Saturday, October 24, 2020

सुरेश पण्डित ने " सपनों को किया साकार "


वेस्टीज कंपनी द्वारा मिली सुरेश पंडित को बीएमडब्ल्यू जैसी कीमती कार।



कंपनी के साथियों के साथ सुरेश पंडित।


- वेस्टीज से अचीवमेंट में हासिल की बी.एम.डबल्यू. कार


- कोरोना महामारी में बढ़ा नेटवर्किंग का बिज़नेस


नवीन कुमावत


जयपुर। कोरोना महामारी के चलते अच्छा से अच्छा चल रहा बिजनेस - व्यापार लगभग ठप सा हो गया है। लेकिन जिसने भी मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी या नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी में काम किया, वह सफल और सही निर्णय लग रहा है। कोरोना के कारण मार्केट में बिजनेस का तौर तरीका ही बदल गया। अब वह शख्स ज्यादा सफल हो रहा है, जो नेटवर्क मार्केटिंग में काम कर रहा है। ऐसा ही एक उदाहरण है जयपुर जिले के किशनगढ़ रेनवाल निवासी साधारण गरीब ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले सुरेश पंडित। अपने सपनों के पंखों को हवा देते हुए उन्होंने कंपनी से अचीवमेंट के रूप में बीएमडब्ल्यू ( 52 लाख रुपए) जैसी कीमती कार हासिल की है। कंपनी के हेड गौतम बाली ने पंडित को ये कार सौंपी है। गौरतलब है कि चार भाई-बहनों में से एक सुरेश पंडित गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे। सरकारी स्कूल में पढ़कर शिक्षा हासिल की। इसके बाद किराए के मकान में जयपुर रहकर पानी फिल्टर करने वाली मशीनों का काम कर जीवन बसर करने लगे। सपने देखने के आदी सुरेश पंडित को अचानक एक दिन शिवराज सिंह नाम के शख्स से सामना हुआ। उन्होंने सुरेश पंडित को डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री  (वेस्टिज ) के बारे में बताया और इसे समझने के बाद उनके सपनों को और पंख लग गए। केवल ढाई साल के कैरियर में ही अब सुरेश पंडित ने यह मुकाम हासिल कर लिया है। सुरेश पण्डित का कहना है उस कम्पनी से पहला पे आउट  मात्र 333 रुपए आया था, जो अब प्रतिमाह आमदनी  तीन लाख रूपए हो गई है।


Monday, October 19, 2020

मंगलम सीमेंट ने लॉंच किया मंगलम प्रोमैक्स


जयपुर। पर्यावरण के अनुकूल प्रीमियम सीमेंट ‘‘मंगलम प्रोमैक्स’’ का अनावरण प्रदेश की जानी मानी सीमेंट निर्माता कंपनी मंगलम सीमेंट लिमिटेड द्वारा आज एक वर्चुअल ऑनलाइन इवेंट के जरिये किया गया । सामाजिक रूप से जिम्मेदार कॉर्पोरेट की छवि रखने वाली मंगलम सीमेंट ने अपने हर कार्यक्रम और प्रयास में सामाजिक आयाम को अहम् स्थान देते हुए जल कम-जलन कम ए उत्तम शिक्षा पहल, उत्तम आर्किटेक्ट अवार्ड जैसे सामाजिक सरोकारों पर आधारित प्रयासों के जरिये देश की सीमेंट इंडस्ट्री में वैचारिक नेतृत्वकर्ता की पहचान बनायी है । 


पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की श्रृंखला आगे बढ़ाते हुए कंपनी ने देश में संभवतया पहली बार पर्यावरण के अनुकूल प्रीमियम सीमेंट ‘‘मंगलम प्रोमैक्स’’ को एक ऑनलाइन वर्चुअल मेगा लॉंच इवेंट के जरिये कंपनी के सेल्स प्रमोटर्स, डीलर्स तथा देश के अग्रणी आर्किटेक्ट्स की वर्चुअल उपस्थिति में एक स्वस्थ्य और सुरक्षित राष्ट्र के निर्माण के लिए देश को समर्पित किया। कंपनी के को-चेयरपर्सन्स श्रीमती विदुला जालान और अंशुमन जालान ने मंगलम प्रोमैक्स का अनावरण करते हुए कहा, की उन्हें विश्वास है की मंगलम प्रोमैक्स आधुनिक निर्माण की सभी जरूरतों को पूरा करने के साथ साथ सभी की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगी ।  कंपनी के प्रेसिडेंट (सेल्स एंड मार्केटिंग), कौशलेश माहेश्वरी ने अपने उद्बोधन में कहा, की मंगलम प्रोमैक्स, पर्यावरण के लिए लाभकारी एक प्रीमियम सीमेंट है जिसे कंपनी की रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम ने अनुभवी आर्किटेक्ट्स, इंजीनीयर्स, ठेकेदारों और राजमिस्त्री भाइयो के सुझावों के आधार पर विकसित किया है। कंपनी के प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट और सीएॅफओ) यशवंत मिश्रा ने कहा की उन्हें विश्वास है की मंगलम प्रोमैक्स जल्द ही कंपनी के फ्लैगशिप ब्रांड के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगी। मंगलम सीमेंट के प्रेसिडेंट (ऑपरेशन्स) सुनील सचान ने बतया की मंगलम प्रोमैक्स की दोहरी मजबूती, आईपीएसडी तकनीक और ज्यादा महीनता, कंक्रीट को सघन और मजबूत बनाने के साथ साथ बेहतर फिनिशिंग देते हुए निर्माण को जंग रोधी, दरार रोधी, सलफेट रेसिस्टेंट और सस्टेनेबल बनाती है। सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रेसिडेंट (सेल्स एंड मार्केटिंग) कौशलेश माहेश्वरी ने कहा की मंगलम प्रोमैक्स के सामाजिक फायदे जैसे ‘‘जल कम’’ निर्माण के लिए मोर्टार एवं कंक्रीट बनाने के दौरान और तराई के लिए पानी की आवश्यकता को कम करके जल संरक्षण के वैश्विक उद्देश्य पर केंद्रित है तथा ‘‘जलन कम’’ लो हीट ऑफ  हाइड्रेशन के कारण राजमिस्त्री और निर्माण श्रमिको के हाथों में कम जलन होने और हाथों में त्वचा की जलन के खतरे को कम करके समाज के महत्वपूर्ण परंतु उपेक्षित वर्ग को एक स्वस्थ और लंबी वर्किंग लाइफ  देने का प्रतीक है। तकनिकी फायदों के साथ ही व्यावसायिक फायदों जैसे टेम्पर प्रूफ   एलपीपी बैग्स, ज्यादा वॉल्यूम और फास्ट डिलीवरी आदि मंगलम प्रोमैक्स को सही मायनों में ‘‘कंक्रीट का सच्चा साथी’’ बनाते हैं!


Tuesday, October 6, 2020

आईआईएचएमआर के 36वें स्थापना दिवस पर “एसडी गुप्ता-स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ”शुरू करने की घोषणा


जयपुर। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ हैल्थ मैनेजमेंट रिसर्च ने अपने 36वें स्थापना दिवस पर संस्थान के संस्थापक डॉ. अशोक अग्रवाल ने आईआईएचएमआर विश्वविद्यालय में “एसडी गुप्ता-स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ”शुरू करने की घोषणा की। डॉ. एस. डी. गुप्ता इस संस्थान के ट्रस्टी सैक्रेटरी हैं और आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन भी हैं। डॉ. एस. डी. गुप्ता जाने-माने पब्लिक हैल्थ स्पैश्लिस्ट हैं।

डॉ. अग्रवाल ने आईआईएचएमआर के 36वें स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान के सभी छात्र-छात्राओं, अधिकारियों एवं फैकल्टिस् को संबाधित करते हुए कहा कि, “मैंने हमारी पिछली बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में सभी सदस्यों के समक्ष स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ शुरू करने का प्रस्ताव रखा और मुझे सभी सदस्यों द्वारा उत्साह पूर्वक स्वीकृती मिली। आज इस शुभ अवसर पर आप सभी के समक्ष यह घोषणा करते हुए बहुत ही प्रसन्नता हो रही है कि हम अपनी संस्था में नये सत्र से “एसडी गुप्ता-स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ” की शुरूआत करने जा रहे हैं। आईआईएचएमआर को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहूँचाने में प्रबल आधार हमारी फैकल्टि मैबंर्स रही है। यह देश और दुनिया की पहली संस्थान है जो कि शोध में विश्वास करती है और उस ही शोध के आधार पर विद्यार्थियों को शिक्षित करती है। मुझे गर्व है कि हमारी संस्थान द्वारा 800 से अधिक रिसर्च पूर्ण की हैं और हमारी संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा 3000 से अधिक डेजऱ्टेशनस् की गई हैं जोकि एक महत्वपूर्ण योगदान है।”

डॉ. एस. डी. गुप्ता, ट्रस्टी सैक्रेटरी, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ हैल्थ मैनेजमेंट रिसर्च एवं चेयरपर्सन, आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने कहा कि, “आईआईएचएमआर का मुख्य उद्देश्य सदैव बड़ा सोचो बड़ा करो रहा है। हमारी शोध पर प्राथमिकता रही है जिसमें हम आज भी प्राथमिक तौर पर जोर देते हैं। संस्थान ने भारत सरकार एवं अन्य राज्य सरकारों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रर्मों पर कार्यक्रमों के प्रबन्धन एवं संपादन के लिए शोध कार्य किये हैं, जैसेः एचआईवी कन्ट्रोल प्रोग्राम, इम्यूनाइज़ेशन प्रोग्राम, ब्लाइंडनेस कन्ट्रोल प्रोग्राम आदि। मुझे खुशी है कि हमारे फाउन्डर ट्रस्टी डॉ. अशोक अग्रवाल का सपना पूरा करने का अवसर मिला, जिसमें उनका स्वयं का बहुत बड़ा योगदान रहा है और इसके अतिरिक्त डॉ. रामेश्वर शर्मा, डॉ. जी. गिरधर, डॉ. उदय पारीक, डॉ. ऋीकेश मारू एवं श्री एम. एल. मेहता का मैं तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने इस सपने को साकार करने में अपना महत्पूर्ण योगदान दिया।”

डॉ. पी. आर. सोडानी, प्रेसिडेंट (कार्यवाहक), आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने इस अवसर पर सभी का स्वागत करते हुए कहा कि, “इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हैल्थ मैनेजमेंट रिसर्च की स्थापना 1984 में की गइ थी और आज हमने आईआईएचएमआर की स्थापना के 36 वर्ष पूरे किये हैं। हमने देश और दूनिया में हैल्थ मैनेजमेंट क्षेत्र में शोध एवं शिक्षा में ख्याति प्राप्त की है। आईआईएचएमआर की स्थापना के पूर्व यह किसी ने नहीं सोचा था कि देश में हैल्थकेयर मैनेजमेंट जैसी संस्स्थान की आवश्यकता है। पिछले 36 वर्षों में हमने यह जाना है कि इस क्षेत्र में ऐसी संस्थान की अत्यधिक आवश्यकता है। वर्तमान में कोविड महामरी ने यह साबित कर दिया है कि मैनेजमेंट ऑफ पब्लिक सर्विसेज़ और मैनेजमेंट ऑफ हैल्थकेयर सर्विसेज़ की अत्यधिक आवश्यकता है। आईआईएचएमआर देश की एक अग्रणी संस्थान है जो कि हैल्थ मैनेजमेंट के क्षेत्र में मानव संसाधन की पूर्ति करती आयी है और करती रहेगी।”

स्थापना दिवस के इस अवसर पर 10 मिनट का विडियो प्रस्तुत किया गया जिसमें संस्थान का इतिहास बताया गया। इस वर्चुअल समारोह में आईआईएचएमआर के छात्र-छात्राओं द्वारा कविताएं, संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश की गई। इस समारोह की समन्वयक आईआईएचएमआर की असिस्टेंट प्रोफेसर, वीना एन. सरकार रहीं। समारोह का अंत आईआईएचएमआर की एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. दीप्ति शर्मा द्वारा धन्यवाद भाषण से किया।

“वाविन-वेक्टस” की संयुक्तरूप से प्रथम चैनल पार्टनर मीट जश्न के साथ संपन्न हुई

जयपुर। बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री के ग्लोबल लीडर वाविन ने वॉटर स्टोरेज टैंक्स और पाइपिंग सिस्टम के क्षेत्र में देश की बहुप्रतिष्ठ...