Monday, June 21, 2021

एसीसी और अंबुजा की इन-हाउस वेस्ट मैनेजमेंट इकाई जियोसाइकिल इंडिया राजस्थान में जोजरी नदी की सफाई का काम करेगी

जयपुर, 21 जून, 2021- एसीसी और अंबुजा सीमेंट्स की इन-हाउस वेस्ट मैनेजमेंट इकाई जियोसाइकिल ने राजस्थान के जोधपुर जिले के पीपाड़ सिटी कस्बे में जोजरी नदी के किनारे से प्लास्टिक कचरे को हटाने के लिए रेकार्ट इनोवेशंस के साथ सहयोग किया है। हाल ही में 10 टन से अधिक वजन वाले प्लास्टिक कचरे की पहली खेप एकत्र की गई और अंबुजा और एसीसी सीमेंट संयंत्रों में जियोसाइकिल की प्रोसेसिंग सुविधाओं को भेजी गई।

अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और एसीसी लिमिटेड भारत में लाफार्ज होल्सिम की दो प्रमुख कंपनियां हैं, और जियोसाइकिल एक इन-हाउस कचरा प्रबंधन शाखा है जो औद्योगिक, कृषि, नगरपालिका और प्लास्टिक कचरे के निपटारे के लिए सेवाएं प्रदान करती है।

जोजरी नदी की सफाई से संबंधित प्रोजेक्ट की सहायता से 150 टन से अधिक प्लास्टिक कचरे को हटाने और 7,500 क्यूबिक मीटर नदी क्षेत्र को बहाल करने की उम्मीद है। जोजरी नदी, राजस्थान में लूनी नदी की एक प्रमुख सहायक नदी और स्थानीय रूप से रेगिस्तान गंगाके रूप में जानी जाती है। लेकिन हाल के वर्षों में यह नदी एक स्थानीय डंपिंग ग्राउंड बनकर रह गई है। हाल ही में एक वैज्ञानिक अध्ययन से पता चला था कि नदी स्थानीय कृषि और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर रूप से खतरनाक हो गई है, जिससे स्थानीय आबादी के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो रही हैं।

लाफार्ज होल्सिम के सीईओ इंडिया और अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के एमडी और सीईओ श्री नीरज अखौरी ने कहा, ‘‘स्वच्छ और ग्रीन टैक्नोलाॅजी को अपनाते हुए हम एक स्थायी और दीर्घकालिक भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी वेस्ट मैनेजमेंट इकाई जियोसाइकिल इंडिया कई पहलों का हिस्सा रही है और इसने अंबुजा और एसीसी सीमेंट दोनों को नेट जीरो वेस्टलक्ष्य को प्राप्त करने के करीब पहुंचकर विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से कचरे का उपयोग करने में मदद की है। जियोसाइकिल का विशाल को-प्रोसेसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर एकत्रित कचरे के सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल अंतिम उपचार की गारंटी देता है- यह  सीमेंट भट्ठे में को-प्रोसेसिंग से ऊर्जा की रिकवरी होती है और यहां कचरे को भी रीसाइकिल किया जाता है और पीछे कोई अवशेष भी नहीं छोड़ा जाता है।’’

जियोसाइकिल ने एकत्रित कचरे को अलग-अलग करने के लिए एक यांत्रिक छँटाई मशीन स्थापित करने के लिए ईपीआर संगठन रेकार्ट इनोवेशंस के साथ सहयोग किया है। यह संयंत्र डंप साइट पर मिश्रित और अनुपचारित कचरे का शोधन करेगा और कम मूल्य वाले प्लास्टिक और अन्य मिश्रित और दहनशील कचरे को अलग करेगा। बरामद कचरे को अंबुजा और एसीसी सीमेंट संयंत्रों में जियोसाइकिल की सुविधाओं में भेजा जाएगा, जहां इसे एक समान मिश्रण में प्री-प्रोसेस्ड किया जाएगा और फिर को-प्रोसेसिंग के माध्यम से इसका परिशोधन किया जाएगा, जिससे फुल रीसाइकिलिंग और रिकवरी सुनिश्चित होगी।

जियोसाइकिल ने हाल ही में अपनी अभिनव बबल कर्टनतकनीक का उपयोग करके यमुना नदी से प्लास्टिक कचरे को हटाने की कार्रवाई की थी। इस प्रोेजेक्ट के तहत उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में मंटोला नहर पर जियोसाइकिल बबल बैरियर स्थापित किया गया था, जो आगरा के वर्षा जल और अपशिष्ट जल का 40 प्रतिशत हिस्सा वहन करता है।

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