Saturday, April 24, 2021

बाहा एसएई इंडिया 2021 का 14वां संस्‍करण शुरू

जयपुर 24 अप्रैल 2021 : एसएई इंडिया, जो ऑटोमोटिव इंजीनियर्स की एक पेशेवर संस्था है, ने आज बहुप्रतीक्षित बाहा एसएई इंडिया 2021 श्रृंखला (डिजिटल इवेंट) के 14वें संस्करण के आरंभ की घोषणा की।

पूरे भारत के इंजीनियरिंग कॉलेजों से दो सौ प्रविष्टियाँ बाहा एसएई इंडिया 2021 के लिए प्राप्त हुईं, जिनमें से 150 टीमें पारंपरिक एम-बाहा के लिए पंजीकृत हैं और 50 टीमों को ई-बाहा इवेंट के लिए पंजीकृत किया गया है। बाहा एसएई इंडिया ने छात्रों को चार पहिए वाली सिंगल सीटर ऑल-टेरेन व्हीकल (एटीवी) के डिजाइन की संकल्पना, निर्माण, परीक्षण व सत्यापन का काम दिया है, जिसे चार दिनों की समयावधि में आयोजित श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रमों के दौरान पूरा करना होगा।

बाहा एसएई इंडिया की खास बात यह है कि यह हर वर्ष एक नये थीम को अपनाती है, बाहा एसएई इंडिया 2021 की थीम है – बाधाओं को अवसरों बदलते हुए ‘चुनौतियों को स्वीकारना (एम्‍ब्रेसिंग चैलेंजेंज)।  के बारे में है। जैसा कि पूरी दुनिया अपने अस्तित्‍व के संकट से जूझ रही है, उसी तरह मोटर वाहन उद्योग वाहनों के विद्युतीकरण, सख्त उत्सर्जन और दुर्घटना जैसे मानदंडों को लेकर नए ट्रेंड को अपना रहा है, ऐसे में बाहा एसएई इंडिया नवोदित इंजीनियरिंग लीडर्स के समक्ष इस नये परिदृश्य को अपनाने के लिए एक चुनौती पेश करता है और ऑफ-रोड-ऑल-टेरेन वाहनों के रोमांचपूर्ण भविष्य के पथ प्रदर्शक के रूप में अभिनव विचारों को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करता है।

चुनौतियों को स्वीकार करते हुए बाहा एसएई इंडिया 2021 का यह संस्करण पहली बार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आयोजित किया जाएगा जिसमें सभी भागीदारों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्टेटिक के साथ-साथ डाइनेमिक इवेंट्स को भी शामिल किया गया है।

आयोजन के इस बदले हुए प्रारूप का प्रमुख कारण है महामारी की वजह से उत्पन्न नाजुक स्थिति और सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी। इसलिए यहां वैयक्तिक रूप से 10,000 छात्रों, जजों, फैकल्‍टीज और वॉलेंटियर्स की मेजबानी का कोई विकल्प नहीं है। साथ ही यह ध्यान में रखते हुए कि आने वाले सेमेस्टर का अकादमिक दबाव, परीक्षा कार्यक्रम जो टीमों के ऊपर अपने कैम्पस में लौटने के बाद होगा, हम मानते हैं कि प्रतिभागियों को समय सीमा का पालन करने और वैयक्तिक रूप से उनके एटीवी के निर्माण, परीक्षण और सत्यापन के लिए अपने बजट जरूरतों को पूरा करने में बहुत मुश्किलों का सामना करना होगा।

बाहा एसएई इंडिया ने जिस तरह से अपने पिछले संस्करणों में सीखने के अवसर प्रदान किए हैं इसे भी उसी के अनुरूप बनाने के लिए, बाहा एसएई इंडिया ओसी ने 2021 के संस्करण के लिए वर्चुअल डायनेमिक इवेंट्स के साथ साथ ऑटोमेटिव सिमुलेशन सॉफ्टवेयर की मदद से डिजिटल स्टेटिक इवेंट्स को शामिल करने का निर्णय लिया है।

बाहा एसएई इंडिया 2021 को दो चरणों में आयोजित करने की योजना है। पहला चरण जो कि बाहा एसएई इंडिया 2021 का प्रारंभिक राउंड है उसे 11 दिसंबर से 13 दिसंबर’20 तक आयोजित किया गया था जिसमें टीमों को उनकी छोटी गाड़ी की डिजाइन रिपोर्ट के साथ-साथ ऑटोमेटिव/रूल बुक क्विज और मूल्याकंन को जमा करने के लिए कहा गया था। यह मूल्याकंन, एलिमिनेशन राउंड नहीं था लेकिन टीमों द्वारा प्राप्त स्कोर को टीम के फाइनल स्कोर में जोड़ा जाएगा।

दूसरे चरण में व्यक्तिगत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सॉफ्टवेयर पर स्टेटिक इवेंट्स कराए गए। इसके बाद
डायनेमिक इवेंट्स का आयोजन आईपीजी कार मेकर के द्वारा वर्चुअल रूप में आयोजित किया जाएगा। वर्चुअल डायनामिक ईवेंट्स में एक्सेलेरेशन परफॉर्मेंस, ब्रेक परफॉर्मेंस, ग्रैजिबिलिटी परफॉर्मेंस, मैन्यूवेबिलिटी परफॉर्मेंस, सस्पेंशन और ट्रैक्शन परफॉर्मेंस और ऑल-टेरेन परफॉर्मेंस शामिल होंगे।

इस अवसर पर बाहा एसएई इंडिया 2021 के संयोजक, श्री हर्षित मर्चेंट ने कहा, “इस साल हम बाहा की भावना को जीवित रखने के लिए असाधारण परीक्षण का सामना किया है। हमारे ‘चुनौतियां स्वीकर हैं का इस साल का यह थीम इसका सच्चा प्रतीक है। शारीरिक दूरी और प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य सुरक्षा आज दुनिया भर का केंद्र बिंदु बन चुका है, और इस वर्ष इस प्रारूप की अवधारणा के समय यह हमारे दिमाग में सबसे महत्वपूर्ण रहा है।”

इस मौके पर, एसएई इंडिया की प्रेसिडेंटश्रीमती रश्मि उर्ध्वरेशी ने इस अवसर पर कहा, “बाहा एसएई इंडिया, मूल्यों और लोकनीति से प्रेरित है और यह हज़ारों इंजीनियरिंग छात्रों को एक अवसर प्रदान करता है कि वे अपने द्वारा चुने गए कौशल को व्यवहार में लाएँ। बाहा का प्रतिस्पर्धात्मक माहौल, हमेशा सीखने को महत्व देता है और उद्योग के प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में प्रवेश करने से पहले किसी व्यक्ति के विकास का पोषण करता है। प्रतिस्पर्धा उन्हें वास्तविक जीवन में प्रयोग के साथ इससे निपटने और डिजाइन, सत्यापन, मार्केटिंग, परियोजना प्रबंधन, टीमवर्क आदि से संबंधित उनके कौशल में सुधार करने में सक्षम बनाती है, जो उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उन्हें नेतृत्व कौशल सिखाता है।
वास्तव में इन सारी चीजों का बाहा एसएई इंडिया को बने बनाए इंजीनियर की एक नई पीढ़ी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। मेरी तरफ से बाहा एसएई इंडिया 2021 में हिस्सा ले रहे सभी प्रतिभागी टीमों को बहुत बहुत शुभकामनाएं।”

इस अवसर पर बोलते हुए, चितकारा विश्वविद्यालय की प्रो-चांसलरडॉ मधु चितकारा ने कहा, “मुझे खुशी है कि वर्ष 2015 से बाहा एसएई इंडिया के साथ हमारा जुड़ाव वर्ष दर वर्ष बढ़ता जा रहा है। यह चलते रहना चाहिए और मौजूदा महामारी काल में भी शिक्षा बाधित नहीं होनी चाहिए। इस घटना में सिमुलेशन मॉडल की नई अवधारणा के लिए, हमने तुरंत इस कार्यक्रम को हमारे चितकारा विश्वविद्यालय में ऑनलाइन होस्ट करने के लिए आवश्यक संसाधनों के साथ बाहा एसएई इंडिया को अपना समर्थन दिया। मैं सभी प्रतिभागी टीमों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं और इस आयोजन को बड़ा रूप प्रदान करने के लिए आयोजन समिति की बेहद प्रशंसा करती हूं।”

भारत में, बाहा एसएई इंडिया (सोसाइटी ऑफ ऑटोमोटिव इंजीनियर्स) की शुरुआत वर्ष 2007 में हुई। इसे डॉ. पवन गोयनका (एसएई इंडिया के प्रेसिडेंट के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान) के नेतृत्व में एवं डॉ. के.सी. वोरा के संयोजन में लॉन्च किया गया था। चूंकि एसएई इंडिया ने इस पैमाने के मेगा-इवेंट को आयोजित करने के लिए बिना किसी क्षेत्र विशेष को चिह्नित किये कदम बढ़ाया था, ऐसे में नाट्रिप ने पीतमपुर, इंदौर में तैयार किये जा रहे अपने ग्राउंड्स – नैट्राक्‍स को इसके लिए निर्धारित करते हुए सहायता की। इसी तरह, चितकारा यूनिवर्सिटी ने पंजाब में बाहा एसएई इंडिया के दूसरे चरण के आयोजन की व्‍यवस्‍था की।

इस वर्ष, चितकारा विश्वविद्यालय, मेजबान संस्थान और प्रमुख प्रायोजक है, बीपीसीएल सह-प्रायोजक है और मिशेलिन टायर्स, इस इवेंट का सिल्‍वर स्‍पॉन्‍सर है। आईपीजी कार निर्माता ने टीमों को 1000 लाइसेंस देते हुए अपने मंच पर वर्चुअल ईवेंट आयोजित करने हेतु सहमति दे दी है। एआरएआई, एवीएल, एएनएसवाईएस, एएलटीएआईआर, आनंद ऑटोमोटिव, ब्रिग्स ऐंड स्ट्रैटन, कमिन्‍स, हीरो मोटो कॉर्प, हेक्‍सेगॉन-एमएसएसी कॉर्पोरेशन, महिंद्रा, मैथवर्क्‍स, नाट्रिप, पावर इक्विपमेंट्स, वैरॅक, विटेस्‍को टेक्‍नोलॉजिज, आदि जैसे स्‍पॉन्‍सर्स ने भी इस आयोजन को उनका समर्थन देते रहने की पुष्टि की है। यह एसआईएएम, एसीएमए, एएसडीसी और एआईसीटीई द्वारा भी समर्थित है। डीएचआई का समर्थन भी यहां प्रशंसनीय है।

No comments:

Post a Comment

मंगलयान और चंद्रयान ने दिखाए बच्चों को अंतरिक्ष तक पहुंचने के सपने

-जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में हुआ तीन दिवसीय इसरो एग्जिबिशन का समापन - प्रिंसिपल मीट का हुआ आयोजन  जयपुर। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय ...