Wednesday, March 24, 2021

पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) इष्यू से जुटाए 4,050 करोड़ रुपए

जयपुर 24 मार्च 2021 – पिरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड (पीईएल या कंपनी) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (पीसीएचएफएल) ने दीर्घकालिक, दो चरणों में, पांच वर्षीय नाॅन-कन्वर्टेबल डिबेंचर (एनसीडी) इश्यू के जरिए 4,050 करोड़ रुपए जुटाए हैं। एनसीडी इश्यू का 2,000 करोड़ रुपए की राशि वाला पहला ट्रेंच 10 मार्च, 2021 को 12 मार्च, 2021 के पे-इन के साथ को खोला गया। शेष 2,050 करोड़ रुपए का दूसरा ट्रेंच 18 मार्च, 2021 को 19 मार्च, 2021 के पे-इन के साथ खोला गया। प्रमुख रेटिंग एजेंसी, केयर रेटिंग्स ने दोनों इश्यू के लिए ‘एए’ रेटिंग दी है।

पिरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री राजेश लड्ढा ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2020 की शुरुआत के बाद से, हमने देनदारियों के प्रोफाइल को अधिक स्थिर, लंबी अवधि के फंडों के स्रोतों में बदल दिया है। कंपनी ने अप्रैल 2019 से कई दीर्घकालिक उधारों और इक्विटी लेनदेन के माध्यम से 50,000 करोड़ रुपए से अधिक जुटाए हैं, जिससे बैलेंस शीट को मजबूती मिली है। साथ में 1 गुणा से कम के शुद्ध ऋण-से-इक्विटी में, हमारे व्यापार के लिए आने वाले कुछ वर्षों के लिए पर्याप्त विकास पूंजी उपलब्ध है। 4,050 करोड़ रुपए का पांच साल का एनसीडी जारी करना हमारी देनदारियों के पक्ष और हमारी बैलेंस शीट की मजबूती में महत्वपूर्ण सुधार की पुष्टि करता है। अब हम अपनी वित्तीय सेवाओं और फार्मा व्यवसायों दोनों में विकास के अवसरों का दोहन करने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं।’

वित्त वर्ष 2020 की शुरुआत के बाद से, अत्यधिक अस्थिर वातावरण के बावजूद, पीईएल ने अपनी देनदारियों के प्रोफाइल को लंबे समय तक अधिक उधार लेने की दिशा में महत्वपूर्ण रूप से बदल दिया है। इस परिवर्तन के हिस्से के रूप में, कंपनी ने अप्रैल, 2019 से 50,000 करोड़ रुपए से अधिक जुटाए हैं;

ऽ              18,000 करोड़ रुपए से अधिक के प्रवाह के लिए कई इक्विटी लेनदेन हैं, जिनमें शामिल हैंः

◦              1,750 करोड़ का सीडीपीक्यू को अधिमान्य आबंटन।

◦              3,650 करोड़ रुपए का राइट इश्यू, 1.15 गुना ओवर-सब्सक्राइब हुआ था।

◦              अमरीका में कोरोना संकट के बीच, करीब 6,950 करोड़ रुपए डीआरजी की बिक्री।

◦              2,300 करोड़ रुपए के लिए श्रीराम ट्रांसपोर्ट हिस्सेदारी बिक्री

◦              कार्ली समूह द्वारा फार्मा कारोबार में 20 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 3,523 करोड़ रुपए का ताजा इक्विटी निवेश। यह पीई सौदा, भारतीय फार्मा क्षेत्र के सबसे बड़े सौदों में से एक है, जिसने हमारे फार्मा कारोबार को 2.7-3.1  बिलियन यूएस डालर के ईवी तक पहुंचा दिया।

ऽ              अप्रैल, 2019 से 32,000 करोड़ रुपए से अधिक का दीर्घावधि उधार (1 वर्ष तक की अवधि) उठाया गया, जबकि सितंबर-2018 के 18,017 करोड़ रुपए की तुलना में दिसंबर-2020 तक कमर्षियल (सीपी) के एक्सपोजर को घटाकर 1,020 करोड़ तक कर दिया गया।

◦              कोविड-19 प्रभाव के बावजूद, कंपनी ने वित्त वर्ष 2021 में बैंक लोन और एनसीडी के माध्यम से अब तक (नवीनतम एनसीडी इष्यू सहित) 18,940 करोड़ रुपए लॉन्ग टर्म उधार (1 वर्ष तक का कार्यकाल) जुटाए।

इन उपायों ने सभी बकेट्स में पर्याप्त सकारात्मक अंतराल के साथ वित्तीय सेवा व्यवसाय के एएलएम प्रोफाइल को बेहतर बनाया है।

इसके अलावा, इन लेन-देन ने कंपनी की बैलेंस शीट को सार्थक रूप से मजबूत किया है, जिससेः

ऽ              मार्च-2019 के 27,224 करोड़ रुपए की तुलना में दिसंबर-2020 तक इक्विटी 35,467 करोड़ रुपए हो गई।

ऽ              मार्च-2019 से दिसंबर-2020 तक शुद्ध ऋण 24,072 करोड़ कमी (44 फीसदी की गिरावट)।

ऽ              नेट डेट-टू-इक्विटी, मार्च-2019 से 2 गुणा से गिरकर 0.9 वर्तमान में 0.9 गुणा हो गई।

◦              वित्तीय सेवा कारोबार के शुद्ध ऋण-से-इक्विटी में दिसंबर-2018 से 4.4 गुणा गिरावट आकर, 1.9 गुणा हुई। भारत में बड़े आकार के सीजेबल एनबीएफसी/एचएफसीएस में सबसे कम अनुपात, दिसंबर 2018 के 22 फीसदी से दिसंबर-2020 के तक 37 फीसदी पूंजी पर्याप्तता अनुपात सुधार।

◦              फार्मा कारोबार की नेट डेट-टू-इक्विटी भी मार्च-2020 के 0.9 गुणा से घटकर दिसंबर-2020 में 0.5 गुणा हो गई है – मोटे तौर पर भारत की अधिकांश बड़ी फार्मा कंपनियों के अनुरूप।

ऽ              इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2020 के दौरान, हमने 1,903 करोड़ रुपए द्वारा अपने वित्तीय सेवा व्यवसाय में प्रावधान भी बढ़ाया, जिससे कुल प्रावधान  2,935 करोड़ रुपए हो गया। दिसंबर 2020 तक – ओवरआॅल लोन बुक के 6.3 फीसदी या होलसेल लोन बुक के 6.8 फीसदी के बराबर – यह लंबे समय तक प्रतिकूल वातावरण के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिकता को पूरा करने के लिए था।

ऽ              पर्याप्त प्रावधान और कम उतार-चढ़ाव के साथ हमारी मजबूत बैलेंस शीट, विभिन्न पूंजी जुटाने की पहल के बाद, वित्तीय सेवाओं और फार्मा दोनों क्षेत्रों में विकास की पहलों को लक्षित करने में हमारी मदद करेगी।

ऽ              हमारा मानना है कि उपलब्ध इक्विटी पूंजी के उपयोग में सुधार करने के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि हमारे दोनों व्यवसायों में अगले कुछ वर्षों के लिए पर्याप्त विकास पूंजी है।

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