Saturday, July 31, 2021

बाल्यावास एनिकट छलकने को आतुर, रिकॉर्ड 99 एमएम बारिश दर्ज



-- रेनवाल करड़ रोड़ पर भरा पानी, करड़ से संपर्क कटा
-- ट्रांसफार्मर पर गिरी आकाशीय बिजली, जनहानि नहीं
नवीन कुमावत
किशनगढ़ रेनवाल। रेनवाल क्षेत्र में दो दिन लगातार हुई बारिश से गांवों के रास्तों और खेतों में पानी भर गया है। रेनवाल कस्बे में रिकॉर्ड 99 एमएम बारिश दर्ज की गई। कई जगहों पर पानी का भराव हो गया। जिससे आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज बारिश के साथ दांता रामगढ़ बाईपास रोड के पास लगे एक थ्री फेज ट्रांसफार्मर पर आकाशीय बिजली गिर गई,हालांकि इससे कोई जनहानि नहीं हुई।
तेज बारिश से निकटवर्ती बाल्यावास एनिकट भी छलकने को आतुर हो गया है। करड़ रोड़ पर पानी भर जाने और सड़क मार्ग पर कटाव हो जाने के कारण आवागमन बाधित हुआ।
गौरतलब है कि रेनवाल कस्बे और आसपास के क्षेत्र में शुक्रवार से बारिश का शुरू हुआ दौर रुक रुक कर शनिवार तक जारी रहा। इससे कस्बे के बाईपास रोड बस स्टेंड के पास, किसान शिव मंदिर के पास, खाल्डा क्षेत्र, सरकारी अस्पताल के पीछे, वार्ड नंबर पांच और चार, अंबेडकर कॉलोनी, महेशनगर, मुख्य बाजार सहित कई जगहों पर पानी भर गया है। जिससे लोगों को आवागमन में खासी परेशानी हुई। वहीं रेनवाल करड़ सड़क मार्ग पर लगातार हो रही बारिश से बाल्यावास एनिकट भी छलकने को आतुर हो गया है। इसे देखने के लिए भी वहां लोगों की भीड़ जमा हो रही है। एनिकट के पास करड़ रोड़ पर भी पानी भर गया है। इससे मूंडली गांव के लोगों का मुख्य रेनवाल करड़ रोड़ से संपर्क कट गया है। खेतों में पानी भर जाने से कुछ जगहों पर फसल का खराबा हो गया है। रेनवाल करड़ मार्ग पर पानी भरने और कटाव हो जाने से आवागमन भी बाधित हो हुआ। इस दौरान बाइक सवार और अन्य वाहन चालकों को खासी दिक्कत का सामना करते देखा गया।

 

आईडीबीआई बैंक - वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम

 

प्रमुख हाइलाइट्स- क्यू1 एफवाई2022

- वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही में बैंक का नेट प्राॅफिट रहा 603 करोड़ रुपए, जबकि वित्तीय वर्ष 2021 की पहली तिमाही में यह राशि थी 144 करोड़ रुपए, सालाना आधार पर 318 प्रतिशत की बढ़ोतरी

- वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही में बैंक का प्राॅफिट बिफोर टैक्स (पीबीटी) 1024 करोड़ रुपए रहा, सालाना आधार पर 134 प्रतिशत की बढ़ोतरी

- क्यू1 एफवाय 2022 के लिए परिचालन लाभ 2,776 करोड़ रुपए, 109 फीसदी की सालाना वृद्धि

- क्यू1 एफवाय 2022 के लिए एनआईआई 2,506 करोड़ रुपए, 41 प्रतिशत की सालाना वृद्धि

- क्यू1 एफवाय 2022 के लिए एनआईएम 4.06 प्रतिशत, सालाना 125 बीपीएस की बढ़ोतरी

- रिटर्न आॅन एसेट्स (आरओए) 0.83 प्रतिशत पर, सालाना 63 बीपीएस की वृद्धि

- रिटर्न आॅन इक्विटी (आरओई) 14.44 प्रतिशत पर, सालाना आधार पर 962 बीपीएस की वृद्धि

- सीएएसए रेशियो 52.44 प्रतिशत पर, सालाना आधार पर 489 बीपीएस की वृद्धि

- नेट एनपीए 1.67 प्रतिशत पर, 30 जून, 2020 को यह 3.55 प्रतिशत था

- सीआरएआर 16.23 प्रतिशत पर, 30 जून, 2020 को यह 13.37 प्रतिशत था

- पीसीआर 97.42 प्रतिशत पर, 30 जून, 2020 को यह 94.71 प्रतिशत था

आॅपरेटिंग परफाॅर्मेंस

      वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही के लिए शुद्ध लाभ 603 करोड़ रुपए, क्यू1 एफवाय 2021 में यह 144 करोड़ रुपए था। क्यू1-2022 के लिए शुद्ध लाभ में 18 प्रतिशत का सुधार, क्यू4-2021 में यह राशि थी 512 करोड़ रुपए।

      क्यू1-2022 के लिए पीबीटी में 134 प्रतिशत सुधार, 1,024 करोड़ रुपए पर, क्यू1-2021 में यह राशि थी 438 करोड़ रुपए। क्यू1-2022 के लिए पीबीटी में 142 प्रतिशत का सुधार, क्यू4-2021 में यह 423 करोड़ रुपए था।

      वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही के लिए परिचालन लाभ, 109 फीसदी सुधर कर 2,776 करोड़ रुपए हो गया, जो कि वित्तीय वर्ष 2021 की पहली तिमाही में 1,326 करोड़ रुपए था। क्यू4-2021 में यह 2,879 करोड़ रुपए था।

      शुद्ध ब्याज आय वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही के लिए 41 फीसदी सुधर कर 2,506 करोड़ रुपए हो गई जबकि वित्तीय वर्ष 2021 की पहली तिमाही के लिए यह 1,772 करोड़ रुपए थी। क्यू4-2021 में यह राशि थी 3,240 करोड़ रुपए।

      शुद्ध ब्याज मार्जिन वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही के लिए 125 बीपीएस सुधर कर 4.06 फीसदी हो गया, वित्तीय वर्ष 2021 की पहली तिमाही के 2.81 फीसदी की तुलना में। क्यू4 2021 में एनआईएम 5.14 प्रतिशत था (इनकम टैक्स रिफंड पर आय को घटाकर- 3.06 प्रतिशत)।

      काॅस्ट आॅफ डिपाॅजिट, वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही के लिए 93 बीपीएस सुधर कर 3.72 फीसदी हो गया, वित्तीय वर्ष 2021 की पहली तिमाही के लिए यह 4.65 फीसदी था। क्यू4 2021 में यह 3.91 प्रतिशत था।

      काॅस्ट आॅफ फंड्स वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही के लिए 98 बीपीएस सुधर कर 3.98 प्रतिशत पर, क्यू1-2021 में यह 4.96 प्रतिशत और क्यू4 2021 में 4.16 प्रतिशत थी।

कारोबार में वृद्धि

      30 जून, 2021 के अनुसार सीएएसए में 1,16,609 करोड़ रुपए की वृद्धि, 30 जून, 2020 को यह  1,04,315 करोड़ रुपए और 31 मार्च, 2021 को 1,16,491 करोड़ रुपए था, सालाना आधार पर 12 प्रतिशत वृद्धि।

      30 जून, 2021 के अनुसार कुल डिपाॅजिट्स में सीएएसए का शेयर सुधरकर 52.44 फीसदी हुआ, जबकि 30 जून, 2020 को यह 47.55 प्रतिशत और 31 मार्च, 2021 को 50.45 फीसदी था।

      एडवांस पोर्टफोलियो कॉर्पोरेट बनाम रिटेल की संरचना 30 जून 2021 को 38:62 के अनुसार की गई, जबकि 30 जून 2020 को यह 43:57 थी।

 

एसेट क्वालिटी

      30 जून 2021 को सकल एनपीए का अनुपात 22.71 फीसदी था, जबकि 30 जून 2020 को  26.81 फीसदी और 31 मार्च 2021 को यह 22.37 फीसदी था।

      नेट एनपीए अनुपात 30 जून 2021 को सुधर कर 1.67 फीसदी हो गया, जबकि 30 जून 2020 को यह 3.55 फीसदी था और 31 मार्च 2021 को यह 1.97 फीसदी था।

      प्रावधान कवरेज अनुपात (तकनीकी राइट-ऑफ सहित) 30 जून 2021 को सुधर कर 97.42 फीसदी हो गया, 30 जून 2020 को यह 94.71 फीसदी था और 31 मार्च 2021 को यह 96.90 फीसदी था।

      टैक्नीकली राइटआॅफ किए गए अकाउंट्स से रिकवरी सुधरकर क्यू1-2022 में यह राशि 331 करोड़ रुपए पर पहुंची, जबकि क्यू1-2021 में यह राशि 117 करोड़ रुपए और क्यू 4-2021 में 269 करोड़ रुपए थी।

केपिटल पोजीशन

      टियर 1 पूंजी 30 जून 2021 को सुधरकर 13.64 फीसदी थी, जबकि 30 जून 2020 को यह 10.59 फीसदी और 31 मार्च 2021 को 13.06 प्रतिशत थी।

      30 जून, 2021 को सीआरएआर सुधरकर 16.23 प्रतिशत, जबकि 30 जून 2020 को यह 13.37 और 31 मार्च 2021 को 15.59 फीसदी थी।

      30 जून 20210 को रिस्क वेटेड एसेट्स (आरडब्ल्यूए) 4 फीसदी घटकर 1,54,285 करोड़ की हो गई, जबकि 30 जून, 2020 को यह 1,60,994 करोड़ की थी। क्रेडिट रिस्क वेटेड एसेट्स 5 प्रतिशत घटकर 1,22,867 करोड़ रुपए पर, जबकि 30 जून 2020 को यह 1,29,953 करोड़ रुपए थी।

कोविड- 19 का प्रभाव

आरबीआई के कोविड- 19 से संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, 30 जून, 2021 को बैंक के पास 863 करोड़ रुपए के कोविड-19 संबंधित प्रावधान थे (कोविड-19 मानदंडों के तहत पुनर्गठन के लिए रखे गए प्रावधानों के अलावा)। बैंक द्वारा किया गया प्रावधान आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार न्यूनतम आवश्यकता से अधिक है।

वित्त वर्ष 2021 के लिए आईडीबीआई -एलआईसी सिनर्जी

बैंक एलआईसी के साथ व्यापारिक सहक्रियाओं को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। क्यू1-2022 के लिए, बैंक ने एलआईसी के लिए 32 करोड़ रुपए का प्रीमियम संग्रह किया है और 5 करोड़ रुपए की शुल्क आय अर्जित की है। उपरोक्त के अलावा, बैंक एलआईसी और उसके कर्मचारियों और परिसंपत्ति उत्पादों के लिए नकद प्रबंधन सेवाएं, बचत और चालू खाते प्रदान कर रहा है।

बैंक ने रुपे प्लेटफॉर्म पर एलआईसी कार्ड्स सर्विसेज लिमिटेड (एलआईसी सीएसएल) के सहयोग से एक संपर्क रहित प्रीपेड गिफ्ट कार्ड - शगुनलॉन्च किया। शगुन कार्ड, प्रारंभिक चरण में, आधिकारिक उपयोग के लिए एलआईसी और उसकी सहायक कंपनियों/सहयोगियों के लिए उपलब्ध होगा। कार्ड का उपयोग आधिकारिक सम्मेलनों/कार्यों के दौरान पुरस्कारों और विशेष पुरस्कारों की सुविधा के लिए किया जाएगा। इस कार्ड का उद्देश्य गिफ्ट कार्ड बाजार का विस्तार करते हुए उपहार देने के कैशलेस तरीकों को बढ़ावा देने और विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करने और भविष्य में ई-गिफ्ट कार्ड के बाजार में प्रवेश करने के इरादे से है।

30 जून, 2021 को समाप्त तिमाही के दौरान महत्वपूर्ण विकास

बैंक ने अपने एमएसएमई और कृषि उत्पादों के लिए पूरी तरह से डिजिटल एंड टू एंड लोन प्रोसेसिंग सिस्टम (एलपीएस) लॉन्च किया। यह नई ऋण प्रोसेसिंग प्रणाली डेटा फिनटेक, ब्यूरो सत्यापन, डाॅक्यूमेंट स्टोरेज/रिट्रीवल, खाता खोलने/प्रबंधन, ग्राहक अधिसूचनाओं और पोर्टफोलियो प्रबंधन क्षमताओं के साथ-साथ पाॅलिसी/नॉक ऑफ पैरामीटर्स के साथ समेकित रूप से एकीकृत है। पूरी तरह से डिजिटल और स्वचालित ऋण प्रोसेसिंग प्रणाली की इन विशेषताओं का उद्देश्य बैंक के एमएसएमई और कृषि ग्राहकों को एक बेहतर तकनीक-सक्षम बैंकिंग अनुभव प्रदान करना है।

बैंक ने अपने गो मोबाइल़+मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन पर लेनदेन के लिए सॉफ्ट टोकन लॉन्च किया, जो इन-ऐप आधारित आॅथेंटिकेशन मेथड है। इस सुविधा का उपयोग करके ग्राहक अब एसएमएस आधारित ओटीपी पर निर्भर हुए बिना लेनदेन को प्रमाणित कर सकते हैं।

ग्रेटर नोएडा, जेवर, मथुरा और आगरा को जोड़ने वाले 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर आईडीबीआई बैंक एनईटीसी फास्टैग आधारित टोल संग्रह सुविधा (अधिग्रहणकर्ता) को लाइव किया गया।

रबी-विपणन सत्र के दौरान ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से गेहूं की खरीद के लिए बैंक ने हरियाणा सरकार के ई-खरीद क्राॅप प्रोक्योरमेंट प्रोेजेक्ट के साथ करार किया है और इस तरह सीएमएस एनएसीएच के माध्यम से डीबीटी की सुविधा उपलब्ध कराई है।

मुंबई, 28 जुलाई, 2021ः आईडीबीआई बैंक लिमिटेड (आईडीबीआई बैंक) के निदेशक मंडल ने आज मुंबई में बैठक की और 30 जून, 2021 को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दे दी।

स्टेलांटिस ने की भारत में सिट्रॉइन और जीप के लिए नए ब्रांड हैड के नामों की घोषणा

 

चेन्नई/मुंबई, 31 जुलाई, 2021- इसी साल अप्रेल महीने में भारत में स्टेलांटिस के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में रोलांड बूचारा के नाम की घोषणा के बाद कंपनी ने आज भारत में अपने संचालन के लिए लीडरशिप लाइन में नई नियुक्तियों की घोषणा की है।

सौरभ वत्स और निपुण जे महाजन अब भारत में क्रमशः सिट्राॅइन ब्रांड और जीप ब्रांड के लिए जिम्मेदार होंगे।

अपनी नई भूमिका में सौरभ वत्स भारत में सिट्रॉइन के लिए सेल्स, मार्केटिंग, आफ्टर सेल्स, प्रोडक्ट प्लानिंग और पीआर कार्यों के लिए जिम्मेदार होंगे। 25 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ उद्योग के दिग्गज सौरभ 2018 में सीनियर डायरेक्टर - मार्केटिंग एंड कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के रूप में पीएसए में शामिल हुए। भारत में सिट्रॉइन ब्रांड और सी5 एयरक्रॉस एसयूवी के लॉन्च के लिए अनूठी रणनीति तैयार करने और लागू करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

जीप ब्रांड के लिए निपुण महाजन भारत में सेल्स, मार्केटिंग, आफ्टर सेल्स, प्रोडक्ट प्लानिंग और पीआर कार्यों के लिए जिम्मेदार होंगे। निपुण को ऑटोमोटिव उद्योग में 25 से अधिक वर्षों का अनुभव है और वे 5 वर्षों तक जीप ब्रांड के साथ वाइस प्रेसीडेंट- सेल्स आॅपरेशंस एंड नेटवर्क डेवलपमेंट के पद पर कार्य कर चुके हैं। उन्होंने भारत में जीप ब्रांड को लॉन्च करने और जीप कंपास के 50,000 यूनिट की  बिक्री की उपलब्धि हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सौरभ और निपुण भारत में स्टेलांटिस के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर रोलैंड बूचारा को सीधे रिपोर्ट करेंगे। यह नया इंटीग्रेटेड आॅर्गनाइजेशन स्ट्रक्चर 7जून, 2021 से प्रभावी है।

भारत में स्टेलांटिस के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर रोलांड बूचारा कहते हैं, ‘‘मुझे सौरभ और निपुण का हमारी भारतीय नेतृत्व टीम में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। ये नियुक्तियां दरअसल निर्बाध एकीकरण की उसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है, जो स्टेलांटिस के जन्म के बाद से अच्छी तरह से चल रही हैं। सौरभ और निपुण दोनों के साथ न सिर्फ शानदार उपलब्धियां जुड़ी हैं, बल्कि वे अपने साथ इंडस्ट्री का बेहतर और व्यापक अनुभव भी लाते हैं, जिससे हमारे ग्राहकों, भागीदारों और समूह को समग्र रूप से बहुत लाभ होगा।’’

स्टेलांटिस के बारे में

स्टेलांटिस दुनिया की अग्रणी वाहन निर्माता कंपनी और मोबिलिटी प्रोवाइडर के तौर पर प्रतिष्ठित है। कंपनी का एक स्पष्ट विजन है- विशिष्ट, किफायती और विश्वसनीय मोबिलिटी साॅल्यूशंस के साथ यात्रा करने की स्वतंत्रता प्रदान करना। समूह की समृद्ध विरासत और व्यापक भौगोलिक उपस्थिति के अलावा, इसकी सबसे बड़ी ताकत इसके स्थायी प्रदर्शन, अनुभव की गहराई और दुनिया भर में काम करने वाले कर्मचारियों की व्यापक प्रतिभा में निहित है। स्टेलांटिस अपने व्यापक और प्रतिष्ठित ब्रांड पोर्टफोलियो का लाभ उठाएगा, जिसकी स्थापना दूरदर्शी लोगों ने की थी, जिन्होंने माक्विस को जुनून और प्रतिस्पर्धी भावना से भर दिया था जो कर्मचारियों और ग्राहकों से समान रूप से बात करते हंै। स्टेलांटिस सभी हितधारकों के साथ-साथ उन समुदायों के लिए अतिरिक्त मूल्य पैदा करते हुए सबसे बड़ा नहीं, सबसे बड़ा बनने की इच्छा रखता है जिसमें यह संचालित होता है।

 

 

जीई हेल्थकेयर के इंडिया एडीसन एक्सेलरेटर ने अपने तीसरे कोहोर्ट का लॉन्च किया

नई दिल्ली, 31 जुलाई, 2021ःओंकोलोजी, कार्डियोलोजी, जेनोमिक्स, रिमोट पेशेन्ट मॉनिटरिंग के क्षेत्र में नेक्स्ट जनरेशन टेक्नोलॉजी एवं डायग्नॉस्टिक्स समाधानों की बढ़ती ज़रूरतों को देखते हुए जीई हेल्थकेयर के इंडिया एडीसन एक्सेलरेटरन्न् ने अपने कोहोर्ट 3 की घोषणा की है, जिसमें इन क्षेत्रों से छह स्टार्ट-अप कंपनियां शामिल हैं। भारत और सिंगापुर की ये कंपनियां-4बेसकेयर, हेस्टैक एनालिटिक्स, ज़ैडमेड हेल्थकेयर टेक्नोलॉजीज़, ट्राईकॉग, एआईआरए मैट्रिक्स एवं क्युरिटिव-जीई के अंदर और बाहर हेल्थकेयर उद्योग के विशेषज्ञों के साथ छह महीने बिताएंगी, जो इन्हें नए बाज़ारों के लिए अपने समाधान विकसित करने और इनका पैमाना बढ़ाने में मदद करेंगे।

श्री गिरीश राघवन, वाईस प्रेज़ीडेन्ट, इंजीनियरिंग- जीई हेल्थकेयर साउथ एशिया ने कहा, ‘‘इंडिया एडीसन एक्सलरेटर में हम इनोवेटर्स के सहयोग से ऐसी तकनीकों का विकास करते हैं, जो संचालनात्मक दक्षता और चिकित्सकीय परिणामों को बेहतर बना सकें। महामारी के बाद के दौर में मरीज़ों की देखभाल के लिए हेल्थकेयर उद्योग की तकनीकों पर निर्भरता बहुत अधिक बढ़ गई है। हमें खुशी है कि हम छह हाई-टेक स्टार्ट-अप्स को हमारे एक्सेलरेटर के साथ जोड़ने जा रहे हैं। अगलेछह महीनों में वे जीई के हेल्थकेयर इंजीनियरों और वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि उनके हेल्थकेयर समाधानों को दुनिया भर में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके।’’

डॉ श्रवण सुब्रमण्यम, प्रेज़ीडेन्ट एवं सीईओ, जीईहेल्थकेयर- भारत और दक्षिणी एशिया क्षेत्र तथा मैनेजिंग डायरेक्टर- विप्रो जीई हेल्थकेयर ने कहा, ‘‘जीई हेल्थकेयर मेंहम कार्डियोलोजी एवं ओंकोलोजी जैसे क्षेत्रों में अपने पोर्टफोलियो को निरंतर मजबूत बना रहे हैं, साथ ही वर्चुअल केयर एवं रिमोट पेशेन्ट मॉनिटरिंग में भी अपनी सेवाओं का विस्तार कर रहे हैं। एडीसन प्लेटफॉर्म, जीई की हेल्थकेयर स्टैªैटेजी का अभिन्न हिस्सा है। यह इनोवेशन्स को बढ़ावा देने में कारगर साबित हुआ है। कोहोर्ट-3 के स्टार्ट-अप्स के पास स्मार्ट आर्टीफिशियल इंटेलीजेन्स एवं मशीन लर्निंग समाधान हैं, जिन्हें एडीसन प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ने पर येडॉक्टरों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यसेवा पेशेवरों और मरीज़ों के लिए ये बहुत फायदेमंद हो सकते हैं।’’

कई मानकों को ध्यान में रखते हुए कोहोर्ट-3 के लिए स्टार्ट-अप्स के ऐप्लीकेशन्स को चुना गया जैसे बिज़नेस आइडिया, प्रोडक्ट की परिपक्वता और टीम की क्षमता आदि। इंडिया एडीसन एक्सेलरेटर स्टार्ट-अप्स के लिए मेंटरशिप, कौशल विकास प्रोग्राम, वाणिज्यिक एवं विनियामक मार्गदर्शन तथा डेटा प्रोविज़निंग उपलब्ध कराता है।

कोहोर्ट -3 के छह स्टार्ट-अप्स के बारे में
1. 4बेसकेयरः जेनोमिक्स एवं डिजिटल हेल्थ में मरीज़-उन्मुख समाधानों के साथ 4बेसकेयर एशिया से कैंसर मरीज़ों के व्यापक, लॉन्गिट्युटिनल क्लिनिक-जेनोमिक्स डेटा के सबसे बड़े स्रोत का निर्माण कर रहा है। https://4basecare.com/

2. हेस्टैक एनालिटिक्सः व्यापक एवं सटीक निदान के साथ इलाज में बेहतर फैसले लेने के लिए जटिल जेनोमिक्स विश्लेषण को आसान बनाता है।https://haystackanalytics.in/

3. ज़ैडमेड हेल्थकेयर टेक्नोलॉजीज़ः आईसीयू से लेकरएमरजेन्सी युनिट तक अस्पताल की सभी इनपेशेन्ट युनिट्स के लिए व्यापक क्लिनिकल डेटा इंटीग्रेशन एवं अडवान्स्ड क्लिनिकल एआई उपलब्ध कराता है।https://zmed.tech/

4. ट्राईकॉगः एआई एवं मशीन लर्निंग एल्गोरिदम के ज़रिए रिमोट क्लिनिकों को वर्चुअल कार्डियोलोजी सेवाएं उपलब्ध कराता है। https://www.tricog.com/

5. एआईआरए मेट्रिक्सः ड्रग डिस्कवरी/ डेवलपमेन्ट एवं हेल्थकेयर में इमेज और डेटा विश्लेषण को ऑटोमेट करने के लिए एआई-आधारित समाधान उपलब्ध कराता है। https://www.airamatrix.com/

6. क्युरिटिवः सीई मार्क्ड डिजिटल पैथोलोजी प्लेटफॉर्म एवं आई हेल्प पैथोलोजी लैब्स सेंटर जो ज़्यादा मरीज़ों को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान करते हैं। https://www.qritive.com/

इंडिया एडीसन एक्सलरेटर का कोहोर्ट2, 2021 में पूरा हुआ।इसमें छह हेल्थ-टेक स्टार्ट-अप्स शामिल थे-आरोग्य एआई, ब्रेन साईट एआई, इनमेड प्रोग्नोस्टिक्स, ऑनवर्ड असिस्ट, फ्लूड एआई और वैलदी थेरेप्युटिक्स। ये कंपनियां बाज़ार विस्तार एवं तकनीक के क्षेत्र में इंडिया एक्सेलरेटर के साथ निरंतर काम कर रही हैं।

30 जून, 2021 को समाप्त पहली तिमाही का वित्तीय परिणाम

मुंबई, 31 जुलाई, 2021- प्रमुख भारतीय एफएमसीजी कंपनियों में से एक ज्योति लैब्स लिमिटेड ने 30 जून, 2021 को समाप्त तिमाही के लिए वित्तीय परिणामों की आज घोषणा की। कंपनी ने 525 करोड़ रुपए बिक्री की सूचना दी, पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 21.4 फीसदी वाॅल्यूम वृद्धि हुई।

कंपनी ने सभी चैनलों में रिकवरी के जरिये हासिल अच्छे परिणाम पोस्ट किए हैं। हालांकि दूसरी लहर के लॉकडाउन का प्रभाव इस तिमाही में पड़ा, लेकिन सभी हितधारकों की प्रतिबद्धता के कारण कुल मिलाकर बेहतर प्रदर्शन रहा। अपने ब्रांड की मार्केटिंग के लिए नवीन तकनीकों को विकसित करने पर कंपनी का फोकस रहा, जिससे व्यक्तिगत ब्रांड पोर्टफोलियो को एक मजबूत सहारा मिला। चुस्त होना, डिजिटल मानसिकता से क्रियान्वित करना और उपभोक्ता की मांग को सक्रिय रूप से सुनना- इन प्रयासों से संकट की इस घड़ी में कंपनी को अच्छी प्रेरणा मिली है।

हालांकि जनरल ट्रेड स्टोर्स के नेतृत्व में कंपनी विकास की राह पर आगे बढ़ती रही है, लेकिन यह भी सच्चाई है कि आज अनेक उपभोक्ताओं के लिए ई-कॉमर्स पसंद का चैनल बन गया है और हमने इसके लिए अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। माॅडर्न ट्रेड स्टोर्स (एमटी) और कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (सीएसडी) के संचालन में स्थानीय तालाबंदी के कारण व्यवधान देखा गया। कुल मिलाकर हमारी बिक्री वृद्धि उत्साहजनक और सकारात्मक रही है।

इनपुट कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण, मार्जिन पर दबाव रहा है जिसे आंशिक रूप से कैलिब्रेटेड प्राइस हाइक और लागत को युक्तिसंगत बनाने के उपायों के साथ प्रबंधित किया गया है। हमने अपने रणनीतिक लीवर को मजबूत करने और ग्रामीण इलाकों में और विस्तार करने में अच्छी प्रगति की है जो आगे भी उच्च विकास में सहायता करेगा।

कंपनी लगातार विज्ञापनों और डिजिटल जुड़ाव के माध्यम से अपने संचार को मजबूत करने में जुटी हुई है। वितरण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, लागत को युक्तिसंगत बनाने, विज्ञापन खर्च बढ़ाने और नए ब्रांड पेश करने की दिशा में कंपनी का कदम विकास को गति देने में सबसे आगे रहा है। टैक्नोलाॅजी पर आधारित डिस्ट्रीब्यूशन पर हमारे फोकस ने हमें डिजिटल रूप से पहला बिजनेस मॉडल बनने के लिए तैयार किया है। हमने अच्छी शुरुआत की है और हम इसका फायदा उठाना चाहते हैं।

- वित्तीय हाइलाइट्स (वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही के परिणाम/पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में)

ऽ      शुद्ध बिक्री 525 करोड रु., 21.4 फीसदी की वृद्धि

ऽ      ईबीआईटीडीए 63.3 प्रतिशत पर (शुद्ध बिक्री का 12.0 प्रतिशत) बनाम 76.5 करोड़ रुपए (शुद्ध बिक्री का 17.7 प्रतिशत)

ऽ      शुद्ध लाभ 40.2 करोड़ रुपए बनाम 50 करोड़ रुपए

सेगमेंटल प्रदर्शन:

ऽ फैब्रिक केयरः फैब्रिक व्हाइटनर, फैब्रिक एन्हांसर, बार साबुन, डिटर्जेंट पाउडर

       पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में फैब्रिक केयर की बिक्री में 27.5 फीसदी की वृद्धि हुई। पिछली तिमाही की तुलना में इस खंड में महत्वपूर्ण सुधार देखा गया है।

 

ऽ डिशवाशिंगः डिश वॉश बार, लिक्विड, जेल, स्क्रबर और पाउडर

       पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में 22 फीसदी की वृद्धि हुई। घरेलू खपत में वृद्धि, स्वच्छता पर अधिक जोर और सभी चैनलों में मजबूत वितरण फोकस से समर्थित रही। इसके अलावा, छोटे एसकेयू ने स्वीकृति प्राप्त की है और ग्रामीण बाजारों में मजबूत बिक्री कर रहे हैं जिससे राजस्व और ब्रांड विशेष के प्रसार में वृद्धि हुई है।

ऽ घरेलू कीटनाशकः मच्छर भगाने का काॅइल, लिक्विड वेपराइजर, अगरबत्ती स्टिक

       पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में 12.7 फीसदी की वृद्धि हुई। इस तिमाही में मौसमी बिक्री संतोषजनक रही है। उपभोक्ताओं की ओर से स्वास्थ्य के प्रति निवारक उपायों को बढ़ावा देने से मदद मिली। हमने अपनी फिट ऑल मशीन्स लिक्विड वेपराइजर बॉटल लॉन्च की है, जिसने मैक्सो के लिए ब्रांड वैल्यू को और बढ़ाया है और इसकी अनूठी पेशकशों को उजागर किया है।

ऽ पर्सनल केयरः बॉडी सोप, फेस वॉश, हैंड वाॅश, सैनिटाइजर, टूथपेस्ट

       पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में 13.5 फीसदी की वृद्धि हुई। साबुन, हैंडवाश और सैनिटाइजर का हमारा नीम आधारित मार्गो पोर्टफोलियो लगातार अच्छी वृद्धि दर्ज कर रहा है क्योंकि उपभोक्ताओं के लिए स्वच्छता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए ज्योति लैब्स लिमिटेड की प्रबंध निदेशक सुश्री एम. आर ज्योति ने कहा, ‘‘हम अपने सभी हितधारकों के लिए मूल्य निर्माण में विश्वास करते हैं। हम लगातार उच्च बिक्री वृद्धि हासिल कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य सभी श्रेणियों में बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है जो संगठन को लंबी अवधि में मदद करेगा।

हम एक उपभोक्ता केंद्रित संगठन हैं और हमारे मुख्य पोर्टफोलियो में बढ़ोतरी का कारण यह है कि हमने डिस्ट्रीब्यूशन, इनोवेशन, रणनीतिक मीडिया खर्च, लागत फोकस, डिजिटल और स्थिरता की दिशा में अनेक नए कदम उठाए हैं।

वर्तमान चुनौतीपूर्ण माहौल में, निष्पादन पर हमारा ध्यान मजबूती से रहता है और हम विकास की उच्च गति को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं।’’

ज्योति लैब्स लिमिटेड के बारे मेंः

प्रमुख फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स कंपनियों में से एक ज्योति लैब्स लिमिटेड की स्थापना 1983 में एक सिंगल ब्रांड ‘उजाला’ से हुई थी। इन वर्षों में कंपनी एक एकल ब्रांड के मालिकाना उत्पाद से एक मल्टीब्रांड में विकसित हुई है, बीएसई और एनएसई सूचीबद्ध कंपनी है जो कपड़े की देखभाल, मच्छर भगाने के उत्पाद, व्यक्तिगत देखभाल और डिशवाॅश जैसे उत्पादों के निर्माण और विपणन में शामिल है।

कंपनी के पास उजाला, मैक्सो, एक्सो, हेंको, प्रिल, मार्गो, मि व्हाइट, टी-शाइन, नीम, माया और मोर लाइट जैसे अपनी श्रेणियों में प्रसिद्ध और स्थापित ब्रांड हैं। कंपनी अपनी सहायक कंपनी ज्योति फेब्रिकेयर सर्विसेज लिमिटेड ’के माध्यम से ‘आपके दरवाजे पर किफायती कीमत में वल्र्ड क्लास लॉन्ड्री प्रदान करते हुए सर्विस सेक्टर में भी कार्यरत है।

विंडलास बायोटेक लिमिटेड का आईपीओ बुधवार, 04 अगस्त, 2021 को खुलेगा

नई दिल्‍ली, 31 जुलाई, 2021: विंडलास बायोटेक लिमिटेड ('विंडलास' या 'कंपनी'), जो फार्मास्‍यूटिकल फॉर्म्‍यूलेशंस की निर्माता है और जो राजस्‍व की दृष्टि से भारत में घरेलू फार्मास्‍यूटिकल फॉर्म्‍यूलेशंस कॉन्‍ट्रैक्‍ट डेवलपमेंट एवं मैन्‍यूफैक्‍चरिंग ऑर्गेनाइजेशंस (''सीडीएमओ'') में शीर्ष पांच कंपनियों में शामिल है, ने बुधवार, 04 अगस्‍त, 2021 को अपना आईपीओ (''ऑफर'') खोलने का प्रस्‍ताव दिया है।

ऑफर का प्राइस बैंड `448 से `460 प्रति इक्विटी शेयर के बीच तय किया गया है। न्‍यूनतम 30 इक्विटी शेयर्स और उसके बाद 30 इक्विटी शेयर्स के गुणकों में बोलियां लगायी जा सकती हैं।

इनिशियल पब्लिक ऑफर में विंडलास बायोटेक लिमिटेड के `5 अंकित मूल्‍य के इक्विटी शेयर्स (''इक्विटी शेयर्स'') हैं जिनमें `1,650 मिलियन तक का फ्रेश इश्‍यू (''फ्रेश इश्‍यू'') और 5,142,067 इक्विटी शेयर्स का ऑफर फॉर सेल (''ऑफर फॉर सेल'' और फ्रेश इश्‍यू के साथ, ''ऑफर'') शामिल हैं। ऑफर फॉर सेल में विमला विंडलास (''व्‍यक्तिगत विक्रेता शेयरधारक'') के 1,136,000 इक्विटी शेयर्स और तनोइंडिया प्राइवेट इक्विटी फंड II के 4,006,067 इक्विटी शेयर्स (''निवेशक विक्रेता शेयरधारक'' और व्‍यक्तिगत विक्रेता शेयरधारक के साथ सामूहिक रूप से, ''विक्रेता शेयरधारक'') 

यह ऑफर सिक्‍योरिटीज कंट्रैक्‍ट्स (रेग्‍यूलेशन) रूल्‍स, 1957, यथासंशोधित (''एससीआरआर'') के नियम 19(2)(बी) के नियमों की शर्तों, सिक्‍योरिटीज एंड एक्‍सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (इश्‍यू ऑफ कैपिटल एंड डिस्‍क्‍लोजर रिक्‍वायरमेंट्स) रेग्‍यूलेशंस, 2018 यथासंशोधित के विनियम 31 के अनुसार, और सेबी आईसीडीआर रेग्‍यूलेशंस के विनियमन 6(1) का अनुपालन करते हुए बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए उपलब्‍ध कराया जा रहा है जहां ऑफर का 50 प्रतिशत से अनधिक हिस्‍सा पात्र संस्‍थागत खरीदारों (''क्‍यूआईबी'') को आनुपातिक आधार पर आवंटित किये जाने के लिए उपलब्‍ध होगा (''क्‍यूआईबी हिस्‍सा''), बशर्ते कंपनी और विक्रेता शेयरधारक, बीआरएलएम के परामर्श से सेबी आईसीडीआर विनियमनों (''एंकर निवेशक हिस्‍सा'') के अनुसार और विवेक के आधार पर क्‍यूआईबी पोर्शन का 60 प्रतिशत तक का हिस्‍सा एंकर निवेशकों को आवंटित कर सकते हैं, जिसमें से एक-तिहाई हिस्‍सा घरेलू म्‍यूचुअल फंड्स के लिए आरक्षित होगा, बशर्ते सेबी आईसीडीआर विनियमों के अनुसार एंकर निवेशक आवंटन मूल्‍य पर या इससे अधिक मूल्‍य पर घरेलू म्‍यूचुअल फंड्स से वैध बोलियां प्राप्‍त हों। एंकर निवेशक हिस्‍से में सब्‍सक्रिप्‍शन कम होने या अनावंटन की स्थिति में, बाकी इक्विटी शेयर्स, नेट क्‍यूआईबी पोर्शन में जुड़ जायेंगे। आगे नेट क्‍यूआईबी का 5 प्रतिशत केवल म्‍यूचुअल फंड्स को आनुपातिक आधार पर आवंटित किये जाने के लिए उपलब्‍ध होगा और नेट क्‍यूआईबी पोर्शन का शेष हिस्‍सा म्‍यूचुअल फंड्स सहित सभी क्‍यूआईबी बोलीदाताओं को आनुपातिक आधार पर आवंटित किये जाने के लिए उपलब्‍ध होगा, बशर्ते ऑफर मूल्‍य पर या इससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्‍त हों। हालांकि, म्‍यूचुअल फंड्स की ओर से कुल मांग क्‍यूआईबी पोर्शन के 5 प्रतिशत से कम रहती है, तो म्‍यूचुअल फंड पोर्शन में आवंटन के लिए उपलब्‍ध शेष इक्विटी शेयर्स बाकी क्‍यूआईबी हिस्‍से में जुड़ जायेंगे जो क्‍यूआईबी को आनुपातिक आधार पर आवंटित किये जाने के लिए उपलब्‍ध होंगे।

आगे, ऑफर का कम-से-कम 15 प्रतिशत हिस्‍सा आनुपातिक आधार पर गैर-संस्‍थागत बोलीदाताओं को आवंटित किये जाने के लिए उपलब्‍ध होगा और ऑफर का न्‍यूनतम 35 प्रतिशत हिस्‍सा सेबी आईसीडीआर विनियमनों के अनुसार खुदरा व्‍यक्तिगत बोलीदाताओं (''आरआईबी'') को आवंटित किये जाने के लिए उपलब्‍ध होगा, बशर्ते उनसे ऑफर मूल्‍य पर या इससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्‍त हों।

सभी संभावित बोलीदाताओं (एंकर निवेशकों को छोड़कर) को अनिवार्य रूप से एप्लिकेशन सपोर्टेड बाय ब्‍लॉक्‍ड एमाउंट (''एएसबीए'') का उपयोग करना होगा और उन्‍हें उनके एएसबीए खातों एवं यूपीआई आईडी (आरआईबी के मामले में) की जानकारी प्रदान करनी होगी, जिसमें सेल्‍फ सर्टिफाइलड सिंडिकेट बैंक्‍स (''एससीएसबी'') द्वारा या यूपीआई विधि - जैसा लागू हो - के तहत संबंधित बोली राशि अवरुद्ध कर दी जायेगी। एंकर निवेशकों को एएसबीए प्रक्रिया के जरिए ऑफर में भाग लेने की अनुमति नहीं है।

एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड, डीएएम कैपिटल एडवाइजर्स लिमिटेड (पूर्व नाम आईडीएफसी सिक्‍योरिटीज लिमिटेड) और आईआईएफएल सिक्‍योरिटीज लिमिटेड, इस ऑफर के बीआरएलएम हैं।

रेड हेरिंग प्रॉस्‍पेक्‍ट्स के जरिए उपलब्‍ध कराये जाने वाले इक्विटी शेयर्स, बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध किये जाने के लिए प्रस्‍तावित हैं।

पंजाब एण्ड सिंध बैंक का शुद्ध लाभ रु.174 करोड़ हुआ सीआर ए आर और पीसीआर क्रमशः17.62% और 84.22% की रहा ।



30जून 2021को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणाम

तिमाही-1 वित्त वर्ष :2021-22मुख्य विवरण(वर्ष-दर-वर्ष)

 

  • शुद्धलाभ248.72% कीवृद्धिदर्जकरतेहुएरु 174करोड़तकबढ़ा।

 

  • परिचालनलाभ86.86% बढ़कर रु 411 करोड़ हो गया।

 

  • जमालागत (सीओडी) 4.42% दर्ज हुआ, जिसमें 105बीपीएस सुधार हुआ।

 

  • शुद्धब्याजआयमें 82% की वृद्धि हुई।

 

  • सकलएनपीए34% सेघटकर13.33% होगया।

 

  • शुद्धएनपीएअनुपात57% सेघटकर3.61% होगया।

 

  • प्रावधानकवरेजअनुपात84.22% रही, जो जून-2020 में 69.20% थी।

 

  • पूंजीपर्याप्तताअनुपात17.62% है, जिसमें481बीपीएसकासुधारहुआहै।

 

  • 30 जून 2021 तककुलजमामें55% कीवृद्धिहुईऔररु 98478 करोड़होगया।

 

  • चालूजमाराशियोंमें46%, बचतजमामें13.79% कीवृद्धि हुई।

 

  • सकलअग्रिममें 13% की वृद्धि हुई।

 

खुदरा, कृषिऔरएमएसएमईअग्रिमोंमेंक्रमशः8.08%, 12.27% और12.8

व्यावसायिक निष्पादन का मुख्य सारांश (30 जून 2021 तक)

गोदरेज इंडस्ट्रीज और संबद्ध कंपनियों ने ‘गुड एंड ग्रीन’ के सफर के 10 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया

मुंबई 31 जुलाई 2021: दुनिया को रोजगार के लिये ज्‍यादा योग्‍य और हरित बनाने के वादे के साथ, गोदरेज इंडस्‍ट्रीज और संबद्ध कंपनियों ने आज स्‍थायित्‍व की यात्रा के दस वर्ष पूरे करने का उत्‍सव मनाया है। कंपनी ने ‘गुड एंड ग्रीन विजन’ के पहले चरण के समापन की घोषणा की है, जिसने उसके पर्यावरणीय, स्‍वास्‍थ्‍यरक्षा और शिक्षा (सामाजिक) सम्‍बंधी अधिकांश लक्ष्‍यों से बढ़कर प्रदर्शन किया था।

पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव को केन्‍द्र में रखते हुए, पिछले एक दशक में गोदरेज ने आधे मिलियन से ज्‍यादा सुविधा से वंचित लोगों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण और सहयोग दिया है। यह उनकी आय बढ़ाने के लिये किया गया है और साथ ही 3.5 मिलियन लोगों को वेक्‍टर-जनित रोगों से सुरक्षित रहने में सक्षम बनाया गया है।

पिछले दशक की अन्‍य महत्‍वपूर्ण उपलब्धियों में यह शामिल है कि गोदरेज इंडस्‍ट्रीज और संबद्ध कंपनियों का रिन्‍यूएल पोर्टफोलियो अब 50% पर है, जिसके लिये 30% का लक्ष्‍य रखा गया था। गोदरेज की कंपनियों में खपने वाली आधे से अधिक ऊर्जा नवीकरण योग्‍य स्रोतों से आती है और गोदरेज द्वारा उत्‍पादित प्रत्‍येक टन उत्‍पादों में 30% कम ऊर्जा और 35% कम पानी का इस्‍तेमाल होता है और लगभग 50% कम उत्‍सर्जन तथा 75% कम कचरा निकलता है।

गोदरेज इंडस्‍ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्‍टर और चेयरमैन नादिर गोदरेज ने इस उपलब्धि पर कहा, ''हम बिजनेस से आगे बढ़कर भारत को ज्‍यादा समावेशी और हरित बनाना चाहते थे। मुझे गर्व है कि अपनी टीम की सहायता से हमने अपने पर्यावरणीय और सामाजिक लक्ष्‍यों में बेहतरीन परिणाम दिये हैं और उनसे आगे बढ़कर काम किया है। इस सफर में हमें नई चुनौतियाँ मिलीं और हमने कुछ सबक भी सीखे। पहला दशक पूरा होने के बाद, अब हम स्‍थायित्‍व से जुड़े ज्‍यादा बड़े और साहसिक लक्ष्‍यों की ओर देख रहे हैं और देश को ज्‍यादा समान और हरित बनाना चाहते हैं।'

स्‍थायित्‍व की यात्रा जारी रखने के लिये, गोदरेज इंडस्‍ट्रीज और संबद्ध कंपनियों ने व्‍यवसायों के अनुसार ज्‍यादा साहसिक लक्ष्‍य तैयार किये हैं। उनका लक्ष्‍य अगले पाँच वर्षों में उभरती अर्थव्‍यवस्‍थाओं से आने वाले लगभग 150,000 लोगों को कुशलताओं और आजीविका में सहयोग से सशक्‍त करना है, ताकि उनकी आय बढ़े। साथ ही 10 मिलियन लोगों को वेक्‍टर-जनित रोगों से बचाने का लक्ष्‍य भी है। रोजगार-योग्‍यता और सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य प्रणालियों को मजबूत करने के अलावा, कंपनी भारत की 8 नगरपालिकाओं के लिये अपशिष्‍ट प्रबंधन प्रणालियों को क्षमतावान बनाने पर केन्द्रित हो रही है, जिससे 10 मिलियन लोग लाभान्वित होंगे। गोदरेज के सभी उत्‍पादों में से एक-तिहाई को वर्ष 2020 से ज्‍यादा हरित भी बनाया जाएगा, कार्बन न्‍यूट्रलिटी, वाटर पॉजिटिविटी मैंटेन की जाएगी, और कचरा बिलकुल नहीं किया जाएगा।

स्‍थायित्‍व के इन लक्ष्‍यों की प्राप्ति के लिये, गोदरेज इंडस्‍ट्रीज और संबद्ध कंपनियों ने कुछ कार्यान्‍वयन भागीदारों के साथ गठजोड़ किया है। इन भागीदारों ने विश्‍लेषण, समाधान प्रदान करने में मदद की है और विशेष समस्‍याओं को हल करने में सहयोग दिया है, ताकि सामाजिक और पर्यावरणीय प्रगति को बढ़ावा मिले।

 

एलआईसी सीएसएल ने लॉन्च किए आईडीबीआई बैंक द्वारा संचालित को-ब्रांडेड रूपे क्रेडिट कार्ड - ‘ल्युमिन’ और ‘एक्लैट’

मुंबई, 31 जुलाई, 2021- एलआईसी कार्ड्स सर्विसेज लिमिटेड (एलआईसी सीएसएल) और आईडीबीआई बैंक ने को-ब्रांडेड रूपे क्रेडिट कार्ड के दो वेरिएंट लॉन्च करने के लिए पार्टनरशिप की है। ये हैं- एलआईसी सीएसएल ‘ल्युमिन’ प्लेटिनम क्रेडिट कार्ड और एलआईसी सीएसएल ‘एक्लैट’ सलेक्ट क्रेडिट कार्ड। ये दोनों कार्ड आईडीबीआई बैंक द्वारा संचालित हैं। शुरुआती तौर पर ये कार्ड एलआईसी पॉलिसीधारकों, एलआईसी एजेंटों और एलआईसी के कर्मचारियों और इसकी सहायक कंपनियों/सहयोगियों को ध्यान में रखते हुए जारी किए जा रहे हैं। कार्ड ग्राहकों के लिए कई आकर्षक फायदों के साथ आते हैं। ‘ल्युमिन’ और ‘एक्लैट’ कार्डधारक अपनी जीवन शैली के अनुरूप अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ क्रेडिट सीमा का लाभ उठा सकते हैं। ल्यूमिन कार्डधारक 100 रुपये के प्रत्येक खर्च पर 3 डिलाइट पाॅइंट्स अर्जित करेंगे, जबकि एक्लैट कार्ड पर 4 डिलाइट पाॅइंट्स मिलेंगे। ये कार्ड एलआईसी के बीमा प्रीमियम के नवीनीकरण का भुगतान करते समय 2 गुना रिवॉर्ड पॉइंट का विशेष लाभ प्रदान करते हैं।

‘ल्युमिन’ और ‘एक्लैट’ कार्डधारक कार्ड जारी होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर 10,000 रुपए खर्च करने पर क्रमशः 1000 और 1500 वेलकम बोनस डिलाइट पॉइंट अर्जित करेंगे। ये कार्ड हवाई दुर्घटना बीमा कवर, व्यक्तिगत दुर्घटना/स्थायी दिव्यांगता कवर, क्रेडिट शील्ड कवर और जीरो लॉस्ट कार्ड देयता सहित आकर्षक बीमा कवरेज के साथ आते हैं।

400 रुपए और इससे अधिक के लेनदेन पर 1 प्रतिशत ईंधन अधिभार छूट के लाभ के साथ दोनों कार्डों में उपयोगकर्ताओं को यह सुविधा भी मिलती है कि वे 3000 रुपए से अधिक के लेनदेन को ईएमआई में परिवर्तित कर सकते हैं। इसके लिए कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं है और फोरक्लोजर शुल्क भी नहीं लगता है। वे अपनी आवश्यकता के अनुसार 3, 6, 9 या 12 महीने की ईएमआई अवधि का विकल्प चुन सकते हैं। एक्लेट कार्डधारकों को डोमेस्टिक और इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर कॉम्प्लिमेंट्री लाउंज एक्सेस भी मिलेगा। दोनों कार्ड 4 साल की वैधता और 48 दिनों तक की ब्याज मुक्त क्रेडिट अवधि के साथ आते हैं।

‘वेलकम अबोर्ड’ ऑफर के हिस्से के रूप में, कार्ड अपने शुरुआती ग्राहकों के लिए विभिन्न आकर्षक मर्चेंट डिस्काउंट ऑफर भी दे रहे हैं।

आईडीबीआई बैंक के एमडी और सीईओ राकेश शर्मा ने कहा, ‘‘हमें एलआईसी सीएसएल और रूपे के साथ साझेदारी करके खुशी का अनुभव हो रहा है। यह एक ऐसा अनूठा क्रेडिट प्रोडक्ट है, जो हमारे ग्राहकों को स्वास्थ्य, मनोरंजन, यात्रा और विभिन्न लाभकारी रिवार्ड पाॅइंट्स पर ध्यान देने के साथ कई प्रकार के फायदे भी प्रदान करता है। हमारा लक्ष्य अपने ग्राहकों के लिए अनेक फायदों के साथ उनके क्रेडिट कार्ड संबंधी अनुभव को और बेहतर बनाना है।’’

एलआईसी सीएसएल के सीई राकेश कुमार ने कहा, ‘‘हमें एलआईसी सीएसएल क्रेडिट कार्ड ल्यूमिन और एक्लैट को लॉन्च करने के लिए आईडीबीआई और रूपे के साथ साझेदारी करके खुशी हो रही है। हम विभिन्न प्रकार के लाभ/कार्ड प्रदान करके डिजिटल लेनदेन के मूल्य को बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं जिससे खरीदार और प्राप्तकर्ता दोनों के लिए लेनदेन की लागत और समय की बचत होती है। एलआईसी सीएसएल का विजन कार्ड और डिजिटल भुगतान में ऐसा शीर्ष ब्रांड बनने का है, जो पूरे देश में सभी क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा कर सकता है।’’

एनपीसीआई के एमडी और सीईओ श्री दिलीप अस्बे ने कहा, ‘‘हमें रुपे नेटवर्क पर ल्युमिन और एक्लैट को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड लॉन्च करने के लिए एलआईसी सीएसएल और आईडीबीआई बैंक के साथ पार्टनरशिप करते हुए खुशी हो रही है। इन कार्डों को इस तरह डिजाइन किया गया है, ताकि ग्राहक खरीदारी संबंधी अपने अनुभव को और बेहतर बना सकें और रिवाडर््स भी अर्जित कर सकें। हमें विश्वास है कि यह साझेदारी ग्राहकों के दिन-प्रतिदिन के खर्च और खरीदारी को और अधिक बेहतर बनाऐगी। एनपीसीआई में हमारा निरंतर प्रयास है कि रूपे कार्ड का उपयोग करने वाले अपने सभी ग्राहकों को हम नए सिरे से लेनदेन का अनुभव प्रदान कर सकें।’’

टाटा पावर क्रिसिल के ईएसजी स्टोर्स में भारत की विद्युत कंपनियों के बीच टॉप रहा

 

राष्‍ट्रीय, 31 जुलाई, 2021: टाटा पावर, जो भारत की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत कंपनी है, ने क्रिसिल द्वारा हाल ही में लॉन्‍च किये गये एनवायरमेंटल, सोशल एवं गवर्नेंस (ईएसजी) स्‍कोर्स में भारतीय विद्युत क्षेत्र की कंपनियों के बीच सर्वोच्‍च अंक हासिल किया। क्रिसिल, जो कि एसएंडपी ग्‍लोबल कंपनी है, भारत की अग्रणी, रेटिंग्‍स, डेटा, रिसर्च, एनालिटिक्‍स, एवं समाधान प्रदाता है।

 

टाटा पावर, टिकाऊ, अफोर्डेबल एवं इनोवेटिव एनर्जी के जरिए लाखों जिंदगियों को सशक्‍त बनाने के प्रति संकल्पित है। इसने पर्यावरणीय, सामाजिक एवं प्रशासनिक जैसे सभी ईएसजी मानकों पर शानदार प्रदर्शन किया है। इसने 100 में से शानदार 67 अंक हासिल किये। कंपनी ने पर्यावरणीय मानकों पर 61 और सामाजिक एवं प्रशासकीय मानकों पर क्रमश: 60 और 77 अंक हासिल किये हैं। क्रिसिल द्वारा स्‍वैच्छिक रूप से यह आकलन किया गया और यह सार्वजनिक रूप से उपलब्‍ध जानकारी पर आधारित है।

 

ईएसजी का पालन टाटा पावर की प्रमुख सोच रही है और यही इसके व्‍यावसायिक रणनीति को आगे बढ़ाती है। यह कंपनी के स्‍वच्‍छ ऊर्जा पोर्टफोलियो के विकास के रास्‍ते पर आगे बढ़ती है, अपने सामाजिक नवाचारों एवं प्रशासकीय प्रोटोकॉल्‍स का निर्णय लेती है। ईएसजी कंपनी के कार्य का आधार है और यह इसे एक नजरिया प्रदान करता है जिसके जरिए यह संगठनात्‍मक आवश्‍यकताओं एवं महत्‍वाकांक्षाओं को दायित्‍वपूर्ण व्‍यावसायिक समाधानों में बदल सके और स्‍थायित्‍वपूर्ण एवं समावेशी विकास पथ पर अग्रसर रहे।

 

अपने 2.0 बिजनेस प्‍लान के तहत, टाटा पावर विशेष तौर पर पर्यावरणीय पहलुओं पर जोर दे रहा है और इसने ऐसे साहसिक निर्णय लिये हैं जिनसे उत्‍पादन की दृष्टि से इसे कोल-आधारित विस्‍तार न करना पड़े। यह देश में मजबूत ईवी चार्जिंग फुटप्रिंट्स के विकास को गति देता है और यूटिलिटी बिजनेसेज के जरिए नवीकरणीय फुटप्रिंट्स (वर्तमान में 30 प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक 80 प्रतिशत) के विकास में संलग्‍न है। कंपनी को विश्‍वास है कि यह वर्ष 2050 से काफी पहले ही कार्बन न्‍यूट्रिलिटी को हासिल कर लेगी और इसका इरादा यूटिलिटी सस्‍टेनेबिलिटी पद्धतियों में वैश्विक अग्रणी बनने का है। इसने वर्ष 2026 तक 100 प्रतिशत वाटर न्‍यूट्रिलिटी और जीरो वेस्‍ट टू लैंडफिल्‍स हासिल करने के लिए भी सुस्‍पष्‍ट कार्य योजना तैयार कर ली है।

 

क्रिसिल ने अपनी हाल ही रिपोर्ट में भारत के 18 सेक्‍टर्स की 225 कंपनियों के ईएसजी स्‍कोर्स की घोषणा की और उनके ट्रैक रिकॉर्ड एवं डिस्‍क्‍लोजर मानकों की फैक्ट्रिंग की। इसमें भारतीय संदर्भ में प्रासंगिक सभी सामग्री ईएसजी मानकों का सापेक्षिक संपूर्ण क्षेत्रवार मूल्‍यांकन शामिल हैं और यह सार्वजनिक क्षेत्र एवं थर्ड पार्टी प्रदाताओं में उपलब्‍ध जानकारी पर आधारित है।

 

ये स्‍कोर्स क्रिसिल के प्रोप्रायटरीह फ्रेमवर्क पर आधारित है और ये स्‍कोर 1-100 के पैमाने पर दिये गये हैं, जिनमें 100 सर्वोत्‍तम कोटि का ईएसजी प्रदर्शन दर्शाता है। वर्तमान मूल्‍यांकन में वित्‍त वर्ष 2020 से लेकर तीन वार्षिक रिपोर्टिंग साइकल्‍स का विश्‍लेषण किया गया है।

 

टाटा पावर के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक, डॉ. प्रवीर सिन्‍हा ने बताया, ''इतना उच्‍चा स्‍कोर हासिल करना और भारतीय विद्युत क्षेत्र में प्रमुख रूप से ईएसजी केंद्रित कंपनी के रूप में उभरना हमारे लिए गर्व की बात है। हमारे प्रयासों को सम्‍मानित करने के लिए हम क्रिसिल को धन्‍यवाद देना चाहेंगे। ये स्‍कोर्स नये ईएसजी ट्रेंड्स के अनुरूप हमारे परिवर्तित बिजनेस मॉडल के सबूत हैं, जो टिकाऊ विकास हासिल करने के लिए उत्‍कृष्‍ट एवं स्‍केलेबल हैं।''

 

टाटा पावर ने नवीकरणीय फुटप्रिंट्स, कार्बन उत्‍सर्जन, संसाधन उपलब्‍धता, अपशिष्‍ट प्रबंधन, जैवविविधता आदि जैसे प्रमुख क्षेत्रों को चिह्नित किया है। कंपनी ने साइंस-बेस्‍ड टार्गेट्स इनिशियेटिव (SBTi) के अनुरूप अपने उत्‍सर्जन कमी लक्ष्‍यों को भी तय किया गया है।

यूटीआई एएमसी ने श्री वेत्री सुब्रमण्यम को सीआईओ और श्री अजय त्यागी को हेड-इक्विटी के रूप में नियुक्त किया

मुंबई, 31 जुलाई, 2021-यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (यूटीआई एएमसी) ने 1 अगस्त, 2021 से अपने म्यूचुअल फंड संचालन के लिए श्री वेत्री सुब्रमण्यम को अपना मुख्य निवेश अधिकारी और श्री अजय त्यागी को हेड-इक्विटी के रूप में नियुक्त किया है.

श्री वेत्री सुब्रमण्यम को कंपनी के मुख्य निवेश अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है और वह कंपनी की इक्विटी, निश्चित आय, अनुसंधान और व्यवहार कार्यों की देखरेख करेंगे. वेत्री जनवरी 2017 में इक्विटी हेड के रूप में यूटीआई एएमसी में शामिल हुए थे और तब से काफी सफलता के साथ इसका नेतृत्व किया है.

श्री अजय त्यागी कंपनी में इक्विटी हेड के रूप में कार्यभार संभालेंगे. अजय मई २००० में यूटीआई एएमसी में एक प्रबंधन प्रशिक्षु और विश्लेषक के रूप में शामिल हुए थे और अब एक फंड मैनेजर के रूप में यूटीआई की सबसे बड़ी इक्विटी योजना का प्रबंधन करते हैं और उनका एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है. 

यूटीआई एएमसी के सीईओ श्री इम्तैयाजुर रहमान ने कहा, “कंपनी द्वारा शुरू की गई परिवर्तन प्रक्रिया में यह एक महत्वपूर्ण विकास है. मुख्य निवेश अधिकारी की इस भूमिका के निर्माण से सभी परिसंपत्ति वर्गों में निवेश प्रक्रियाओं का प्रबंधन उपलब्ध होगा. यह निवेश प्रक्रिया में और अधिक तालमेल लाएगा और फंड मैनेजमेंट, रिसर्च और डीलिंग टीमों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करेगा. यह पद संगठन के भीतर निवेश पेशेवरों के एक मजबूत कैडर के निर्माण और पोषण पर ध्यान केंद्रित करेगा. ये बदलाव हमें अपने निवेशकों और हितधारकों की अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से पूरा करने में सक्षम बनाएंगे."

यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के बारे में:

यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (यूटीआई एएमसी) यूटीआई म्यूचुअल फंड का निवेश प्रबंधक है. इसे कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत शुरु किया गया है और 14 जनवरी, 2003 को सेबी द्वारा यूटीआई म्यूचुअल फंड के लिए एक एसेट मैनेजमेंट कंपनी के रूप में कार्य करने के लिए अनुमोदित किया गया था. यूटीआई एएमसी सेबी के साथ पोर्टफोलियो मैनेजर के रूप में पंजीकृत है और इसकी सहायक कंपनी के माध्यम से यह एआईएफ सहित अन्य के लिए फंड मैनेजर के रूप में कार्य करता है. इसमें विविध वितरण नेटवर्क के साथ-साथ शाखाओं का एक देशव्यापी नेटवर्क भी है.

पोद्दार वर्ल्ड स्कूल के छात्रों ने सीबीएसई 12वीं कक्षा के परिणाम में लहराया परचम

 पोद्दार वर्ल्ड स्कूल जयपुर के छात्रों ने एआईएसएससीई के 2020-21 के षैक्षणिक सत्र में 100 प्रतिषत रिजल्ट दिया

जयपुर, 31 जुलाई, 2021ः पोद्दार वर्ल्ड स्कूल जयपुर के छात्रों ने हाल में घोषित सीबीएसई कक्षा 12 की परीक्षाओं में 100 प्रतिषत रिजल्ट दे कर षानदार प्रदर्षन किया है। 

इस मौके पर पोद्दार एजुकेषन के चेयरमैन श्री राघव पोद्दार ने छात्रों को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा “ यह हमारे लिए गौरव का क्षण है कि कक्षा 12 के हमारे सभी छात्रों ने इस महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण वर्ष में इतना षानदार प्रदर्षन किया है। यह परिणाम छात्रों की नियमित पढ़ाई और उत्कृष्टता का प्रमाण है, क्योंकि इस बार का परिणाम पूरे वर्ष के प्रदर्षन पर आधारित है। पोद्दार एजुकेषन में हमने हमेषा इस बात पर विष्वास किया है कि सिर्फ एक परीक्षा के आधार पर छात्रों की दक्षता और क्षमता का आंकलन नहीं किया जा सकता है, इसीलिए हम अपने छात्रों को हमारे रचनात्मक और विष्लेष्णात्मक पाठ्यक्रम के नियमित अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए इस बार का परिणाम हमारे के लिए विषेष स्थान रखता है। “

इस बार के सीबीएसई के 12वीं कक्षा के परिणाम अलग ढंग से तैयार हुए हैं, क्योंकि इस बार कोविड की दूसरी लहर के कारण बोर्ड परीक्षाएं नहीं हो पाई थी। बोर्ड ने परिणाम तैयार करने के लिए वैकल्पिक मूल्यांकन पद्धति को अपनाया है। 

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने 7वें दीक्षांत समारोह में 269 छात्रों को डिग्री प्रदान की

जयपुर, 31 जुलाई, 2021- उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी प्रतिष्ठित संस्थान आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने आज अपने 7वें दीक्षांत समारोह में 269 छात्रों को एमबीए और पीएच. डी. की डिग्री प्रदान की। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दीक्षांत समारोह का आयोजन वर्चुअल मोड में किया गया। एक प्रमुख स्वास्थ्य और अनुसंधान यूनिवर्सिटी के रूप में प्रतिष्ठित आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य नीतियों और कार्यक्रमों में 800 से अधिक शोध परियोजनाओं और अध्ययनों का आयोजन किया है। यूनिवर्सिटी ने हॉस्पिटल और हेल्थ मैनेजमेंट, फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट और रूरल मैनेजमेंट में 260 छात्रों को एमबीए की डिग्री प्रदान की, जबकि 9 छात्रों ने पीएच डी की डिग्री हासिल की।


एनएएसआई-आईसीएमआर चेयर ऑन पब्लिक हेल्थ रिसर्च, राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (आरयूएचएस), जयपुर और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, मदुरै के प्रेसीडेंट डॉ. विश्व मोहन कटोच ने दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। प्रसिद्ध हेल्थकेयर उद्यमी और अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संगीता रेड्डी और यूएस स्थित हेल्थकेयर स्टार्ट-अप डे टू डे हेल्थ के फाउंडर और सीईओ श्री प्रेम शर्मा ने दीक्षांत समारोह को विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित किया। दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता आईआईएचएमआर विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन डॉ एस डी गुप्ता ने की, जबकि आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट डॉ पी आर सोडानी ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

एनएएसआई-आईसीएमआर चेयर ऑन पब्लिक हेल्थ रिसर्च, राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (आरयूएचएस), जयपुर और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, मदुरै के प्रेसीडेंट डॉ. विश्व मोहन कटोच ने इस अवसर पर उच्च शिक्षा के व्यापक उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘‘ग्रेजुएशन करने वाले प्रत्येक छात्र के लिए आज शिक्षा के उद्देश्य पर विचार करना महत्वपूर्ण है। एक बात जो शिक्षा और विशेष रूप से उच्च शिक्षा के मूल में बनी हुई है, वह यह है कि आप लोगों के जीवन की गुणवत्ता में वांछित सुधार के लिए अपने पेशे, काम और जीवन में कितनी अच्छी तरह समस्याओं को हल कर सकते हैं।’’ कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय के दौरान छात्रों को उनकी कड़ी मेहनत के बल पर डिग्री हासिल करने पर बधाई देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से अपने संबंधित डोमेन में स्थिति में सुधार के लिए समर्पित रूप से काम करने का भी आग्रह किया।

हेल्थकेयर उद्यमी और अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संगीता रेड्डी ने कहा, ‘‘आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी एक प्रतिष्ठित संस्थान है और ऐसे विशेषज्ञों के साथ देश और दुनिया की मदद कर रहा है, जो स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को विकसित करने में मदद कर रहे हैं। कोविड-19 महामारी एक ऐसी घटना है, जो कई सालों में एक बार होती है, लेकिन आज इस घटना ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को केंद्र स्तर पर ला दिया है। यह वास्तव में एक ऐसा क्षण है जहां हर एक व्यक्ति ने अपने स्वास्थ्य और अपनी क्षमता के संबंध के बारे में सोचा है। इसी तहर आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के स्नातक आज समुदाय, देश और विश्व को स्वस्थ रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी उठाने वाले लोगांे की श्रेणी में शामिल हो गए हैं। आज जरूरत इस बात की है कि हम यथास्थिति को बदलें और स्वास्थ्य सेवा के प्रतिमान में भी बदलाव लाने का प्रयास करें। विशेष बात यह है कि मिलेनियल्स की यह पीढ़ी लोगों को जीवित, स्वस्थ रखने के लिए विज्ञान, टैक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईओटी का उपयोग करने के लिए पूरी तरह से लैस है।’’

हेल्थकेयर स्टार्ट-अप डे टू डे हेल्थ के फाउंडर और सीईओ श्री प्रेम शर्मा ने सभी फ्यूचर लीडर्स को अपनी नई यात्रा शुरू करने के लिए बधाई दी और कहा, ‘‘तकनीक की दुनिया में होने वाले इनोवेशन के कारण विश्व अर्थव्यवस्था बदल रही है, भौगोलिक सीमाएं गायब होने से दुनिया भर के उद्योग और व्यवसाय मौजूदा मानदंडों को तोड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। दुनिया से संबंधित अधिकांश जानकारी जिसे हम जानते हैं, पिछले 10 वर्षों में बनाई गई है और आज हम जो काम कर रहे हैं, इनमंे से अधिकांश नौकरियां लगभग 10 साल पहले मौजूद नहीं थीं। स्नातक करने वाले छात्र इन क्रांतिकारी परिवर्तनों का हिस्सा होंगे क्योंकि कोविड-19 के कारण कारोबारी माहौल की अनिश्चितता और जटिलताएं बढ़ गई हैं। हेल्थकेयर और फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट हर समाज और देश के लिए जरूरी हो गया है। किसी भी देश के संतुलित और समान विकास के लिए ग्रामीण विकास एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। आज जब हम प्रभावी डेवलपमेंट सॉल्यूशंस की बात करते हैं, तो हमारा संकेत एसडीजी विजन 2030, स्वास्थ्य देखभाल प्रबंधन और ग्रामीण विकास की ओर भी होता है।’’

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रसिद्ध सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन डॉ. एस.डी. गुप्ता ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले चार दशकों के दौरान देश में इस अनूठी संस्था को आकार देने में गुणवत्ता और मानव सेवा की प्रतिबद्धता ने कैसे मदद की है। अपने संबोधन में डॉ. गुप्ता ने छात्रों से जीवन भर सीखने को अपनी आदत का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘आप करियर में आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन जो आपकी मदद करेगा वह केवल डिग्री या अर्जित ज्ञान नहीं है बल्कि यह आपके अनुभव से लगातार सीखने और समाज की सेवा करने की आपकी क्षमता है।’’

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के फाउंडर और ट्रस्टी और कई अन्य विकासात्मक संगठनों से संबद्ध रहे डॉ अशोक अग्रवाल ने लगभग चार दशक पहले आईआईएचएमआर की स्थापना के व्यापक उद्देश्यों की जानकारी दी और कहा, ‘‘उस दौर में देश में शायद ही किसी ने प्रबंधन के दृष्टिकोण से स्वास्थ्य सेवा के बारे में सोचा हो। इस संस्थान ने भारत और उसके बाहर स्वास्थ्य प्रणालियों को बेहतर बनाने में बहुत योगदान दिया है, जो सभी हितधारकों के लिए बहुत गर्व की बात है।’’

यूनिवर्सिटी का वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट डॉ. प्रहलाद आर. सोडानी ने कहा, ‘‘आईआईएचएमआर विश्वविद्यालय ने विकासशील दुनिया की उभरती जरूरतों के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएट कार्यक्रमों में विषयों का सावधानीपूर्वक चयन किया है और यही कारण है कि हमारे कार्यक्रम एक अलग पहचान रखते हैं।’’

मैनेजमेंट लर्निंग की भूमिका के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘चुनौतियां और अवसर हमारे लिए सीखने के अभ्यास का हिस्सा हैं, यह मायने रखता है कि आप किसी भी परिस्थिति में कैसे सीखते और समझते हैं और कैसे कार्य करते हैं। एक प्रबंधक की भूमिका तीन सिद्धांतों- एक्ट, इम्प्लीमेंट और लर्न के आधार पर स्थापित की जाती है।’’ उन्होंने यह भी बताया कि कैसे विश्वविद्यालय ने देश में स्वास्थ्य देखभाल और विकास प्रबंधन शिक्षा की गुणवत्ता और प्रासंगिकता में सुधार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। संस्थान की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. सोडानी ने बताया कि विश्वविद्यालय 150 से अधिक संगठनों में लगभग सभी योग्य स्नातक छात्रों को प्लेसमेंट दिलाने में सक्षम है। इनमें प्रमुख संगठन हैं- नोवार्टिस, एबॉट, अपोलो म्यूनिख, एक्सेंचर, डेलॉइट, फोर्टिस नारायणा हृदयालय अस्पताल, शेल्बी, ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन, जायडस, वॉटर एड, गुजरात स्टेट वाटरशेड मैनेजमेंट एसोसिएशन, राजीव गांधी फाउंडेशन, राजस्थान ग्रामीण आजीविका मिशन और कई अन्य।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी का भारत और विदेशों में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग है।

गल्फ ऑयल इंडिया ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को सपोर्ट करने के लिए लॉन्च किए ‘ईवी फ्लुइड्स’

मुंबई ,  , 04  अक्टूबर , 2022 -  हिंदुजा समूह की कंपनी गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट्स ने  ‘ ईवी फ्लुइड्स ’  की विशेष श्रेणी के लिए स्विच मोबिलिटी और ...