के साथ हाथ मिलाया है। सहवाग सफलता के गुडविल अम्बेसडर के रूप में इस प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ गए हैं, जो प्लेटफॉर्म पर पढ़ाने के तरीकों की गुणवत्ता तथा आम भारतीयों को किफ़ायती शिक्षा उपलब्ध कराने के इसके मिशन का संदेश देंगे। 

एक छोटे से वीडियो क्लिप मंे सहवाग, सफलता के स्किल प्रोग्राम्स का प्रोमोशन करते नज़र आएंगे, जिसमें वे आम भारतीयों को संदेश दे रहे हैं ‘‘अब सफलता दिलाएगा आपको आपकी पहली नौकरी, देर ना करें जल्दी ज्वॉइन करें सफलता के स्किल प्रोग्राम्स।’’ भारत के पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज, जिन्हें अपनी उग्र बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है, वे स्कूलों की एक चेन के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र के उद्यमी बन चुके हैं और अक्सर उन्हें किफ़ायती एवं सुलभ शिक्षा के बारे में बातचीत करते हुए देखा जाता है।

क्लिप का लिंकः  Virendra Sehwag on Safalta Skills

अर्द्ध शहरी एवं ग्रामीण भारत को अपनी सेवाएं उपलब्ध कराने वाला ब्राण्ड सफलता, डिजिटल इनोवेशन्स तथा सामाजिक-आर्थिक सिस्टम के बीच तालमेल बनाता है। यह छात्रों को ‘किस्मत बदल देने वाली शिक्षा’ उपलब्ध कराकर सुलभ, किफ़ायती एवं जवाबदेह शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने में मदद करता है। अपने बहु-आयामी दृष्टिकोण क तहत सफलता सॉफ्ट स्किल्स, कक्षा 9-12, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी परीक्षाओं तथा व्यवसायिक पाठ्यक्रमों एवं अपस्किलिंग पर ध्यान केन्द्रित करता है।

इस मौके पर बात करते हुए हिमांशु गौतम, सीईओ एवं सह-संस्थापक, सफलता ने कहा, ‘‘हम ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी छात्रों को किफ़ायती एवं उच्च गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हैं, क्योंकि इन क्षेत्रों में ऐसे ढेरों संसाधन और कौशल मौजूद हैं जिनका सही उपयोग किया जा सकता है। हम विभिन्न आयुवर्गों के छात्रों को अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं। हम छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी सरकारी परीक्षाओं जैसे एनडीए, बैंकिंग एवं टीचिंग आदि के लिए तैयार करते हैं।’’ 

हम अपने सफलता स्किल वर्टिकल के माध्यम से छात्रों को नए अवसर उपलब्ध कराते हैं। हमारे कोर्सेज़ उन्हें उद्योग जगत की ज़रूरत के अनुसार नौकरियों के लिए तैयार करते हैं। हम छात्रों को उनकी पहली कॉलर जॉब पाने में मदद करते हैं। 

हम अर्द्ध-शहरी एवं ग्रामीण भारत के युवाओं की मदद के लिए प्रयासरत हैं, जो शिक्षा और रोज़गार पाकर अपनी किस्मत से लड़ना चाहते हैं, अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। अक्सर इन युवाओं के पास आत्मविश्वास एवं सही मार्गदर्शन की कमी होती है, और सफलता उनकी इसी ज़रूरत को पूरा करता है। हम हर व्यक्ति तक पहुंचने के लिए ऐडटेक में नए बदलाव ला रहे हैं।

वीरेन्द्र सहवाग ने ऐडटेक स्टार्ट-अप के बारे मेें बात करते हुए कहा, ‘‘एक शिक्षक होने के नाते मैं गुण्वत्तापूर्ण अध्यापकों का महत्व समझता हूं, मेरा मानना है कि आम लोगों के लिए शिक्षा को सुलभ बनाना बहुत ज़रूरी है। मैं सफलता और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना करता हूं, जो गुणवत्ता के साथ समझौता किए बिना छात्रों को आधुनिक कोर्सेज़ उपलब्ध कराते हैं। सफलता टीम को बहुत-बहुत बधाई जो छात्रों को नौकरियों के तैयार कर सफलता हासिल करने में मदद कर रही है।’’

कम बैण्डविड्थ के चलते भारत में ऑनलाईन शिक्षा में कई तरह की मुश्किलें आती हैं। अर्द्ध-शहरी एवं ग्रामीण युवाओं को अपने करियर में अनिश्चितता के दौर से गुज़रना पड़ता है। ज़्यादातर मामलों में उन्हें उचित संसाधन नहीं मिल पाते और सफलता इन्हीं खामियों को दूर करता है। सफलता के ज़्यादातर कोर्सेज़ कम बैण्डविड्थ पर भी देखे जा सकते हैं और इनमें डाउनलोड किए जाने वाले मटीरियल का लाईफटाईम एक्सेस दिया जाता है। छात्रों की सुविधा को देखते हुए उनकी कक्षाएं हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में होती हैं, इसके अलावा वे छात्रों को नौकरी की तैयारी के लिए करियर काउन्सलिंग भी देते हैं। 


आईसीआईसीआई बैंक ने एमएसएमई के लिए भारत का पहला कॉम्प्रिहेंसिव, ओपन-फॉर-ऑल डिजिटल इकोसिस्टम लॉन्च किया

मुंबई, 29 अप्रैल 2022 - आईसीआईसीआई बैंक ने आज घोषणा की कि उसने अन्य बैंकों के ग्राहकों सहित देश में सभी माइक्रो, स्मॉल और मीडियम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए भारत का पहला व्यापक डिजिटल इकोसिस्टम लॉन्च किया है। इकोसिस्टम के तीन प्रमुख स्तंभ हैं- ए) मौजूदा ग्राहकों के लिए बढ़ी हुई बैंकिंग सेवाएं, बी) ऐसे एमएसएमई के लिए बैंकिंग सेवाओं का एक गुलदस्ता, जो अन्य बैंकों के ग्राहक हैं, सी) सभी के लिए मूल्य वर्धित सेवाओं की एक पूरी रेंज। इंडस्ट्री के सबसे पहले सॉल्यूशंस प्रदान करने वाले इस इकोसिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें दूसरे बैंकों के ग्राहकों को भी सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जबकि आम तौर पर बैंक केवल अपने ग्राहकों को ही सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।

बैंक के ऐप ‘इंस्टाबिज़’ के नए संस्करण को डाउनलोड करते हुए कोई भी व्यक्ति आईसीआईसीआई बैंक के डिजिटल समाधानों का लाभ उठा सकता है। व्यवसायों के लिए एक सुपर ऐप ‘इंस्टाबिज़’ को गूगल प्लेस्टोर या एपल ऐप स्टोर अथवा बैंक के कॉर्पाेरेट इंटरनेट बैंकिंग (सीआईबी) प्लेटफॉर्म से डाउनलोड किया जा सकता है।

कॉम्प्रिहेंसिव, ओपन-फॉर-ऑल डिजिटल इकोसिस्टम की लॉन्चिंग के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए आईसीआईसीआई बैंक के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अनूप बागची ने कहा, ‘‘आईसीआईसीआई बैंक में हम हमेशा मानते हैं कि एमएसएमई सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मेरूदंड के समान महत्वपूर्ण हैं। एमएसएमई के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ाना और उनके विकास में भागीदार बनना हमारी फिलॉस्फी भी रही है।

हमें अपने शोध से पता चला है कि एमएसएमई टैक्नोलॉजी से होने वाले लाभों को समझते हैं। वे अपने व्यवसाय करने के तरीके को सरल बनाने के लिए डिजिटल समाधान अपनाने के इच्छुक हैं, ताकि वे विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकें। एमएसएमई को भी एक ऐसे प्लेटफॉर्म की आवश्यकता है जो उनकी सभी आवश्यकताओं को पूरा करता हो। इसके अलावा, हम मानते हैं कि हमारे उत्पादों और सेवाओं का लाभ केवल हमारे ग्राहकों तक ही सीमित नहीं होना चाहिए; जो दूसरों के साथ बैंकिंग करते हैं, उनके पास भी उन्हें अनुभव करने का विकल्प होना चाहिए।

इसी विजन के आधार पर, हमने लगभग छह करोड़ एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए मूल्य वर्धित पेशकशों के साथ बैंकिंग सेवाओं को जोड़ते हुए एक व्यापक डिजिटल सिस्टम लॉन्च किया है। हमें विश्वास है कि एमएसएमई के लिए ये समाधान उनकी कार्यदक्षता में सुधार करेंगे और उनके व्यवसाय को बढ़ावा देने में सहायक साबित होंगे।

ऐसे एमएसएमई, जो अन्य बैंकों के ग्राहक हैं, वे इंस्टाबिज के नए संस्करण में ‘गेस्ट’ के रूप में लॉग इन करके बैंक के डिजिटल इकोसिस्टम से अनेक सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इन सेवाओं की सूची में सबसे महत्वपूर्ण है 25 लाख रुपए तक की तत्काल और कागज रहित ओवरड्राफ्ट सुविधा की मंजूरी। ‘इंस्टाओडी प्लस’ नामक यह ऑफर इंडस्ट्री में पहला है, जिसके तहत किसी भी बैंक के ग्राहक इंस्टाबिज या सीआईबी के नए संस्करण पर कुछ ही क्लिक के माध्यम से तुरंत ओवरड्राफ्ट प्राप्त कर सकते हैं। आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहक अपने चालू खाते में ओडी को तुरंत सक्रिय कर सकते हैं जबकि अन्य बैंकों के ग्राहक वीडियो केवाईसी के माध्यम से डिजिटल रूप से बैंक के साथ चालू खाता खोलने के बाद ऐसा कर सकते हैं।

एक अन्य महत्वपूर्ण सुविधा डिजिटल रूप से एक चालू खाता खोलने से संबंधित है। एंड-टू-एंड पेपरलेस प्रक्रिया बैंक के उन्नत एपीआई का लाभ उठाती है जो खाता खोलने के फॉर्म को स्वतः भरते हैं और तुरंत पैन/आधार संख्या को मान्य करते हैं और वीडियो केवाईसी के माध्यम से खाता खोलने की प्रक्रिया को पूरा करते हैं।

इसके अतिरिक्त, एमएसएमई के विकास और उनकी दक्षता में और तेजी लाने के लिए, इंस्टाबिज अब एमएसएमई (बैंक के ग्राहकों और गैर-ग्राहकों दोनों) के लिए मूल्य वर्धित सेवाओं की एक श्रृंखला प्रदान करता है। अपनी विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कई विशेषज्ञों के साथ समन्वय करने के लिए एमएसएमई की जरूरत को समाप्त करने के लिए आईसीआईसीआई बैंक ने विभिन्न भागीदारों के साथ करार किया है। इन साझेदारों में इंडिया फाइलिंग (बिजनेस कंप्लायंस और रजिस्ट्रेशन के लिए), इंडियामार्ट (बिजनेस की लिस्टिंग), एयरटेल (कनेक्टिविटी और बिजनेस कम्युनिकेशन), क्लियरटैक्स (टैक्स फाइलिंग और एडवाइजरी), जोहो बुक्स (अकाउंटिंग सॉल्यूशंस), ग्लोबल लिंकर (बिजनेस नेटवर्किंग और डिजिटल), शर्लाक डॉट एआई (डिजिटल मार्केटिंग और डेटा एनालिटिक्स) शामिल हैं। एमएसएमई अपने प्लेटफॉर्म पर तत्काल ऑनबोर्डिंग के साथ इन विशेषज्ञों की विशेष सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।

इसके अलावा, बैंक के ग्राहक और गैर-ग्राहक दोनों तरह के एमएसएमई व्यापक व्यापार सेवाओं जैसे लेटर ऑफ क्रेडिट, बैंक गारंटी, ट्रेड क्रेडिट, ट्रेड ट्रांजैक्शन और कई अन्य के लिए बैंक के डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘ट्रेड इमर्ज’ का उपयोग कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त इंस्टाबिज के माध्यम से, व्यापारी, खुदरा विक्रेता और पेशेवर जैसे डॉक्टर और वकील आदि यूपीआई और कार्ड के माध्यम से तुरंत भुगतान स्वीकार कर सकते हैं। वे क्यूआर कोड जेनरेट कर सकते हैं और प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) डिवाइस के लिए डिजिटल रूप से आवेदन भी कर सकते हैं। वे मूल्य वर्धित सेवाओं का भी लाभ उठा सकते हैं जैसे भुगतानों का तत्काल निपटान, अपनी दुकानों को केवल 30 मिनट में ऑनलाइन स्टोर में बदलना, और वॉयस-मैसेजिंग डिवाइस के लिए आवेदन करना जो भुगतान की प्राप्ति की पुष्टि करता है।

डिजिटल इकोसिस्टम बैंक के मौजूदा ग्राहकों को उन्नत सेवाएं प्रदान करता है। वे अब व्यापार और विदेशी मुद्रा लेनदेन से संबंधित अपनी आवश्यकता के लिए बैंक के ट्रेड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सहज ऑनबोर्डिंग का अनुभव कर सकते हैं। वे आसानी से और डिजिटल रूप से जीएसटी का भुगतान भी कर सकते हैं और पीओएस डिवाइस के लिए आवेदन कर सकते हैं। मजबूत तकनीक और एम्बेडेड एनालिटिक्स से लैस, इंस्टाबिज ऐप का नया संस्करण ग्राहक के प्रोफाइल के आधार पर कई तरह के रिमाइंडर देता है। उदाहरण के लिए, जीएसटी का भुगतान करने की प्रवृत्ति वाले ग्राहक को भुगतान की अंतिम तिथि से पहले जीएसटी भुगतान के लिए संकेत मिलेगा; एक निर्यातक/आयातक को ट्रेड ऑनलाइन को सक्रिय करने का अनुरोध करने वाला एक रिमाइंडर मिलेगा, और एक व्यापारी को पीओएस डिवाइस को डिजिटल रूप से लागू करने के लिए एक पॉप-अप मिलेगा।

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने 31 मार्च, 2022 को समाप्त वर्ष के लिए ₹25,457 करोड़ का न्यू बिजनेस प्रीमियम दर्ज किया

देश में अग्रणी जीवन बीमा कंपनियों में से एक एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने 31 मार्च, 2022 को समाप्त वर्ष के लिए ₹25,457 करोड़ का न्यू बिजनेस प्रीमियम दर्ज किया, जबकि 31 मार्च, 2021 को समाप्त वर्ष के दौरान यह राशि ₹20,624 करोड़ थी। 31 मार्च, 2021 को समाप्त हुए वर्ष की तुलना में नियमित प्रीमियम में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

सुरक्षा पर एक स्पष्ट ध्यान केंद्रित करते हुए, एसबीआई लाइफ का प्रोटेक्शन न्यू बिजनेस प्रीमियम 31 मार्च, 2022 को समाप्त वर्ष के लिए 24 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹3,052 करोड़ रहा। प्रोटेक्शन इंडिविजुअल न्यू बिजनेस प्रीमियम मंे भी 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और 31 मार्च, 2022 को समाप्त वर्ष के लिए यह ₹938 करोड़ रुपए रहा। इंडिविजुअल न्यू बिजनेस प्रीमियम ₹16,500 करोड़ रुपये है, जिसमें 31 मार्च, 2021 को समाप्त वर्ष की तुलना में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।  

31 मार्च, 2022 को समाप्त वर्ष के लिए एसबीआई लाइफ का कर पश्चात लाभ ₹1,506 करोड़ रहा।

कंपनी का सॉल्वेंसी अनुपात 1.50 की नियामक आवश्यकता के मुकाबले 31 मार्च, 2022 को 2.05 पर मजबूत बना हुआ है।

एसबीआई लाइफ का एयूएम भी 31 मार्च, 2022 को 21 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹2,67,409 करोड़ रहा, जो 31 मार्च, 2021 को ₹2,20,871 करोड़ था, जिसमें 71-29 का ऋण-इक्विटी मिश्रण था। 96 प्रतिशत से अधिक ऋण निवेश एएए और सॉवरेन उपकरणों में है।  

कंपनी के पास 2,05,717 प्रशिक्षित बीमा पेशेवरों का एक विविध वितरण नेटवर्क है और देश भर में 952 कार्यालयों के साथ कंपनी की व्यापक मौजूदगी है, जिसमें मजबूत बैंकएश्योरेंस चैनल, एजेंसी चैनल और अन्य शामिल हैं जिनमें कॉर्पाेरेट एजेंट, दलाल, माइक्रो एजेंट, सामान्य सेवा केंद्र, इंश्योरेंस मार्केटिंग फर्म, वेब एग्रीगेटर और प्रत्यक्ष व्यवसाय शामिल हैं।

31 मार्च 2022 को समाप्त वर्ष के लिए प्रदर्शन--

  • वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (वीओएनबी) में 39 प्रतिशत की वृद्धि, ₹3,704 करोड़ पर।
  • वीओएनबी मार्जिन 270 बीपीएस बढ़कर 25.9 प्रतिशत हो गया।
  • एंबेडेड वैल्यू पर ऑपरेटिंग रिटर्न 20.6 प्रतिशत है।
  • 23.4 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ 12,872 करोड़ रुपए के इंडिविजुअल रेटेड प्रीमियम (आईआरपी) में प्राइवेट मार्केट लीडरशिप।
  • इंडिविजुअल न्यू बिजनेस प्रीमियम में 32 प्रतिशत से ₹16,500 करोड़ की मजबूत वृद्धि।
  • प्रोटेक्शन न्यू बिजनेस प्रीमियम में 24 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि से ₹3,052 करोड़।
  • इंडिविजुअल न्यू बिजनेस सम अश्योर्ड में 16 प्रतिशत की वृद्धि
  • 13वें महीने का निरंतरता अनुपात 85.18 फीसदी है।
  • प्रबंधन के तहत संपत्ति (एयूएम) 21 प्रतिशत बढ़कर ₹ 2,67,409 करोड़ हो गई।
  • 2.05 के मजबूत सॉल्वेंसी अनुपात के साथ ₹ 2.0 प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश।

Thursday, April 28, 2022

'अभिज्ञान शाकुंतलम' का मंचन रहा मुख्य आकर्षण


जयपुर।
 जवाहर कला केन्द्र (जेकेके) एवं तारामणि फाउंडेशन, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में परिकल्पित और निर्देशित 5 दिवसीय ’जयपुर थिएटर फेस्ट’ के चौथे दिन, गुरूवार को जेकेके के कृष्णयान में समागम रंगमंडल, जबलपुर द्वारा नाटक 'अगरबत्ती' प्रस्तुत किया गया। इसके बाद रंगायन में फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण कवि कालिदास द्वारा लिखित नाटक 'अभिज्ञान शाकुंतलम' का मंचन हुआ। पद्मश्री विदुषी रीटा गांगुली द्वारा निर्देशित इस नाटक ने शास्त्रीय रंगमंच को अपने उच्चतम रूप में प्रदर्शित किया। गौरतलब है कि यह थिएटर फेस्टीवल का पहला संस्करण है, जिसका 29 अप्रेल, शुक्रवार को समापन होगा।

स्वाति दुबे द्वारा नाटक 'अगरबत्ती'
जेकेके के कृष्णायन में स्वाति दुबे द्वारा निर्देशित नाटक 'अगरबत्ती' का मंचन समागम रंगमंडल, जबलपुर द्वारा किया गया। आशीष पाठक द्वारा लिखित नाटक को महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स (मेटा) में चार पुरस्कार मिले हैं। नाटक की कहानी कुछ यूं शुरू हुई कि 'बेहमई' में मारे गए ठाकुरों की विधवाओं के पुनर्वास के लिए सरकार एक अगरबत्ती का कारखाना खोलती है। चंबल की जेल में बंद 'बैंडिट क्वीन' के मरने तक, लाला राम ठकुराइन अपने पति की अस्थियों का विसर्जन नहीं करने का फैसला लेती है और कल्ली की मदद से सभी को संगठित करती है। दमयंती ने एक बहस शुरू की कि क्यों मारे गए सभी लोग केवल पुरुष थे, महिलाएं नहीं। इस दौरान घटनाओं, तर्कों, विघात और थोपने वाले भ्रम की श्रृंखला ने उन्हें दुर्लभ सत्य तक पहुँचाया कि एक अपराधी का कार्य अप्रत्यक्ष रूप से बिना इसमें भागीदारी के अपराध का कारण बनता है। लाला राम ठकुराइन बहस में अपना पक्ष रखती है, और अंत में अपने बचपन की पुरानी यादों को याद करते हुए, केवल वह एक महिला रह जाती है। अन्य आठ महिलाओं के साथ मिलकर उसने अपने पति की राख को अगरबत्ती की सामग्री में मिलाया। प्रकृति के न्याय की तरह, 'बेहमई' की राख अगरबत्ती में मिश्रित थी। जो बची वे सभी नौ महिलाएं थीं। जाति, वर्ग और लिंग से मुक्त होकर जलती हुई महिलाएं और अगरबत्ती। ध्वनि का संचालन आदित्य रूसिया और शिवम बावरिया ने किया था।
पद्मश्री विदुषी रीटा गांगुली द्वारा 'अभिज्ञान शाकुंतलम' का मंचन
जेकेके के रंगायन में फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण कवि कालिदास द्वारा लिखित नाटक 'अभिज्ञान शाकुंतलम' का मंचन हुआ। यह नाटक राजा दुष्यंत के बारे में था जो घने जंगल में शिकार करते हुए एक आश्रम में शकुंतला से मिलते हैं और उसके प्यार को जीतने की कोशिश करते हैं। वे अपने राज्य लौट आते हैं और युवती को उसका अनुसरण करने के लिए कहते हैं। अपने ख्यालों में खोई प्रेम में डूबी लड़की से ऋषि दुर्वासा के प्रति आतिथ्य के कर्तव्यों की उपेक्षा हो जाती है। जब वे आश्रम आते हैं, तो उसे श्राप देते हैं कि जिस आदमी के ख्यालों में वह खो गई थी, वह अब उसे भूल जाएगा। बाद में, जब शकुंतला दुष्यंत के दरबार में पहुंचती है तो वहां उसका मजाक उड़ाया जाता है और पूरे मामले व उसकी गर्भावस्था को लेकर उसका अपमान किया जाता है। नाटककार ऋषि दुर्वासा के श्राप से निर्दोष युवती शकुंतला के प्रति दुष्यंत के रवैये का औचित्य सिद्ध करना चाहता था।
शुक्रवार, 29 अप्रेल के कार्यक्रम
29 अप्रैल को फेस्टिवल के समापन पर प्रसिद्ध फिल्म और थिएटर अभिनेता बहरुल इस्लाम द्वारा नाटक 'ऊंचाई' का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने नाटक का निर्देशन भी किया है और वे 7 कलाकारों के साथ इसमें अभिनय भी करेंगे। समकालीन दुनिया के संदर्भ में व्यंग्य और स्वयं की अवधारणा की खोज करने का यह उनका पहला प्रयास है। नाटक के लिए प्रवेश टिकट द्वारा है।
कलासंबंधी टॉक शो के तहत कृष्णयान में सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक 'वर्तमान समय में शास्त्रीय रंगमंच का महत्व' विषय पर पद्मश्री विदुषी रीटा गांगुली चर्चा करेंगी। वहीं  दोपहर 12.05 से 1 बजे तक 'अगरबत्ती' और 'ऊंचाई' नाटक के कलाकारों द्वारा चर्चा का आयोजन होगा।

"आईआईएम उदयपुर ने अपने 10वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में 392 छात्रों को एमबीए की डिग्री प्रदान की"

28 अप्रैल, 2022; उदयपुर: उत्कृष्टता के एक दशक का जश्न मनाते हुए, भारतीय प्रबंधन संस्थान उदयपुर ने अपने प्रमुख दो वर्षीय एमबीए (बैच 2020-22), एक वर्षीय एमबीए ग्लोबल सप्लाई चैन मैनेजमेंट और डिजिटल एंटरप्राइज मैनेजमेंट (बैच 2021-22) और पीएचडी की डिग्री प्रदान करने हेतु अपने 10वें वार्षिक दीक्षांत समारोह की मेजबानी अपने प्राचीन 300 एकड़ के परिसर बलिचा उदयपुर में की। आईआईएम उदयपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष श्री पंकज पटेल ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। दीक्षांत भाषण आईटीसी लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री संजीव पुरी द्वारा दिया गया, जो दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि थे और समापन भाषण आईआईएम उदयपुर के निदेशक प्रो जनत शाह द्वारा किया गया। दीक्षांत समारोह में आईआईएम उदयपुर के शिक्षकों और कर्मचारियों के अलावा स्नातक बैचों के माता-पिता और रिश्तेदार शामिल थे।

10वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में एक पीएच.डी. सहित कुल 392 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गयी। दो वर्षीय एमबीए (बैच 2020-22) के 317 छात्र और एक वर्षीय एमबीए जीएससीएम और एक वर्षीय एमबीए डीईएम, (बैच 2021-22) के 74 छात्रों ने स्नातक डिग्री हासिल की।
एक दशक की यात्रा पूरी करने पर सभी छात्रों और संस्थान को बधाई देते हुए, आईटीसी लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री संजीव पुरी ने छात्रों के साथ अपने जीवन के अनुभव और उद्योग के दृष्टिकोण को साझा किया और कहा, "दुनिया एक अभूतपूर्व परिमाण में बदल रही है। डिजिटल और स्थिरता अगले दशक के लिए परिभाषित रुझान हैं। यह एक नए युग की शुरुआत है जहां सामर्थ्य और विश्वसनीयता भू-राजनीतिक पारिस्थितिकी तंत्र की गतिशीलता है। 1990 के दशक में, जब भारतीय अर्थव्यवस्था खुल रही थी, एक बड़ा परिवर्तन हुआ था। तब यह सोचा गया था कि आने वाली पीढ़ियां इन परिवर्तनों को कभी नहीं देख पाएंगी। आज, यह और भी नाटकीय और अत्यधिक प्रबल है। इसने लोगों में बदलाव की इच्छा पैदा की, उन्हें नए सामान्य के अनुकूल बनाने के लिए सशक्त और कुशल बनाया है।"

संजय पुरी ने कई व्यावसायिक नेतृत्व पदों पर कार्य किया और निर्माण, संचालन और सूचना और डिजिटल प्रौद्योगिकी में कई जिम्मेदारियों को संभाला है। उन्होंने आज के कारोबार की दुनिया में डिजिटल और स्थिरता के पूर्ण महत्व को समझाने के लिए अपने तीन दशकों से अधिक के करियर और आईटीसी समूह से व्यावहारिक उदाहरणों को साझा किया। उन्होंने आगे कहा, "सफलता 99% कड़ी मेहनत और 1% बुद्धि से प्राप्त होती है। दृढ़ता, ऊर्जा, और सीखने की क्षमता आपको रणनीतिक रूप से विकसित होने में मदद करते हैं। चुनौती और अवसर, भविष्य की ओर अग्रसर, ऊर्जा और सहयोग, और जोश के साथ अपनी पसंद का चुनाव करना, आपके जीवन की यात्रा को सफल बनाने के महत्वपूर्ण सबक हैं।"

अपने स्वागत भाषण में, श्री पंकज पटेल, अध्यक्ष, ने कहा, "कोविड-19 ने पिछले दो वर्षों में हमें हमारे जीवन के हर क्षेत्र में कुछ अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना करवाया है। हमारे छात्रों की कहानी कुछ अलग नहीं थी। परन्तु उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें अपने लक्ष्य को हासिल करने दिया है। संस्थान के दसवें दीक्षांत समारोह में आप सभी को आपकी डिग्री के लिए बधाई देते हुए मुझे बहुत गर्व हो रहा है। हमने केवल 57 छात्रों की संख्या के साथ शुरुआत की थी, और अब, इन वर्षों में, हमारे पाठ्यक्रमों में 700 से अधिक छात्र हैं। आईआईएमयू ने हाल ही में अपनी दशक की सालगिरह मनाई है, और टैगलाइन "10 इयर्स अनस्टॉपेबल" आईआईएमयू की अग्रणी भावना को पकड़ते हैं और साथ ही हमें 2030 के हमारे विजन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। हम लगातार तीसरे वर्ष अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग, एफटी और क्यूएस एमआईएम रैंकिंग में सूचीबद्ध होने की अपनी उपलब्धियों से भी विशिष्ट हैं।

आईआईएमयू की उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए, श्री पटेल ने आगे कहा, "यह वर्ष विशेष है क्योंकि सभी पाठ्यक्रमों ने दीक्षांत समारोह से एक महीने पहले 100% प्लेसमेंट हासिल किया है। अभिनव दृष्टिकोण, उपलब्धियों और वैश्विक दृष्टि को ध्यान में रखते हुए, आईआईएमयू ने एक फंड रेज़िंग यूनिट स्थापित किया है, जिसे पिछले कुछ महीनों में लगभग 2.1 करोड़ का फंड मिल चुका है। हमने संस्थान में एक संस्कृति अध्ययन भी किया, जिसने आईआईएमयू में कॉलेजियलिटी और एक्सेसिबिलिटी के मूल्यों को सामने लाने का परिश्रम किया है।"

अपने समापन भाषण में, आईआईएम उदयपुर के निदेशक, प्रो. जनत शाह ने कहा, "यह एक महत्वपूर्ण अवसर है क्योंकि हम संस्थान के दसवें बैच के दीक्षांत समारोह का जश्न मना रहे हैं। यह आईआईएमयू समुदाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय वर्ष रहा है। 2020 और 2022 स्नातक बैचों ने कई परिवर्तनों का अनुभव किया, जिन्हें असाधारण भी माना जा सकता है। यह पहला बैच हैं जिसने अपनी एमबीए पढ़ाई ऑनलाइन शुरू की वैश्विक महामारी के चलते। इन बैचों ने अपने शिक्षकों और बैचमेट्स का समर्थन किया और बड़े तनाव में भी अपना समर्पण दिखाया। यह स्नातक बैच हमारे लिए विशेष रहेगा क्योंकि अपने परिवर्तनकारी अनुभव से समझौता किए बिना इस कठिन समय का प्रबंधन करने में हमारी मदद की। हमें पहले से ही आपकी आगामी उपलब्धियों पर गर्व है और उन अनूठे रास्तों की आशा करते है जिस पर चलते रहने से आपको, समाज और मानव जाति को लाभ होगा।"

आरती श्रीवास्तव को मार्केटिंग में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि से सम्मानित किया गया। एक वर्षीय एमबीए - ग्लोबल सप्लाई चैन मैनेजमेंट (जीएससीएम) पाठ्यक्रम में शैक्षिक प्रदर्शन के लिए अजीश कुमार बीके को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। एक वर्षीय एमबीए डिजिटल एंटरप्राइज मैनेजमेंट (डीईएम) कोर्स में तत्ता मोहन कृष्णा को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। पल्लवी गोयल, शिवम कुमार और कुसुमित गोयल को संयुक्त रूप से दो वर्षीय एमबीए कोर्स में शैक्षिक प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। दो वर्षीय एमबीए (बैच 2020-22) कोर्स की दीक्षा को बेस्ट ऑल-राउंड स्टूडेंट चुना गया।

आईआईएम उदयपुर ने इससे पहले 22 और 23 अप्रैल को 8वें और 9वें दीक्षांत समारोह के इन-पर्सन प्रतिकृति समारोह के लिए 2020 और 2021 के दो वर्षीय एमबीए, एक वर्षीय एमबीए जीएससीएम और एक वर्षीय एमबीए डीईएम बैचों के छात्रों को आमंत्रित कर विशेष सम्मेलन की मेजबानी की थी, जिसे पिछले साल कोविड महामारी की पृष्ठभूमि में ऑनलाइन आयोजित किया गया था। दोनों दिन सम्मेलन का उद्घाटन आईआईएम उदयपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के संबंधित अध्यक्ष सुश्री मैथिली रमेश और श्री सत्यनारायण बी डांगयाच द्वारा किया गया था। दोनों अध्यक्षों ने स्वागत भाषण से दर्शकों को संबोधित किया और स्नातकों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में आईआईएम उदयपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य श्री हर्षा भोगले और श्री डी. शिवकुमार का स्वागत किया गया। श्री हर्षा भोगले ने अपनी क्रिकेट उपमाओं के साथ अपने विचारों को छात्रों के साथ साझा किया और उन्हें सफलता के 11 मंत्र दिए जो वास्तव में दर्शकों पर एक छाप छोड़ गए। श्री डी. शिवकुमार ने डिजिटल और डिजिटल मैट्रिक्स के बारे में चर्चा कर प्रतिभागियों को प्रबुद्ध किया।

कैशफ्री पेमेंट्स 50% से ज्यादा बाजार हिस्सेदारी के साथ भारत में थोक वितरण के मामले में सबसे आगे बना हुआ है

बेंगलुरू, 28 अप्रैल, 2022: अग्रणी भुगतान और एपीआई बैंकिंग समाधान कंपनी, कैशफ्री पेमेंट्स ने आज घोषणा करते हुए बताया कि वह 50% से अधिक बाजार हिस्सेदारी के साथ देश में भुगतान वितरण में सबसे आगे बनी हुई है। कंपनी का थोक वितरण उत्‍पाद, पेआउट्स वित्त वर्ष 2021 के मुकाबले वित्त वर्ष 2022 में 100% से अधिक बढ़ चुका है। ऑनबोर्डिंग (जुड़ने) में आसानी, सहज एकीकरण, त्वरित टर्नअराउंड (प्रक्रिया में लगने वाला) समय, बेहतर यूजर अनुभव और ग्राहक-केंद्रित समर्थन प्रणाली ने कंपनी को अपने ग्राहकों को वितरण का नेतृत्व करते हुए सेवा करने में मदद की है।

कैशफ्री पेमेंट्स व्यवसायों को कई तरीकों से तुरंत भुगतान करने में मदद करता है, जिसमें बैंक खाते, यूपीआई आईडी, आईएमपीएस, एनईएफटी, पेटीएम, अमेज़न पे, कार्ड और देशी वॉलेट शामिल हैं और यह सुविधा 24X7 औरबैंक की छुट्टियों पर भी उपलब्ध है। सिस्टम नए लाभार्थियों का सत्यापन करता है, उन्हें तुरंत जोड़ता और सक्रिय करता है, जिससे वे हर बार सटीक भुगतान करने में सक्षम होते हैं। यह धोखाधड़ी का पता लगाने और एपीआई स्तर की सुरक्षा जैसी जोखिम निवारण सुविधाओं के साथ अत्यधिक विश्वसनीय, व्यापक और लचीला है। कंपनी की भुगतान सुविधा को कैशग्राम और ग्लोबल पेआउट जैसे उत्पाद नवाचार के माध्यम से व्यवसायों की सभी जरूरतों और मुद्दों को संबोधित करने के लिए तैयार किया गया है।

भारतीय अर्थव्यवस्था जो सुधार और विकास देख रही है, उसके परिणामस्वरूप डिजिटल भुगतान को लेकर जिज्ञासा में काफी बढ़ोतरी हुई है और संपर्क रहित भुगतान अब न्यू नॉर्मल (नई सामान्य स्थिति) होता जा रहा है। वित्त वर्ष 22 में कैशफ्री पेमेंट्स ने ई-कॉमर्स और वित्तीय सेवा क्षेत्रों के व्यापारियों को वितरण में वृद्धि का नेतृत्व करते हुए देखा है।

वर्तमान में कैशफ्री पेमेंट्स प्रति सेकंड 1000 पेआउट की पीक प्रोसेसिंग कर रहा है। कैशफ्री भुगतान वितरण प्लेटफॉर्म हजारों व्यापारियों को लाभार्थियों को एक दिन में 2 मिलियन से अधिक वितरण करने में मदद कर रहा है। एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में वित्त वर्ष 2022 में यूपीआई हैंडल पर भुगतान 562% से अधिक हो गया है, जबकि आईएमपीएस वित्त वर्ष 2021 की तुलना में वित्‍त वर्ष 2022 में 91.3% की दर से लगातार बढ़ा है।

कैशफ्री पेमेंट्स के सीईओ और सह-संस्थापक आकाश सिन्हा ने कहा, "हम मानते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने विकास के एक नए चरण में छलांग लगा दी है, जहां डिजिटल भुगतान को ज्‍यादा से ज्‍यादा अपनाने की मांग की जा रही है। पेआउट्स के माध्यम से हम वेतन, भत्‍ते, रिवार्ड्स और रिफंड समेत अन्य व्यवसायों और उपयोगकर्ताओं की सुविधा के लिए भुगतान के निर्बाध वितरण को सुनिश्चित कर रहे हैं। पेआउट्स सूइट उन व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण है जो विस्तार और विकास करना चाहते हैं क्योंकि यह ग्राहकों की बदलती जरूरतों के लिए व्यापक समाधान प्रदान करता है। हमारे उत्पादों में भुगतान को एकत्र एवं वितरित करने से लेकर वेरिफिकेशन सुइट, सॉफ्‍टपीओएस और बैकिंग एपीआइज तक शामिल हैं जोकि कंपनियों की भुगतान समाधान संबंधी सभी जरूरतों को पूरा करते हैं। कैशफ्री पेमेंट्स का उद्देश्य तकनीक और नवाचार का उपयोग करके महत्वपूर्ण व्यावसायिक समस्याओं को हल करना है। भविष्य के लिए तैयार मानसिकता के साथ, हम सभी हितधारकों के लिए अधिक से अधिक उपलब्धियों, विकास और मूल्य निर्माण के लिए तत्पर हैं।”

हाल ही में, भारत के सबसे बड़े ऋणदाता एसबीआई ने एक मजबूत भुगतान पारितंत्र के निर्माण में कंपनी की भूमिका पर जोर देते हुए कैशफ्री पेमेंट्स में निवेश किया है। कैशफ्री पेमेंट्स सभी प्रमुख बैंकों के साथ मिलकर काम करता है ताकि कंपनी के उत्पादों को शक्ति प्रदान करने वाले मुख्य भुगतान और बैंकिंग बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा सके और यह शॉपिफाई, विक्स, पेपल, अमेज़न पे, पेटीएम और गूगल पे जैसे प्रमुख प्लेटफार्मों के साथ भी एकीकृत किया जा सके। भारत के अलावा, कैशफ्री पेमेंट्स उत्पादों का उपयोग अमेरिका, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात सहित आठ अन्य देशों में किया जाता है।

पीडब्ल्यूसी ने जयपुर में खोला अपना कार्यालय, कुशल स्थानीय प्रतिभाशाली युवाओं की होंगी भर्तियां

नई दिल्ली, 28 अप्रैल, 2022ः राज्य में मौजूद अपार प्रतिभा को उचित अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से पीडब्ल्यूसी इंडिया ने जयपुर, राजस्थान में अपना नया कार्यालय खोलने की घोषणा की है। अपनी विकास रणनीति के तहत अगले 5 सालों में देश भर में 10,000 अतिरिक्त नौकरियां उत्पन्न करने की प्रतिबद्धता के साथ, कंपनी ने यह विस्तार किया है।

संजीव कृष्ण, चेयरमैन, पीडब्ल्यूसी, भारत ने कहा, ‘‘हमारे प्रतिभाशाली युवा अब सिर्फ महानगरों तक ही सीमित नहीं हैं और हम अन्य शहरों में भी कुशल प्रतिभाओँ को उचित अवसर प्रदान करना चाहते हैं। जयपुर की समृद्ध शिक्षा प्रणाली के चलते यहां बड़ी संख्या में सीए, इंजीनियर और मैनेजमेन्ट ग्रेजुएट्स हर साल निकलते हैं। इसके अलावा यह शहर, राज्य में बहुत सी औद्योगिक गतिविधियों का केन्द्र भी है, जो हमें अपने क्लाइन्ट्स के साथ जुड़ने तथा अपनी विकास यात्रा को प्रोत्साहित करने के अवसर प्रदान करता है।’’
संजीव ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा, ‘‘पीडब्ल्यूसी में हम भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर की महत्वाकांक्षा की दिशा में अग्रसर हैं। देश भर में रोज़गार के अनुकूल अवसर उपलब्ध कराना इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा और यह हमारी विकास रणनीति का अभिन्न हिस्सा है। 2006 और 2017 के दौरान पहले स्तर के शहरों एवं महानगरों की तुलना में दूसरे एवं तीसरे स्तर के शहरों में रीटेल इन्फ्रास्ट्रक्चर में पांच गुना निवेश किया गया। ये आंकड़े इन शहरों की मजबूत स्थिति की पुष्टि करते हैं।’’
कारोबार के विकास के लिए राज्य की उभरती प्रणाली पर बात करते हुए संजीव ने कहा कि जयपुर कार्यालय भारत के विकास की कहानी में हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
नया कार्यालय एक प्रत्यास्थ कार्यालय होगा जो क्षेत्र के क्लाइंट्स को अपनी सेवाएं प्रदान करेगा। जयपुर के अलावा फर्म ने भुवनेश्वर में भी विस्तार की योजनाएं बनाई हैं। आने वाले साल में यह नोएडा और ठाणे में भी अपने शाखा कार्यालय खोलेगी। 

फैबइंडिया - भारत का एक ब्रांड जो देशभर के कारीगरों का करता है पोषण और देता है उन्हें आगे बढ़ने के अवसर

फैबइंडिया उपभोक्ताओं की जीवन शैली से जुड़ा एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसकी 62 साल की प्रामाणिक विरासत अधिकृत और सस्टेनेबल भारतीय पारंपरिक जीवन शैली उत्पादों पर केंद्रित है। फैबइंडिया ने लगभग 64 प्रतिशत महिला कारीगरों के साथ 50,000 से अधिक कारीगरों को सशक्त बनाया है जो आज अपने समुदायों में दूसरों को सशक्तिकरण का मार्ग दिखा रहे हैं। कंपनी सस्टेनेबल कृषि पद्धतियों को आगे बढ़ाने के लिए 2,200 से अधिक किसानों और सहयोगियों के माध्यम से 10,300 से अधिक किसानों के साथ भी काम करती है।

फैबइंडिया को हाल ही में ई4एम ‘प्राइड ऑफ इंडिया ब्रांड्स - द बेस्ट ऑफ भारत’ कॉन्फ्रेंस और पुरस्कार 2022 के उद्घाटन संस्करण में ‘बेस्ट ऑफ भारत’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पुरस्कारों का उद्घाटन संस्करण मुंबई में आयोजित किया गया था, जो भारत में, भारत के लिए ब्रांड बनाने वाले उद्यमियों की कामयाबी का जश्न मनाने और उन्हें सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था।

पुरस्कार समारोह में विभिन्न ब्रांड्स को उनके प्रोडक्ट्स, प्रोसेस और मार्केटिंग संबंधी नीतियों में इनोवेशन और एक्सीलैंस के नए स्टैंडर्ड कायम करने के लिए मान्यता दी गई और उनकी सफलता का जश्न मनाया गया।

फैबइंडिया का कारीगर परिवारों के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े रहने और उन्हें संरक्षण देने और उनके विकास के मार्ग में सहायक बनने का एक लंबा और गौरवशाली इतिहास रहा है। 62 वर्षों से अधिक समय से, कंपनी ने पूरे भारत में कारीगर समुदायों के लिए बाजार और निरंतर आजीविका के अवसर निर्मित करने के लिए काम किया है।

2011 में, फैबइंडिया ने उत्तर प्रदेश राज्य के तीन गांवों खुर्रमपुर, शरणपुर और करोंदा में महिलाओं के लिए एक माइक्रो-एंटरप्रिन्यूरियल प्रोजेक्ट शुरू किया। इस दौरान प्रोजेक्ट के एक हिस्से के रूप में, महिला कारीगरों को पारंपरिक शिल्प कौशल का उपयोग करके बेहतर आजीविका कमाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था। इस कार्यक्रम ने 152 महिलाओं के लिए प्रत्यक्ष रूप से और लगभग 760 महिलाओं के लिए अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका का सृजन किया। समय के साथ, कुशल महिला कारीगरों ने बुनाई से लेकर सिलाई और अन्य उत्पादों को विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए और इस तरह अपनी आमदनी का दायरा बढ़ाया।

इस परियोजना की सफलता ने फैबइंडिया को 2016 में कारीगरों के लिए क्राफ्ट क्लस्टर डेवलपमेंट एंड लाइवलीहुड इम्पैक्ट (सीडीएलआई) कार्यक्रम शुरू करने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से कारीगरों की दक्षता को और बढ़ावा देने और उनके लिए आजीविका सृजन के और अधिक प्रयास किए गए। क्लस्टर आम तौर पर एक विशेष गांव में कारीगरों का एक समूह होता है और कभी-कभी इनमें हथकरघा बुनकर सहकारी समितियां भी शामिल होती हैं।

सीडीएलआई कार्यक्रम गुणवत्ता को प्रभावित किए बिना बड़े पैमाने पर उत्पादन करने के लिए कारीगरों के ज्ञान और कौशल आधार को बढ़ाने पर केंद्रित है। आज, सीडीएलआई पूरे उत्तरी भारत में 17 समूहों के साथ काम करता है, जिनमें 345 कारीगर शामिल हैं। इनमें से 80 प्रतिशत महिलाएं हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले दो वर्षों में प्रत्येक क्लस्टर में कम से कम 200 कारीगरों को रोजगार देना है।

ऐसा ही एक उदाहरण प्रहलाद का है, जिसका परिवार जयपुर के पास एक छोटे से गाँव जाघ में तीन से चार प्रिंटिंग टेबल के साथ कपड़े की छपाई का व्यवसाय चलाता था। अपनी मदद के लिए उसने गाँव की दो महिलाओं को भी अपने साथ जोड़ रखा था। आज प्रहलाद के पास 18 टेबल हैं, जिनमें सात से ग्यारह महिलाएं और पांच पुरुष कारीगर हैं जो प्रति माह 12,000 से 15,000 मीटर कपड़े का उत्पादन करते हैं। फैबइंडिया के क्लस्टर डेवलपमेंट एंड लाइवलीहुड इनिशिएटिव (सीडीएलआई) कार्यक्रम की बदौलत प्रहलाद का व्यवसाय कई गुना बढ़ गया है, जिसके कारण अब नए प्रशिक्षित कारीगर भी मिलने लगे हैं, जिससे उन्हें कार्य संचालन का विस्तार करने में मदद मिली।

कुछ अन्य सफलतापूर्वक चलने वाले क्लस्टर उत्पादों में पश्चिम बंगाल और असम की साड़ियां शामिल हैं, जो साड़ियों में विशिष्ट हैं, पूर्वी समूहों में विकसित प्राकृतिक फाइबर उत्पाद, बर्दवान क्लस्टर में विकसित कांथा कुशन कवर शामिल हैं।

सीडीएलआई ने कई कारीगरों को संरक्षण देते हुए उन्हें प्रशिक्षित किया है और वर्षों से नए शिल्प क्षेत्रों की पहचान करते हुए उन्हें अपना सपोर्ट दिया है। इसकी स्थापना के बाद से, चार समूहों को फैबइंडिया की आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत किया गया है, और कई कारीगर अपने स्वयं के क्लस्टर स्थापित करने वाले ‘मास्टर कारीगर’/‘वरिष्ठ कारीगर’ बन गए हैं।

यूनिपार्ट्स इंडिया लिमिटेड ने सेबी के यहाँ डीआरएचपी फाइल की

यूनिपार्ट्स इंडिया लिमिटेड इंजीनियर्ड सिस्टम एवं समाधानों का वैश्विक निर्माता है और 25 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति के कारण कृषि और निर्माण, वानिकी और खनन ("CFM") एवं आफ्टरमार्केट क्षेत्रों में ऑफ - हाईवे बाजार के लिए सिस्टम्स और कल-पुर्जों के अग्रणी आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। हमारे द्वारा कई बड़ी से बड़ी वैश्विक कंपनियों (स्रोत:क्रिसिल रिपोर्ट) को सेवा प्रदान किए जाने के चलते विश्व स्तर पर 3पीएल और पीएमपी उत्पादों के निर्माण में हमारी प्रमुख रूप से उपस्थिति है।

यूनिपार्ट्स इंडिया लिमिटेड ने आईपीओ के लिए सेबी में डीआरएचपी फाइल किया है। कंपनी की योजना आईपीओ के माध्यम से 10 रु. अंकित मूल्य पर प्रवर्तक समूह विक्रेता शेयरधारकों, निवेशक विक्रेता शेयरधारकों और व्यक्तिगत विक्रेता शेयरधारकों द्वारा 15,731,942 इक्विटी शेयर के ऑफर फॉर सेल के जरिए फंड जुटाने की है।

वर्षों से, कंपनी एक घटक आपूर्तिकर्ता से प्रेसिजन इंजीनियर्ड उत्पादों की पूर्ण असेंबली और उत्पाद परिकल्पना, डिजाइन, प्रोटोटाइप, परीक्षण, विकास और असेंबली से लेकर अनुकूलित पैकेजिंग और वितरण तक के समग्र समाधान के प्रदाता के रूप में विकसित हुई है, जो हमारे कई ग्राहकों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक अभिन्न अंग बन गई है।

कंपनी भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में रणनीतिक रूप से स्थित छह विनिर्माण संयंत्रों का संचालन करती है। 31 दिसंबर, 2021 तक, इन विनिर्माण संयंत्रों में इसकी कुल स्थापित क्षमता 66,940 मीट्रिक टन प्रति वर्ष थी। विभिन्न स्थानों पर उत्पादों को तैयार करने की हमारी दोहरी क्षमता के चलते हम वैकल्पिक स्थानों से ग्राहक आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम हैं जिससे ग्राहकों को नियमित आपूर्ति और लागत - प्रतिस्पर्धी विनिर्माण संचालन का लाभ मिलता है।

यह मूल्य श्रृंखला में मौजूद ऑफ-हाइवे वाहनों (“ओएचवी”) के लिए प्रेसिजन प्रोडक्ट्स की कंसेप्ट-टू-सप्लायर कंपनी है। इसके उत्पाद पोर्टफोलियो में 3-पॉइंट लिंकेज सिस्टम्स (“3PL”) और प्रेसिजन मशीन्ड पार्ट्स (“PMP”) के प्रमुख उत्पाद खंडों के साथ-साथ पावर टेक-ऑफ (“PTO”), फैबिर्केशंस एवं हाइड्रॉलिक सिलिंडर्स या उनके कंपोनेंट्स के संबंधित उत्पाद खंड शामिल हैं। यह विशेष रूप से 3पीएल उत्पाद रेंज के आफ्टरमार्केट सेगमेंट की आवश्यकताएं पूरी करती है।

इसके अधिकांश उत्पाद उपकरण के संरचनात्मक और भार सहने वाले पार्ट्स हैं और ये सख्त सहन शक्ति, विशिष्टताओं और प्रक्रिया नियंत्रण के अधीन हैं। वित्तीय वर्ष 2021 में मूल्य की दृष्टि से वैश्विक 3पीएल बाजार में इसकी अनुमानतः 14.45% बाजार हिस्सेदारी रही है और वित्तीय वर्ष 2021 में मूल्य की दृष्टि से सीएएफएम सेक्टर के वैश्विक पीएमपी बाजार में इसकी बाजार हिस्सेदारी अनुमानतः 5.87% रही है।

31 दिसंबर, 2021 तक, कंपनी की वैश्विक उपस्थिति रही है और इसने भारत सहित उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप, एशिया और ऑस्ट्रेलिया के देशों के ग्राहकों की सेवा की है। इसके ग्राहक आधार में वैश्विक स्तर पर 25 से अधिक देशों के 80 से अधिक ग्राहक शामिल रहे। आफ्टरमार्केट सेगमेंट (3PL उत्पाद रेंज) के संदर्भ में, यह उत्तरी अमेरिका, यूरोप, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में संगठित आफ्टरमार्केट खुदरा विक्रेताओं और वितरकों को 3पीएल पार्ट्स के रिप्लेसमेंट प्रदान करती है।

यह कृषि और सीएफएम क्षेत्रों में वैश्विक ओईएम कंपनियों जैसे कि ट्रैक्टर एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड (" टैफे "), दूसन बॉबकैट नॉर्थ अमेरिका (" बॉबकैट "), क्लास एग्रीकल्चरल मशीनरी प्राइवेट लिमिटेड (" क्लास ट्रैक्टर "), यानमार ग्लोबल एक्सपर्ट कं. लिमिटेड (" यानमार ") और एलएस एमट्रॉन लिमिटेड को सेवाएं प्रदान करती है। हम यूरोप और अमेरिका में कई संगठित आफ्टरमार्केट कंपनियों और बड़े फार्म एवं फ्लीट रिटेल स्टोर चेन्स की सेवा करते हैं, जैसे कि क्रैम्प ग्रूप बीवी (" क्रैम्प ") और ट्रैक्टर सप्लाई कंपनी (" टीएससी ")। हाल ही में, इसने हमारे ग्राहकों के रूप में टीएससी और कोबेल्को कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (" कोबेल्को") को जोड़ा है।

एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, डीएएम कैपिटल एडवाइजर्स लिमिटेड और जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

“वाविन-वेक्टस” की संयुक्तरूप से प्रथम चैनल पार्टनर मीट जश्न के साथ संपन्न हुई

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