Wednesday, June 30, 2021

वेदांता ने लांच किया ‘ब्रेवहार्ट्स‘ कैम्पेन कोविड के दौरान ‘अनजान वीरों को उनके प्रयासों के लिए देगा पहचान

नई दिल्ली/ मुंबई 30 जून। देश के प्रमुख प्राकृतिक संसाधन उत्पादक वेदांता समूह ने कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान ‘अनजान वीरो‘ को दूसरों की मदद के लिये उनके र्कर्तव्य से बढ़ कर कार्य हेतु सेल्यूट करने के लिये अनूठा डिजिटल अभियान ‘ब्रेवहार्ट्स‘ लांच किया है। 

इस अद्वितीय अभियान में अनजान कोविड वीरों की वों कहानियां सम्मिलित होगीं जो जिनमें सामान्य परिवेश से उठकर अपनी मानवीय पहल के माध्यम से उन्हें हीरो और असाधारण बनाता है।  

अभियान के बारे में जानकारी देते हुए वेदांता की सीनियर डायरेक्टर कम्युनिकेशंस एंड ब्रांड, रोमा बलवानी, ने कहा कि “ब्रेवहार्ट्स अनजान कोविड वीरों को हमारी विनम्र श्रद्धांजलि है, जिन्होंने समाज में बदलाव लाने का संदेश देने, सकारात्मकता और आशा के लिए अपनी सुखद स्थिति से परे कोशिश की। महामारी ने दुनिया को दूसरों की मदद करने के लिए एक साथ आते देखा है और हमें लगता है कि उनके प्रयासों की सभी को सराहना करने की आवश्यकता है। ”

वेदांता अभियान के एक हिस्से के रूप में लघु वीडियो जारी करेगा, जिसमें ऐसे ‘ब्रेवहार्ट्स‘ की वास्तविक जीवन की कहानियों का चित्रण और प्रदर्शन किया जाएगा। ऐसी ही एक कहानी है आकांक्षा साडेकर की, जिन्होंने सड़कों पर महिलाओं और बच्चों के साथ-साथ अस्पतालों में फ्रंटलाइन वर्कर्स को घर का बना खाना उपलब्ध कराना शुरू किया, जो लॉकडाउन के दौरान बहुत अधिक प्रभावित हुए थे। अपने केंद्रित प्रयासों के साथ, आकांक्षा 60 दिनों की कम अवधि में जरूरतमंद लोगों को 2,50,000 से अधिक गर्म भोजन प्रदान करने में सक्षम थी।

इससे पूर्व वर्ष के प्रारंभ में वेदांता ने अपना ब्रांड अभियान - आत्मनिर्भर भारत - लॉन्च किया, जो नए भारत के निर्माण की दिशा में वेदांता के योगदान को बताते हुए, राष्ट्र के आत्मनिर्भर बनने के तरीकों पर आधारित है। इस ब्रांड अभियान में यह दर्शाया गया है कि कैसे वेदांता आॅयल और गैस, जस्ता, सीसा, चांदी, तांबा, लौह अयस्क, स्टील एवं एल्यूमीनियम और बिजली सहित अपने विविध उत्पादों के माध्यम से एक आम भारतीय के दैनिक जीवन में योगदान देता है।


डिजिटल लेनदेन के प्रसार में वृद्धि के साथ साथ भारत में वित्तीय सेवाओं के साथ संदिग्ध डिजिटल धोखाधड़ी के प्रयासों में 89 फीसदी की वृद्धि

भारत, 30 जून, 2021 - ट्रांसयूनियन (एनवाईएसईः टीआरयू) के नए शोध में पाया गया है कि जहां उपभोक्ताओं में बैंकिंग और अन्य वित्तीय लेनदेन के लिए ऑनलाइन रुझान बढ़ रहा है, वहीं वित्तीय सेवा उद्योग भी तेजी से डिजिटल फ्राड के शिकार हो रहे हैं। 2020 के अंतिम चार महीनों (1 सितंबर - 31 दिसंबर) और 2021 के पहले चार महीनों (1 जनवरी - 1 मई) की तुलना करने पर, कंपनी ने पाया कि वित्तीय सेवा व्यवसायों के खिलाफ भारत में होने वाले संदिग्ध डिजिटल धोखाधड़ी के प्रयासों में 89 फीसदी की वृद्धि हुई। वैश्विक स्तर पर, वित्तीय सेवा धोखाधड़ी के प्रयासों में 149 फीसदी की वृद्धि हुई। 2020 के आखिरी चार महीनों के साथ 2021 के पहले चार महीनों की तुलना करने पर पता चलता है कि उद्योगों में वैश्विक स्तर पर संदिग्ध डिजिटल धोखाधड़ी के प्रयासों की दर 24 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि के दौरान व्यवसायों के खिलाफ भारत से होने वाले धोखाधड़ी के प्रयासों का कुल प्रतिशत 25 फीसदी बढ़ गया।

ट्रांसयूनियन ने अरबों लेन-देन और 40,000 से अधिक वैश्विक वेबसाइटों और ऐप्स में पहचान प्रूफिंग, जोखिम-आधारित प्रमाणीकरण और धोखाधड़ी विश्लेषण समाधान सूट -  ज्तंदेन्दपवद ज्तनटंसपकंजमन्न्ण् से मिले डेटा व खुफिया जानकारी के आधार पर व्यवसायों के खिलाफ डिजिटल फ्राड पर अपने निष्कर्ष पेश किए हैं। इन वेबसाइट और ऐप पर भारत सहित दुनिया भर के देशों का डेटा शामिल है।

ट्रांसयूनियन में एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और भारत में फ्रॉड सॉल्यूशंस के हेड श्री शालीन श्रीवास्तव ने कहा, ‘डिजिटल धोखाधड़ी के प्रयासों की दर वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है, विशेष रूप से वित्तीय सेवा उद्योग में इसकी मार अधिक है क्योंकि धोखेबाज समझते हैं कि यह वह जगह है जहां पैसों का सबसे अधिक लेनदेन हो रहा है। हमने अपने निष्कर्षों में पाया है कि अधिक से अधिक वित्तीय सेवा संगठन धोखाधड़ी रोकथाम समाधान लागू कर रहे हैं लेकिन यह आराम करने का समय नहीं है। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था सुधर और खुल रही है, व्यवसायों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे उपभोक्ताओं को ऐसा सुरक्षित बाजार प्रदान करें जहां धोखाधड़ी की आशंका न हो। यह व्यवसायों से लेकर उपभोक्ताओं के हित में है।

लिए ट्रांसयूनियन के निष्कर्षों में असली पहचान की चोरी को वित्तीय सेवाओं में वैश्विक स्तर पर शीर्ष प्रकार की डिजिटल धोखाधड़ी पाया गया है क्योंकि उपभोक्ता पीड़ित के धोखाधड़ी करने के लिए चोरी की पहचान का उपयोग कर खुद को वास्तविक व्यक्ति साबित करता है। वित्तीय सेवाओं के ग्राहकों को वैश्विक स्तर पर डिजिटल धोखाधड़ी का दूसरे और तीसरे सबसे अधिक जिन प्रचलित प्रकारों का सामना करना पड़ता है, वह क्रमशः एप्स धोखाधड़ी और खाता अधिग्रहण है। प्रथम-पक्ष एप्लिकेशन धोखाधड़ी तब होती है जब कोई उपभोक्ता वैध रूप से किए गए ऋणों को चुकाने से इनकार करता है और ऋण से बचने के लिए पहचान धोखाधड़ी का शिकार होने का झूठा दावा करता है। खाता अधिग्रहण तब होता है जब किसी खाते के स्वामी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति बिना अनुमति के खाते का उपयोग करता है, यह दर्शाता है कि खाते से दुर्भावनापूर्ण रूप से छेड़छाड़ की गई है।

श्री शालीन ने कहा, ‘दूसरे उद्योगों की तुलना में वित्तीय सेवाओं वाले उद्योग कहीं अधिक संदिग्ध धोखाधड़ी के प्रयासों का सामना कर रहे हैं। भारत में, वित्तीय सेवाओं में एक महत्वपूर्ण उछाल देखा गया। जालसाजों ने विशेष रूप से इस उद्योग में डिजिटल तेजी आने को पहचाना है और इसे भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। व्यवसायों के लिए मुख्य बात यह है कि धोखेबाज हर उद्योग के साथ समान व्यवहार नहीं करते हैं। वे अक्सर वर्ष के समय के आधार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक उद्योग चुनते हैं और देखते हैं कि कौन से व्यवसाय अधिक लेनदेन गतिविधि देख रहे हैं। कभी-कभी, धोखाधड़ी के प्रयास केवल रेंडम रूप से यह निर्धारित करने के लिए किए जाते हैं कि क्या व्यवसाय उनकी धोखाधड़ी वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं।’

स्कैनरे टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने सेबी को डीआरएचपी फाइल की

मुंबई, 30 जून, 2021:  मेडिकल उपकरणों के डिजाइनिंग, डेवलपमेंट, निर्माण और मार्केटिंग में संलग्न कंपनियों में एक प्रमुख भूमिका निभाने वाली स्कैनरे टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ( स्रोत : क्रिसिल रिपोर्ट) ने मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया ( “सेबी”) को ड्राफ्ट रेड हेर्रिंग प्रॉस्पेक्टस (“डीआरएचपी”) फाइल की. कंपनी वैश्विक स्तर पर उत्पादों के विविध पोर्टफोलियो की पेशकश करती है, जिसमें अस्पतालों, ओईएम्स और व्यक्तिगत चिकित्सा प्रयोग / खुदरा बिक्री के लिए पेशेन्ट मॉनिटरिंग सिस्टम, कार्डियोलॉजी डिवाइसेस, रेस्पिरेटरी मैनेजमेंट सिस्टम और रेडियोलॉजी/इमेजिंग सिस्टम शामिल हैं.  कंपनी के उत्पाद आंतरिक रूप से इसके स्वामित्व वाली बौद्धिक संपदा के आधार पर डिजाइन किए और बनाए जाते हैं. 31 दिसंबर 2020 को, कंपनी ने 27 पेटेंट, 49 ट्रेडमार्क, और 11 डिजाइन के रजिस्ट्रेशन की अनुमति प्राप्ति की है. वित्तीय वर्ष 2020 में, कंपनी ने अपनी उत्पादों और सेवाओं को 20 देशों में 1830 से अधिक उपभोक्ताओं को बेचा है

अपनी शुरूआती सार्वजनिक पेशकश के द्वारा कंपनी का इक्विटी शेयर पूंजी के फ्रेश इश्यूज़ द्वारा 4, 000 मिलियन रूपये जुटाने का लक्ष्य है; आईपीओ भी बिक्री कर्ता शेयर धारको द्वारा 10 रूपये की फेस वैल्यू वाले 14,106,347 इक्विटी शेयर तक की बिक्री की पेशकश करता है.

बिक्री के लिए पेशकश में (i) विश्व प्रसाद अल्वा द्वारा 400,000 तक के इक्विटी शेयर और छायादीप प्रॉपर्टीज प्राईवेट लिमिटेड द्वारा 1,000,000 तक के इक्विटी शेयर (“ संयुक्त रूप से, प्रमोटर सेलिंग शेयरहोल्डर्स”) (ii) एसेंट कैपिटल द्वारा 8,000,000 तक के इक्विटी शेयर (इन्वेस्टर सेलिंग शेयरहोल्डर्स) और (iii) दूसरे  सेलिंग शेयरहोल्डर्स द्वारा 4,706,347 शेयर्स (संयुक्त रूप से, सेलिंग शेयरहोल्डर्स) शामिल हैं.

कंपनी ने इश्यू से प्राप्त शुद्ध आय को निम्नलिखित वस्तुओं के प्रति खर्च करने की पेशकश की है (i) इन ऑर्गेनिक वृद्धि के लिए फंडिंग (1300 मिलियन रूपये तक)   (ii) इसकी कंपनी की पूंजी जरूरतों के लिए 700 मिलियन तक की फंडिंग  (iii)  इसकी सहायक कंपनियों में 700 मिलियन तक का निवेश   (iv) पूंजीगत व्यय और सामान्य व्यावसायिक उद्देश्य के लिए 419.16  मिलियन की फंडिंग

कंपनी इनऑर्गेनिक वृद्धि से जिन प्रमुख उद्देश्यों को हासिल करना चाहती है वे हैं (I)   इसकी तकनीकी क्षमता की वृद्धि करना और वे मॉडलिटीज जिसमें यह कार्यरत है उसका विस्तार करना (II) नये क्लांइट प्राप्त करना और इसकी सेवाओं की पेशकश का विस्तार करना और इसकी भौगोलिक पहुंच में वृद्धि करना. इन ऑर्गेनिक वृद्धि के साथ साथ, कंपनी की योजना आईपीओ से प्राप्त आय से इसकी मौजूदा निर्माण क्षमता का विस्तार करने का भी है. इसकी योजना इसके विस्तार के साथ साथ आय के कुछ भागों का उपयोग इसके विस्तार और सहायक कंपनियों के पूंजीगत जरूरतों को फंडिंग प्रदान करने की भी है.

मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स हैं.

 

भारतीय तीरंदाजी टीम के शानदार प्रदर्शन के लिए सक्रिय सहयोगी भागीदार एनटीपीसी ने दी बधाई

नई दिल्ली, 30 जून, 2021- एनटीपीसी लिमिटेड अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के साथ साझेदारी में देश में तीरंदाजी को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है। एएआई के साथ एनटीपीसी की इस साझेदारी का उद्देश्य तीरंदाजी में छिपी प्रतिभाओं को बढ़ावा देना है। इस तरह देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और विश्व स्तर पर तीरंदाजी के क्षेत्र में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए एक प्लेटफाॅर्म हासिल होता है।

खेल दुनिया में भारत के नाम को रोशन करने की दिशा में माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा) एवं राज्य मंत्री (कौशल विकास और उद्यमिता) श्री आर. के. सिंह ने हमेशा खेलों को बढ़ावा देने का प्रयास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया है जिससे विश्व पटल पर राष्ट्र ध्वजा सदैव ऊँची लहराए। 

एनटीपीसी लिमिटेड ने भारतीय तीरंदाजी टीम और खिलाड़ियों दीपिका कुमारी, अंकिता भकत, कोमलिका बारी, अतनु दास और अभिषेक वर्मा को पेरिस (फ्रांस) में वल्र्ड कप स्टेज -3 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है। साथ ही, तीरंदाज तरुणदीप राय, अतनु दास, प्रवीण जाधव और दीपिका कुमारी को भी एनटीपीसी ने बधाई दी है, जिन्होंने आगामी टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है।

टीम ने इससे पहले ग्वाटेमाला सिटी में तीरंदाजी विश्व कप, स्टेज -1 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण और 1 कांस्य पदक हासिल किए थे।विश्व की नंबर वन तीरंदाज दीपिका कुमारी का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि पिछले दो साल से भारतीय तीरंदाजों की उपलब्धि में इजाफा हो रहा है।एनटीपीसी ने फेडरेशन (एएआई) के साथ साझेदारी में बेहतर और निरंतर प्रशिक्षण, सलाह आदि के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करके तीरंदाजों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में काम करने का निरंतर प्रयास किया है। 

इस आधिकारिक समझौते में राष्ट्रीय रैंकिंग आर्चरी टूर्नामेंट (एनआरएटी) और नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप (एनएसी) भी शामिल हैं। इसके अलावा, विभिन्न आयु समूहों की भारतीय तीरंदाजी टीम को अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन और मैच अभ्यास के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भाग लेने के लिए भी भेजा जाता है।

भारत की विकास गाथा में सक्रिय योगदान निभाते हुए, एनटीपीसी एक दीर्घकालिक ऊर्जा कंपनी बनने की दिशा में लगातार काम कर रही है। भारत के विकास में सहायता देने के अलावा, एनटीपीसी बड़े पैमाने पर अपने समुदायों और समाज के समग्र विकास के लिए समर्थन करने की दिशा में भी निरंतर कोशिश करता रहा है। एनटीपीसी ने भारत में खेलों के विकास के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया है और वर्ष 2018 से भारतीय तीरंदाजी संघ को समर्थन देने की दिशा में उठाया गया कदम लंबे समय से चली रही इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

“वाविन-वेक्टस” की संयुक्तरूप से प्रथम चैनल पार्टनर मीट जश्न के साथ संपन्न हुई

जयपुर। बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री के ग्लोबल लीडर वाविन ने वॉटर स्टोरेज टैंक्स और पाइपिंग सिस्टम के क्षेत्र में देश की बहुप्रतिष्ठ...