Wednesday, August 18, 2021

"आईओटी (IoT) का उपयोग वैल्यू जनरेट करने के लिए किया जाना चाहिए" - सेक्रेटरी - साइंस एंड टेक्नोलॉजी, राजस्थान सरकार

- 'डीमिस्टीफायिंग द पोटेंशियल ऑफ आईओटी' विषय पर राजस्थान आईओटी समिट का तीसरा संस्करण

- फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल द्वारा आयोजन

जयपुर। आईओटी  को एक ट्राएंगल के रूप में देखा जा सकता है, जिसमें टेक्नोलॉजी, टेक्नोलॉजी द्वारा उपयोग की जाने वाली प्रक्रिया और इससे लाभान्वित होने वाले लोग शामिल हैं। आईओटी को एकीकृत करने की आवश्यकता है और इसके माध्यम से एकत्र की गई जानकारी और डेटा से वैल्यू जनरेट करने के लिए इसके विशिष्ट उपयोग की समझाइश की आवश्यकता है। यह बात साइंस एंड टेक्नोलॉजी, राजस्थान सरकार की सेक्रेटरी, श्रीमती मुग्धा सिन्हा ने बुधवार को फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल द्वारा वर्चुअली आयोजित - राजस्थान आईओटी समिट के तीसरे संस्करण में संबोधन के दौरान कही। समिट की थीम 'डीमिस्टीफायिंग द पोटेंशियल ऑफ आईओटी' था। आईओटी के महत्व के बारे में बात करते हुए, श्रीमती मुग्धा सिन्हा ने कहा कि आईओटी हमारे जीवन में गहराई से जुड़ गया है और दो प्रमुख उद्देश्य हैं जिनके लिए आईओटी की आवश्यकता है - जीवन बचाना और हानि को रोकना। श्रीमती सिन्हा ने आगे कहा कि सुरक्षा और गोपनीयता आईओटी की दो प्रमुख चिंता के कारण हैं और पॉलिसी निर्माताओं के साथ-साथ उद्योगों को इन मुद्दों को हल करने और आम हितधारकों -- नागरिकों को लाभान्वित करने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है। उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए, कॉन्फ्रेंस चेयर, राजस्थान आईओटी समिट और फाउंडर एंड सीईओ, पिनेकल इन्फोटेक, बिमल पटवारी ने कहा कि आईओटी रोजगार के नए रास्ते खोलता है। आईओटी द्वारा उत्पन्न अवसरों का अधिकतम उपयोग करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रमों में बदलाव करने की आवश्यकता है। उन्होंने एक भय रहित, सुरक्षित और मजबूत साइबर सिक्योरिटी सिस्टम की आवश्यकता पर भी जोर दिया। आईओटी की सर्वोत्तम कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए और यह कैसे वैश्विक संगठनों के लिए लाभदायक है, ग्लोबल हेड - स्ट्रैटेजी एंड बिजनेस डेवलपमेंट, आईओटी बिजनेस यूनिट, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, श्री राजा शनमुगम ने कहा कि आईओटी संस्थानों को खुद को बदलने की अत्यधिक संभावनाएं प्रदान करता है। उन्होंने इन संभावनाओं का सही प्रकार से उपयोग करने के लिए तीन आवश्यक स्टेप्स बताए - व्यापार मूल्य पर फोकस, सही हितधारकों को शामिल करना और ढांचागत रोडमैप का निर्माण करना। उन्होंने कहा कि घातीय मूल्य को अनलॉक करने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस के साथ भौतिक स्थिति पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। फाउंडर एंड सीईओ, डेटा इंजिनियस ग्लोबल लिमिटेड, डॉ अजय डाटा ने कहा कि भले ही आईओटी शब्द के आविष्कार को 20 साल हो गए हों, फिर भी हमें अभी आईओटी के विजन को पूरा करना बाकी है। आईओटी के उपयोग में आने वाली परिभाषा में बदलाव आ गया है। पुरानी परिभाषा से आगे बढ़ने और कम से कम मानवीय हस्तक्षेप के साथ समझने की क्षमता के रूप में आईओटी को देखने की जरूरत है। उदाहरण के तौर पर, एयर क्वॉलिटी सेंसर, स्मोक डिटेक्टर, हेलमेट क्रैश सेंसर आदि को आईओटी के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। मैनेजिंग डायरेक्टर - टेक्नोल़ॉजी कंसल्टिंग, पीडब्ल्यूसी इंडिया, श्री अंकुर बासु ने कहा कि पांच साल पहले की तरह अब आईओटी का इतना 'हाइप' नहीं रहा।अब इसे हर उद्योग क्षेत्र में अपनाया जा रहा है। आईओटी का प्राथमिक उद्देश्य संचालन की विश्वसनीयता में सुधार के अलावा परिसंपत्तियों का अनुकूलन करना है। उच्च सफलता दर सुनिश्चित करने के लिए, उन्होंने व्यवसाय के नेतृत्व वाले प्रौद्योगिकी परिवर्तन दृष्टिकोण को अपनाने, समावेशिता और डिजाइन पर ध्यान केंद्रित करने जैसे कदमों का सुझाव दिया।
प्लेनरी सेशन- 'इमर्जिंग ट्रैंड्स ऑफ आईओटी '
उद्घाटन सेशन के बाद 'इमर्जिंग ट्रैंड्स ऑफ आईओटी ' विषय पर प्लेनरी सेशन का आयोजन हुआ। इस सेशन के दौरान सीनियर डायरेक्टर और चीफ एक्सपर्ट - प्रोडक्ट, मैनेजमेंट, एसएपी लैब्स इंडिया, श्री पीवीएन पवनकुमार ने एक विस्तृत प्रजेंटेशन दिया कि कैसे आईओटी उद्यमों के लिए नए आईटी के रूप में उभर रहा है। उन्होंने आईओटी के वैश्विक बाजार पर भी प्रकाश डाला। वाइस प्रेसिडेंट एंड चीफ ग्रोथ ऑफिसर, पिनेकल इन्फोटेक, सोमेश गुप्ता ने निर्माण और सुविधाओं के प्रबंधन के लिए आईओटी के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि आईओटी तीन पहलुओं में उद्योग में क्रांति ला रहे हैं - डिजाइन, बिल्डिंग और ऑपरेशन।  सीओओ, स्काईलो टेक्नोलॉजीज, अंगिरा अग्रवाल ने विस्तार से बताया कि कैसे आईओटी को जनता के लिए अफोर्डेबल और सुलभ बनाया जा सकता है। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड आईओटी CoE, हैप्पीएस्ट माइंड्स, हुज़ेफा सैफी ने अपने विचार साझा किए कि कैसे ऊर्जा क्षेत्र में उद्यमों में बदलाव लाने में आईओटी सबसे आगे है। हेड - डिजिटल एंटरप्राइज, सीमेंस लिमिटेड, समीर प्रकाश ने विनिर्माण उद्यमों के सामने आ रही प्रमुख चुनौतियों और इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए समग्र डिजिटलीकरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस सेशन की अध्यक्षता महिंद्रा वर्ल्ड सिटी (जयपुर) लिमिटेड के हेड - बिजनेस डेवलपमेंट एंड मार्केटिंग, अनुज बिंदल ने की।

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