Thursday, June 17, 2021

देशभर में 100 ग्रीन बिल्डिंग सेंटर्स के साथ एसीसी का दीर्घकालिक जीवन को बढ़ावा देने का प्रयास, ऐसे 50 और सेंटर्स निर्माणाधीन

मुंबई17 जून2021- भारत में सीमेंट और रेडी-मिक्स कंक्रीट के प्रमुख उत्पादकों में से एक एसीसी लिमिटेड ने ग्रीन बिल्डिंग सेंटर्स (जीबीसी) के माध्यम से जीवन जीने का एक अनूठा और दीर्घकालिक मॉडल पेश किया है। 2020 में एसीसी ने जीबीसी प्रोडक्ट्स के माध्यम से पूरे भारत में 31,477 किफायती घरों को सक्षम किया।

ग्रीन बिल्डिंग सेंटर भारत में टिकाऊ निर्माण सामग्रीनिर्माण तकनीक और स्थानीय रूप से प्रशिक्षित कार्यबल को बढ़ावा देकर दीर्घकालिक और किफायती आवास समाधान प्रदान करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

ग्रीन बिल्डिंग सेंटर दरअसल रूरल-कनेक्ट की एक पहल हैजो ग्रामीण और अर्ध-शहरी विकास में सहायक और प्रेरक के रूप में कार्य करती है। इसके तहत निर्माण को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सीमेंट और कंक्रीट से भी आगे जाकर सोचने का प्रयास किया जाता है और पारंपरिक तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली ईंटों के अन्य किफायती विकल्पों की तलाश की जाती है। यह प्रयास एसीसी की मूल कंपनी लाफार्ज होल्सिम के सस्टेनेबल डेवलपमेंट रोडमैप 2030 के अनुरूप है।

दुनिया भर में अनूठे एक फ्रैंचाइजी व्यवसाय मॉडल के आधार परएसीसी द्वारा समर्थित स्थानीय उद्यमियों ने भारत के विभिन्न जिलों में संचालित 100 केंद्र स्थापित किए हैं। 2020 मेंप्रत्यक्ष आजीविका सहायता प्राप्त करने वाले जीबीसी के लाभार्थियों की कुल संख्या 3,150 से अधिक थी।

इसके अलावाजीबीसी अपने मेसन ट्रेनिंग प्रोग्राम के माध्यम से आजीविका पैदा करने में भी मदद करते हैंजिसका उद्देश्य निर्माण में कौशल विकसित करना है। प्रत्येक केंद्र प्रत्यक्ष रूप से 30 लोगों को और परोक्ष रूप से 120 लोगों को आजीविका के लिए योगदान देता है।

एसीसी लिमिटेड के एमडी और सीईओ श्री श्रीधर बालकृष्णन ने कहा, ‘‘ग्रीन बिल्डिंग सेंटर एक अनूठा कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य किफायती आवासस्वच्छता समाधानगांवों और अर्ध-शहरी इलाकों में सड़क निर्माण से संबंधित समाधान प्रदान करना है जो लोगों और समुदायों के लिए हमारी योजना में एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। एसीसी मेंहम समुदायों को गले लगाने और वास्तविक परिवर्तन को प्रभावित करने के लिए मिलकर काम करने में विश्वास करते हैं। जीबीसी में मेसन ट्रेनिंग प्रोग्राम के माध्यम सेहम युवा भारतीयों को आत्म-विकास के लिए वास्तविक अवसर भी देते हैं। हम न केवल स्थायी निर्माण समाधानों के साथ अपने राष्ट्र का निर्माण करना चाहते हैंबल्कि उद्यमिताआजीविका और कौशल विकास पहल के माध्यम से देश के युवाओं को सशक्त भी बनाना चाहते हैं।’’

वर्ष 2020 में एसीसी ने 43 नए जीबीसी की स्थापना कीजिससे कुल संख्या 150 से अधिक केंद्रों तक पहुंच गईजिनमें से 100 संचालन में हैं और बाकी निर्माणाधीन हैं।

अपने मूल में सस्टेनबिलिटी एजेंडा के साथ2020 में एसीसी ने सामूहिक रूप से 70,740 टन फ्लाई ऐश के उपयोगपृथ्वी की प्राकृतिक ऊपरी मिट्टी के 1,53,271 टन के संरक्षण और 10,788 टन कार्बन उत्सर्जन से बचने में योगदान दिया।

एसीसी के माध्यम से लाफार्ज होल्सिम इंडिया का लक्ष्य 2025 तक अर्ध-शहरी और ग्रामीण भारत में 10 लाख घरों और शौचालयों के निर्माण को सुविधाजनक बनाने का है।

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