Thursday, March 18, 2021

हायनेट नॉर्थ वेस्ट को मिली अच्छी फंडिंग से यूके का नेट जीरो अभियान आगे बढ़ा

जयपुर 18 मार्च 2021 – 72 मिलियन पौंड्स की फंडिंग के लिए किए गए वादे के तहत हायनेट नॉर्थ वेस्ट को दुनिया का पहला लो कार्बन इंडस्ट्रियल क्लस्टर बना देगा और इसके जरिए 2050 तक यूके को नेट जीरो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लक्ष्य को पूरा करने तथा जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लडाई में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

यूके सरकार की हरित उद्योग क्रांति की 10 बिंदुओं की योजना को पूरा करने और स्थानीय स्तर पर चैशायर वेस्ट और चेस्टर को 2045 तक, लीवरपूल सिटी रीजन को 2040 तक और ग्रेटर मैनचेस्टर को 2038 तक नेट जीरो करने के लिए हायनेट नाॅर्थ वेस्ट बेहद जरूरी है।

नाॅर्थ वेस्ट इंडस्ट्रियल क्लस्टर फ्लिंटशायर और व्रेक्सहेम से लेकर कैशायर, लिवरपूल सिटी रीजन और लेंकशायर  में ग्रेटर मेनचेस्टर तक फैला हुआ है। यहां यूके के सबसे बडे़ और आधुनिक विनिर्माण और रसायन उत्पादन प्लांट हैं और यहां ऐसे उपयोगकर्ता काफी हैं, जिन्हें उर्जा की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। हायनेट नाॅर्थ वेस्ट हाइड्रोजन और कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज प्रोजेक्ट यहां के कुछ स्थानीय साझेदारो के विश्वस्तरीय ने विकसित किया है। इनमें प्रोगे्रेसिव एनर्जी, केडेंट, सीएफ फर्टीलाइजर्स, एनी यूके, एस्सार, हेन्सन, इनोवियन (इनियोस ग्रुप का एक भाग) और युनिवर्सिटी आॅफ चेस्टर शामिल हैं।

2025 से हायनेट नॉर्थ प्राकृतिक  गैस को निम्न कार्बन हाइड्रोजन में बदलने की प्रक्रिया स्टनेलो रिफाइनरी में शुरू करेगा। इसके तहत कार्बन डाइ आॅक्साइड को लिवरपूल बे गैस फील्ड्स में सुरक्षित ढंग से लिया और स्टोर किया जाएगा। एक नई पाइपलाइन साफ हाइड्रोजन को पावर इंडस्ट्री, फ्यूल बसों, ट्रेन और भारी वाहनों तक ले जाएगी ताकि बिजली बनाई जा सके और नाॅर्थ वेस्ट इंग्लेंड व नाॅर्थ वेल्स में घरों को गर्म रखा जा सके।

हायनेट नाॅर्थ वेस्ट क्षेत्रीय कार्बन डाइ आक्साइड उत्सर्जन को 2030 तक प्रतिवर्ष 10 मिलियन टन तक कम करेगा। यह चार मिलियन कारों को सड़क से हटाने के बराबर है। तब तक हायनेट नाॅर्थ वेस्ट खुद ही सरकार के नए लक्ष्य 5 गीगावाट लो कार्बन हाइड्रोजन की आपूर्ति बिजली, परिवहन, उद्योगों और घरों को कर रहा होगा।

इस प्रोजेक्ट से निम्न कार्बन हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था की शुरूआत होगी। इससे नौकरियां बचेंगी और सृजित भी होंगी, यह क्षेत्र स्वच्छ उर्जा नवाचारों के मामले में विश्व का नेतृत्व करेगा। छह हजार नई स्थाई नौकरियां सृजित करने के साथ ही हायनेट नार्थ वेस्ट मौजूदा हाई वेल्यू विनिर्माण इकाइयों में स्थित नौकरियों को बचाए भी रखेगा। श्रमिकों को नई दक्षताएं सिखाई जाएंगी और मौजूदा नए सेक्टर्स के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे क्षेत्रीय विकास होगा और निवेश बढे़गा। यूके की हाइड्रोजन आधारित अर्थव्यवस्था को शुरू कर हायनेट नाॅर्थ वेस्ट 2035 तक पूरे देश में 75 हजार नौकरियां बनाए रखने में सहयोग करेगा।

आज घोषित 72 मिलियन पौंड की फंडिंग में 33 मिलियन पौंड यूके रिसर्च एंड इनोवेशन की ओर से इंडस्ट्रियल डीकार्बोनाइजेशन चैलेंज (आईडीसी) फंड के जरिए आएंगे, वहीं 39 मिलियन पौंड समूह में शामिल साझेदारों के अंशदान से आएंगे। इस  फंडिग से हायनेट नाॅर्थ वेस्ट 2023 में पहले चरण के लिए फाइनल इन्वेस्टमेंट डिसीजन को तेज कर सकेगा और 2025 में इसका संचालन शुरू हो जाएगा।  हायनेट नाॅर्थ वेस्ट प्रोजेक्ट के आगामी भाग पूरे होने पर 2030 तक 30टीडब्लूएच प्रतिवर्ष की निम्न कार्बन हाइड्रोजन का वितरण हो सकेगा। इससे पूरे क्षेत्र में इस्तेमाल हो रही प्राकृतिक गैस में 45 प्रतिशत तक की कमी आ जाएगी।

हायनेट नाॅर्थ वेस्ट का काम पिछले चार वर्ष स ेचल रहा है और अब तक इसके तहत गहन इंजीनयरिंग अध्ययन और डेमोन्स्ट्रेशन प्रोजेक्टस का काम हो चुका है। कैशायर एंड वाॅर्निग्टन लोकल एंटरप्राइज पार्टनरशिप ग्रोथ फंड की फंडिंग और सहयोग से पर्यावरणीय सर्वे का काम हाल में शुरू हुआ है तथा जनता व सम्बद्ध पक्षों से विचार विमर्श इस वर्ष में शुरू हो जाएगा, क्योंकि विकास के लिए सहमति प्राप्त करने की प्रक्रिया चल  रही है।

हायनेट नाॅर्थ वेस्ट ने कार्बन नेचुरलिटी के साथ अतिरिक्त मौजूदा अवसरों का पता लगाने और इसे नेट जीरो नाॅर्थ वेस्ट तक बढाने का क्षेत्रीय वादा भी किया है।

बिजनेस एंड एनर्जी सेक्रेटरी क्वासी क्वारटेंग का कहना है

‘‘हमारी पहली ऐसी बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसने जलवायु परिवर्तन में हमारी भागीदारी को खत्म करने का लक्ष्य तय किया है और आज हम ऐसे कदम उठा रहे हैं, जिससे इसका अपना स्वयं का लो कार्बन इंडस्ट्रियल सेक्टर होगा।

‘‘हमारे जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हमारी अर्थव्यवस्था में बहुत परिवर्तन करने होंगे, इसलिए हमें यह काम ऐसे तरीके से करना होगा कि जिससे नौकरियां बची रहें, नए उद्योग विकसित हों औ निवेश आए और इसके लिए ना हमें उत्सर्जन बढ़ाना पडे़ और ना ही विदेश में व्यापार करने की जरूरत हो।

‘‘सीओपी 26 से पहले यूके दुनिया को यह बता रहा है कि हम उत्सर्जन कम कैसे कर सकते हैं, नौकरियंा कैसे सृजित कर सकते हैं और निजी निवेश को बढाते हुए कैसै आर्थिक विकास कर सकते हैं। आज की रणनीति इस सफल फार्मूले पर आधारित है कि हम निम्न कार्बन और नवीकरणीय उर्जा स्रोतों की ओर आगे बढें और साथ ही ब्रिटेन के औद्योगिक आधार की प्रतिस्पर्धा को भी सहयोग करें।’’

एस्सार आयल यूके के चेयरमैन प्रशांत रूइया का कहना है

‘‘यह बहुत अच्छी खबर है और नाॅर्थ वेस्ट हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था में बदलाव के विकास की दिशा मे मील का पत्थर है। एस्सार इस क्षेत्र के डीकार्बनाइजेशन की प्रतिबद्धता को पूरा करने में अपनी भूमिका निभाएगा और स्टेनलो में बन रहे दो हाइड्रोजन  प्रोडक्शन प्लांट पूरी तरह हायनेट प्रोजेक्ट के अनुकूल हैं। कचरे से जैविक उर्जा बनाने की हमारी योजना में हायनेट नाॅर्थ वेस्ट की अहम भूमिका है और इसके जरिए हम यूके को दीर्घावधि में टिकाउ उर्जा समाधान देने का लक्ष्य पूरा करेेंगे।’’

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