Sunday, August 22, 2021

रेशम की डोर से भाई को बांधा अटूट बंधन में

 





-- कई बहनों ने रखा भाई की जीवन रक्षा के लिए व्रत

नवीन कुमावत
किशनगढ़ रेनवाल। भाई - बहन के प्यार के अनूठे पर्व रक्षाबंधन पर बहिनों ने अपने भाइयों की कलाई पर कच्चे धागे से पक्का प्यार बांधा। कई बहिनों ने भाई की रक्षा के लिए व्रत भी रखा। इस दिन सभी भाइयों को अपनी बहिनों से राखी बंधवाने का इंतजार रहता है। इस बार भद्रा नहीं होने के कारण पूरे दिन राखी बांधी गई।
जयपुर ग्रामीण के अधिकांश क्षेत्रों में रक्षाबंधन से पहले भी राखी बांधी जाती है। रक्षाबंधन के दिन विशेष रूप से बहने अपने भाइयों को कलाई पर राखी बांधती है। वहीं रक्षाबंधन के बाद भी आठ दिन तक ( गोगा नवमी तक ) राखी बांधने का सिलसिला चलता है। रविवार को रक्षाबंधन के दिन सुबह से राखी बांधने का सिलसिला शुरू हो गया था। बहनों के स्वागत और उनकी आवभगत को लेकर घरों में पकवान बनाए गए। इस पर्व पर बहन भाई को राखी बांधती है, और भाई इसके बदले में उसे कुछ ना कुछ उपहार देते हैं। इसके साथ ही हर मुसीबत और आपात स्थिति में अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देते हैं।
रोडवेज में मुफ्त यात्रा :
राज्य सरकार ने रक्षाबंधन के दिन सभी बहनों को उपहार देते हुए ये निर्णय लिया था, कि इस दिन राज्य में रोडवेज बसों में सभी महिलाओं की यात्रा मुफ्त रहेगी। इस कारण से रोडवेज बसों में पूरी क्षमता से सवारिया नजर आई। इनमें अधिकतर महिलाएं थीं।

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