Friday, November 12, 2021

"बच्चों का जीवन प्रयोगशाला नहीं" - मनीष विजयवर्गीय

अभिभावक एकता संघ ने ऑनलाइन क्लासेज चालू रखने की मांग की

जयपुर : प्रदेश के समस्त सरकारी व निजी  विद्यालयों को 15 नवंबर से शत प्रतिशत क्षमता के साथ खोले जाने के शिक्षा विभाग के निर्णय को बच्चों के जीवन के लिए जोखिम भरा व निजी स्कूल मालिको के दबाव में उठाने का आरोप लगाते हुवे अभिभावक एकता संघ राजस्थान ने इसका विरोध करते हुए स्थगित किए जाने की मांग की है।
अधिकांश निजी स्कूल गैर जिम्मेदार एवं असामाजिक
अभिभावक एकता संघ राजस्थान के प्रदेश संयोजक मनीष विजयवर्गीय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा कानाराम को पत्र ने लिखा है कि बच्चों को बिना वैक्सीन लगे प्रदेश के लाखों अभिभावक अपने बच्चों का जीवन प्रयोगशाला के रूप में उपयोग की इजाजत नहीं देना चाहते परंतु प्रदेश के निजी स्कूल मालिक राज्य सरकार द्वारा जारी पिछले दिशा-निर्देशों  जिसमें की छात्रों को स्कूलों में जाने के लिए माता-पिता की सहमति आवश्यक होगी का निर्देश था कि आड़ में अधिकांश निजी स्कूलों ने अभिभावकों की सहमति हेतु पत्र का फॉर्मेट हस्ताक्षर के लिए जारी किया हैं दबाव डालने के लिए ऑनलाइन कक्षाएं बंद करके ऑफलाइन कक्षा को पूरी बकाया फीस जमा करवाने के पश्चात ही विद्यार्थी को कक्षा ज्वाइन करने की इजाजत देना फीस वसूली का असामाजिक हथकंडा मात्र है उदाहरण के तौर पर महारानी गायत्री स्कूल जयपुर ने अभिभावकों को घोषणा पत्र का फॉर्मेट हस्ताक्षर के लिए भेजा है जिसमें वह अभिभावकों की तरफ से लिखने को प्रस्तावित करते हैं कि :
"मैं वचन देता हूं और सहमत हूं कि मैं एम.जी.डी. गर्ल्स स्कूल, जयपुर में स्वेच्छा से अपनी बेटी को स्कूल ऑफलाईन कक्षाओं में सम्लित करवाने के लिए तैयार हूं, यह पूरी तरह से मेरे अपने जोखिम पर होगा, इस दौरान स्कूल किसी भी महामारी संक्रमण (COVID• 19) के लिए उत्तरदायी नही होगा, न ही मैं इसके खिलाफ कोई दावा करूंगा ।"
निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों के लिए इस तरह का मानसिक दबाव पैदा करना स्पष्ट करता हैं कि ये अपने संस्थागत आर्थिक लाभो के लिए सामाजिक सेवा के उद्देश्य पूरी तरह विमुख होकर व्यापारी बन गेरजिम्मेदार एवं असामाजिक हो गए हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी एसओपी सिर्फ कागजी खानापूर्ति
 8 नवंबर, 2021 को COVID-19 परिदृश्य के संबंध में गृह विभाग के प्रधान सचिव अभय कुमार ने दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा था कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होगा जैसे मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना आदि। इस आदेश का उल्लेख करते हुवे हुए मनीष विजयवर्गीय ने कहा कि - "शिक्षण संस्थाओं के सीमित क्षेत्रफल एवं संसाधनों के बीच राजस्थान गृह विभाग द्वारा जारी एस ओ पी की बच्चों द्वारा पालन किए जाना तथा विद्यालय द्वारा करवाया जाना दोनों ही पूरी तरह अव्यावहारिक है।"
लोभी स्कूलो के बाइकाट के साथ सरकार को भी चेतावनी
मनीष विजयवर्गीय ने कहा कि ऑनलाइन क्लासेज के विकल्प को बंद करते हुए शत प्रतिशत क्षमता से स्कूल खोले जाने का अव्यवहारिक सरकारी निर्णय निजी स्कूलों के प्रतिनिधि संगठनों की फीस वसूली की भावना के तहत दबाव में लिया गया  निर्णय लगता है, यदि ऐसा नहीं है तो सरकार इसमें तुरंत संशोधन करें अन्यथा मजबूरन अभिभावकों को ऐसे स्कूलों का बाय काट करना होगा साथ ही आगामी समय में होने वाले चुनाव में ऐसी सरकार और राजनेताओं को वोट ना देते हुए प्रखर एवं मुखर विरोध किया जाएगा।

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