Thursday, December 23, 2021

लोकरंग उत्सव में दर्शकों को लुभाया हरियाणा का फाग और झारखंड का मानभूम छउ

- लोकरंग उत्सव का आठवां दिन आज

- 26 दिसंबर तक चलेगा लोकरंग उत्सव
जयपुर। 
आजादी का अमृत महोत्सव के तहत जवाहर कला केन्द्र (जेकेके) में चल रहे 11-दिवसीय 24वें 'लोकरंग-2021' के आठवें दिन गुरूवार को दर्शकों ने लोक नृत्य और संगीत का भरपूर आनंद उठाया। जेकेके के मध्यवर्ती में विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। इस दौरान हरियाणा का फाग और बीन नृत्य व झारखंड का मानभूम छउ (प्रह्लाद कथा) दर्शकों को काफी भाया। राजस्थान के कलाकारों ने नागौर का मशक वादन और बांसवाड़ा का डांगडी नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अलावा असम के ढाल थूंगरी, जम्मू-कश्मीर का रउफ, गुजरात का रास व होली नृत्य डांग, असम का भोरथल नृत्य, पंजाब के जिंदवा नृत्य की प्रस्तुति हुई। इसी प्रकार से जेकेके के शिल्पग्राम में भी लोक प्रस्तुतियां का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें गुरूवार को राजस्थानी कलाकारों ने कालबेलिया नृत्य, सफेद परिधान पहने कलाकारों ने बाड़मेर का प्रसिद्ध गैर नृत्य व अलवर का खारी नृत्य प्रस्तुत किया। साथ ही भपंग वादन और मांड गायन की प्रस्तुति भी हुई। इसके साथ देश के अन्य राज्यों की लोक कलाओं का भी प्रदर्शन हुआ जिसमें हिमाचल प्रदेश का सिरमोर नाटी, उत्तराखंड का पणिहारी, पंजाब का नचार, झारखंड का उरावं नृत्य व शिकारी नृत्य भी शामिल था। लोक प्रस्तुतियों के साथ ही शिल्पग्राम में राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला भी चल रहा है। इस मेले में देशभर के पुरस्कृत शिल्पियों द्वारा निर्मित कलात्मक हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है व ब्रिकी हो रही है। विजिटर्स के लिए यह मेला 26 दिसंबर तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 9.30 बजे तक खुला है। यह आयोजन जेकेके, कला एवं संस्कृति विभाग और रुडा (ग्रामीण गैर कृषि विकास अभिकरण) द्वारा आयोजित किया जा रहा है।  
शुक्रवार, 24 दिसम्बर के कार्यक्रम
जेकेके के मध्यवर्ती में 24 दिसम्बर को शाम 6.30 बजे से बीहू नृत्य (असम), बोरदायी सकला (असम), मलवई गिद्दा (पंजाब), घूमर, (हरियाणा), सिरमोर नाटी (हिमाचल प्रदेश), रऊफ (जम्मू कश्मीर), छप्पेली (उत्तराखण्ड), नाचड़ (पंजाब), बीन (हरियाणा), कथौड़ी (उदयपुर), मयुर नृत्य (भरतपुर), सिधी धमाल, झारखण्ड उरावं नृत्य, मानभूम छउ नृत्य, शिकारी नृत्य, कालबेलिया (जोधपुर), चरी नृत्य (किशनगढ़) प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं शिल्पग्राम में शाम 4.30 बजे से शहनाई-नगाड़ा, कच्छी घोड़ी, कठपुतली, बहुरूपिया, राजस्थानी घूमर, जादूगर, डांगडी (बासंवाड़ा), खारी (अलवर), डफ चंग की प्रस्तुति होगी।

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