Monday, February 14, 2022

एब्डोमिनल कैंसर डे की थीम 2022 ’अवेयरनेस इज़ पावर’


आपका जीवन आपकी जिम्मेदारी है, लापरवाही में खतरा बहुत बड़ा है

एब्डोमिनल कैंसर से जुड़े कारण और बचाव पर जागरूकता के लिए होंगे वेश्विक आयोजन
जयपुर. एब्डोमिनल कैंसर दुनिया में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। यह महसूस हुआ कि एक दिन होना चाहिए जागरूकता फैलाने के लिए, इसलिए यह प्रतिवर्ष 19 मई को पूरे विश्व में मनाया जाता है। इन मौतों को रोकने के लिए और जागरूकता पैदा करने हेतू  प्रतिवर्ष ’एब्डॉमिनल कैंसर ट्रस्ट’ और  ‘आई.आई.ई.एम्.आर‘ के तत्वावधान में इसका आयोजन किया जाता है। इस साल इसका चौथा संस्करण होगा। आज प्री-इवेंट्स की शुरुआत थीम लॉन्च ’अवेयरनेस इज़ पावर’ के साथ हुई जो जेएलएन मार्ग स्थिति होटल क्लार्क आमेर में डॉ. समित शर्मा, शासन सचिव, सामाजिक न्याय एंव अधिकारिता विभाग; डॉ. सुधीर भंडारी, प्राचार्य एसएमएस मेडिकल कॉलेज; डॉ संदीप  जैन, संस्थापक एब्डोमिनल कैंसर डे; पुनीत कर्णावट, डिप्टी मेयर, जयपुर ग्रेटर; पं. सुरेश मिश्रा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता; मानसी राठौर, मिस राजस्थान 2021 और सीईओ, जयपुर मैराथन, मुकेश मिश्रा द्वारा की गयी।
एब्डोमिनल कैंसर डे के संस्थापक डॉ. संदीप जैन ने इस अवसर पर कहा की  एब्डोमिनल कैंसर के साथ सबसे बड़ी समस्या है इसका देर से पता चलना, जब रोग अंतिम चरण में हो। जागरूकता के माध्यम से ही हम कैंसर सुरक्षित जीवनशैली के बारे में जान सकते हैं, कि कौन से लक्षण देखने चाहिए, विशेषज्ञ चिकित्सक को जल्द से जल्द कब देखना चाहिए, क्या उपचार लेना चाहिए। एब्डोमिनल कैंसर का प्रारंभिक चरण में निदान करने और उपचारात्मक उपचार प्राप्त करने का यही एकमात्र तरीका है।
डॉ. समित शर्मा ने कहा कि एब्डोमिन के कैंसर सात प्रकार के होते हैं - ऑसोफेगल कैंसर, कोलन और रेक्टल कैंसर, अपेंडिक्स कैंसर, गैस्ट्रिक कैंसर, गॉलब्लेडर कैंसर, पैंक्रिअटिक कैंसर और लीवर कैंसर। अधिकांश लोग अपने लक्षणों के पीछे संभावित गंभीर बीमारियों और उनके जीवन के लिए जोखिम से अनजान हैं। महत्वपूर्ण कारणों में से एक यह है कि पेट की बीमारियों ने अभी भी समाज के सभी शैक्षिक, वित्तीय और सामाजिक तबको के लोगों का ध्यान आकर्षित नहीं किया है। वही सीने में दर्द के लिए व्यक्ति आमतौर पर संभावित जोखिम से डरते हुए हृदय रोग विशेषज्ञ से परामर्श करता है।
डॉ. सुधीर भंडारी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, असमय खान पान की वजह से न केवल हमारी दिनचर्या अस्त व्यस्त हुई है बल्कि स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है आज 90 से 95% कैंसर पर्यावरण और जीवन शैली कारणों से संबंधित होते हैं और केवल 5-10% हेरिडिटरी जेनेटिक्स के कारण से होते हैं। मैने देखा है कि अधिकांश लोग शुरुवाती लक्षणों के पीछे संभावित गंभीर बीमारियों और उनके जीवन के लिए जोखिम के बारे में अनजान होते हैं। इसलिये यह जरूरी है कि ’अवेयरनेस इज़ पावर’ जो इस बार की थीम है से अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए।

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