Monday, October 11, 2021

पिरामल एंटरप्राइजेज ने डीमर्जर और कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर के सरलीकरण की घोषणा की, वित्तीय सेवाओं और फार्मास्यूटिकल्स में दो अलग-अलग सूचीबद्ध इकाइयां बनाने की दिशा में कदम

मुंबई, भारत- 11 अक्टूबर, 2021- पिरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड (पीईएल, एनएसई- पीईएल, बीएसई- 500302) के निदेशक मंडल ने आज आयोजित अपनी बैठक में पीईएल से फार्मास्यूटिकल्स कारोबार के डीमर्जर के लिए एक समग्र योजना को मंजूरी दी और साथ ही इसके सरलीकरण को भी अनुमोदित कर दिया। यह योजना वित्तीय सेवाओं और फार्मास्यूटिकल्स में दो अलग-अलग सूचीबद्ध इकाइयां बनाने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।

पिरामल ग्रुप के चेयरमैन श्री अजय पिरामल ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में पिरामल एंटरप्राइजेज एक सूचीबद्ध होल्डिंग कंपनी स्ट्रक्चर के तहत विविध व्यवसायों के साथ कई गुना बढ़ गया है। हमारी घोषित रणनीति के अनुरूप, बोर्ड ने आज वित्तीय सेवाओं और फार्मास्यूटिकल्स में दो स्वतंत्र सूचीबद्ध संस्थाओं को बनाने के लिए, हमारे कॉर्पाेरेट ढांचे के डीमर्जर और सरलीकरण को मंजूरी दे दी है, जिसमें वे अपने व्यवसाय के सभी क्षेत्रों में नेतृत्व की स्थिति में हैं। यह कदम निश्चित तौर पर दोनों संस्थाओं को और मजबूत बनाएगा। इस तरह ये संस्थाएं भविष्य के लिए तैयार हो सकेंगेी और वे  स्वतंत्र रूप से अपनी विकास रणनीतियों को तेज फोकस और पहचान के साथ आगे बढ़ाने में सक्षम बन सकेंगी।’’

पिरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड एक बड़े सूचीबद्ध विविध एनबीएफसी में तब्दील हो जाएगा, जो रिटेल और होलसेल फाइनेंसिंग पर केंद्रित है। इसकी समेकित ऋण पुस्तिका 65,000 करोड़ रुपए की है। हमारा रिटेल लेंडिंग प्लेटफॉर्म डिजिटल रूप से संचालित होगा, जो भारतबाजार में ऐसे ग्राहकों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करेगा, जिन्हें ऐसी सेवाओं तक पहुंच हासिल नहीं है या बहुत कम है। डीएचएफएल के हालिया अधिग्रहण के साथ, पूर्ण स्वामित्व वाली हाउसिंग फाइनेंस हाउसिंग सब्सिडियरी को किफायती आवास वित्त पर केंद्रित हमारे देश के सबसे बड़े एचएफसी में से एक बनने के लिए महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ाया गया है।

पिरामल फार्मा लिमिटेड भारत में सूचीबद्ध एक बड़ी फार्मा कंपनी होगी, जिसके पास अनुबंध विकास और विनिर्माण, कॉम्प्लेक्स हॉस्पिटल जेनरिक के वैश्विक वितरण और भारत में उपभोक्ता उत्पादों के बाजार में एक बड़े भौगोलिक पदचिह्न में प्रमाणित क्षमताएं होंगी। पीपीएल का कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (सीडीएमओ) व्यवसाय भारत में शीर्ष तीन व्यवसायों में से एक है और विश्व स्तर पर 13 वां सबसे बड़ा है। पीपीएल के कॉम्प्लेक्स हॉस्पिटल जेनरिक और इंडिया कंज्यूमर हेल्थकेयर व्यवसाय अलग-अलग उत्पादों और बिजनेस मॉडल के साथ अच्छी स्थिति में हैं।

और आगे बढ़कर देखें, तो दोनों सूचीबद्ध संस्थाएं अच्छा करना और बेहतर करनाके हमारे दर्शन के अनुरूप, हमारे सभी हितधारकों के लिए मूल्य बनाने की दिशा में काम करना जारी रखेंगी।’’

डीमर्जर और कॉर्पाेरेट संरचना के सरलीकरण के बारे में

फार्मा-

फार्मास्युटिकल व्यवसाय पिरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड से अलग हो जाएगा और पिरामल फार्मा लिमिटेड (पीपीएल) में समेकित हो जाएगा। हेम्मो फार्मा प्राइवेट लिमिटेड (पेप्टाइड एपीआई विकास और विनिर्माण क्षमताओं पर केंद्रित) और कन्वर्जेंस केमिकल प्राइवेट लिमिटेड (विकास, निर्माण और विशेष फ्लोरोकेमिकल्स की बिक्री के लिए सेटअप), एक समेकित सूचीबद्ध फार्मा इकाई बनाने के लिए पीपीएल के साथ मिल जाएंगी।

डीमर्जर के अनुरूप पीईएल के शेयरधारकों को पीईएल में उनकी मौजूदा होल्डिंग के अलावा, पीईएल में प्रत्येक 1 (एक) शेयर के लिए पीपीएल के 4 (चार) फुली पेडअप शेयर मिलेंगे, जिसका अंकित मूल्य रु.2 शेयर पात्रता अनुपात के अनुसार उनके पास धारित है।

वित्तीय सेवाएं-

पीईएल के साथ पीएचएल फिनइनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के समामेलन से एक सूचीबद्ध गैर-बैंकिंग फाइनेंस सर्विसेज (एनबीएफसी) इकाई का गठन होगा। डीएचएफएल के अधिग्रहण के बाद विलय हो चुकी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (एचएफसी) पीईएल की 100 फीसदी सहायक कंपनी बनी रहेगी।

इस डीमर्जर और कॉर्पाेरेट ढांचे के सरलीकरण के माध्यम से, पीईएल के शेयरधारक बिना किसी क्रॉस-होल्डिंग और अल्पांश हिस्सेदारी के दोनों सूचीबद्ध संस्थाओं में सीधे शेयरों के मालिक होंगे।

व्यवस्था की समग्र योजना कंपनियों के शेयरधारकों और लेनदारों, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (बीएसई), माननीय राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) और अन्य नियामक प्राधिकरण, जैसा लागू हो, के अनुमोदन के अधीन है। 

स्ट्रेटेजिक रैशनैल-

कॉर्पाेरेट संरचना के डीमर्जर और सरलीकरण से दोनों कंपनियों के लिए तालमेल कायम करने और कंपनियों और हितधारकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण मूल्य अनलॉक होने की उम्मीद है।

0 यह फार्मास्यूटिकल्स और वित्तीय सेवाओं में दो अलग-अलग प्योर-प्ले कंपनियों के साथ पिरामल एंटरप्राइजेज की कॉर्पाेरेट संरचना को सरल बनाएगा।

0 यह अलग समर्पित बोर्डों और प्रबंधन टीमों के साथ व्यवसायों के लिए गवर्नेंस आर्किटेक्चर को और मजबूत करेगा।

0 यह प्रत्येक व्यवसाय के लिए ऑप्टिमल केपिटल स्ट्रक्चर तैयार करेगा।

0 यह दोनों संस्थाओं को स्वतंत्र रूप से विकास योजनाओं को ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक रूप से आगे बढ़ाने की क्षमता प्रदान करेगा।

0 यह निवेशक और विश्लेषक समुदाय के लिए प्रत्येक सेक्टर-फोकस्ड सूचीबद्ध इकाई की बेहतर समझ को सक्षम करेगा।

परिणाम-

डीमर्जर और कॉर्पाेरेट संरचना के सरलीकरण से वित्तीय सेवाओं और फार्मास्यूटिकल्स में अलग-अलग क्षेत्र-केंद्रित सूचीबद्ध संस्थाओं का निर्माण होगा।

 

No comments:

Post a Comment

जेईसीआरसी इनक्यूबेशन सेंटर ने किया वेंचर कैटेलिस्ट के साथ एमओयू साइन

स्टार्टअप कॉन्क्लेव इवेंट का हुआ आयोजन ,40+ स्टार्टअप ने लिया हिस्सा जयपुर। जेआईसी, जेईसीआरसी ने स्टार्टअपस और उभरते एंटरप्रेन्योरस के एक्सप...