Monday, January 31, 2022

डेल्फिक डायलॉग्स में राजस्थान के लोक चित्रों पर हुई चर्चा


जयपुर।
 पुरातत्वविद् व संग्रहालयशास्त्री डॉ. पंकज धरेन्द्र की कला एवं विरासत विशेषज्ञ  अब्दुल लतीफ उस्ता से राजस्थान के लोक चित्रों पर संवाद किया गया। डेल्फिक काउन्सिल ऑफ राजस्थान अध्यक्ष श्रीमती श्रेया गुहा, (आई. ए. एस.) ने बताया कि वार्ता में राजस्थान की लोकचित्र परंपराओं  कावड़, फड़, तोरण, आलिये, पिछवई, मांडणा, गोदना व मेहंदी इत्यादि पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।उन्होंने बताया कि राजस्थान के लोक जीवन में व्याप्त लोक कलाओं खास करके लोक चित्रों के अंतर्निहित भाव और संदेशों को प्रस्तुत करना था।राजस्थान की लोक चित्रकला के संरक्षण व प्रोत्साहन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया । लोक चित्रकला के प्रदर्शन व संरक्षण से राजस्थान का इतिहास संस्कृति विरासत जीवित रहेगी। इसके अतिरिक्त राजस्थानी लोक चित्रों को भारतीय लोक चित्रों व विश्व के अन्य भागों के लोक चित्रों के साथ तुलनात्मक वार्ता की गई। वार्ता आयोजन का उद्देश्य कलाओं के लोकतंत्रीकरण व कलाओं के संरक्षण व प्रोत्साहन हेतु आमजन में सजकता व जागृति उत्पन्न करना था।

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