Wednesday, January 5, 2022

असल विकास के लिए गरीबी उन्मूलन और हर एक की हिस्सेदारी जरूरी : रंगराजन


मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर में आयोजित आईईए कांफ्रेंस में बोले आरबीआई के पूर्व गवर्नर

जयपुर। समेकित विकास के लिए तीन आयाम महत्वपूर्ण हैं, हमें वृद्धि, सहभागिता और गरीबी उन्मूलन तीनों को गंभीरता से लेना होगा। इनके सामंजस्य के बिना सही मायने में विकास संभव नहीं है। यह बात रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने कही। वे बुधवार को मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के अर्थशास्त्र विभाग की मेजबानी में हुई इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन की वार्षिक कांफ्रेंस में बोल रहे थे। इस दौरान वर्चुअल माध्यम से ही उनका 90वां जन्मदिन भी मनाया गया। प्रथम सत्र की अध्यक्षता बीआरए यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अशोक मिततल ने की। इस सत्र में आईजीआईडीआर के कुलपति डा. महेंद्र देव ने भी अपने विचार रखे। कांफ्रेंस के दूसरे सत्र में वतौर मुख्य वक्ता आर्थिक मामले और वित विभाग के पूर्व सचिव सुभाष गर्ग ने बताया कि कोविड के प्रकोप के कारण देश की जीडीपी नकारात्मक अंकों में दर्ज की गई। हालांकि सुधार शुरू हो गया है और वर्ष 2022 में देश की जीडीपी 8.5 से 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी, लेकिन 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने में अभी वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि भारत में न्यूनतम समर्थन मूल्य वैश्विक स्तर से काफी अधिक है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना और कृषि क्षेत्र में चलाई जा रही योजनाओं से सभी वर्गों को काफी लाभ मिला है। सत्र की अध्यक्षता कर रहे इलहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रो. के.एन. भट्ट ने बताया कि वर्ष 2001 में भारतीय बाजार में 6 प्रतिशत का निवेश था जो अब 2020 में बढ़कर 26 प्रतिशत हो गया है। भारत में तेजी से निवेश हो रहा है जो देश की अर्थव्यवस्था को अवश्य लाभ पहुंचाएगा। मंचासीन प्रो. बीपी सरथचंद्र ने भी अपने सुझाव दिए।  कांफ्रेंस के तीसरे सत्र में आईएमटी गाजियाबाद के प्रो. मानस पॉल ने वित्तीय अर्थशास्त्र पर अपनी बात रखी। सत्र की अध्यक्षता राजस्थान यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति प्रो. कांता अहूजा ने की। उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों को बनाने में सैकड़ों वर्ष लगे हैं। केवल उन्हीं संस्थानों का निजीकरण किया जाना चाहिए जो नुकसान में चल रहे हों। निजीकरण से मिले पैसे को किसी दूसरी जगह पर निवेश करना चाहिए। मुंबई से आए वक्ता डॉ. निशिकांत झा ने भी अपने विचार रखे। दोपहर बाद शुरू हुए तकनीकी सत्र में देशभर से आए वक्ताओं ने अपने शोधपत्र पढ़े। कार्यक्रम में इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ स्कूल आफ ह्यूमिनटीज एंड सोशल साइंस की डायरेक्टर डा. रिचा अरोड़ा, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका माथुर और डा. ओउम कुमारी आदि मौजूद रहीं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी राजस्थानी झलक
कांफ्रेंस के प्रथम दिन हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोककलाओं की झांकी देखने को मिली। राजस्थान जोबनेर ट्रुप ने राजस्थानी लोकनृत्य प्रस्तुत किया। मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के विद्यार्थियों ने कथक, भवई और गुजराती लोकनृत्य प्रस्तुत किया।

No comments:

Post a Comment

टाटा पावर ने भारत में ईवी-चार्जिंग के बुनियादी ढांचे को ऊर्जा प्रदान करने के लिए ह्युंदाई मोटर इंडिया के साथ की साझेदारी

राष्ट्रीय 17 मई 2022 : देश की एक सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनी और ईवी चार्जिंग की बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने वाली अग्रणी कंपनी टाटा पावर ने...