Monday, March 21, 2022

आईईईएमए ने इलेक्रमा के 15वें एडिशन को लॉन्च करने का किया एलान

नई दिल्ली, 21 मार्च, 2022- आईईईएमए की ओर से भारतीय इलेक्ट्रिकल और संबद्ध इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का सबसे बड़ा अपनी तरह का अनूठा शोकेस इलेक्रमा’ 18 से 22 फरवरी, 2023 तक इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित किया जाएगा। आईईईएमए और इसके सदस्य विद्युतीकरण, डिजिटलीकरण और हरित भारत की 100 साल की साझेदारी हासिल करने के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर काम में जुटे हैं। इलेक्रमा-2023 की थीम रीइमेजिन एनर्जी - फॉर सस्टेनेबल फ्यूचरहै और यह स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन, फ्यूल सेल, एआई और आईओटी सहित कई क्षेत्रों में इनोवेशन और भविष्य की तकनीकों को प्रदर्शित करने पर आधारित होगा। इस बार का इलेक्रमा ऊर्जा संरक्षण, कार्बन नेट जीरो और स्मार्ट खपत के माध्यम से सस्टेनेबिलिटी पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।

75वें स्वतंत्रता दिवस पर माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक ऊर्जा-स्वतंत्रराष्ट्र में बदलने का एक नया लक्ष्य निर्धारित किया। भारत सरकार के इस उद्देश्य को बिजली क्षेत्र के सबसे बड़े समूह आईईईएमए का पूरा समर्थन है जो भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के विजन के साथ एक समूचा इकोसिस्टम तैयार करने में जुटा हुआ है। इस परिवर्तन को गति देने के लिए भारतीय विद्युत और संबद्ध इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग परिवहन, उद्योग, भवन, आदि जैसे क्रॉस-सेक्टरल विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए बिजली के साथ परिकल्पित ऊर्जा परिवर्तन देने में मदद करेगा।

माननीय विद्युत और नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री आरके सिंह ने कहा, ‘मैं इलेक्रामा 2023 की घोषणा और लॉन्च पर आईईईएमए को बधाई देता हूं। यह इलेक्ट्रिकल, औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स और संबद्ध उद्योग की विश्वस्तरीय प्रदर्शनी का 15वां संस्करण है। पिछले 5 वर्षों में हमारे उद्योग में हमने बड़े परिवर्तनकारी लक्ष्य पूरे किए हैं। हम एक जलवायु अनुकूल तरीके से आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं और माननीय प्रधानमंत्री के सस्टेनेबल अर्थ वाले लक्ष्य के साथ आक्रामक रूप से आगे बढ़ रहे हैं।

मुझे खुशी है कि इलेक्रमा-2023 का फोकस ऊर्जा के क्षेत्र में बदलाव और भविष्य की तकनीक पर है जो भारत सरकार के 2047 के लिए निर्धारित विजन के अनुरूप है। हम 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की आकांक्षा रखते हैं और हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं। देश की ऊर्जा आवश्यकता में बिजली का सबसे महत्वपूर्ण योगदान है। ऊर्जा की खपत में वृद्धि मुख्य रूप से तेजी से आर्थिक विकास के लिए जिम्मेदार है।

भारत वर्तमान में पवन ऊर्जा में दुनिया में चौथा सबसे बड़ा और सौर ऊर्जा में 5 वां सबसे बड़ा और समग्र नवीकरणीय ऊर्जा में चौथा सबसे बड़ा देश है। पिछले 7 वर्षों में, भारत में अक्षय ऊर्जा में 70 बिलियन यूएस डालर से अधिक का निवेश किया गया है।

हम बड़े पैमाने पर बैटरी स्टोरेज सिस्टम स्थापित करने और आईईईएमए सदस्यों को उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी जोर दे रहे हैं।

भारत ग्रीन हाइड्रोजन में एक वैश्विक नेता के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है और देश उर्वरक और शोधन में हरित हाइड्रोजन का उपयोग अनिवार्य करने का प्रस्ताव कर रहा है।

आईईईएमए के प्रेसिडेंट श्री विपुल रे ने कहा, ‘वर्तमान में चल रहा ऊर्जा बदलाव बिजली को ऊर्जा के एक प्रमुख रूप के तौर पर इतना आगे बढ़ा रहा है कि बहुत जल्द ही ऊर्जा बिजली का पर्याय बन जाएगी। ईवीएस, चार्जिंग इंफ्रा, आरई और ग्रीन हाइड्रोजन, और एनर्जी स्टोरेज की बढ़ती प्रासंगिकता में एक बड़ी व्यावसायिक क्षमता है। परिवहन क्षेत्र का जीवाश्म ईंधन से चलने वाले क्षेत्र से स्वच्छ ऊर्जा संचालित क्षेत्र में संक्रमण देश के ऊर्जा लक्ष्यों की कुंजी होगी। इलेक्रमा 2023 का 15वां संस्करण मुख्य रूप से ऐसे अवसरों पर ध्यान केंद्रित करेगा और भारत को सतत विकास प्राप्त करने के लिए आवश्यक भविष्य की टैक्नोलॉजी और समाधानों के आधार के रूप में स्थापित करेगा।

इस अवसर पर इलेक्रमा के चेयरमैन श्री जितेंद्र के अग्रवाल ने कहा, ‘इलेक्रमा का 15 वां संस्करण मुख्य रूप से विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और भविष्य की टैक्नोलॉजी को प्रदर्शित करने पर केंद्रित होगा। उद्योग के विकास और सफलता के लिए, कुछ क्षेत्रों में स्टार्ट-अप और नए व्यवसायों सहित भविष्य में असीमित व्यावसायिक अवसर मौजूद हैं, जहां बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश किया जा रहा है जैसे रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे, रक्षा, स्मार्ट शहर, भवन और ईवी से संबंधित इकोसिस्टम। साथ ही छोटे, मध्यम और सूक्ष्म व्यवसायों को भी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भाग लेने में सक्षम होना चाहिए; ट्रांसमिशन और वितरण के मूल को सुदृढ़ करने के लिए, विद्युत उत्पाद और उपकरण विश्वसनीय, उच्च गुणवत्ता वाले और सुरक्षित होने चाहिए। यह इस इवेंट के पैमाने के बारे में बताता है। कहने की जरूरत नहीं है कि हमें प्रतिभा के माध्यम से सही कौशल की आवश्यकता होगी, यही इलेक्रमा की पहली प्राथमिकता होगी। वैश्विक ऊर्जा संक्रमण की शुरुआत के साथ हम अपने उद्योग के लिए एक उज्ज्वल भविष्य की कल्पना करते हैं, क्योंकि इलेक्ट्रिसिटी सबसे प्रमुख प्रकार की ऊर्जा होगी।

1990 में अपनी स्थापना के बाद से इलेक्रमा पिछले 14 संस्करणों में 250 प्रदर्शकों से बढ़कर 1350 प्रदर्शकों तक पहुंच गया है और 2023 में लगभग 1500 से ज्यादा प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। श्री आरके सिंह, माननीय विद्युत और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री और श्री आलोक कुमार, सचिव विद्युत आज आधिकारिक तौर पर इलेक्रमा-2023 की तारीखों की घोषणा करेंगे और इसकी वेबसाइट को लॉन्च करेंगे। श्री विपुल रे, अध्यक्ष, आईईईएमए; श्री रोहित पाठक, उपाध्यक्ष, आईईईएमए; श्री हमजा अर्सीवाला, उपाध्यक्ष, आईईईएमए; सुश्री चारू माथुर, डीजी आईईईएमए, श्री जितेंद्र के अग्रवाल, चेयरमैन एलेक्रामा 2023 और आईईईएमए अपनी उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी के साथ कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।

भारत की प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 1200 यूनिट से आठ गुना बढ़ने और 2047 तक 10,000 यूनिट तक पहुंचने की उम्मीद है। भारत की ऊर्जा आवश्यकता 1,954 एमटीओई से अधिक होने का अनुमान है, जिसमें बिजली का योगदान कुल मांग के 53 से 55 फीसदी से अधिक होगा। भारतीय विद्युत और संबद्ध इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग देश के विकास में लगातार बेहतर प्रदर्शन करता रहा है। विनिर्माण क्षेत्र में इलेक्ट्रिकल और संबद्ध इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का योगदान पिछले 5 वर्षों में 6.5 फीसदी से 7 फीसदी के बैंड में रहा है।

यह संस्करण मुख्य इवेंट के तहत कई कार्यक्रमों और प्रदर्शकों की भी मेजबानी करेगा। जिनमें वर्ल्ड यूटिलिटी समिट, ईटेकनेक्स्ट, चेंज एक्स चेंज - रिवर्स बायर्स एंड सेलर्स मीट, डीबीएसएम - डोमेस्टिक बायर सेलर्स मीट और बिल्डेलेक शामिल हैं।

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