Thursday, January 13, 2022

15 साल पुराने डीजल वाहनों के डी-रजिस्ट्रेशन के परिवहन विभाग की अधिसूचना को चुनौती



पुराने डीजल वाहनों पर रोक को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट में भानू प्रताप सिंह ने कि जनहित याचिका दायर सीनियर एडवोकट एस के सिंह करेंगे पैरवी. अगले सप्ताह हो सकती है सुनवाईजयपुर.  राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा परिवहन विभाग की उस अधिसूचना को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई हो सकती है जिसमें कहा गया है कि 15 साल से पुराने सभी डीजल वाहनों का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। 11 जनवरी, 2022 को, भानु प्रताप सिंह ने राजस्थान हाई कोर्ट, जयपुर में अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह के माध्यम से एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की है, जिसमें राज्य के परिवहन विभाग द्वारा 1 जनवरी 2018 को जारी अधिसूचना संख्या 1560 को चुनौती दी गई है। इस अधिसूचना में आदेश दिया गया है कि 10 से 15 साल पुराने डीजल वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा और उनका रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं होगा।  भानु प्रताप सिंह और सुनील कुमार सिंह के अनुसार परिवहन विभाग का यह एक्ट भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। इस एक्ट के अनुसार केवल डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द किया जाना जबकि पेट्रोल वाहनों का पंजीकरण रद्द नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि भारत एक गरीब देश है और इस देश में, लोग जीवन में केवल एक बार वाहन खरीदते हैं। उनके पास नए वाहन खरीदने के लिए शायद ही पैसे होते हैं। किसान , गरीब रिक्शा चालक , लोडिंग टेम्पो पिक अप , पुराने ट्रक बस , वाले गरीब लोग  इसमें सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे ! ऐसे में पर्यावरण प्रदूषण के निर्धारित मानकों के अनुसार जो वाहन प्रदूषण नहीं फैला रहे हैं, उनका पुनः पंजीकरण प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता। अतः यह अधिसूचना अवैध है और भारत के संविधान में निहित सिद्धांतों के खिलाफ है।

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