Friday, July 9, 2021

लक्ष्मी विलास बैंक के एकीकरण के प्रभाव के बावजूद डीबीएस बैंक इंडिया की लाभप्रदता में बढ़ोतरी

 

मुंबई, 09 जुलाई 2021 - डीबीएस बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड (डीबीआईएल) ने 31 मार्च 2021 को समाप्त होने वाले वित्तीय परिणामों की घोषणा की। 27 नवंबर 2020 तक लक्ष्मी विलास बैंक (एलवीबी) का डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड के साथ एकीकरण किया गया था और समामेलन की योजना के अनुसार, परिणामों में इस तारीख से एलवीबी की परफाॅर्मेंस भी शामिल है।

परफाॅर्मेंस हाईलाइट्स

ऽ वित्त वर्ष 2021 में डीबीआईएल का शुद्ध राजस्व 85 प्रतिशत बढ़कर 2,673 करोड़ रुपये (एलवीबी के 134 करोड़ रुपये शामिल) हो गया, जो वित्त वर्ष 2020 में 1,444 करोड़ रुपये था।

ऽ वित्त वर्ष 2020 में कर पूर्व लाभ (पीबीटी) बढ़कर 679 करोड़ रुपये हो गया, जो कि वित्त वर्ष 2020 में 170 करोड़ रुपये था। यह नवंबर 2020 से मार्च 2021 तक एलवीबी के 341 करोड़ रुपये के कर-पूर्व नुकसान को एब्जाॅर्ब करने के बावजूद है। इसमें शुद्ध लाभ 111 करोड़ रुपये से बढ़कर 312 करोड़ रुपये हो गया।

ऽ कुल जमाएं 44 प्रतिशत बढ़कर 51,501 करोड़ रुपये तक पहुंच गईं (एलवीबी से 18,823 करोड़ रुपये शामिल हैं)। बचत खाते की शेष राशि में 207 प्रतिशत की वृद्धि हुई, और चालू खाते की शेष राशि में 98 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें एकीकरण के कारण वृद्धि भी शामिल है। कुल मिलाकर सीएएसए अनुपात 19 प्रतिशत से बढ़कर 31 प्रतिशत हो गया।

ऽ शुद्ध अग्रिम बढ़कर 36,973 करोड़ रुपये हो गया (एलवीबी से 10,685 करोड़ रुपये शामिल हैं)।

ऽ एलवीबी पोर्टफोलियो को छोड़कर डीबीआईएल का सकल एनपीए 1.83 प्रतिशत पर मध्यम रहा। जबकि एलवीबी के समामेलन के बाद सकल एनपीए 12.93 प्रतिशत हो गया, संयुक्त आधार पर बैंक के लिए शुद्ध एनपीए 84 प्रतिशत प्रावधान कवरेज को देखते हुए 2.83 प्रतिशत रहा है।

ऽ सीईटी1 12.34 प्रतिशत के साथ पूंजी पर्याप्तता अनुपात 15.13 प्रतिशत था। वर्ष के दौरान, डीबीएस बैंक ने समामेलन का समर्थन करने के लिए डीबीआईएल में 2,500 करोड़ रुपये का निवेश किया।

ऽ बैंक ने रियायती कर व्यवस्था को अपनाया, जिसके परिणामस्वरूप एकमुश्त समायोजन के कारण 184 करोड़ रुपए का अतिरिक्त शुल्क लिया गया।

 

एकीकरण के बाद, बैंक का प्राथमिक ध्यान एलवीबी के कर्मचारियों और ग्राहकों का डीबीएस परिवार में स्वागत करने, एलवीबी और डीबीएस कार्यबल को एकीकृत करने और एलवीबी व्यवसाय के पुनर्निर्माण पर रहा है। ऑपरेटिंग प्लेटफॉर्म और शाखाओं का एकीकरण वर्तमान में चल रहा है। एलवीबी के चालू और बचत खाते की शेष राशि के साथ-साथ 2021 में गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में स्थिर वृद्धि वर्तमान रणनीति की सफलता का एक प्रारंभिक संकेतक है।

बैंक की परफाॅर्मेंस पर टिप्पणी करते हुए डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सुरोजित शोम ने कहा, ‘‘हमने नवंबर 2020 में लक्ष्मी विलास बैंक (एलवीबी) के एकीकरण के साथ काफी प्रगति की है, जबकि इस दौरान महामारी की लहर भी जारी रही। हालांकि, जैसा कि अपेक्षित था, उच्च शुद्ध एनपीए और एलवीबी में परिचालन घाटे के कारण हमारे वित्तीय परिणामों पर तत्काल प्रभाव पड़ा है, फिर भी हम संयुक्त फ्रैंचाइजी की दीर्घकालिक संभावनाओं को साकार करने के लिए आश्वस्त हैं। पूर्ववर्ती एलवीबी परिचालनों में हम पहले से ही स्वर्ण ऋण कारोबार को पुनर्जीवित करने और जमा राशि बढ़ाने में सक्षम हैं। हमारी तत्काल प्राथमिकता ऑपरेटिंग सिस्टम और प्रक्रियाओं को एकीकृत करना है ताकि हम व्यापक ग्राहक फ्रैंचाइजी को अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ समाधान प्रदान कर सकें।’’

जून 2021 में, डीबीएस को फोब्र्स द्वारा लगातार दूसरे वर्ष विश्व के सर्वश्रेष्ठ बैंकों की सूची में नामित किया गया था। 40,000 बैंकिंग ग्राहकों के वैश्विक सर्वेक्षण के आधार पर, डीबीएस को भारत में मौजूद 30 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बैंकों में पहले स्थान पर रखा गया था। इससे पहले वर्ष में, एशियामनी ने डीबीएस बैंक इंडिया को भारत में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय बैंक के रूप में मान्यता दी थी। ग्रेट प्लेस टू वर्क इंस्टीट्यूट द्वारा बीएफएसआई में इंडियाज बेस्ट एम्प्लाॅई के तौर पर भी बैंक की सराहना की गई। बैंक के पास भारत के 19 राज्यों में 600 से अधिक शाखाओं का नेटवर्क है, जिसमें लगभग 5,500 कर्मचारी कार्यरत हैं।

 

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