Thursday, November 11, 2021

टारसंस प्रॉडक्ट्स लिमिटेड का आईपीओ 15 नवंबर 2021 को खुलेगा

बुधवार, 11 नवंबर 2021: टारसंस प्रॉडक्ट्स लिमिटेड (‘’टारसंस’’ या ‘’कंपनी’’) का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम या आईपीओ ("ऑफर") 15 नवंबर 2021 को खुल रहा है। टारसंस एक भारतीय लैबवेयर कंपनी है, जो बेंचटॉप उपकरण सहित 'उपभोग की जाने वाली', 'दुबारा इस्तेमाल में आने वाली' और 'अन्य' के डिजाइन, विकास, निर्माण और मार्केटिंग में लगी हुई है, जिसका इस्तेमाल अनुसंधान संगठनों, अकादमिक संस्थानों, दवा कंपनियों, अनुबंध अनुसंधान संगठनों ("सीआरओ"), नैदानिक कंपनियों और अस्पतालों (स्रोत: फ्रॉस्ट एंड सुलिवन रिपोर्ट) के विभिन्न प्रयोगशालाओं में किया जाता है।

2 रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर के लिए ऑफर का प्राइस बैंड 635 रुपये से 662 रुपये प्रति शेयर के बीच रखा गया है। बोली न्यूनतम 22 इक्विटी शेयरों के लिए लगाई जाएगी और फिर इसके बाद की बोली 22 शेयरों के गुणक में होगी।

इस ऑफर में टारसंस प्रोडक्ट्स लिमिटेड के 2 रुपये के अंकित मूल्य के इक्विटी शेयर शामिल हैं, जिसमें 1,500 मिलियन रुपये तक का फ्रेश इश्यू (‘’फ्रेश इश्यू’’) शामिल है। ऑफर फॉर सेल के तहत संजीव सहगल द्वारा कुल 390,000 इक्विटी शेयर, रोहन सहगल (संजीव सहगल और रोहन सहगल दोनों एक साथ ‘’प्रोमोटर सेलिंग शेयरहोल्डर्स’’) द्वारा 310,000 इक्विटी शेयर और क्लियर विजन इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स पीटीई लिमिटेड (‘’इनवेस्टर सेलिंग शेयरहोल्डर’’) द्वारा 12,500,000 इक्विटी शेयर शामिल हैं।

ऑफर में 60,000 तक इक्विटी शेयर्स को योग्य कर्मचारियों (‘’कर्मचारी आरक्षित हिस्सा’’) के लिए आरक्षित रखा गया है।

यह ऑफर प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) नियम, 1957, संशोधित ("एससीआरआर") के नियम 19(2)(बी) के अनुसार बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से लाया जा रहा है। इसे सेबी आईसीडीआर विनियमन के विनियम 31 के साथ पढ़ा जाना चाहिए और सेबी आईसीडीआर विनियमों के विनियम 6(1) के अनुपालन के मुताबिक होना चाहिए। जिसमें योग्य संस्थागत खरीदारों ("क्यूआईबी") ("क्यूआईबी भाग") को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए नेट ऑफर का 50% से अधिक उपलब्ध नहीं होगा, बशर्ते कि कंपनी और बेचने वाले शेयरधारक बीआरएलएम के परामर्श से सेबी आईसीडीआर विनियमों ("एंकर निवेशक भाग") के अनुसार विवेकाधीन आधार पर एंकर निवेशकों को क्यूआईबी भाग का 60% तक आवंटित कर सकते हैं, जिनमें से एक तिहाई हिस्सा केवल घरेलू म्‍यूचुअल फंड के लिए आरक्षित होगा, ये एंकर निवेशक आवंटन मूल्य पर या उससे ऊपर घरेलू म्यूचुअल फंड से वैध बोलियां प्राप्त होने के अधीन है।

एंकर इन्वेस्टर के लिए आरक्षित हिस्से के अंडर-सब्सक्रिप्शन या गैर-आवंटन की स्थिति में, शेष इक्विटी शेयरों को नेट क्यूआईबी भाग में जोड़ दिया जाएगा। इसके अलावा शुद्ध क्यूआईबी भाग का 5% आनुपातिक आधार पर केवल म्‍यूचुअल फंड के आवंटन के लिए उपलब्ध होगा और शेष शुद्ध क्यूआईबी भाग सभी क्यूआईबी बोलीदाताओं (एंकर निवेशकों के अलावा) को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा, जिसमें म्‍यूचुअल फंड शामिल हैं। हालांकि यह ऑफर मूल्य पर या उससे ऊपर प्राप्त होने वाली मान्य बोलियों के अधीन है। अगर म्‍यूचुअल फंड से कुल मांग क्यूआईबी हिस्से के 5% से कम है, तो म्‍यूचुअल फंड हिस्से में आवंटन के लिए उपलब्ध शेष इक्विटी शेयरों को क्यूआईबी के आनुपातिक आवंटन के लिए शेष शुद्ध क्यूआईबी हिस्से में जोड़ दिया जाएघा।

इसके अलावा, नेट ऑफर का कम से कम 15% गैर-संस्थागत बोलीदाताओं को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा और नेट ऑफर का कम से कम 35 प्रतिशत सेबी आईसीडीआर विनियम के अनुसार खुदरा व्यक्तिगत बोलीदाताओं को आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। हालांकि यह ऑफर मूल्य पर या उससे ऊपर प्राप्त होने वाली मान्य बोलियों के अधीन होगा। इसके अलावा,  कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से के तहत आवेदन करने वाले पात्र कर्मचारियों को समानुपातिक आधार पर इक्विटी शेयर आवंटित किए जाएंगे, बशर्ते कि उनसे ऑफर मूल्य पर या उससे अधिक की वैध बोलियां प्राप्त हों।

सभी संभावित बोलीदाताओं (एंकर निवेशकों को छोड़कर) को यदि लागू हो तो अनिवार्य रूप से अपने संबंधित एएसबीए खातों और यूपीआइ आइडी (आरआईबी के मामले में) का विवरण प्रदान करके एप्‍लीकेशन सपोर्टेड बाय ब्‍लॉक्‍ड अमाउंट ("एएसबीए") प्रक्रिया का उपयोग कर ऑफर में भाग लेना आवश्यक है, जिसमें संबंधित बोली राशि को सेल्‍फ सर्टिफाएड सिंडीकेट बैंक्‍स ("एससीएसबी") या यूपीआई तंत्र के तहत स्‍पॉन्‍सर बैंक द्वारा ब्‍लॉक कर दिया जाएगा, यदि लागू हो। एंकर निवेशकों को एएसबीए प्रक्रिया के माध्यम से ऑफर में भाग लेने की अनुमति नहीं है।

नए इश्यू से प्राप्त शुद्ध आय का उपयोग (i) सभी या कुछ उधारों के पुनर्भुगतान/पूर्व भुगतान के लिए ; (ii) पश्चिम बंगाल के पंचला में नई विनिर्माण सुविधा के लिए पूंजीगत व्यय के एक हिस्से की फंडिंग ("प्रस्तावित विस्तार"); और (iii) सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य के लिए किया जाना प्रस्तावित है।

इस ऑफर में पेश किए गए इक्विटी शेयरों का लिस्टिंग के बाद बीएसई लिमिटेड ("बीएसई") और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड ("एनएसई", बीएसई, "स्टॉक एक्सचेंज") पर सूचीबद्ध होना प्रस्तावित है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड, एडलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड ऑफर के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स हैं।

 

 

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