Sunday, March 21, 2021

वीसी फंड इण्डिया कोशेंट ने निओडव मे 11 करोड का फण्ड निवेश किया




जयपुर। स्मॉल एंड मीडियम बिजनेस (एसएमबी) के लिए सेल्स एवं मार्केटिंग ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म निओडव में इण्डिया कोशेंट ने 11 करोड़ का फण्ड सीड राउंड में निवेश किया है। इस राउंड में व्यापार कंम्पनी के संस्थापक, सुमित अग्रवाल और वेकफिट के संस्थापक, अंकित गर्ग जैसे कई दिग्गज एंजिल इन्वेस्टर कंम्पनीज की भागीदारी देखने को मिली। इस नई फण्डिंग से कम्पनी अपने उत्पाद, विकास और अंतर्राष्ट्रीय विस्तार पर जोर देगी तथा साथ ही भारत में अपने ग्राहकों के आधार को बढ़ागी। निओडव को पहला फंड अगस्त 2020 में मिलने के बाद, यह नया फंड कंम्पनी के अनोखे उत्पाद को दर्शाता है। निओडव के को-फाउण्डर, अर्पित खण्डेलवाल ने इस अवसर पर कहा कि ‘‘निओडव ने अपने इस उत्पाद को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ इस तरह से डिजाइन किया है जिससे कि लघु उद्यमों को अपने ग्राहकों से डिजिटल इकोसिस्टम में अधिक कुशलता से लेन देन करने मे मदद मिले। कोविड-19 के चलते कई व्यवसायों को अपने ग्राहक अनुभव को बढ़ाने के लिए पुनर्विचार करना पडा है और हमारे ऑटोमेशन सॉल्यूशन्स की वजह से उनको आसान व प्रभावी क्लाउड ट्रांजिशन में मदद मिली है। हमारा ध्यान ऑटोमेशन के दौरान अपने प्रतिस्पर्धी लाभ को बनाए रखते हुए ग्राहकों की उभरती और जटिल जरूरतों के साथ तालमेल बनाए रखने पर भी रहेगा।‘‘ कम्पनी की स्थापना आईआईटी मुम्बई के पूर्व छात्र, अर्पित खण्डेलवाल जो ओला के साथ भी काम कर चुके है तथा अंकित कुमार अग्रवाल जिन्होंने कारदेखो व सीवेंट, के लिए भी काम किया है ने मिल कर की थी। अपनी पिछली भूमिकाओं और पारिवारिक व्यवसायों में काम करने के अनुभव से दोनों ही संस्थापकों को एसएमबी क्षेत्र की गहरी समझ है। ग्राहकों को अपनी सेवाएं देते हुए उन्हें जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा उससे उन्होनें एसएमबी की अन्दरूनी आवश्यकताओं का परिदृश्न मिला एवं उपलब्ध तकनीकी समाधानों के बीच आए अन्तर को समझने में भी मदद मिली। इसी अन्तर को समाप्त करने के उद्देश्य से जनवरी 2020 में निओडव की शुरूआत की गई और केवल 12 माह में ही इस प्लेटफॉम को हर महीने 50 लाख़ से अधिक इंटरेक्शन्स मिल रहे हैं, जिसमें ग्राहक मोबाइल एप्प पर करीब 6 घंटे का समय बिताते हैं। निओडव के को-फाउण्डर, अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया कि ‘‘विश्व में रोजगार का 70 प्रतिशत और विश्व की कुल जीडीपी का 50 प्रतिशत योगदान एसएमबीज से ही आता है। वहीं बेन एण्ड कम्पनी द्वारा हाल ही में किए एक अध्यन के अनुसार वर्ष 2022 तक भारतीय सेस (सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस) स्टार्टअप द्वारा विश्व बाजार में 7 से 9 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा करने की संभावना है। हम इन दिनों एक अभूतपूर्व और महत्वपूर्ण  बदलाव देख रहे हैं जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ काम हो रहा हैं, जिस्से लोगों को प्रोसेसिज और टेक्नोलॉजी के जरिए उत्पादकता बड़ाने में लाभ मिल रहा है। फंडिंग का यह दौर इस श्रेणी की क्षमता को मजबूत करता है तथा हमारे ग्राहकों को एंड-टू-एंड प्रोसेज को ऑटोमेट करके अधिक से अधिक व्यावसायिक तेजी और बढत़ी हुई दक्षता प्रदान करने का अवसर प्रदान करता है। इस मौके पर इण्डिया कोटिएंट के को-फाउण्डर एवं जनरल पार्टनर, मधुकर सिंन्हा ने कहा कि ‘‘नियोडव का ऑटोमेशन के लिये प्रोसेस ड्रिवन एप्रोच एसएमबी के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है। आज डिजीटाइजेशन के दबाव का सामाना सभी छोटे एवं मध्यम उद्योगों को करना पड़ रहा है और ये विकास की राह में एक विशाल अवसर बनेगा। हमारा मानना है कि एसएमबी के लिए सेस बेस्ड ऑटोमेशन टूल्स काफी परिवर्तनकारी साबित होंगे और इस बात के प्रति हम काफी उत्साहित है कि निओडव इस अवसर का लाभ उठाने के लिए काफी अच्छी स्थिति में है।

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