Friday, January 7, 2022

अक्षय ऊर्जा से होगा वेदांता की फुजैरा गोल्ड के संयंत्र का संचालन

07 जनवरी, 2022। वेदांता रिसोर्सेज की प्रमुख सहायक कंपनी और तांबे की छडे़, चांदी और सोने का एक प्रमुख उत्पादक फुजैरा गोल्ड एफजेडसी, स्वच्छ ऊर्जा में महत्वाकांक्षी प्रयास की पहल है। संयुक्त अरब अमीरात स्थित इस कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, अग्निवेश अग्रवाल के नेतृत्व में, 2050 तक या उससे पूर्व नेट जीरो हासिल करने के वेदांता समूह के मिशन के अनुरूप स्वच्छ ऊर्जा में अवसर तलाश रही है।

फुजैरा औद्योगिक केंद्र में इस प्रकार की पहली पहल के तहत् फुजैरा गोल्ड ने संयंत्र के संचालन को चलाने के लिए सौर आधारित बिजली प्रणाली स्थापित करना शुरू कर दिया है। सौर ऊर्जा आधारित बिजली उत्पादन मई 2022 तक प्रारंभ हो जाएगा, इस योजना के तहत 100 प्रतिशत सौर ऊर्जा आधारित संचालन होगा।
इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा में परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में, फुजैरा गोल्ड ने ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए अपने संचालन में पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) का उपयोग करना शुरू कर दिया है।
इस पहल के बारे में फुजैरा गोल्ड के चेयरमैन और मेनेजिंग डायरेक्टर अग्निवेश अग्रवाल, ने कहा, कि फुजैरा गोल्ड वेदांता के ट्रांसफॉर्मिंग फॉर गुड के मिशन को आगे बढ़ा रहा है। संपूर्ण कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के हमारे किये गये ये प्रयास सभी हितधारकों को स्थायी मूल्य प्रदान करेंगे। हमारा उद्देश्य फुजैरा को विश्व मानचित्र पर लाने के लिए नवीनतम तकनीक और सर्वोत्तम सस्टेनेबल पद्धतियों का उपयोग करना है।
फुजैरा गोल्ड, फुजैरा में प्लेटिनम और पैलेडियम के लिए रिकवरी करने के लिए जीसीसी में एकमात्र संयंत्र तैयार है। व्हाईट गोल्ड के रूप में प्रसिद्ध प्लैटिनम अत्यधिक मूल्यवान है और इसके विविध गुणों के कारण मांग में है, जो कि टार्निश-प्रतिरोधी और लचीला है। प्लेटिनम की तरह, पैलेडियम का व्यापक रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग और फ्यूल सेल्स जैसी आगामी हरित प्रौद्योगिकियों में उपयोग किया जाता है।
फुजैरा गोल्ड के स्वच्छ ऊर्जा की ओर नेतृत्व करने के साथ ही अग्निवेश अग्रवाल संयंत्र और खनन कार्यों के लिए हरित हाइड्रोजन का उपयोग करने के लिए अग्रसर हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोत कार्बन तटस्थता की ओर बढ़ने के वैश्विक प्रयासों के मूल में होंगे। हाइड्रोजन में भविष्य को डी-कार्बोनाइज करने की क्षमता है और यह दुबई फ्यूचर फाउंडेशन द्वारा पहचाने गए यूएई की हरित अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ये नई पहल अग्निवेश अग्रवाल द्वारा संचालित की जा रही है, जो 2019 से टीएसपीएल के निदेशक और अध्यक्ष भी हैं। अग्रवाल प्राकृतिक संसाधन क्षेत्र में एक दशक से अधिक का समृद्ध अनुभव रखते है एवं इन्हें व्यवसाय संचालन की गहन जानकारी एवं बड़ी परियोजनाओं के प्रबंधन का अनुभव है। अग्रवाल अपनी भविष्यवादी और मानवीय दृष्टि के लिए जाने जाते हैं।
फुजैरा गोल्ड वेदांता रिसोर्सेज की एक प्रमुख सहायक कंपनी है, जो एक कीमती धातु रिफाइनरी और एक निरंतर कास्ट कॉपर रॉड प्लांट संचालित करती है जो रणनीतिक रूप से फुजैरा फ्री जोन 2 में स्थित है। कंपनी, ने 2008 में अपना परिचालन शुरू किया था जो कि अब संयुक्त अरब अमीरात में सबसे तेजी से बढ़ते उद्योगों में से एक है, जिसमें तांबे की छड़ के लिए प्रति वर्ष 100, 000 मिलियन टन, सोने के लिए 50,000 किलोग्राम प्रति वर्ष और 110,000 किलोग्राम प्रति वर्ष चांदी की उत्पादन क्षमता है। 

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