Tuesday, August 31, 2021

अपने पीओएस बिजनेस के लिए भारतपे ने की एक्सिस बैंक के साथ साझेदारी

 

नई दिल्ली, 31 अगस्त, 2021- व्यापारियों के लिए भारत की अग्रणी फिनटेक कंपनी भारतपे ने देश में निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक एक्सिस बैंक के साथ एक रणनीतिक भागीदारी की है। इस गठबंधन के माध्यम से एक्सिस बैंक भारतपे के पीओएस (भारत स्वाइप) व्यवसाय के लिए अधिग्रहण करने वाला बैंक होगा और भारत स्वाइप का उपयोग करके भारतपे के व्यापारियों के लिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान को स्वीकार करने की स्थितियों को और मजबूत बनाएगा।

इस साझेदारी से एक्सिस बैंक द्वारा पेश किए जाने वाले अपनी श्रेणी के सर्वश्रेष्ठ टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म का लाभ उठाकर भारतपे को अपने मर्चेंट अनुभव को बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। व्यापारी अब कई अन्य सुविधाओं के साथ-साथ भुगतान संबंधी तेज प्रोसेसिंग, अधिक सुरक्षित और सरलीकृत प्लेटफ़ॉर्म का आनंद ले सकेंगे।

एक्सिस बैंक आज भारत में भुगतान स्वीकार करने वाले कारोबार में तीसरा सबसे बड़ा पीओएस एक्वायरिंग बैंक है। पूरे भारत में मेट्रो, शहरी, ग्रामीण और यहां तक कि बाड़मेर, रतलाम, कोरबा आदि जैसे दूरदराज में फैले 6,52,026 से अधिक पीओएस टर्मिनलों के स्थापित आधार के साथ, एक्सिस बैंक वर्तमान में छोटे और बड़े व्यापारियों को अपनी सेवाएं देते हुए प्रति माह लगभग 19,000 करोड़ रुपए का लेन-देन भी करता है। बेहतर तकनीकी क्षमताओं के साथ, तेज और सुरक्षित भुगतान प्रोसेसिंग के लिए एक्सिस बैंक अपने सभी भागीदारों और ग्राहकों को अनेक भुगतान मोड के माध्यम से भुगतान स्वीकार करने के साथ इसका लाभ उठाने की सुविधा भी देता है।

भारतपे ने पिछले साल भारत की पहली जीरो रेंटल और जीरो एमडीआर पीओएस मशीन के रूप में अपनी पीओएस मशीन भारत स्वाइपको लॉन्च किया था। छोटे व्यापारियों और किराना स्टोर मालिकों की तरफ से इसे जबरदस्त रेस्पॉन्स मिला। भारत स्वाइप व्यवसाय ना सिर्फ तेजी से बढ़ा है, बल्कि अब कंपनी के समग्र भुगतान ट्रांजेक्शन प्रोसेस्ड वैल्यू (टीपीवी) में 20 प्रतिशत का योगदान भी दे रहा है। भारतपे के पास देश के 16 शहरों में 1 लाख से अधिक पीओएस मशीनों का स्थापित आधार है और यह हर महीने 1400 करोड़ रुपए से अधिक के लेनदेन की सुविधा प्रदान करता है। भारतपे ने वित्त वर्ष 2021 के अंत में ना सिर्फ पीओएस टर्मिनलों पर 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर के वार्षिक लेनदेन का आंकड़ा पार किया, बल्कि वित्त वर्ष 2022 के अंत तक वार्षिक टीपीवी में 6 बिलियन यूएस डॉलर का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।

इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए एक्सिस बैंक के ईवीपी और हैड- कार्ड्स एंड पेमेंट्स संजीव मोघे ने कहा, ‘‘हम व्यापारी समुदाय के लिए अपनी पेशकशों का विस्तार करने के लिए साझेदारी आधारित मॉडल और डिजिटल समाधानों की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। इस प्रयास में, हम भारतपे के साथ साझेदारी करके खुशी का अनुभव कर रहे हैं, जो देश में सबसे तेजी से बढ़ते फिनटेक ब्रांडों में से एक है। हमें यकीन है कि यह साझेदारी ना सिर्फ मौजूदा प्रणालियों में डिजिटल लेन-देन को अपनाने के लिए बढ़ावा देगी, बल्कि समाज के सभी वर्गों के लिए डिजिटल भुगतान के लिए तकनीकी पहुंच को संभव बनाकर वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने की हमारी प्रतिबद्धता में भी सहायता करेगी। इसके अलावा, हम अन्य फिनटेक और ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ साझेदारी करने के लिए भी तैयार हैं और इस सिलसिले में उन्हें को-ब्रांडेड पीओएस प्लस क्यूआर और कई अन्य मूल्य वर्धित सेवाएं प्रदान करके अपने क्यूआर कोड इंस्टॉलेशन पर मर्चेंट स्टिकनेस सुनिश्चित करने में मदद करना चाहते हैं।’’

इस साझेदारी के बारे में टिप्पणी करते हुए भारतपे के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर सुहैल समीर ने कहा, ‘‘हमने अपने पीओएस व्यवसाय के लॉन्च के बाद से अभूतपूर्व वृद्धि देखी है। हमने अपनी लम्बी पारी के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएँ निर्धारित कर रखी हैं और इसके अलावा अगले 12 महीनों में 5 करोड़ के लेनदेन को संभव बनाने के साथ पीओएस व्यवसाय को 3 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल हम चालू वित्त वर्ष के अंत तक अपनी पीओएस मशीनों की संख्या को 3 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य बना रहे हैं। हम अपनी पहुंच को 5 गुना बढ़ाते हुए देश के 80 शहरों तक पहुंचने के बारे में विचार कर रहे हैं। हम आने वाले महीनों में अपने पीओएस उपकरणों में ग्राहक क्रेडिट पेशकशों के साथ-साथ लॉयल्टी और पुरस्कार सुविधाओं को जोड़ने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। इन्हें हासिल करने के लिए, हम बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के साथ ऐसी साझेदारी तलाशेंगे, जो हमारी पेशकश को और मजबूत बना सकें। हमारा मानना है कि एक्सिस बैंक देश में डिजिटल रूप से अग्रणीबैंकों में से एक है और हमें विश्वास है कि यह साझेदारी न केवल हमारे व्यापारियों को एक सहज पेशकश देने में मदद करेगी, बल्कि वृद्धि संबंधी हमारे अगल लक्ष्य को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हम आने वाले समय में उनके साथ अधिक मज़बूत साझेदारी की आशा करते हैं।’’

 

भारत स्वाइप व्यापारियों को स्वाइप मशीन पर विकसित डायनमिक क्यूआर के माध्यम से क्यूआर भुगतान स्वीकार करने की भी अनुमति देता है। साथ ही, क्यूआर भुगतानों के लिए फिजिकल तौर पर रसीदें उत्पन्न करने की इसकी विशेषता सबसे अधिक मांग वाली सुविधाओं में से एक है। कंपनी ने हाल ही में अपने व्यापारी भागीदारों के लिए हॉलिडे सेटलमेंट्सफीचर भी लॉन्च किया है। यह सुविधा व्यापारियों को बैंक की छुट्टी पर भी सेटलमेंट्स स्वीकार करने की अनुमति देती है, जिससे हर समय नकदी सुनिश्चित हो सके।

भारतपे भारत की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनी है जो एसएमई, छोटे व्यापारियों और किराना स्टोर मालिकों के लिए फाइनेंशियल टैक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स की एक पूरी रेंज पेश करती है। शून्य लेनदेन शुल्क के साथ भारत के पहले यूपीआई क्यूआर भुगतान स्वीकृति उत्पाद के साथ देश में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने के लिए भारतपे प्रतिबद्ध है। साथ ही, भारतपे ऐसे कारोबारियों और एसएमई के लिए कर्ज की एक पूरी रेंज उपलब्ध कराता है, जिन्हें इस दिशा में बहुत कम सेवाएं हासिल हैं। कंपनी वित्त वर्ष 2022 में भी अपने उधार और भुगतान व्यवसाय के साथ-साथ नए बाजारों में अपनी मौजूदगी का विस्तार करना जारी रखेगी। कंपनी देश में सभी एसएमई के लिए एक डिजिटल बैंक बनने की इच्छा रखती है। इसने मार्च 2023 तक भुगतान (क्यूआर और स्वाइप दोनों) पर सालाना 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर के टीपीवी तक पहुंचने और छोटे व्यापारियों के साथ 700 मिलियन डॉलर की लोन बुक का लक्ष्य रखा है।

 

जानें महत्वपूर्ण बातें: विजया डायग्नॉ्स्टिक्स सेंटर लिमिटेड आईपीओ

 

1)   इश्यू (निर्गम): आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में शेयरधारकों की तरफ से 35,688,064 इक्विटी शेयरों बिक्री किए जाने वाला ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल है। इश्यू या निर्गम का प्राइस बैंड 522-531 रुपये प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है और प्रत्येक शेयरों का फेस वैल्यू (‘’इक्विटी शेयरों’’) 1 रुपये रखा गया है।

2)   सबसे बड़ी एकीकृत डायग्‍नॉस्टिक कंपनी: कंपनी सबसे बड़ी एकीकृत डायग्‍नॉस्टिक श्रृंखला है जो परिचालन राजस्व द्वारा दक्षिणी भारत में रेडियोलॉजी सेवाओं के साथ पैथोलॉजी सेवाओं का संयोजन करती है। यह वित्तीय वर्ष 2020 के लिए राजस्व के हिसाब से सबसे तेजी से बढ़ने वाली डायग्‍नॉस्टिक श्रृंखलाओं में से एक है। (स्रोत: क्रिसिल रिपोर्ट)

3)   व्यापक सेवा की पेशकश: कंपनी 30 जून 2021 तक लगभग 740 नियमित और 870 विशेष पैथोलॉजी टेस्‍ट और लगभग 220 बुनियादी और 320 उन्नत रेडियोलॉजी टेस्‍ट की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करती है, जो कि कई विशिष्टताओं और विषयों को कवर करती है।

 

4)   व्यापक परिचालन नेटवर्क: तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों के 13 शहरों और कस्बों में और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और कोलकाता में 81 डॉयग्‍नॉस्टिक्स सेंटर्स और 11 को-रिलेटेड रेफरेंस प्रयोगशालाओं को मिलाकर 30 जून 2021 तक कंपनी ने एक व्यापक परिचालन नेटवर्क बनाया है।

 

5)   विकास रणनीति:

 

·         पहुंच बढ़ाना और ग्राहक आधार का विस्तार: अपने मुख्य बाजार में अग्रणी स्थिति को मजबूत करने के लिए अपनी पहुंच बढ़ाने और ग्राहक आधार का विस्‍तार करने के लिए, योजना में शामिल हैं -

 

o  अतिरिक्त डॉयग्‍नॉस्टिक्स सेंटर खोलकर सेवा नेटवर्क का विस्तार करना;

o  नवीनतम तकनीकों को जोड़कर इसकी प्रयोगशाला क्षमता और टेस्‍ट मेन्यू को बेहतर बनाना;

o  अतिरिक्त सेवाओं के पोर्टफोलियो की पेशकश करके व्यक्तिगत ग्राहकों से अपने व्यवसाय को बढ़ाना;

o  चिकित्सा जागरूकता पहल और चिकित्सा चिकित्सकों के साथ बैठकों के माध्यम से चिकित्सक की भागीदारी, और

o  निवारक और तंदुरूस्ती पेशकशों पर अधिक ध्यान देना।

 

·         नेटवर्क का विस्तार करना: कंपनी मौजूदा क्षेत्र में स्पोक्स और हब सेंटर स्थापित कर, संदर्भ प्रयोगशालाओं को जोड़कर और मुख्य भौगोलिक क्षेत्रों में अपनी घरेलू संग्रह सेवाओं को बढ़ाकर अपने नेटवर्क के विस्तार पर अपना ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी।

 

·         ग्राहक केंद्रित सेवा पेशकशों पर फोकस करना: कंपनी का इरादा अतिरिक्त निवारक और सेहत संबंधी सेवाओं की पेशकश करने, नई अत्याधुनिक डॉयग्‍नॉस्टिक्स तकनीक को अपनाने और अपने ग्राहकों के लिए अनुकूलित पैकेज बनाने का है।

 

6)   विस्तार योजना: तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के निकटवर्ती भौगोलिक क्षेत्रों में और विशेष रूप से कोलकाता में चिह्नित प्रमुख शहरों और कस्बों में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने की योजना है।

7)   चुनिंदा अधिग्रहण: कंपनी की योजना निकटवर्ती बाजारों में मजबूत विंटेज और बाजार की स्थिति वाले ब्रांडों के साथ चुनिंदा अधिग्रहण/रणनीतिक साझेदारी के साथ अपने जैविक विकास को आगे बढ़ाने की है

8)   उच्च ब्रांड रिकॉल: कंपनी के पास उच्च ब्रांड रिकॉल है जो उच्च व्यक्तिगत उपभोक्ता व्यवसाय हिस्सेदारी और ग्राहकों से मजबूती से जुड़ा रहा है। उपभोक्ता पर कंपनी का ध्यान और गुणवत्ता नैदानिक सेवाओं के लिए इसके ब्रांड की पहचान के परिणामस्वरूप इसके मूल भौगोलिक क्षेत्रों में उच्च ब्रांड रिकॉल होता है और हमें आने वाले ग्राहकों की एक उच्च हिस्सेदारी प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।

9)   मजबूत तकनीकी क्षमताएं: कंपनी के पास मजबूत तकनीकी क्षमताएं, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा और मजबूत आईटी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकी है।

 

·         डायग्नॉस्टिक सेंटर संचालन को फ्रंट-एंड केंद्रीकृत सूचना प्रौद्योगिकी मंच का समर्थन मिला है।

·         30 जून, 2021 तक कंपनी का रेडियोलॉजी जांच संचालन, रेडियोलॉजी उपकरण द्वारा समर्थित है, जिसमें 15 सीटी मशीन, 18 एमआरआई मशीन और पांच पीईटी सीटी / गामा मशीनें और नैदानिक केंद्रों में 105 रेडियोलॉजिस्ट की एक टीम शामिल है।

 

10)मजबूत उद्योग विकास दृष्टिकोण: क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय डायग्‍नॉस्टिक्स बाजार लगभग 12% से 13% की सीएजीआर से बढ़कर वित्त वर्ष 2021 के 710-730 अरब रुपये के मुकाबले वित्त वर्ष 2023 तक 920-980 अरब रुपये का होने की उम्मीद है।

 

·         तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में डायग्‍नॉस्टिक्स बाजार, जिन राज्यों में कंपनी की महत्वपूर्ण उपस्थिति है, के मौजूदा 120 अरब रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2023 तक 130 अरब रुपये का होने की उम्मीद है।

·         भारतीय परीक्षण बाजार या डॉयग्‍नॉनिस्टिक के प्रमुख चालकों में शामिल हैं (i) स्वास्थ्य जागरूकता और खर्च करने योग्य आय में वृद्धि, (ii) व्यक्तियों की देखभाल की गुणवत्ता के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग में वृद्धि, और (iii) निवारक बचाव और वेलनेस पर खर्च में वृद्धि।

11)मजबूत वित्तीय प्रदर्शन: 30 जून, 2021 तक, कंपनी की कुल आय 125.97 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 21 के लिए कंपनी की कुल आय 388.59 करोड़ रुपये थी।

 

·        वित्त वर्ष 2021 में कंपनी का ओपीबीडीआईटी मार्जिक अन्य डॉयग्‍नॉस्टिक कंपनियों के मुकाबले दूसरे पायदान पर रहा।

·        वित्त वर्ष 2020 के लिए प्रति ग्राहक औसत जांच 2.8 और प्रति ग्राहक परिचालन राजस्व 1,214 रुपये और ओपीबीडीआईटी प्रति ग्राहक  475 रुपये रहा। क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार यह सूचीबद्ध समकक्षों की तुलना में अधिक है।

·        वित्त वर्ष 2021 के लिए कंपनी का आरओएनडब्ल्यू 23.64% और आरओसीआई (नकदी पूर्व) 42% रहा।

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