Monday, November 23, 2020

जयपुर हार्ट एण्ड मल्टीकेयर हॉस्पिटल के चिकित्सक ने किया कमाल


--75 वर्षीय हृदय रोगी वृद्धा को मिला नया जीवनदान
--ब्लूटुथ समर्थित डिवाइस होने के कारण कार्डियोलॉजिस्ट अपनी क्लीनिक पर ही जान सकता है मरीज के दिल के हाल
--ब्लड पम्पिंग केवल 20 प्रतिशत होने से फेफड़ों समेत शरीर के अन्य अंगों को नहीं मिल पा रहा था पर्याप्त रक्त
--सांस लेने में परेशानी के कारण रोगी महिला को कई बार आईसीयू की शरण लेनी पड़ी
जयपुर।  एक तरफ कोविड-19 का खौफ  दूसरी तरफ उम्र का तकाजा, झुझुनू निवासी 75 वर्षीय एक महिला को सांस लेने में दिक्कत रहती थी। कई अस्पतालों के आईसीयू में भर्ती रहने के बावजूद उसके इस रोग का समानधान नहीं हो पाया। थक हार कर उसने अपने ही शहर के जयपुर हार्ट एण्ड मल्टीकेयर में चिकित्सकों से सम्पर्क किया। जहां हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश यादव ने महिला की गहनता पूर्वक चिकित्कीय जांच के साथ ही कार्डियोग्राफी भी की। इन जांचों के बारे में डॉ. मुकेश यादव ने मीडिया को बताया कि कार्डियोग्राफी करने पर पाया गया कि महिला के हार्ट की सभी आर्टरीज सही तरीके से काम कर रही थी लेकिन पूरे शरीर का रक्त प्रवाहित करने वाला हार्ट पम्प केवल 20 प्रतिशत ही काम कर रहा था, जिसके चलते समुचित रक्त प्रवाह नहीं मिल पाने के कारण महिला कों सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उन्होंने बताया कार्डि एक रीनसिंक्रनाइजेशन डिफिब्रिलेटर । आंतरिक डिफाइब्रिलेटर्स उन रोगियों के लिए प्रत्यारोपण योग्य डिवाइस हैं, जिन्हें जीवन के लिए खतरा बनने वाली हार्ट रिद्मिक समस्याओं का खतरा है। यह छोटा सा डिवाइस पेसमेकर की तरह पीडि़त रोगी के दिल के उपरी हिस्से की तरफ प्रत्यारोपित कर दिया जाता है जिससे ब्लड पम्पिंग और तेज हो सके और मरीज को श्वसन सम्बन्धित परेशानी के साथ ही थकावट जैसा महसूस न हो सके और वह अपने प्रतिदिन के कार्य आसानी से कर सके। डिवाइस रोगी के चिकित्सक को वायरलेस तरीके से संचार करता है और मरीजों को स्मार्टफोन पर ऐप का उपयोग करके डिवाइस के बारे में जानकारी प्राप्त करने की अनुमति देता है। जल्द ही दूरस्थ निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने और रोगी परिणामों के अनुकूलन के लिए डेटा 20 गुणा दिया जाता है और किसी प्रकार का व्यवधान पाए जाने पर चिकित्स उसके अनुसार ही मरीज की दवा या अन्य जानकारी दे सकता है। यह कार्डियक सर्जरी अस्पताल की अत्याधुनिक कैथ लैब में गत 6 नवम्बर, 2020 को सम्पादित की गई। अब उक्त रोगी महिला अपने नित्य के कार्य कुशलता के साथ कर रही है।
क्या होता है हार्ट फेल्योर
हार्ट फेल्योर, जिसे कंजेस्टिव हार्ट फेल्योर के रूप में भी जाना जाता है, तब होता है जब दिल की मांसपेशियां रक्त पम्प करने में असफल हो जाती हैं और साथ ही साथ कुछ स्थितियां, जैसे संकुचित धमनियां, उच्च रक्तचाप आदि, हृदय को कठोर या बहुत कमजोर कर देते हैं ताकि दक्षता के साथ रक्त को ठीक से पम्प किया जा सके। कुछ निश्चित आदतें और जीवनशैली में बदलाव होते हैं जैसे कि नियमित व्यायाम, अपने आहार में नमक का सेवन नियंत्रित करना, वजन कम करना, या तनाव पर काबू करना जो वास्तव में जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करते हैं।


Sunday, November 15, 2020

17 नवंबर से ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के पदाधिकारी करेंगे आमरण अनशन


 


शहीद स्मारक पर फीस तथा शिक्षण संस्थानों को खुलवाने के मुद्दे पर शिक्षण संस्थान के संचालक तथा कोचिंग संस्थाएं होंगी एक साथ आंदोलन में शरीक

17 नवंबर से शहीद स्मारक में स्कूल संचालक तथा कर्मचारियों द्वारा चलाए जा रहे फीस मुद्दे के आंदोलन में ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के पदाधिकारी भी आमरण अनशन के साथ जुड़ने वाले हैं. फोरम ऑफ प्राइवेट स्कूल राजस्थान के तत्वाधान में चल रहे आंदोलन में स्कूल संचालकों की ओर से हेमलता तथा उनके सहयोगी पिछले लगभग 1 सप्ताह से आमरण अनशन कर रही हैं ऐसे में ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ ने घोषणा की है कि 16 नवंबर तक स्कूल संचालकों के फीस के मुद्दे पर तथा कोचिंग तथा शिक्षण संस्थाओं को खोलने के मुद्दे पर सरकार ने सकारात्मक रूप नहीं दिखाया तो राज्य भर में जिला स्तर पर तथा तहसील स्तर पर आंदोलन किया जाएगा इस आंदोलन में प्रदेश भर के सभी कोचिंग संस्थान , शिक्षण संस्थान होस्टल तथा लाइब्रेरी संस्थान शामिल होंगे. ओल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष आर सी शर्मा ने बताया है कि लॉकडाउन शुरू होने के प्रथम दिन से अब तक प्रदेश में शिक्षण तथा कोचिंग संस्थान बंद है जिसके चलते इन संस्थानों में कार्य करने वाले शिक्षक तथा कर्मचारियों के साथ कोचिंग संचालक बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं जिन्हें किसी प्रकार की अन्य आर्थिक सहायता भी राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है ऐसे में उनके पास बचे एकमात्र जीविकोपार्जन का जरिया शिक्षण संस्थाएं तथा कोचिंग संस्थाएं हैं जिनके बंद रहने के कारण उनके सामने जिंदा रहने की समस्या आ खड़ी हुई है इस समस्या के चलते राज्य में कई शिक्षण संस्थाएं तथा कोचिंग संस्थाएं बंद हो चुकी है और लोग इस विकट समस्या का समाधान खोजने की गुजारिश सरकार से पिछले 3 महीने से लगातार कर रहे हैं लेकिन सरकार नहीं सुन रही है. ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के प्रदेश संयोजक अनीष कुमार ने नवंबर 17 तारीख को आमरण अनशन में बैठने की घोषणा करते हुए कहा है कि 16 नवंबर तक सरकार ने उचित फैसला नहीं दिया तो राज्य भर की शिक्षण संस्थाओं ,कॉलेजों ,कोचिंग संस्थाओं ,लाइब्रेरीओं, तथा हॉस्टलों में काले झंडे लगा दिए जाएंगे तथा राज्य स्तरीय आंदोलन की शुरुआत कर दी जाएगी. ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के प्रदेश संयोजक अनीष कुमार  ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ,शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ,परिवहन एवं सैनिक कल्याण मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेश जोशी से अपील की है कि वे इस आंदोलन को नजरअंदाज न कर आंदोलन से जुड़े लाखों लोगों की चिंता करें क्योंकि शिक्षण जगत से जुड़े लाखों लोग संजीवनी की आशा में इन नेताओं की ओर देख रही है 

राजस्थान कोचिंग इंस्टिट्यूट एसोसिएशन ने भी दिया शहीद स्मारक पर चल रहे धरने को समर्थन


ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के आह्वान पर राजस्थान कोचिंग इंस्टिट्यूट एसोसिएशन ने भी अपना समर्थन दिया है साथ ही एसोसिएशन के सदस्य कोचिंग संस्थाओं का आह्वान किया है कि 17 तारीख से शहीद स्मारक पर हो रहे धरने का समर्थन करते हुए फीस के मुद्दे पर स्कूल संचालकों की ओर से लड़ी जा रही लड़ाई को ताकत प्रदान करें तथा कोचिंग एवं शिक्षण संस्थाओं को शीघ्र खोलने की लड़ाई को भी साथ में मिलकर लड़े. प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र गौरसी ने बताया कि ऑल राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ के कोचिंग संस्थानों तथा शिक्षण संस्थानों को खुलवाने के आंदोलन में एसोसिएशन पूर्ण रूप से समर्थन करते हुए अपने सदस्य संस्थाओं को साथ चलने का आदेश देती है

 

 


महासंघ के कोचिंग संस्थाओं तथा शिक्षण संस्थानों को खुलवाने की मांग हुई तेज

 


------फोरम ऑफ प्राइवेट स्कूल राजस्थान के स्कूल फीस के मुद्दे पर चल रहे आंदोलन का समर्थन किया ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ ने सभी कोचिंग संचालकों तथा कोचिंग संस्थानों में कार्य करने वाले शिक्षकों से समर्थन का आह्वान किया

फोरम ऑफ प्राइवेट स्कूल राजस्थान  स्कूल फीस मुद्दे पर चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए ओल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ ने राज्य भर के कोचिंग संस्थानों के संचालकों शिक्षकों तथा कर्मचारियों से इस आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है. ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के प्रदेश संयोजक अनीष कुमार ने अपने समर्थकों के साथ आज शहीद स्मारक में चल रहे फोरम के धरना प्रदर्शन में समर्थन पत्र देकर दीपावली के बाद शिक्षण संस्थाओं तथा कोचिंग संस्थानों को खुलवाने के लिए ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के बैनर तले शुरू हो रहे आंदोलन में  फोरम ऑफ प्राइवेट स्कूल राजस्थान का समर्थन मांगा

समर्थन पत्र में  राजस्थान सरकार से प्राइवेट स्कूल संचालकों तथा कोचिंग संचालकों से बात करने के लिए कैबिनेट स्तर  पर अथवा मुख्य सचिव स्तर  पर प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की गई है ऐसा नहीं करने पर दीपावली के बाद राजस्थान भर के सभी कोचिंग संस्थानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करने की तैयारी शुरू कर दी गई है, ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के प्रदेश संयोजक अनीष कुमार ने राजस्थान सरकार को चेताया है कि समय रहते स्कूल तथा कोचिंग संचालकों की मांग को मानते हुए आदेश दिए जाएं वरना समस्त प्राइवेट स्कूल संचालक कोचिंग संचालक स्कूल कॉलेजों में तथा कोचिंग संस्थानों में कार्यरत शिक्षक तथा कर्मचारियों के साथ राज्य के लाखों प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में दूरस्थ गांव में ऑनलाइन व्यवस्था नहीं होने के कारण व्यतीत बेरोजगार युवाओं के साथ ऐतिहासिक आंदोलन किया जाएगा, ज्ञातव्य रहे कि इससे पूर्व भी यूपीएससी तथा बेरोजगार दिवस के रूप में राजस्थान से शुरू हुए आंदोलन ने करोड़ों युवाओं को जोड़कर सोशल मीडिया में विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए केंद्र तथा राज्य सरकारों को झुकने पर मजबूर कर दिया था ऐसे में निजी शिक्षण संस्थाओं के साथ में ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के आ जाने से अब इनकी मांगों को मानने के अलावा सरकार के पास कोई चारा नहीं रह गया है. अनीष कुमार ने बताया कि ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ ने सरकार को ज्ञापन देकर दीपावली के बाद शिक्षण तथा कोचिंग संस्थानों को खोलने की मांग किया हुआ है ऐसे में शिक्षण संस्थाओं के संचालकों की मांगों का समर्थन करते हुए हम अभी से राजस्थान के शिक्षण संस्थानों ,स्कूल ,!कॉलेज तथा कोचिंग संस्थानों को एकजुट करने के प्रयास में जुटे हुए हैं अगर दीपावली छुट्टियों के समाप्त होने के बाद शिक्षण संस्थाओं तथा कोचिंग संस्थाओं को खोलने के आदेश नहीं आते हैं तो बेरोजगारी के कारण बर्बादी के कगार पर खड़े शिक्षकों तथा इन संस्थाओं में कार्य करने वाले लाखों कर्मचारियों एवं दूर-दराज गांवों में ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था के सुचारू नहीं होने के कारण शिक्षा से वंचित हो रहे लाखों छात्रों तथा बेरोजगार युवाओं को साथ में लेकर उग्र आंदोलन की रणनीति पर महासंघ कार्य कर रहा है

 



गल्फ ऑयल इंडिया ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को सपोर्ट करने के लिए लॉन्च किए ‘ईवी फ्लुइड्स’

मुंबई ,  , 04  अक्टूबर , 2022 -  हिंदुजा समूह की कंपनी गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट्स ने  ‘ ईवी फ्लुइड्स ’  की विशेष श्रेणी के लिए स्विच मोबिलिटी और ...