Thursday, August 19, 2021

ईपीसीएच के चेयरमैन ने हस्तशिल्प सेक्टर से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से पेश किया, रोडटेप टैक्स दरों को बढ़ाने पर विशेष जोर

नई दिल्ली कपड़ावाणिज्य और उद्योग मंत्रीपीयूष गोयल ने निर्यात संवर्धन परिषदों के साथ एक बैठक बुलाई जिसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ ही लगभग 35 निर्यात संवर्धन परिषदोंकमोडिटी बोर्डों के अध्यक्ष और प्रमुख उपस्थित थे। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के महानिदेशक डॉ. राकेश कुमार ने जानकारी दी कि बैठक क्षेत्रों के निर्यात प्रदर्शन पर फीडबैक लेने और विभिन्न मुद्दों के बारे में जानकारी लेने के लिए बुलाई गई थी। ईपीसीएच के चेयरमैन राजकुमार मल्होत्रा ने हस्तशिल्प क्षेत्र का निर्यात अवलोकन प्रस्तुत किया और निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट यानी आरओडीटीईपी (रोडटेप) योजना के तहत दरों में वृद्धि का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। अपने संबोधन में उन्होंने मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया क्योंकि हस्तशिल्प निर्यातक जो पहले उच्च एमईआईएस दरें प्राप्त करते थेउनके मूल्य निर्धारण में एमईआईएस इंसेंटिव जैसे कारक कम आरओडीटीईपी दरों के कारण उनके उत्पादों को बाजार में  प्रतिस्पर्धा से बाहर कर देंगे। इस अवसर पर उन्होंने हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए निर्यात के लिए आवश्यक उपकरणों,  ट्रिमिंगकंज्यूमेबल टूल्स उपकरण के शुल्क मुक्त आयात के प्रावधान की बहालीअंतरराष्ट्रीय डिपार्टमेंटल स्टोर्स में डिस्प्ले और विदेशों में शोरूम्सवेयरहाउसेज और मार्केटिंग हाउस खोलने के लिए एमएआई प्रावधानों की बहालीशिपिंग लाइनों द्वारा कंटेनरों के बढ़े हुए भाड़ेबी2बी ई-कॉमर्स और अन्य के लिए नीतियों जैसे बहुत से विषय उठाए। ईपीसीएच के महानिदेश डॉ. कुमार ने अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा कि माननीय मंत्री जी ने इन मुद्दों को धैर्य से सुना और हमें उम्मीद है कि  मंत्री के समक्ष रखे गए सभी मुद्दों पर हमें सकारात्मक हल मिल सकेगा। ईपीसीएच के चेयरमैन ने विशेष रूप से हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए आरओडीटीईपी (रोडटेप) दरों में वृद्धि की आवश्यकता पर जोर दिया क्योंकि हस्तशिल्प क्षेत्र में 70 लाख से ज्यादा हस्तशिल्पी शामिल हैं और निर्यात में कोई भी वृद्धि या कमी उनकी आजीविका को प्रभावित करती है। वित्तीय वर्ष 2020-21 की अप्रैल-मार्च अवधि  के लिए हस्तशिल्प निर्यात का अनुमानित आंकड़ा 25679.98 करोड़ रुपये  (3459.75 मिलियन अमेरिकी डालर) है। बीते वर्ष की इसी अवधि की तुलना में रुपये के संदर्भ में इसमें 1.62% की आंशिक वृद्धि और डॉलर के संदर्भ में (-) 2.93% प्रतिशत की गिरावट दर्ज है। हालांकि वर्ष 2021-22 के अप्रैल-जुलाई माह (तदर्थ) में कुल निर्यात 7792.14 करोड़ रुपये (1053.34 मिलियन अमरीकी डॉलर) दर्ज किया गया है। निर्यात का यह आंकड़ा पिछले वर्ष तुलना में रुपये के संदर्भ में 62.38% और डॉलर के संदर्भ में 66.07% वृद्धि दर्शाता है।

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