Thursday, September 30, 2021

टाटा एआईए लाइफ के उपभोक्ताअब प्रैक्टोऔ से ले सकते हैं टेलीमेडिसिन सेवाओं का लाभ

 


मुंबई, 30 सितंबर, 2021: टाटा एआईए लाइफ इंश्‍योरेंस (टाटा एआईए लाइफ), जो भारत की अग्रणी जीवन बीमा कंपनियों में से एक है, ने विशिष्‍ट उत्‍पादों के नये पात्र* उपभोक्‍ताओं को भारत की अग्रणी एकीकृत हेल्‍थकेयर कंपनी, प्रैक्‍टो के जरिए ऑनलाइन चिकित्‍सा परामर्श (टेलीकंसल्‍टेशन) की सुविधा प्रदान की है। इस गठबंधन के तहत, टाटा एआईए के उपभोक्‍ता सत्‍यापित डॉक्‍टर्स से कभी भी और कहीं भी ऑनलाइन चिकित्‍सा परामर्श ले सकते हैं।

प्रैक्टो के साथ टाटा एआईए लाइफ की साझेदारी, ब्रांड के व्यापक संरक्षण प्रस्ताव को मजबूत करने में एक शक्तिशाली विभेदक है। यह पारंपरिक बीमा दृष्टिकोण से बहुत आगे जाता है जो कुशल दावा निपटान तक सीमित है। इसके जरिए प्रदत्‍त लाभों के तहत, पात्र उपभोक्ता विभिन्न चिकित्सा स्थितियों के लिए प्रति वर्ष 48 टेली परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। इसमें सर्दी, बुखार, चोट जैसी सामान्य बीमारियों के लिए सहायता शामिल है जिससे वे अपने घर के सुरक्षित और आरामदायक वातावरण से तत्काल चिकित्सा मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।

इस पहल के साथ, टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस महामारी के बीच ग्राहकों की प्रमुख आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अच्छी तरह से तैयार है। यह सुनिश्चित कर रहा है कि हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर और थायरॉयड जैसी जीवन शैली की बीमारियों की बढ़ती घटनाओं के बीच इसके ग्राहकों को प्रासंगिक, समय पर और सामाजिक दूरी के अनुकूल समर्थन प्राप्त हो। इसका जल्द पता लगाना फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि अगर समय पर इसका निदान या इलाज नहीं किया गया तो ऐसी बीमारियों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

समय से निदान हासिल करने के लिए, पात्र उपभोक्‍ता 22 स्‍पेशियाल्‍टीज जैसे कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, न्‍यूरोलॉजी एवं डायबिटीज व इंडोक्राइनोलाजी और यहां तक कि संदिग्‍ध कोविड संक्रमणों की स्थिति में भी योग्‍य स्‍पेशलिस्‍ट डॉक्‍टर्स के साथ इंस्‍टेंट वीडियो/ऑडियो/चैट कंसल्‍टेशंस बुक कर सकते हैं। इस सेवा के जरिए पॉलिसीधारकों को उनकी स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍याओं को हल करने में मदद मिलेगी और वो विशेषज्ञों की सलाह के साथ-साथ किसी भी मेडिकल टेस्‍ट्स एवं आवश्‍यक औषधियों का लाभ ले सकेंगे।

करार के बारे में बोलते हुए, टाटा एआईए लाइफ इंश्‍योरेंस के मुख्‍य वितरण अधिकारी, वेंकी अय्यर ने कहा, ''प्रैक्टो के साथ टाटा एआईए लाइफ का गठजोड़ हमारे ग्राहक-प्रथम दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है और भारत के सर्वोत्तम सुरक्षा प्रदाता होने की हमारी प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है। सुरक्षा व्यापक बीमा समाधानों से परे जाकर ग्राहकों को हर समय चिकित्सा मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने और कहीं से भी पहुंच प्रदान करने पर जोर देती है। इस उद्देश्य के साथ, हम अपने उपभोक्ताओं को समय पर विशेषज्ञ सलाह, निदान और समर्थन प्राप्त करने में मदद करने के लिए प्रैक्टो जैसे प्रगतिशील और अभिनव संगठनों के साथ एक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहे हैं। यह उन्हें स्वस्थ, बेहतर और खुशहाल जीवन जीने के लिए सशक्त बनाने के हमारे वादे के अनुरूप है। हमें विश्वास है कि हमारे पात्र ग्राहकों को यह टेलीकंसल्टेशन सुविधा दिन-प्रतिदिन के आधार पर अत्यंत उपयोगी लगेगी।''

प्रैक्टो के प्रोडक्‍ट हेड, सिद्धार्थ निहलानी ने बताया, ''भविष्‍य में भारत में कहीं से भी स्‍पेशियाल्‍टी केयर की तुरंत सुलभता होगी।टाटा एआईए लाइफ के साथ हमारी साझेदारी हमेशा अपने कर्मचारियों और भागीदारों के लिए चिकित्सा सहायता तक 24*7 पहुंच प्रदान करके व्यापक सुरक्षा प्रदान करने पर केंद्रित रही है। अब इसे टाटा एआईए के ग्राहकों तक पहुंचाकर, हम एक अरब से अधिक नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को सुलभ और वहनीय बनाने के अपने दृष्टिकोण के करीब पहुंच रहे हैं।''

इससे पूर्व, टाटा एआईए लाइफ अपने कर्मचारियों और सलाहकारों को डिजिटल तरीके से समर्थित स्‍वास्‍थ्‍य सेवा लाभ, चिकित्‍सा सहायता एवं सेवाएं उपलब्‍ध कराने के लिए प्रैक्टो के साथ सहयोग कर चुका है। इस पहल के तहत, कर्मचारी और सलाहकारगण 22 स्‍पेशियाल्‍टीज में योग्‍य डॉक्‍टर्स के साथ इंस्‍टेंट वीडियो/ऑडियो/चैट कंसल्‍टेशंस कर सकते हैं और औषधियों एवं डायग्‍नॉस्टिक सेवाओं पर छूट का लाभ ले सकते हैं।

पेबैक इंडिया ने भारतपे द्वारा संचालित अपने ऐप पर लॉन्च किया पे फीचर

नई दिल्ली, 30 सितंबर, 2021- भारतपे की कंपनी और भारत के सबसे बड़े मल्टी-ब्रांड लॉयल्टी प्रोग्राम पेबैक इंडिया ने आज अपने मोबाइल ऐप पर पे फीचर को लॉन्च की घोषणा की। इंडस्ट्री में यह पहली बार है, जब एक ही ऐप में क्यूआर-आधारित यूपीआई भुगतान और लॉयल्टी को एकीकृत किया गया है। इस तरह पेबैक देशभर में अपने 100 मिलियन से अधिक सदस्यों को भुगतान करने में सक्षम करेगा और वे  पेबैक ऐप का उपयोग करके किसी भी रिटेल स्टोर / मर्चेंट आउटलेट पर यूपीआई क्यूआर को स्कैन करके भुगतान कर सकेंगे और प्रत्येक लेनदेन पर लॉयल्टी पॉइंट अर्जित कर सकेंगे।

पेबैक इंडिया के सदस्य पेबैक पे के माध्यम से पहले यूपीआई लेनदेन पर 50 बोनस अंक अर्जित करेंगे और उसके बाद प्रत्येक लेनदेन पर 5 पेबैक अंक अर्जित कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, ग्राहक भारतपे क्यूआर पर किए गए लेनदेन पर 2 गुना अंक अर्जित करेंगे। अंक वास्तविक समय के आधार पर ग्राहक के खाते में जमा किए जाएंगे।

इसके अलावा, पेबैक 75 लाख से अधिक मर्चेंट आउटलेट्स पर भारतपे के क्यूआर पर पॉइंट्स के रिडेम्पशन की सुविधा को जोड़ देगा और आईओएस ऐप पर फीचर लॉन्च करेगा।

पे फीचर की लॉन्चिंग पर बोलते हुए भारतपे के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर अशनीर ग्रोवर ने कहा, ‘‘पेबैक एक बेहतरीन लॉयल्टी प्रस्ताव है, जिससे ग्राहकों को हजारों मर्चेंट आउटलेट्स पर लॉयल्टी पॉइंट अर्जित करने और रिडीम करने की अनुमति मिलती है। पिछले साल पेबैक ने पार्टनर मर्चेंट के लिए 8 बिलियन डॉलर का जीएमवी निकाला। आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि यह प्रस्ताव आज भारत में क्रेड, मेजिकपिन, फेव और किसी भी अन्य लॉयल्टी प्रोग्राम से भी बेहतर है। हमारी दृष्टि हर लेन-देन के लिए क्रेडिट और लॉयल्टी को अभिन्न और अनूठा बनाना है। पेबैक पे ग्राहकों को यूपीआई क्यूआर पर स्कैन करने और भुगतान करने की आदत डाल देगा। आखिरकार, पेबैक पॉइंट्स के सभी रिडेम्पशन और अर्निंग भारतपे क्यूआर पर स्वचालित रूप से हो जाएगी। पेबैक पॉइंट एक करेंसी की तरह काम करेगी, क्योंकि इसे सार्वभौमिक रूप से स्वीकार किया जाएगा।’’

पेबैक इंडिया के सीईओ रिजिश राघवन ने कहा, “पेबैक में हम हमेशा अपने ग्राहकों के लिए रिवार्डिंग अनुभव रचनेे के लिए प्रतिबद्ध हैं। पेबैक पे का शुभारंभ इसी दिशा में एक और कदम है। हमें विश्वास है कि यह उत्पाद अपने अद्वितीय प्रस्ताव के साथ ग्राहक अनुभव को फिर से परिभाषित करेगा जो लॉयल्टी और भुगतान को एकीकृत करता है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे सदस्य अपनी खरीदारी के लिए लॉयल्टी अंक अर्जित कर सकें, भले ही वे किसी बड़े खुदरा स्टोर या अपने पड़ोस की किराना दुकान पर खरीदारी कर रहे हों। हम आस-पड़ोस के स्टोरों के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद कर रहे हैं ताकि ग्राहकों की संख्या बढ़ाने, उन्हें अपने साथ जोड़कर रखने और बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए उन्हें लॉयल्टी की शक्ति का लाभ उठाने में मदद मिल सके।’’

पेबैक एक अनूठा लॉयल्टी प्रोग्राम है, जिसे ग्राहकों के साथ जुड़ने और ऐसे लॉयल्टी पॉइंट्स के साथ उनकी खरीदारी के लिए उन्हें पुरस्कृत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिन्हें बाद में भुनाया जा सकता है। इन-स्टोर और ऑनलाइन दोनों श्रेणियों में इसके 100 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष भागीदार हैं। विविध साझेदार पोर्टफोलियो में खुदरा, ईंधन, बैंकिंग, भुगतान, मनोरंजन, आतिथ्य और यात्रा में कई श्रेणियां शामिल हैं। ये ऐसी लोकप्रिय श्रेणियां हैं, जहां उपभोक्ता अपने कुल खर्च का 80 प्रतिशत हिस्सा खर्च करते हैं। इसके कुछ प्रमुख साझेदारों में आईसीआईसीआई बैंक, एचपीसीएल, बुकमाईशो, थॉमस कुक इंडिया, अमेजन, फ्लिपकार्ट और कई अन्य शामिल हैं।

ग्लोबल हेल्थं लिमिटेड ने सेबी के यहां डीआरएचपी दाखिल किया

 

ग्‍लोबल हेल्‍थ लिमिटेड (''मेदांता'' या ''कंपनी''), जो भारत के उत्‍तरी और पूर्वी क्षेत्रों में परिचालन करने वाली सबसे बड़ी प्राइवेट मल्‍टी-स्‍पेशियाल्‍टी टर्शियरी केयर प्रदाताओं में से एक है और जिसकी मुख्‍य स्‍पेशियाल्‍टीज कार्डियोलॉजी एवं कार्डियक साइंस, न्‍युरोसाइंसेज, अंकोलॉजी, डाइजेस्टिव एवं हेपेटोबाइलरी साइंसेज, ऑर्थोपेडिक्‍स, लीवर ट्रांसप्‍लांट, और किडनी एवं यूरोलॉजी में है, ने अपने आईपीओ (''आईपीओ'') के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के यहां अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्‍पेक्‍टस दाखिल किया।

मेदांता की स्थापना विश्व प्रसिद्ध कार्डियोवस्कुलर और कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. नरेश त्रेहन ने की थी। चिकित्सा में उनके विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें भारत के तीसरे और चौथे सबसे बड़े नागरिक पुरस्‍कार, पद्म भूषण और पद्म श्रीऔर बीसी रॉय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

"मेदांता" ब्रांड के तहत, उनके पास वर्तमान में चार अस्पताल (गुरुग्राम, इंदौर, रांची और लखनऊ) चल रहे हैं, एक अस्पताल जो एक ऑपरेशनल आउट पेशेंट सुविधा (पटना) के साथ निर्माणाधीन है, और एक अस्पताल (नोएडा) के लिए योजना बनाई गई है। विकास। 31 मार्च, 2021 तक, मेदांता ने 30 से अधिक चिकित्सा विशिष्टताओं में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं और वहां के अत्यधिक अनुभवी विभाग प्रमुखों के नेतृत्व में 1,100 से अधिक डॉक्टर नियुक्त हैं। 3.7 मिलियन वर्ग फुट के में फैले हुए, परिचालनरत अस्पतालों में 2,176 स्थापित बेड हैं।

आईपीओ में ग्‍लोबल हेल्‍थ लिमिटेड के 2 रुपये के अंकित मूल्य के इक्विटी शेयर शामिल हैं।  इस ऑफर में 5,000 मिलियन रु. तक के फ्रेश इश्‍यू ("फ्रेश इश्‍यू") और 48,440,000 इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल शामिल है।

फ्रेश इश्यू से प्राप्त शुद्ध आय का उपयोग निम्नलिखित उद्देश्यों के वित्तपोषण के लिए किया जाना प्रस्तावित है: (i) सहायक कंपनियों, जीएचपीपीएल और एमएचपीएल के पूर्ण या आंशिक रूप से उधार की चुकौती/पूर्व भुगतान; और (ii) सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य।

ऑफर के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड, क्रेडिट सुइस सिक्योरिटीज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड हैं।

इनर ब्यूटी सबटाइटल का हुआ आयोजन

 

मिस राजस्थान-2021 के फिनाले वीक में हुई मेडिटेशन क्लास
मेडिटेशन एक्सपर्ट निर्मला सेवानी ने मन को शांत रखने के दिये टिप्स
जयपुर । फ्यूजन ग्रुप द्वारा आयोजित राजस्थान के सबसे बड़े व सबसे पुराने प्रतिष्ठित ब्यूटी पेजेंट में आज 22 गोदाम स्थित 5 मेट्रो पोलीटिन में मंत्रज्ञ व मेडिटेशन एक्सपर्ट निर्मला सेवानी ने इंट्रोडक्शन से अपनी क्लास शुरू की व विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मन को कैसे शांत रखा जाये व नियमित मेडिटेषन व एन्क्जायिटी पे कैसे कण्ट्रोल किया जाये पे टिप्स दिये। 
आयोजक योगेश मिश्रा व निमिषा मिश्रा ने बताया कि फिनाले वीक में रोज अलग अलग ग्रूमिंग ट्रेनिंग सेशन आयोजित किये जा रहे है। ग्रूमिंग ट्रेनिंग में खिताब की दौड़ में गर्ल्स बहुत ही ज्यादा स्ट्रेस लेवल में आ जाती है, उसी को ध्यान में रखते हुए मिस राजस्थान ऑर्गेनाइजेशन हर साल गर्ल्स के स्ट्रेस लेवल को कम करने के लिये व इनर ब्यूटी सबटाइटल के लिये निर्मला सेवानी की वर्कशॉप का व इनर ब्यूटी सबटाइटल का आयोजन करती है। 
गौरतलब है कि 5 अक्टूबर को बिड़ला ऑडिटोरियम में मिस राजस्थान-2021 का आयोजन किया जायेगा व कोलकाता के फेमस डिजाइनर निर्मल सर्राफ व आनन्द सर्राफ का रॉयल कलेक्शन शो-केस किया जायेगा। 

सहजानंद मेडिकल टेक्नोंलॉजिज लिमिटेड ने सेबी के यहां डीआरएचपी दाखिल किया

सहजानंद मेडिकल टेक्‍नोलॉजिज लिमिटेड, जो कि शोध करने वाली, वैस्‍क्‍युलर डिवाइसेज को डिजाइन, तैयार एवं दुनिया भर में इसका विपणन करने वाली एक अग्रणी चिकित्‍सा उपकरण कंपनी है, ने बाजार विनियामक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (''सेबी'') के यहां अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्‍पेक्‍टस (''डीआरएचपी'') दाखिल किया है।

कंपनी ने 410.33 करोड़ रु. तक के फ्रेश इश्‍यू (''फ्रेश इश्‍यू'') और विक्रेता शेयरधारकों द्वारा 1,089.67 करोड़ रु. के ''ऑफर फॉर सेल'' (ओएफएस) के जरिए आईपीओ के माध्‍यम से 1,500 करोड़ रु. जुटाने की योजना बनायी है।

31 मार्च, 2021 के आंकड़ों के अनुसार,

सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजिज लिमिटेड 31 मार्च, 2021 (फ्रॉस्ट एंड सुलिवन) तक जर्मनी, नीदरलैंड, इटली और पोलैंड में से प्रत्येक में बाजार हिस्सेदारी (ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट या डीईएस की बिक्री की मात्रा के अनुसार) के मामले में शीर्ष पांच कंपनियों में से एक है। भारत में कुल ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट की बिक्री की मात्रा में, कंपनी की वित्त वर्ष 2019, 2020 और 2021 में क्रमशः 21%, 25% और 31% की अग्रणी बाजार हिस्सेदारी है।

ओएफएस में धीरज कुमार एस. वासोया के कुल 100 करोड़ रु. के इक्विटी शेयर्स; श्री हरि ट्रस्‍ट (जो अपने ट्रस्‍टी के माध्‍यम से काम करती है) के 33.75 करोड़ रु. के इक्विटी शेयर्स; समारा कैपिटल मार्केट्स होल्डिंग लिमिटेड के 635.56 करोड़ रु. के इक्विटी शेयर्स और एनएचपीईए स्‍पार्कल होल्डिंग बीवी (सामूहिक रूप से, ''विक्रेता शेयरधारक'') के 320.36 करोड़ रु. के इक्विटी शेयर्स शामिल हैं।

कंपनी ने प्रस्‍ताव दिया है कि यह इश्‍यू से होने वाली शुद्ध आय का उपयोग 1) कंपनी और इसकी अनुषंगियों द्वारा लिये गये 255 करोड़ रु. की प्राक्‍कलित राशि के ऋण को चुकाने/पूर्व-भुगतान; 2) इसकी अप्रत्‍यक्ष विदेशी अनुषंगियों, वैस्‍क्‍युलर इनोवेशंस के लिए 40.3 करोड़ रु. की प्राक्‍कलित राशि तक की कार्यशील पूंजी आवश्‍यकता की पूर्ति करने और शेष राशि का उपयोग सामान्‍य कॉर्पोरेट उद्देश्‍यों के लिए करेगी।

ऑफर के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया लिमिटेड, एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड और यूबीएस सिक्योरिटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड हैं।

इंडसलॉ, कंपनी की कानूनी परामर्शदाता हैं; ट्राइलिगल भारतीय कानून के अनुसार बुक रनिंग लीड मैनेजर्स के कानूनी सलाहकार हैं; और एलन एंड ओवरी (एशिया) पीटीई लिमिटेड प्रबंधकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानूनी परामर्शदाता हैं।

इक्विटी शेयर्स, बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध किये जाने के लिए प्रस्‍तावित हैं।

 

मुथूट फाइनेंस ने लॉन्च किया एआई वर्चुअल असिस्टेंट ‘मट्टू’

 

एआई-पावर्ड वर्चुअल असिस्टेंट मट्टूउपयोगकर्ताओं को ऋण के लिए आवेदन करने में सक्षम बनाता है, व्यक्तिगत ऑफ़र दिखाता है और खरीदार की सभी चिंताओं को दूर करता है

कोच्चि, 28 सितंबर, 2021- भारत के सबसे बड़े गोल्ड लोन एनबीएफसी मुथूट फाइनेंस ने एआई-पावर्ड वर्चुअल असिस्टेंट मट्टूको लॉन्च करने के लिए कन्वर्सेशनल एआई टेक्नोलॉजी में अग्रणी कंपनी Senseforth.ai के साथ हाथ मिलाया है। वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध वर्चुअल इंटेलीजेंट असिस्टेंट मट्टू उपयोगकर्ताओं को विभिन्न प्रकार के ऋणों के लिए आवेदन करने, खरीदारों की चिंताओं को दूर करने और खाते की शेष राशि की जांच करने, स्वर्ण ऋण ब्याज का भुगतान करने, ऋण टॉप-अप प्राप्त करने और आंशिक भुगतान करने के साथ-साथ और भी बहुत कुछ करने में सक्षम बनाता है।

मुथूट फाइनेंस के ग्राहक एआई वर्चुअल असिस्टेंट के साथ अंग्रेजी और हिंदी दोनों में चैटिंग या बातें कर सकते हैं। यह वर्चुअल असिस्टेंट व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध है, जो उपयोगकर्ताओं के लिए नेचुरल ह्यूमन इंटरेक्शन के माध्यम से प्रमुख सेवाओं तक पहुंच बनाना बहुत आसान बनाता है।

इस वर्चुअल असिस्टेंट की लॉन्चिंग के बारे में बोलते हुए द मुथूट ग्रुप के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अलेक्जेंडर जॉर्ज मुथूट ने कहा, ‘‘एक नए और टर्बाे-चार्ज्ड मट्टू को लॉन्च करना हमारे लिए एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है। यह एआई-पावर्ड वर्चुअल असिस्टेंट अनेक भाषाओं को सपोर्ट करता है, वॉयस सर्च क्षमता जैसी विभिन्न ग्राहक-अनुकूल सुविधाएँ प्रदान करता है, और 250 से अधिक अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों को संभाल सकता है। इसके अलावा, यदि कोई उपयोगकर्ता हमारे ग्राहक सेवा प्रतिनिधि से बात करना चाहता है, तो वे वर्चुअल असिस्टेंट के माध्यम से भी ऐसा कर सकते हैं। इस तरह वर्तमान समय में यह ग्राहकों के लिए व्यापक सुविधाएं लेकर आया है।’’

द मुथूट ग्रुप के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री ईपेन अलेक्जेंडर मुथूट ने कहा, ‘‘देश में एक अग्रणी एनबीएफसी होने के नाते हमारी लगातार यह कोशिश रहती है कि अपने ग्राहकों को और अधिक सुविधाएं प्रदान करें और इसीलिए हम नवीनतम टैक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते आए हैं। मट्टू हमारे ग्राहकों के साथ एक और सुरक्षित संचार चैनल खोलता है और ग्राहकों को अनेक नई सुविधाएं प्रदान करता है। कहा जा सकता है कि यह हमारे ग्राहकों के लिए एक उत्कृष्ट मूल्यवर्धन है और कंपनी में डिजिटल-फर्स्ट एजेंडे के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है।’’

Senseforth.ai के सीईओ और को-फाउंडर श्री श्रीधर मारी ने कहा, ‘‘आधुनिक ग्राहक उम्मीद करते हैं कि वेबसाइट ब्राउज़ करने या किसी शाखा में जाने के बिना कुछ सेकंड के भीतर ही उनकी जरूरतों को पूरा किया जाना चाहिए। मट्टू के लॉन्च से खरीदारों की मुश्किलें दूर होंगी और यह सुनिश्चित होगा कि मुथूट फाइनेंस के ग्राहकों को अपनी पसंद के चैनल पर प्रमुख सेवाओं तक तुरंत पहुंच प्राप्त हो।’’

इस अनूठे एआई-पावर्ड चैटबॉट के लॉन्च के साथ, मुथूट फाइनेंस तेजी से एक अग्रणी ऋणदाता के रूप में उभर रहा है जो लगातार अपने ग्राहकों को सुविधा प्रदान करने वाली टेलरमेड, टैक्नोलॉजी पावर्ड सेवाएं पेश कर रहा है। हाल ही में मुथूट फाइनेंस ने एक और सुविधा भी शुरू की थी जिसके तहत उसके गोल्ड लोन ग्राहक पेटीएम, गूगल पे और फोनपे के माध्यम से अपना ऋण चुका सकते हैं या ब्याज का भुगतान कर सकते हैं। ब्याज का भुगतान ऑनलाइन करने पर आकर्षक कैश बैक ऑफर भी हैं। मुथूट फाइनेंस गोल्ड लोन ग्राहक व्हाट्सएप का उपयोग करके कुछ ही क्लिक में लोन टॉप-अप का लाभ उठा सकते हैं। वे मुथूट फाइनेंस गोल्ड लोन होम सर्विस के माध्यम से अपने घर की सुविधा से भी गोल्ड लोन प्राप्त कर सकते हैं।

सेंसफोर्थ की पेटेंट और पुरस्कार विजेता टैक्नोलॉजी दुनिया भर में एंटरप्राइज-ग्रेड कन्वर्सेशनल एआई सॉल्यूशंस को शक्ति प्रदान करती है। ये वर्चुअल सहायक बड़े संगठनों को बिक्री बढ़ाने, ग्राहक जुड़ाव में सुधार करने और समर्थन लागत को कम करने में सक्षम बनाते हैं।

रिया मनी ट्रांसफर ने पेटीएम पेमेन्ट्स बैंक से साझेदारी की, पेटीएम के मोबाइल वॉलेट में वास्तविक समय में अंतरराष्ट्रीय भुगतान संभव होगा

 

नोएडा, 30 सितंबर 2021 : यूरोनेट वर्ल्वाइड, इंक. (NASDAQ: EEFT) के कारोबारी वर्ग और सीमा पार से धन स्थानांतरित करने वाले उद्योग में वैश्विक स्तर पर अग्रणी, रिया मनी ट्रांसफर और भारत में विकसित घरेलू अग्रणी भुगतान कंपनी, पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने आज एक साझेदारी की घोषणा की। इस साझेदारी के तहत ग्राहक वास्तविक समय में रिया के सघन नेटवर्क के जरिए पेटीएम के प्रमुख मोबाइल वॉलेट में वर्चुअल तरीके से फौरन पैसे भेज सकें ।  

इस अग्रणी साझेदारी की बदौलत दोनों कंपनियों ने भारत के रेमिटेंस उद्योग में एक नई शुरुआत की है। पेटीएम डिजिटल वॉलेट में सीधे अंतरराष्ट्रीय रेमिटेंस प्राप्त करने वाला पहला मंच बन गया है और रिया धन ट्रांसफर करने वाली पहली कंपनी बन गई है जो पेटीएम के करीब 333 मिलियन वॉलेट उपयोगकर्ताओं1 से जुड़ गई है और इस तरह इस क्षेत्र में अपने ग्राहकों की पहुंच का अच्छा-खासा विस्तार किया है और दुनिया भर में फैले भारतीयों के लिए घर पर पैसे भेजने के लिए एक नया डिलीवरी चैनल बनाया है।  

विदेश में रहने वाले ग्राहक अब भारत में पूर्ण केवाईसी वाले पेटीएम वॉलेट उपयोगकर्ताओं को अपने घर से ही, आराम से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। रिया मनी ट्रांसफर ऐप्प या वेबसाइट अथवा दुनिया भर में फैले 490,000 रिया रीटेल लोकेशन में यह सुविधा उपलब्ध है और इनमें से किसी भी एक में जाकर पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। धन का प्रत्येक स्थानांतरण वास्तविक समय में किया जाएगा और इस तरह फायदे वाली कई सुरक्षा पेशकशें की जाएंगी। इनमें खाते की पुष्टि, नाम का मिलान शामिल है जो यह सुनिश्चित करता है कि ग्राहक बचत के साथ-साथ सुरक्षित उपयोगकर्ता अनुभव हासिल करेंगे।

 

यूरोनेट के मनी ट्रांसफर सेगमेंट के सीईओ जुआन बिआंची ने कहा,  जब हम भारत में परिवार को रेमिटेंस यानी पैसे भेजने के महत्‍व पर विचार करते हैं तो रिया ने लगातार नए तरीके तलाशे हैं ताकि पैसे वहां पहुंचे जहां इसका मतलब है। इसी से हम पेटीएम पेमेंट्स बैंक के साथ इस महत्वपूर्ण साझेदारी तक पहुंचे हैं। उन्होंने आगे कहा, “अपने ग्राहकों की आवश्यकताओं और उनके हाथ में पहले से मौजूद टेक्नालॉजी को आगे बढ़ाने के मद्देनजर रिया को उन्हें ज्यादा डिजिटल पहुंच और सुविधा की पेशकश करते हुए गर्व है। लोकप्रिय पेटीएम मोबाइल वॉलेट को सीधे भुगतान की पेशकश करपने वाली रिया भारत में पहली है। यह भारतीय परिवारों की उंगलियों पर पैसे रखकर उन्हें करीब ला रही है। यह करार रिया नेटवर्क के लिए भी एक महत्वपूर्ण एडिशन है जो 3.6 मिलियन बैंक खातों और 410 मिलियन मोबाइल तथा वर्चुअल खातों को सपोर्ट करती है तथा जिसका विस्तार किया जा रहा है ताकि एक ही नेटवर्क पर उपभोक्ता तथा कॉरपोरेट के लिए भुगतान संभव किया जा सके।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के एमडी और सीईओ सतीश कुमार गुप्ता ने कहा, “नागरिकों को सुचारू डिजिटल बैंकिंग सेवाओं से सशक्त करने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत, हम लोग अब पेटीएम वॉलेट में अंतरराष्ट्रीय रेमिटेंस के डायरेक्ट ट्रांसफर की पेशकश कर रहे हैं। यह भारत में पहला है। हम रिया मनी ट्रांसफर के साथ साझेदारी करके खुश हैं जो वैश्विक स्तर पर पैसों के तीव्र, सुरक्षित और किफायती स्थानांतरण के लिए स्थापित ब्रांड है। इस लॉन्‍च से दुनिया भर में फैले भारतीयों को वास्तविक समय में घर पैसे भेजने के लिए बेजोड़ सुविधाएं और लचीलापन उपलब्ध होगा।"

यह गठजोड़ रिया की डिजिटल विस्तार रणनीति पर बना है जब वह अपनी सेवाओं का विस्तार दुनिया भर में मोबाइल वॉलेट्स तक कर रही है। इससे न सिर्फ धन की बल्कि उभरते बाजारों में उपभोक्ताओं की पहुंच बढ़ रही है। मोबाइल वॉलेट उद्योग रोज करीब 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि प्रोसेस करता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 20232 तक यह बढ़कर 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष हो जाएगा। उन देशों में जहां एक तिहाई से भी कम आबादी के बैंक खाते हैं वहां मोबाइल वॉलेट्स खूब उपलब्ध हैं। वित्तीय समावेशन के लिए यह बेजोड़ मौका है। रिया के सघन नेटवर्क में मोबाइल वॉलेट को शामिल किया जाना न सिर्फ ग्राहकों के अनुभव बेहतर बनाता है बल्कि सभी को सहूलियत देता है और अतिरिक्त मूल्य देता है।

भारत के सबसे बड़े टीआरईडी प्ले टफॉर्म, इनवॉइसमार्ट ने नया मानक कायम किया, 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य के एमएसएमई इनवॉइसेज का वित्तपोषण


मुंबई, 30 सितंबर, 2021: भारत के सबसे बड़े ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) प्लेटफॉर्म इनवॉइसमार्ट ने अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के एमएसएमई चालान के वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करके ट्रेड्स में एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है। अगस्त 2021 में आरबीआई द्वारा लाइसेंस प्राप्त मार्केट-प्लेस ने मासिक रूप से रु.1000 करोड़ से अधिक की कमाई की और 11,000+ प्रतिभागियों (10000+ MSME विक्रेताओं सहित) को नामांकित करने वाला एकमात्र ट्रेड्स प्लेटफॉर्म है।

इस बेंचमार्क को कॉरपोरेट्स की बढ़ी हुई भागीदारी और प्लेटफॉर्म पर सरकारी संस्थाओं की भागीदारी के सक्रिय पैमाने के साथ हासिल किया जा सका है। बड़ी सरकारी संस्थाएं अब प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने एमएसएमई को लगातार भुगतान भेज रही हैं।

डिजिटल परिवर्तन और टीआरईडीएस जैसे इनवॉइस फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म को अपनाने से एमएसएमई विक्रेताओं को जल्दी भुगतान प्राप्त करने और पूर्व-कोविड ​​19 स्तरों पर वापस आने में मदद मिली है। इनवॉइसमार्ट ने अपने डिजिटल चालान छूट समाधान के माध्यम से पूरे भारत में 570+ शहरों में एमएसएमई को टीआरईडीएस का लाभ उठाया है। इनवॉइसमार्ट कॉरपोरेट्स/सरकारी संस्थाओं द्वारा आयोजित वेबिनार, नियोजित आउटरीच कार्यक्रमों और स्थानीय व्यापार संघों के साथ गठजोड़ के माध्यम से एमएसएमई विक्रेताओं तक पहुंचने में सक्षम रहा है। मंच ने अपने एमएसएमई को लंबित भुगतान जारी करने के लिए कई सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर काम किया है।

इनवॉइसमार्ट के पास वर्तमान में 920+ एंकर सीपीएसई/पीएसयू, कॉरपोरेट्स, बैंक और एनबीएफसी फैक्टर्स का मजबूत ग्राहक आधार है। 10,000+ एमएसएमई जिन्होंने प्रतिभागियों के रूप में पंजीकरण किया है, वे टीआरईडीएस के माध्यम से अपने चालानों को रूट करने और अत्यंत प्रतिस्पर्धी दरों को प्राप्त करने का लाभ उठा रहे हैं। सरकारी संस्थाओं के एमएसएमई को उन स्तरों पर ब्याज दरें मिल रही हैं, जिन्हें पहले कभी वित्त पोषण नहीं मिला।

सरकार द्वारा घोषित प्रमुख नीतिगत परिवर्तन जैसे एमएसएमई के लिए नई परिभाषा की शुरूआत, एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से एमएसएमई को उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करना, एमएसएमई की परिभाषा में व्यापारियों को शामिल करना और फैक्टरिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2021 की हालिया मंजूरी लगभग 9000 की अनुमति देना। एनबीएफसी को फाइनेंसर के रूप में पंजीकृत करने से टीआरईडीएस पर भागीदारी को और बढ़ावा देने की उम्मीद है। मंच अब अपनी पहुंच का विस्तार कर रहा है और विभिन्न राज्य सरकारों / विभागों के साथ बातचीत कर रहा है जो अपने एमएसएमई को इस डिजिटल मार्केट-प्लेस से लाभ प्राप्त करने में मदद करने के इच्छुक हैं।

इनवॉइस फाइनेंसिंग तक पहुंच में आसानी और बाजार-स्थान की अवधारणा वास्तव में एमएसएमई विक्रेताओं के बीच लोकप्रिय हो रही है। इनवॉइसमार्ट ने अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से 790,000+ चालानों को देखा है और इन पंजीकृत एमएसएमई से प्लेटफॉर्म के लिए अपने अधिक खरीदारों को ट्रेड्स पर सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए लगातार मांग कर रहे हैं।

ए. ट्रेड्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी, प्रकाश शंकरन ने कहा, ''हम इस उपलब्धि का श्रेय अपने सभी ग्राहकों - पीएसयू/कॉर्पोरेट्स, बैंकों, एनबीएफसी फैक्टर्स और एमएसएमई और उनकी सक्रिय भागीदारी को देते हैं। उनके निरंतर समर्थन और प्रतिक्रिया ने हमें उनकी अपेक्षाओं के अनुसार व्यवसाय बनाने में मदद की है। हमें इस बात की भी खुशी है कि सरकारी संस्थाएं अपने एमएसएमई के लिए वित्त की आसान पहुंच प्रदान करने के लिए हमारे मंच का उपयोग कर रही हैं। हमारे पास आगे एक रोमांचक वर्ष है और ट्रेड्स और फिनटेक स्पेस में नए मानक स्थापित करने की उम्मीद है।''

पीरामल ग्रुप ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस (डीएचएफएल) के अधिग्रहण के लिए 34,250 करोड़ रुपए का भुगतान किया

ट्रांजेक्शन संबंधी विशेषताएं

-- वित्तीय सेवा क्षेत्र में आईबीसी रूट के तहत पहला सफल प्रस्ताव और मूल्य के संदर्भ में सबसे बड़े प्रस्तावों में से एक

-- अधिग्रहण को पूरा करने की दिशा में 34,250 करोड़ रुपए का भुगतान करने पर विचार

-- 94 प्रतिशत लेनदारों ने पीरामल की समाधान योजना के पक्ष में किया मतदान

-- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) और राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से मिला अनुमोदन

-- पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (पीसीएचएफएल) का डीएचएफएल में होगा विलय। नई इकाई का नाम रखा जाएगा- पीसीएचएफएल

-- अधिकांश डीएचएफएल लेनदारों ने समाधान प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करके हासिल की लगभग 46 प्रतिशत की वसूली

 

भारत में अग्रणी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में से एक, फोकस किफायती वित्तपोषण पर--

-- 1 मिलियन से अधिक आजीवन ग्राहकों तक पहुंच

-- 301 शाखाओं और 2,338 कर्मचारियों के नेटवर्क के साथ 24 राज्यों में उपस्थिति

-- देश में सेवाओं से वंचित बाजार की विविध वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए देशव्यापी प्लेटफॉर्म

-- खुदरा वित्तपोषण की दिशा में ऋण पुस्तिका में महत्वपूर्ण विविधता - निकट अवधि में लगभग 50ः50 रिटेल होलसेल मिक्स

-- अधिग्रहण हमारी खुदरा ऋण पुस्तिका को 5 गुना तक बढ़ा देगा

-- उधार लेने की औसत लागत को कम करता है और हमारे वित्तीय सेवा व्यवसाय की परिसंपत्ति देयता प्रोफ़ाइल में और सुधार करता है

 

पिछले दो वर्षों में हमारे वित्तीय सेवाओं के कारोबार में जरूरी परिवर्तन के लिए तैयार एक रणनीतिक रोडमैप के अनुरूप है यह अधिग्रहण

-- 18,000 करोड़ रुपये की इक्विटी जुटाई - इतने बड़े अवसरों का लाभ उठाने के लिए बैलेंस शीट को मजबूत किया

-- ऋण से इक्विटी में महत्वपूर्ण रूप से कमी-विलय की गई इकाई में महत्वपूर्ण वृद्धि के लिए पूरी तैयारी

मुंबई, भारत, 29 सितंबर, 2021- पीरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड (पीईएल, एनएसई- पीईएल, बीएसई- 500302) ने आज दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) के अधिग्रहण के लिए भुगतान करने का एलान किया। वित्तीय सेवा क्षेत्र में आईबीसी रूट के तहत होने वाला यह  पहला सफल समाधान है। । मूल्य के संदर्भ में यह ट्रांजेक्शन अब तक के सबसे बड़े प्रस्तावों में से एक है, जो इस क्षेत्र में भविष्य के प्रस्तावों के लिए मिसाल कायम करता है।

इस अवसर पर बोलते हुए पीरामल ग्रुप के प्रेसीडेंट अजय पीरामल ने कहा, ‘‘हमें इस उपयोगी अधिग्रहण को पूरा करने के लिए किए गए भुगतान की घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है। इस तरह हम एक अग्रणी और डिजिटल रूप से उन्मुख, विविध वित्तीय सेवा समूह बनने की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ने में कामयाब हुए हैं। निश्चित तौर से अब हम ग्राहकों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की दिशा में पूरा ध्यान केंद्रित कर पाएंगे और हमारे देश के उन लोगांे को और अधिक सेवाएं उपलब्ध कराएंगे, जो अभी तक इन सेवाओं से वंचित हैं या जिन्हें बहुत कम सेवाएं उपलब्ध हैं।’’

‘‘किसी भी उन्नत अर्थव्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता एक मजबूत इन्सॉल्वेंसी कोड है। दिवालियेपन के ऐतिहासिक सुधारों ने इस तरह के जटिल प्रस्तावों को अधिक पूर्ण और समयबद्ध तरीके से हल करना संभव बना दिया है।’’

पीरामल ग्रुप के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आनंद पीरामल ने कहा, ‘‘संयुक्त इकाई में 301 शाखाएं, 2,338 कर्मचारी और 10 लाख से अधिक आजीवन ग्राहक होंगे। हम तेजी से बढ़ते किफायती आवास वर्ग में एक प्रमुख कंपनी के तौर पर सामने आएंगे। पिछले दो वर्षों में हमने अपने नेक्स्ट-जेन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, एडवांस्ड एनालिटिक्स इंजन और एआई/एमएल क्षमताओं का सफलतापूर्वक निर्माण किया है। यह अधिग्रहण हमें इन तकनीकों को ग्राहकों के बहुत बड़े आधार पर लागू करने की अनुमति देता है। नई मर्ज की गई इकाई भारत में डिजिटल-फर्स्ट रिटेल लेंडिंग मार्केट में सबसे आगे होने की ओर अग्रसर है।’’

ट्रांजेक्शन के बारे में

जनवरी 2021 में, डीएचएफएल के 94 प्रतिशत लेनदारों ने पीरामल की समाधान योजना के पक्ष में मतदान किया था। इस लेनदेन को पूरा करने के लिए आरबीआई, सीसीआई और एनसीएलटी से भी मंजूरी ली गई थी। प्रक्रिया के एक भाग के रूप में, पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (पीसीएचएफएल) का डीएचएफएल के साथ विलय होगा। विलय की गई इकाई का 100 फीसदी स्वामित्व पिरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड के पास होगा।

डीएचएफएल के लेनदार (एफडी धारकों सहित) डीएचएफएल की समाधान प्रक्रिया से कुल 38,000 करोड़ रुपए की वसूली करेंगे। इस राशि में शामिल हैं (ए) पीसीएचएफएल द्वारा नकद और गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर के संयोजन के रूप में 34,250 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा और (बी) 3,800 करोड़ रुपए की राशि, डीएचएफएल के पास उपलब्ध नकद शेष, लेनदार (रिजॉल्यूशन योजना के अनुसार) जिसके हकदार हैं।

डीएचएफएल के 70,000 लेनदार हैं और उनमें से अधिकांश ने समाधान प्रक्रिया के सफल समापन के माध्यम से अपने लंबित बकाया का लगभग 46 फीसदी वसूल कर लिया है।

अधिग्रहण के पूरा होने पर पीरामल ग्रुप द्वारा 34,250 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया, जिसमें 14,700 करोड़ रुपए का एक अपफ्रंट कैश कंपोनेंट और 19,550 करोड़ रुपए के ऋण लिखतों को जारी करना शामिल है (10 वर्ष के एनसीडी, 6.75 प्रतिवर्ष, अर्धवार्षिक आधार पर)।

ट्रांजेक्शन सिनर्जी

मर्ज की गई इकाई के माध्यम से पीरामल की वित्तीय ताकत और मजबूत होती है। इसके साथ अब डीएचएफएल के 301 शाखाओं का वितरण नेटवर्क और 2,338 कर्मचारियों का कार्यबल और जुड़ जाता है। साथ ही, 24 राज्यों में 1 मिलियन आजीवन ग्राहक भी इससे आ जुड़ते हैं। इस तरह यह देश की एक ऐसी अग्रणी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में से एक बन जाती है, जो मूल मूल्यों और संस्थागत विश्वसनीयता को आगे बढ़ाने में कामयाब है।

यह किफायती सेगमेंट पर केंद्रित एक देशव्यापी प्लेटफॉर्म बनाती है ( लगभग 17 लाख रुपए के औसत ऋण टिकट आकार के साथ), जो कम सुविधाओं वाले बाजार में ग्राहकों की विविध वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए काम करता है। ये ऐसे ग्राहक हैं जो महानगरों की परिधि में और टियर वन, टू और टियर थ्री शहरों में रहते हैं।

पिछले दो वर्षों में, पीरामल एंटरप्राइजेज ने 18,000 करोड़ रुपए की इक्विटी जुटाकर इतने बड़े अवसरों का लाभ उठाने के लिए अपनी बैलेंस शीट को मजबूत किया है। इसने शुद्ध ऋण की तुलना में इक्विटी को कम किया और अपना फोकस लंबी अवधि के उधार की ओर स्थानांतरित किया, जिससे विलय वाली इकाई में महत्वपूर्ण वृद्धि के लिए मार्ग प्रशस्त हुआ है। अधिग्रहण हमारे वित्तीय सेवाओं के कारोबार को बदलने के लिए रणनीतिक रोडमैप के निष्पादन के तहत एक बड़ा कदम है।

यह लेन-देन न केवल खुदरा ऋण पुस्तिका को 5 गुना तक बढ़ा देगा, बल्कि समग्र ऋण पुस्तिका को महत्वपूर्ण विविधीकरण भी प्रदान करेगा। यह अल्पावधि में लगभग 50-50 खुदरा रिटेल होलसेल मिक्स को हासिल करने का मार्ग भी प्रशस्त करता है। कंपनी नए मोबाइल ऐप सहित मशीन लर्निंग (एमएल) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) द्वारा संचालित फिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म का लाभ उठाएगी।

इसके अलावा, लेन-देन से भारित औसत उधार लागत में लगभग 130 आधार अंकों की कमी आएगी और इससे हमारे वित्तीय सेवा व्यवसाय की संपत्ति देयता प्रबंधन (एएलएम) प्रोफ़ाइल में और सुधार होगा। लेन-देन से हमारे वित्तीय सेवा व्यवसाय में इक्विटी के उपयोग में भी काफी सुधार होगा, वित्तीय सेवा व्यवसाय की शुद्ध ऋण-से-इक्विटी जून -2021 तक 1.6 गुना से निकट अवधि में 3.5 गुना तक हो जाएगी।

भविष्य का रोडमैप

सकल घरेलू उत्पाद में भारत का घरेलू ऋण 12 प्रतिशत है जो दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम है, और इस तरह यह भारत में आवास वित्त व्यवसाय के लिए एक बड़े अप्रयुक्त बाजार क्षमता का संकेत देता है। किफायती आवास की तरफ भारत सरकार की ओर से बड़े जोर के साथ, पिछले कुछ वर्षों में टियर 2 और टियर 3 शहरों/कस्बों में क्रेडिट सक्रिय ग्राहकों की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

अधिग्रहण के बाद अब एक बड़े शाखा नेटवर्क के साथ-साथ एक व्यापक ग्राहक आधार और एक देशव्यापी इन्फ्रास्ट्रक्चर मिलेगा, जो टैक्नोलॉजी के माध्यम से संचालित होने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाएगा। यह कंपनी को प्रोडक्ट इनोवेशन, अनुकूलित पेशकश और बेहतर ग्राहक अनुभव के माध्यम से खुदरा ऋण पुस्तिका को महत्वपूर्ण रूप से विकसित और विविधता प्रदान करने में सक्षम बनाता है। खुदरा वित्त पोषण की हिस्सेदारी निकट अवधि में 50 फीसदी और मध्य से लंबी अवधि में 67 प्रतिशत तक सुधरने की संभावना है। खुदरा ऋण पुस्तिका में वृद्धि से वित्तीय सेवाओं के कारोबार में पूंजी दक्षता में मदद मिलेगी।

कंपनी यूज्ड कार और टू-व्हीलर लोन जैसी सेवाएं प्रदान करेगी। साथ ही, व्यावसायिक और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षा ऋण, निर्माण वित्त आवश्यकता को पूरा करने के लिए स्मॉल बिल्डर फाइनेंस, असुरक्षित व्यापार ऋण, व्यक्तिगत ऋण और प्रतिभूतियों पर ऋण भी उपलब्ध कराएगी।

पीरामल का डिजिटल एट द कोर का टेक प्लेटफॉर्म नए मोबाइल ऐप सहित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का व्यापक रूप से लाभ उठाएगा, ताकि ग्राहकों को और अधिक आसानी और सुविधा मिले। इसके अतिरिक्त, अपने प्लेटफॉर्म के निरंतर नवाचार और सुधार को बनाए रखने के लिए, पीरामल ने बंगलौर में 10,000 वर्ग फुट के सेंटर ऑफ एक्सीलैंस में निवेश किया है, जो टैक्नोलॉजीइंजीनियरिंग और डेटा विश्लेषण केंद्र के तौर पर काम करेगा।

दुबई एक्सपो-2020 में अनेक क्षेत्रों में एलएंडटी भी करेगा अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन


मुंबई, 30 सितंबर, 2021- लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने आज घोषणा की कि वह बहुप्रतीक्षित दुबई एक्सपो-2020 में भारतीय पवेलियन के हिस्से के रूप में भाग लेगा। एलएंडटी ने विशेष रूप से हाइड्रोकार्बन इंजीनियरिंग (एलटीएचई), वाटर एफ्लुएंट ट्रीटमेंट (डब्ल्यूईटी) और पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (पीटीएंडडी) व्यवसायों में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। इन व्यवसायों के अलावा माइंडट्री, एलटीआई और एलटीटीएस जैसी एलएंडटी समूह की कंपनियां भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगी।

एलएंडटी की पोर्टफोलियो रणनीति भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक अच्छी तरह से संतुलित और भौगोलिक रूप से विविध व्यवसायों को लक्षित करती है। मध्य पूर्व कंपनी के लिए प्रमुख विकास क्षेत्रों में से एक रहा है, जो कि कंपनी की अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर बुक का लगभग 61 प्रतिशत (68,773 करोड़ रुपए) है। एलएंडटी की कुल ऑर्डर बुक संरचना का 13 प्रतिशत हिस्सा इस क्षेत्र से ही आता है। वित्त वर्ष 21 में, मध्य पूर्व ने भारत के ऑर्डर बुक के बाद उच्चतम ऑर्डर बैकलॉग का योगदान दिया, इसके कुल राजस्व में 12 फीसदी का योगदान दिया। मध्य पूर्व व्यापार इकाई जो संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत और बहरीन के देशों को पूरा करती है, ने जीसीसी क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित स्थान कायम किया है।

एलएंडटी की भागीदारी पर टिप्पणी करते हुए एलएंडटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक, एस एन सुब्रह्मण्यन ने कहा, ‘‘दुबई एक्सपो-2020 में भारतीय पवेलियन दुनिया के सामने हमारी क्षमताओं को प्रदर्शित करने और हमारे देश को विकास और नवाचार के अगले केंद्र के रूप में पेश करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है। एलएंडटी की कहानी 8 दशकों से अधिक समय से भारत की विकास गाथा के साथ बुनी गई है। और हम इस मंडप का हिस्सा बनकर खुश हैं, जहां हम दिखाएंगे कि कैसे हम इनोवेशन, टैक्नोलॉजी और सस्टेनबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से उज्जवल कल का निर्माण करते हैं।’’

एलएंडटी का पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (पीटीएंडडी) बिजनेस वर्टिकल पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में एक अग्रणी कंपनी के तौर पर स्थापित है। भारतीय उपमहाद्वीप में एक प्रमुख कंपनी होने के अलावा, व्यापार को मध्य पूर्व में एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी और एक मजबूत प्रतिष्ठा प्राप्त है। एलएंडटी पीटी एंड डी हाल के वर्षों में कई हरित परियोजनाओं के लिए ईपीसी सेवाओं का प्रदाता रहा है। सऊदी अरब में 1.5 गीगावॉट सोलर पीवी प्रोजेक्ट इस कारोबार को मिलने वाला सबसे बड़ा विदेशी ऑर्डर है।

डब्ल्यूईटी वर्टिकल वैश्विक बाजारों पर ध्यान केंद्रित करता है और मध्य पूर्व में व्यापार के अवसरों का दोहन करना जारी रखेगा। एलएंडटी के हाइड्रोकार्बन इंजीनियरिंग (एलटीएचई) व्यवसाय को सऊदी अरामको से अपने लॉन्ग टर्म एग्रीमेंटके हिस्से के रूप में बड़े अनुबंध हासिल करने के लिए ऑयल एंड गैस मिडिल ईस्ट मैगजीन द्वारा शीर्ष 30 ईपीसी ठेकेदारों में दूसरे स्थान पर रखा गया था। इस क्षेत्र में लगभग तीन दशकों की उपस्थिति के साथ कंपनी ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं, विशेष रूप से तीन व्यावसायिक कार्यक्षेत्रों जैसे कि हाइड्रोकार्बन इंजीनियरिंग, वाटर एफ्लुएंट ट्रीटमेंट और पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन में।

एलएंडटी की लीडरशिप टीम 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस छह महीने लंबे मेगा इवेंट का भी हिस्सा होगी। एक्सपो 2020 दुबई दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक है। एक्सपो में इंडिया पवेलियन भारत को विकास और नवाचार के अगले केंद्र के रूप में दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा। मंडप न केवल भारत की संस्कृति और नवाचार को प्रदर्शित करेगा, बल्कि देश के विकास से जुड़े व्यापार के विशाल अवसर भी दुनिया के समक्ष प्रस्तुत करेगा।

एस्ट्राजेनेका ने हेल्थ-टेक स्टार्टअप, ट्रायकॉग के साथ मिलकर भारत में 'प्रोजेक्टे हार्ट बीट' लॉन्च किया; शीघ्र और सटीक डायग्नोलसिस, एवं समय से हस्तक्षेप के लिए एआई का उपयोग करके हार्ट अटैकमोर्टालिटी को कम करने का लक्ष्य बनाया

 

बेंगलुरू, 30 सितंबर, 2021: एस्ट्राजेनेका इंडिया (एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया लिमिटेड), जो कि एक प्रमुख विज्ञान-आधारित बायोफार्मास्युटिकल कंपनी है, ने हेल्थ-टेक स्टार्टअप, ट्रायकॉग के साथ मिलकर'प्रोजेक्ट हार्ट बीट' नामक एक कार्यक्रम शुरू किया, जो हार्ट अटैक के रोगियों के शुरुआती और सटीक निदान पर केंद्रित है, जिससे मृत्यु दर को कम किया जा सके।यह वर्तमान में टियर 1, 2 कस्बों और गांवों में चल रहा है, जहां गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवा की पहुंच नहीं है। यह परियोजना क्लाउड-आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समर्थित इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) की व्याख्या को सक्षम करके, रोगियों को निकटतम कैथ लैब या फाइब्रिनोलिसिस केंद्रों तक पहुंचाकर संदिग्ध दिल के दौरे के रोगियों के लिए शीघ्र निदान और हस्तक्षेप की आवश्यकता को पूरा करती है, जिससे सटीक निदान और समय पर उपचार सुनिश्चित होता है और अंततःरोगी के परिणाम में सुधार होता है।

 

इस पहल का उद्देश्य प्राथमिक और माध्यमिक देखभाल केंद्रों में चिकित्सकों और तकनीशियनों को बेहतर उपचार परिणामों के लिए अनुशंसित एसीएस (एक्यूटकोरोनरी सिंड्रोम) उपचार प्रोटोकॉल और तृतीयक देखभाल केंद्रों के लिए प्रारंभिक रेफरल का पालन कर के दिल के दौरे के रोगियों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद करना है।

 

प्रोजेक्ट हार्टबीट के सफल रोल आउट पर टिप्पणी करते हुए, एस्ट्राजेने का इंडिया के प्रबंध निदेशक, गगन सिंह बेदी ने कहा, “हार्टअटैक और इसके उपचार के संबंध में, शीघ्र निदान और समय पर उपचार महत्वपूर्ण है। चूंकि युवा आबादी भी इन दिनों दिल के दौरे से ग्रस्त है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम देश के ग्रामीण हिस्सों में शीघ्र निदान और उपचार के लिए सुविधाओं की व्यवस्था करें, क्योंकि उनके पास आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसान पहुंच नहीं है इस कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों में एमआई रोगियों का शीघ्र और सटीक निदान, डोर टू बैलून टाइम / नीडल टाइम को कम करना और प्राथमिक देखभाल केंद्रों पर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना शामिल है। इस कार्यक्रम के माध्यम से, हम पहले ही 13,000 से अधिक रोगियों के जीवन को स्‍पर्श कर चुके हैं और इसके परिणाम स्वरूप असामान्य ईसीजी की शीघ्र पहचान हुई है, जिन्हें प्रभावी रोग प्रबंधन में और सहायता के लिए उनके संबंधित टर्शियरी केयर अस्पतालों में भेजा गया था।''

 

इस अभियान के लिए, एस्ट्राजेने का ने हब एंडस्पोक मॉडल का प्रयोग किया है , जिसमें इसने बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप ट्रायकॉग हेल्थ के साथ साझेदारी की है। वर्तमान में 39 प्राथमिक/द्वितीयक देखभाल केंद्रों (स्पोक) से जुड़े 8 तृतीयक  देखभाल केंद्र (हब) हैं, जहां एक संचारक उपकरण के साथ 12-लीड ईसीजी मशीनें लगायी गयी हैं। डिवाइस वास्तविक समय में क्लाउड पर ईसीजी रीडिंग भेजता है, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एल्गोरिदम डेटा की व्याख्या करता है, जिसकी समीक्षा प्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा की जाती है और प्रतिक्रिया को प्राथमिक / माध्यमिक देखभाल केंद्र में वापस भेज दिया जाता है। साथ ही 10 मिनट से भी कम समय में इसे तृतीयक देखभाल केंद्र को भेज दिया जाता है।

 

इस पहल पर टिप्पणी करते हुए, ट्राय कॉग के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी,डॉ चरित भोगराज ने कहा, “हम इस परियोजना के लिए एस्ट्राजेने का के साथ साझेदारी कर के खुश हैं क्योंकि यह कुछ ऐसा है जो कई भारतीयों के जीवन को प्रभावित करता है भारत दुनिया भर में कार्डियो वैस्कुलर बीमारी (सीवीडी) के उच्चतम बोझों में से एक है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि दिल के दौरे के आधे से अधिक मामलों में अस्पताल पहुंचने में छह घंटे से अधिक समय लगता है, और दुर्भाग्य से, निदान और उपचार में देरी के कारण कई लोग अपने प्रियजनों को खो रहे हैं। यहां हम इस अंतर को पाटने की कोशिश कर रहे हैं।"

 

वर्तमान में, प्रोजेक्ट हार्टबीट के भारत में हार्टअटैक के रोगियों के इलाज के लिए सभी सुविधाओं युक्‍त आठ प्रमुख केंद्र हैं।इसमें संजीवन मेडिकल सेंटर, कराड- महाराष्ट्र, मेट्रो हार्ट- फरीदाबाद, स्पंदन अस्पताल- भोपाल, मध्यप्रदेश, सीकेएस अस्पताल- जयपुर, लाइफलाइन अस्पताल- ठाणे, बीकेएलवाला वाला कर ग्रामीण मेडिकल कॉलेज, कसारवाड़ी- महाराष्ट्र शामिल हैं और आने वाले महीनों में पूरे भारत में पहल का विस्तार करने की योजना है।

“वाविन-वेक्टस” की संयुक्तरूप से प्रथम चैनल पार्टनर मीट जश्न के साथ संपन्न हुई

जयपुर। बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री के ग्लोबल लीडर वाविन ने वॉटर स्टोरेज टैंक्स और पाइपिंग सिस्टम के क्षेत्र में देश की बहुप्रतिष्ठ...