Saturday, January 30, 2021

आईडीबीआई बैंक ने जारी रखी निरंतर बहाली की अपनी रफ्तार

जयपुर 30 जनवरी 2021 – वित्तीय वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में बैंक का नेट प्राॅफिट रहा 378 करोड़ रुपए, जबकि वित्तीय वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में 5,763 करोड़ रुपए का नेट लाॅस था।

            वित्तीय वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में बैंक का प्राॅफिट बिफोर टैक्स (पीबीटी) 843 करोड़ रुपए रहा, सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी

            क्यू3 एफवाय 2021 के लिए परिचालन लाभ 1,639 करोड़ रुपए, 28 फीसदी की सालाना वृद्धि

            क्यू3 एफवाय 2021 के लिए एनआईआई 1,810 करोड़ रुपए, 18 प्रतिशत की सालाना वृद्धि

            क्यू3 एफवाय 2021 के लिए एनआईएम 2.87 प्रतिशत, सालाना 60 बीपीएस की बढ़ोतरी

            सीएएसए रेशियो 48.97 प्रतिशत पर, सालाना 131 बीपीएस की वृद्धि

            नेट एनपीए 1.94 प्रतिशत पर, 31 दिसंबर 2019 को यह 5.25 प्रतिशत था

            सीआरएआर 14.77 प्रतिशत पर, 31 दिसंबर 2019 को यह 12.56 प्रतिशत था

            पीसीआर 97.08 प्रतिशत पर, 31 दिसंबर 2019 को यह 92.41 प्रतिशत था

परिचालन संबंधी प्रदर्शन

ऽ              वित्तीय वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही के लिए शुद्ध लाभ 378 करोड़ रुपए, क्यू3 एफवाय 2020 में 5,763 करोड़ रुपए के नुकसान की तुलना में। क्यू3-2021 के लिए शुद्ध लाभ में 17 प्रतिशत का सुधार, क्यू2-2021 में यह राशि थी 324 करोड़ रुपए।

ऽ              क्यू3-2021 के लिए पीबीटी में 12 प्रतिशत सुधार, 843 करोड़ रुपए पर, क्यू3-2020 में 756 करोड़ रुपए की तुलना में। क्यू3-2021 के लिए पीबीटी में 27 प्रतिशत का सुधार, क्यू2-2021 में यह 665 करोड़ रुपए था।

ऽ              वित्तीय वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही के लिए परिचालन लाभ, 28 फीसदी सुधर कर 1,639 करोड़ रुपए हो गया, जो कि वित्तीय वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में 1,278 करोड़ रुपए था। क्यू2-2021में आॅपरेटिंग प्रोफिट 1246 करोड़ रुपए की तुलना में क्यू3-2021 के लिए 32 प्रतिशत सुधार

ऽ              शुद्ध ब्याज आय वित्तीय वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही के लिए 18 फीसदी सुधर कर 1,810 करोड़ रुपए हो गई जबकि वित्तीय वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही के लिए यह 1,532 करोड़ रुपए थी। क्यू2-2021 की तुलना में 7 प्रतिशत का सुधार

ऽ              शुद्ध ब्याज मार्जिन वित्तीय वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही के लिए 60 बीपीएस सुधर कर 2.87 फीसदी हो गया, वित्तीय वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही के 2.27 फीसदी की तुलना में, जबकि क्यू2-2021 में यह 2.70 प्रतिशत था

ऽ              काॅस्ट आॅफ डिपाॅजिट, वित्तीय वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही के लिए 84 बीपीएस सुधर कर 4.18 फीसदी हो गया, वित्तीय वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही के लिए यह 5.02 फीसदी था और क्यू2-2021 में यह 4.41 प्रतिशत था

ऽ              काॅस्ट आॅफ फंड्स वित्तीय वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही के लिए 99 बीपीएस सुधर कर 4.39 प्रतिशत पर, क्यू3-2020 में यह 5.38 प्रतिशत और क्यू2-2021 में 4.73 प्रतिशत थी

कारोबार में वृद्धि

ऽ              31 दिसंबर 2020 के अनुसार सीएएसए बढ़कर 1,09,880 करोड़ रुपए की वृद्धि, 31 दिसंबर 2019 को यह 1,03,966 करोड़ रुपए और 30 सितंबर 2020 को 1,08,217 करोड़ रुपए था

ऽ              31 दिसंबर 2020 के अनुसार कुल डिपाॅजिट्स में सीएएसए का शेयर सुधरकर 48.97 फीसदी हुआ, जबकि 31 दिसंबर 2019 को यह 47.65 प्रतिशत और 30 सितंबर 2020 को यह 48.33 फीसदी था।

ऽ              एडवांस पोर्टफोलियो कॉर्पोरेट बनाम रिटेल की संरचना 31 दिसंबर 2020 को 40ः60 के अनुसार की गई, जबकि 31 दिसंबर 2019 तक यह 45ः55 थी।

एसेट क्वालिटी

ऽ              31 दिसंबर 2020 को सकल एनपीए का अनुपात 23.52 फीसदी था, जबकि 30 दिसंबर 2019 को 28.72 फीसदी और 30 सितंबर 2020 को 25.08 फीसदी था।

ऽ              नेट एनपीए अनुपात 31 दिसंबर, 2020 को सुधर कर 1.94 फीसदी हो गया, जबकि 31 दिसंबर 2019 को यह 5.25 फीसदी था और 30 सितंबर 2020 को यह 2.67 फीसदी था।

ऽ              प्रावधान कवरेज अनुपात (तकनीकी राइट-ऑफ सहित) 30 दिसंबर, 2020 को सुधर कर 97.08 फीसदी हो गया, 31 दिसंबर 2019 को यह 92.42 फीसदी था और 30 सितंबर, 2020 को यह 95.96 फीसदी था।

 

पूंजीगत स्थिति

ऽ              दिसंबर 2020 को समाप्त तिमाही के दौरान, बैंक ने क्यूआईपी के माध्यम से इक्विटी केपिटल जुटाई और 10 रुपए प्रत्येक के फुली पेडअप 37,18,08,177 इक्विटी शेयर जारी किए। शेयर प्रीमियम 28.60 रुपए का, कुल 1435.18 करोड़ रुपए।

ऽ              टियर 1 पूंजी 31 दिसंबर, 2020 को सुधरकर 12.22 फीसदी थी, जबकि 31 दिसंबर, 2019 को यह 10.16 फीसदी थी। 30 सितंबर, 2020 को यह 11.06 प्रतिशत थी।

ऽ              31 दिसंबर, 2020 को सीआरएआर सुधरकर 14.77 प्रतिशत, जबकि 31 दिसंबर, 2019 को यह 12.56 फीसदी और 30 सितंबर, 2020 को 13.67 प्रतिशत थी।

ऽ              31 दिसंबर, 2020 को रिस्क वेटेड एसेट्स (आरडब्ल्यूए) 3.71 फीसदी घटकर 1,59,078 करोड़ की हो गई, जबकि 31 दिसंबर, 2019 को यह 1,65,213 करोड़ की थी। क्रेडिट रिस्क वेटेड एसेट्स 5 प्रतिशत घटकर 1,27,920 करोड़ रुपए पर, जबकि 31 दिसंबर 2019 को यह 1,34,510 करोड़ रुपए थी।

अन्य हाईलाइट्स

ऽ दिसंबर, 2020 में समाप्त तिमाही के दौरान, बैंक ने अपने संयुक्त उद्यम आईडीबीआई फेडरल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (अब एजिस फेडरल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड) की 48 प्रतिशत हिस्सेदारी में से 23 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी है। 31 दिसंबर, 2020 तक संयुक्त उद्यम में बिक्री के बाद की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है।

कोविड- 19 का प्रभाव

ऽ              आरबीआई के कोविड- 19 से संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, बैंक ने 31 दिसंबर, 2020 तक कोविड- 19 से संबंधित कुल प्रावधान 436 करोड़ रुपए के रखे। बैंक ने आरबीआई के दिशानिर्देशों मंे उल्लिखित न्यूनतम आवश्यक प्रावधानों से भी अधिक प्रावधान किए।

ऽ              बैंक ने तिमाही के दौरान 70 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है (30 सितंबर, 2020 तक 270 करोड़ रुपए का प्रावधान जारी रखा गया है), यह राशि रिजोल्यूशन फ्रेमवर्क के तहत मामलों के पुनर्गठन की आवश्यकता के प्रावधान के प्रति रखी गई है। 31 दिसंबर, 2020 तक संचयी प्रावधान 340 करोड़ रुपए है।

ऽ              माननीय सुप्रीम कोर्ट के 3 सितंबर, 2020 के अंतरिम आदेश में, गजेंद्र शर्मा बनाम यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और अन्य की पीआईएल मामले में, बैंक ने किसी भी उधारकर्ता के ऐसे खाते को एनपीए के रूप में वर्गीकृत नहीं किया है, जिसे 31 अगस्त, 2020 तक एनपीए के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है।

ऽ              मामले के निपटान को लंबित करते हुए, बैंक ने, विवेकपूर्ण तरीके से, इन खातों के संबंध में, मानक संपत्तियों के लिए प्रावधान के तहत 284.69 करोड़ रुपए का अतिरिक्त संचयी प्रावधान बनाया और 31 दिसंबर, 2020 तक 84 करोड़ रुपए की सीमा तक अतिदेय ब्याज को उलट दिया।

ऽ              माननीय सुप्रीम कोर्ट के अंतिम आदेश के अनुसार खातों को मानक श्रेणी में बनाए रखते हुए प्रोफार्मा जीएनपीए, एनएनपीए और पीसीआर 31 दिसंबर को क्रमशः 24.33 फीसदी, 2.75 फीसदी और 95.90 फीसदी था।

ऽ              मुंबई, 28 जनवरी, 2021ः आईडीबीआई बैंक लिमिटेड (आईडीबीआई बैंक) के निदेशक मंडल ने आज मुंबई में बैठक की और 31 दिसंबर, 2020 को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दे दी।

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