Friday, June 18, 2021

चारागाह भूमि में हरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, प्रशासन मौन

 

                                                                चारागाह भूमि से काटे गए पेड़ों के ठूंठ

                लालाराम मीणा, सरपंच 



                     भगवान सिंह, ग्रामीण



-- मुण्डली रणजीतपुरा के चारागाह भूमि का मामला

-- हजारों की संख्या में बताई जा रही हरे पेड़ों की कटाई 


नवीन कुमावत

किशनगढ़ रेनवाल। रेनवाल पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मूंडली रणजीतपुरा में चारागाह भूमि पर हरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कई वर्षों से हो रही है। लेकिन पंचायत प्रशासन अभी तक इस पर लगाम नहीं लगा पाया है। यहां तक की कुछ दिनों पहले ही सरपंच ने पेड़ों की टहनियां काटने का टेंडर जारी किया,लेकिन टहनियों की आड़ में कई पेड़ तने सहित कटे पाए गए ग्रामीण इस पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि मूंडली रंजीतपुरा के ग्राम पंचायत बनने से पहले ये नगरपालिका रेनवाल क्षेत्र में शामिल था। तत्कालीन रेनवाल के पालिका अध्यक्ष कैलाश शर्मा ने मूंडली रणजीतपुरा राज्य चरागाह भूमि के तहत सत्र 2005-06 में यहां तकरीबन 22 हजार की संख्या में यहां पेड़ लगवाए थे। शर्मा की कड़ी मेहनत एवं देखभाल करने पर वर्ष 2010 में पेड़ों की संख्या लगभग 40 हजार हो गई थी। वर्ष 2011 में वन विभाग ने यहां चरागाह भूमि में लगे हुए हजारों पेड़ों की पंचायत प्रशासन को जिम्मेदारी सौंप दी थी। अब पंचायत प्रशासन के विरोध ना करने और लापरवाही के कारण 10 वर्षों में आए दिन हरे पेड़ों की कटाई होने का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं। 
इस मामले में युवा जिम्मेदार ग्रामीण रामेश्वर लाल ताकर का कहना है की पंचायत प्रशासन के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि हर पांच साल में बदल जाते हैं। इसलिए हर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ता लेता है। हर प्रतिनिधि कहता है ये कटाई मेरे कार्यकाल में नहीं हुई। लेकिन साफ तौर पर नजर आ रहा है कि दो-तीन माह के अंतर्गत हजारों की संख्या में पेड़ों की कटाई हो गई है।
बुजुर्ग ग्रामीण भगवान सिंह राजपूत का कहना है की पंचायत प्रशासन इसे रोकने का पूरा प्रयास करता ही नहीं है। और यहां हरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई जारी है। मूंडली क्षेत्र निवासी तत्कालीन वनकर्मी मोहनलाल ने बताया की वर्ष 2005-06 में करीब 22 हजार पौधे लगाए गए थे। इस हरे भरे वातावरण को अब संभाल कर नहीं रखा जा रहा है, जो बड़ा दुखद है।
डालियां काटने का टेंडर, काटे पेड़ : ग्रामीणों का ये भी आरोप है कि पंचायत प्रशासन के नवनिर्वाचित सरपंच ने चरागाह भूमि में लगे हरे पेड़ों की डालियां काटने का टेंडर कुछ दिनों पहले जारी किया था। इस दौरान ठेकेदार ने डालियों के साथ ही कई पेड़ों को तने से काट दिया।

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