Tuesday, February 22, 2022

जवाहर कला केंद्र में 26 व 27 फरवरी को आयोजित किया जाएगा 'संग कबीर म्यूजिक फेस्टिवल'

- लोकायन व राजस्थान कबीर यात्रा के सहयोग से जवाहर कला केंद्र द्वारा होगा आयोजन
- कालूरामजी बामनिया, मुर्शिदाबादी प्रोजेक्ट और नीरज आर्य के कबीर कैफे सहित अन्य की होगी प्रस्तुतियां

जयपुर। जवाहर कला केंद्र (जेकेके) द्वारा बीकानेर के सांस्कृतिक संगठन— लोकायन और राजस्थान कबीर यात्रा के सहयोग से 26 व 27 फरवरी को दो दिवसीय 'संग कबीर म्यूजिक फेस्टिवल' की मेजबानी की जाएगी। इस फेस्टिवल के जरिए 15वीं सदी के भारतीय रहस्यवादी कवि व संत कबीर दास की शिक्षाओं व परंपराओं का जश्न मनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि अपनी विनम्रता व सादगी के लिए जाने जाने वाले आध्यात्मिक गुरु कबीर के व्यावहारिक और जीवन-परिवर्तनकारी लेखन व दोहों के माध्यम से दुनिया भर में लाखों लोगों को अभी भी प्रेरणा मिलती है।

जवाहर कला केंद्र के ओपन थियेटर में शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक यह फेस्टिवल प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा संगीत प्रस्तुतियों व सत्रों की श्रृंखला के जरिए कबीर व उनकी मिश्रित संस्कृति की खोज करेगा। 26 फरवरी को उद्घाटन समारोह में कालूरामजी बामनिया एंड ग्रुप की प्रस्तुति होगी। वे मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र में कबीर, गोरखनाथ, बनानाथ और मीरा जैसे भक्ति कवियों के गायन की जीवंत परंपरा से ताल्लुक रखते हैं। इसके बाद राजस्थान के पुगल के मीर बसु व उनकी मंडली द्वारा 'मेलोडीज ऑफ द थार' का आयोजन किया जाएगा। पश्चिम बंगाल के कलाकारों की युवा पीढ़ी मुर्शिदाबादी प्रोजेक्ट की प्रस्तुति 'साउंड्स ऑफ द सूफीज' के साथ प्रथम दिन की गतिविधियों का समापन होगा। यह सूफी साहित्य एवं भारतीय संगीत की तलाश करने और प्रयोग करने के लिए एक सूफी पहल है। इसमें सितार पर श्वेतकेतु बनर्जी और वोकल्स पर सौम्यदीप मुर्शिदाबादी साथ देंगे।
इनके साथ ही, शाम 4 बजे से 5.30 बजे तक कलाकार अमित कल्ला का आर्ट सैशन 'रंगरेज' आयोजित किया जाएगा, जिसमें सर्वव्यापी आध्यात्मिकता एवं कबीर की मानवता की भावुक भावना की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के साथ गहरे संबंध की खोज की जाएगी।
27 फरवरी को दर्शक को लखनऊ के हिमांशु बाजपेयी व चेन्नई के वेदांत भारद्वाज की शानदार जोड़ी की संगीतमय दास्तानगोई- 'कबीर की दास्तान' देखने को मिलेगी। संत कबीर के दोहों से बने गीतों के प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले नीरज आर्य के कबीर कैफे (मुंबई का लोक फ्यूजन बैंड) की रोमांचक प्रस्तुति के साथ फेस्टिवल का समापन होगा।
शाम 4 बजे दर्शन सिंह का सैशन 'एक्सप्लोरिंग स्पीच एंड साउंड' भी आयोजित किया जाएगा। यह सत्र हमारे अस्तित्व की एकता में उपस्थिति का अनुभव करने के लिए 'कबीर वाणी' के माध्यम से ध्वनि कंपन की यात्रा में स्वयं को डुबो देना सिखाएगा।

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