Wednesday, December 22, 2021

'रिस्पांड, रीकवर, थ्राइव: विजन 2030' विषय पर एक्सपर्ट्स ने एचआर की बदलती भूमिका और नई एचआर रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया


फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल द्वारा छठे एचआर समिट का आयोजन

जयपुर। न्यू नॉर्मल के मद्देनजर नई एचआर रणनीतियों और एचआर की बदलती भूमिका पर चर्चा करने के उद्देश्य से, फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल द्वारा आज वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर छठे एचआर समिट का आयोजन किया गया। 'रिस्पांड, रीकवर, थ्राइव: विजन 2030' विषय पर समिट का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव एडवाइजर श्री एस वाई सिद्दीकी ने मुख्य रूप से संबोधित किया। अपने संबोधन में, श्री सिद्दीकी ने चार ग्लोबल मेगाट्रेंड्स पर प्रकाश डाला - परपज ओवर प्रोसेस; री-स्किलिंग; निरंतर परिवर्तन और सामूहिक रूप से अतीत को हटाना। उन्होंने कहा कि ये ट्रेंड्स लीडरशिप और उसके कैरेक्टर, कंटेंट और इंटेंट को भी परिभाषित करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में लीडरशिप में देखे गए परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए, श्री सिद्दीकी ने कहा कि सहानुभूति के साथ-साथ कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक कल्याण पर विशेष ध्यान देते हुए कम्पेशनेट लीडरशिप में वृद्धि देखी गई है। इसके अलावा, 'उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व' की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है, जिसमें लक्ष्य को पूरा करने के लिए कर्मचारियों के साथ लेकर चला जाता है और नेतृत्व का अधिकार जिसमें विभिन्न स्तरों पर टीम को स्थानिक अधिकार और सशक्तिकरण प्रदान की जाती है।  पिनेकल इन्फोटेक के सीईओ बिमल पटवारी ने अपने विशेष संबोधन में कहा कि लंबे समय से मानव संसाधन विभाग को “कार्मिक विभाग” के रूप में जाना जाता था। हालांकि, पिछले कुछ दशकों में एक बदलाव आया है और आज कर्मचारियों को किसी संस्थान के वेल्यूएबल रिसोर्स के रूप में माना जाता है। इसने एचआर की भूमिका को बदल दिया है और वे कर्मचारियों के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस को सुविधाजनक बनाने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। आज के युवाओं के माइंडसेट पर प्रकाश डालते हुए पटवारी ने कहा कि उनका सरोकार सिर्फ पैसा कमाने से नहीं है। वे व्यक्तित्व विकास, करियर विकास, कल्याण जैसे पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं। श्री पटवारी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण, 'वर्क फ्रॉम होम' और रिमोट वर्किंग के संदर्भ में काम करने में फ्लैक्सीबिलिटी के बढ़ते ट्रेंड भी देखे जा सकते हैं। 
चर्चा के संदर्भ को निर्धारित करने के लिए, सीईओ, अकिल बुसराय कंसल्टिंग,  अकिल बुसराय ने विषय पर संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि अब प्रौद्योगिकी-प्रबंधकीय कौशल पहले से कहीं अधिक बड़ी भूमिका निभाएगा और इसके परिणामस्वरूप युवा लीडरशिप के पदों पर नजर आएंगे। मैनपावर का पुनर्गठन भी होगा और कोविड -19 में देखी गई फ्लैक्सीबल कार्य व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में महिलाओं को जिम्मेदारी और जवाबदेही के पदों पर भी देखा जा सकेगा। श्री बुसराय ने कहा कि एचआर विभाग को कंपनी के बिजनेस और ग्रोथ को दिशा देने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। 
इससे पहले अपने स्वागत भाषण में, अध्यक्ष, फिक्की राजस्थान उप-समिति मानव संसाधन, कौशल और शिक्षा, और सलाहकार, होंडा कार इंडिया लिमिटेड, सुनील कुमार यादव ने कहा लगातार बदलते व्यापारिक वातावरण में बढ़ने के लिए, संस्थानों को बदलते और प्रतिस्पर्धी परिवेश के अनुकूल होने की जरूरत है। इसलिए, मानव संसाधन रणनीति, नेतृत्व और क्षमताओं में बढ़ोतरी के संदर्भ में विचारशील एप्रोच की मांग करता है, जिससे कि समग्र व्यावसायिक प्रदर्शन और हितधारकों को मजबूती मिल सके। इस अवसर पर फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल, सलाहकार श्री अजय सिंघा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

प्लेनैरी सेशंस
वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में दो वर्चुअल प्लेनैरी सेशंस भी आयोजित हुए। पहला सेशन 'इवॉलविंग रोल ऑफ एचआर इन कंटेम्पररी वर्ल्ड: विजन 2030' पर केंद्रित था। यह दोनों सेशंस उद्योग जगत के लीडर्स द्वारा संबोधित किए गए। यह सेशन टीमों के बीच जुड़ाव और नवाचार को संतुलित करने, प्रत्याशित संकट के लिए मानव संसाधन रणनीति और न्यू नॉर्मल, कर्मचारियों का योगदान और मानसिक स्वास्थ्य सहित अन्य विचारों पर केंद्रित था। सेशन में मुख्य मानव संसाधन अधिकारी, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, श्री अजय कुमार सिंह रोहा; सलाहकार - एचआर (ग्लोबल बिजनेस), जेके टायर्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड, डॉ विजय देशपांडे और वाईस प्रेसिडेंट और हेड एचआर - ग्लोबल डिलीवरी, इंफोसिस, श्री संतोष पनपलिया शामिल रहे। सेशन की अध्यक्षता भारतीय कौशल विकास विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ अचिंत्य चौधरी ने की।
दूसरा प्लेनैरी सेशन 'रीइन्वेंटिंग टैलेंट स्ट्रैटेजीस फॉर फ्यूचर वर्कफोर्स' विषय पर था। यह डिजिटल, डेटा और व्यवधान: बिजनेस के लिए नए मानव संसाधन के नेतृत्व वाले एप्रोच का पूर्व अनुमान लगाना; स्किलिंग, री-स्किलिंग और मल्टी-स्किलिंग; कार्य परिदृश्य के भविष्य का निर्माण और एचआर में फिर से नयापन लाना: नए पारिस्थितिकी तंत्र को डिकोड करना जैसे विषयों पर केंद्रित था। सेशन के पैनलिस्टों में प्रेसिडेंट, मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर, डॉ जीके प्रभु, प्रेसिडेंट और सीएचआरओ, डीसीएम श्रीराम, श्री संदीप गिरोत्रा और वाईस प्रेसिडेंट और हेड - कॉर्पोरेट एचआर, जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, अर्ज्य कुमार मिश्रा थे। सेशन की अध्यक्षता जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आर एल रैना ने की।

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