Wednesday, June 10, 2020

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 में जेजीयू को भारत के निजी विश्वविद्यालयों में पहला स्थान

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग (डब्ल्यूयूआर) 2021 की मुख्य विशेषताएं:


·         जेजीयू भारत का पहले नंबर का प्राइवेट यूनिवर्सिटी है।


·         जेजीयू पिछले साल के 751-800 बैंड में 100 रैंक का सुधार करते हुए इस वर्ष 651-700 बैंड में आ गया।  


·         जेजीयू एकमात्र इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस (आईओई) है जो क्यूएस डब्ल्यूयूआर 2020 की तुलना में क्यूएस डब्ल्यूयूआर 2021 में उपर गया। 


·         गत वर्ष की क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स की तुलना में क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग २०२१ में जेजीयू सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाला आईओई बना है।


·         भारत के 21 विश्वविद्यालय इन रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष 1000 में शामिल हैं।


·         जेजीयू सर्वोच्च रैंक वाला भारतीय विश्वविद्यालय है, जो पूरी तरह से सामाजिक विज्ञान, कला और मानविकी पर केंद्रित है।


·         जेजीयू विश्व रैंक पाने वाला सबसे युवा भारतीय विश्वविद्यालय है।


·         जेजीयू संकाय-छात्र अनुपात के मामले में दुनिया के शीर्ष 300 विश्वविद्यालयों में शामिल हैं जहां वर्तमान में यह अनुपात 1: 9 है।


·         जेजीयू को नियोक्ता प्रतिष्ठा में दुनिया के शीर्ष 450 विश्वविद्यालयों में स्थान दिया गया है।


·         जेजीयू को अंतर्राष्ट्रीय फैकल्टी में दुनिया के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में स्थान दिया गया है, जो जेजीयू के कुल संकाय का 14% हिस्सा है।


 नई दिल्ली: ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 में भारत के पहले नंबर के निजी विश्वविद्यालय के रूप में स्थान मिला है। ऐसे समय में जब भारतीय संस्थानों की कुल संख्या क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 में नीचे चली गई है, जेजीयू ने काफी हद तक है अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। यह रैंकिंग आज क्वाकरेलेली साइमंड्स (क्यूएस) द्वारा जारी किए गए।


 अपनी स्थापना के ग्यारह वर्षों के भीतर, जेजीयू को दुनिया के शीर्ष 651-700 विश्वविद्यालयों में स्थान दिया गया है और यह भारत का पहले नंबर का निजी विश्वविद्यालय बन गया है। जेजीयू प्रभावशाली क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 के अनुसार सामाजिक विज्ञान, कला और मानविकी पर ध्यान देने के साथ पहले रैंक का विश्वविद्यालय है।


 पिछले साल 751-800 बैंड से 100० रैंक उपर चढते हुए इस साल 651-700 बैंड में शामिल हो गया है। इसके साथ जेजीयू एकमात्र 'इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस' (आईओई) है जो गत वर्ष की रैंकिंग की तुलना में क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग रैंकिंग 2021 की तुलना में ऊपर चढ़ा है।  


 गत वर्ष की क्यू एस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स की तुलना में क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग २०२१ में जेजीयू सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला आईओई बना है।


 क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग (2021) के भारत विशिष्ट लांच तथा भारत के शीर्ष रैंक वाले भारतीय संस्थानों को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 का प्रमाणपत्र देने के लिए आज आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री, माननीय श्री रमेश पोखरियाल निशंक मुख्य अतिथि होंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष, प्रोफेसर (डॉ) डी.पी. सिंह, और राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) के अध्यक्ष, प्रोफेसर (डॉ) वी.एस. चौहान इस अवसर पर सम्मानित अतिथि होंगे। क्वाकरेलेली साइमंड्स (क्यूएस) का प्रतिनिधित्व क्यूएस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, श्री बेन सॉटर और एमईएनए तथा क्यूएस के दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय निदेशक डॉ अश्विन फर्नांडिस करेंगे।


 गत वर्ष 24 भारतीय विश्वविद्यालयों ने शीर्ष 1000 में जगह बनाई थी लेकिन इस साल केवल 21 विश्वविद्यालयों ने शीर्ष 1000 में जगह बनाई। जेजीयू निजी या सार्वजनिक क्षेत्र में उच्चतम श्रेणी का भारतीय विश्वविद्यालय है जो सामाजिक विज्ञान, कला और मानविकी के अध्ययन के लिए समर्पित है। यह केवल 11 वर्ष पुराना विश्वविद्यालय है। गैर-एसटीईएम और गैर-चिकित्सा विश्वविद्यालय के रूप में, जेजीयू ने रूढियों को तोडते हुए दुनिया के शीर्ष 700 विश्वविद्यालयों में शामिल हो गया और इस साल की रैंकिंग में शामिल होने वाला सबसे कम उम्र का भारतीय विश्वविद्यालय बन गया। संकाय के बीच जेजीयू की अंतरराष्ट्रीय विविधता और सुदृढ संकाय-छात्र अनुपात को बनाए रखने के दृढ़ प्रतिबद्धता के कारण ही यह संभव हो पाया। जेजीयू की अंतरराष्ट्रीय विविधता के कारण इसकी प्रतिष्ठा में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 के अनुसार, जेजीयू को संकाय-छात्र अनुपात के मामले में दुनिया के शीर्ष 300 विश्वविद्यालयों में शामिल किया गया है जबकि नियोक्ता प्रतिष्ठा के मामले में दुनिया के शीर्ष 450 विश्वविद्यालयों में और अंतर्राष्ट्रीय संकाय के मामले में दुनिया के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में स्थान दिया गया है। 


 भारत सरकार ने इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस (आईओई) के तौर पर जिन २० संस्थानों को चुना उनमें से केवल 13 को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 में जगह मिली। इनमें से बारह इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस (आईओई) है वे पुराने संस्थान हैं जिनका इतिहास 26 से 111 वर्ष के बीच का है जिनमें 4 आईआईटी, आईआईएस, दिल्ली विश्वविद्यालय, अन्ना विश्वविद्यालय, हैदराबाद विश्वविद्यालय, एमएएचई, अमृता विश्व विद्यापीठम विश्वविद्यालय, बीएचयू, जाधवपुर विश्वविद्यालय और ओपी जिंदल ग्लोबल विश्वविद्यालय शामिल है। 


 गत वर्ष की क्यूएव वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स की तुलना में क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग २०२१ में जेजीयू सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला आईओई बना है जिसने १०० रैंकों की छलांग लगाई है।


जेजीयू के संस्थापक चांसलर श्री नवीन जिंदल ने कहा कि लगातार दो वर्षों से जेजीयू को यह वैश्विक मान्यता मिलना वास्तव में अत्यंत गौरव की बात है। उन्होंने कहा, "भारत और दुनिया में अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की भूमिका निभाते हुए जेजीयू को देखना मेरे लिए अविश्वसनीय रूप से गर्व का क्षण है। जेजीयू को मेरे पिता की स्मृति में स्थापित किया गया था ताकि यह उत्कृष्टता का केंद्र बने और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट हस्तियों को विकसित करे। मैं यह देखकर बहुत प्रसन्न हूं कि यह निरंतर परिश्रम के माध्यम से अपनी दृष्टिकोण को पूरा कर रहा है। मैं अपने छात्रों को विश्व स्तर की शिक्षा प्रदान करने के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता के लिए कुलपति, संकाय और जेजीयू के कर्मचारियों को बधाई देना चाहता हूं। " 


 उन्होंने आगे कहा, "क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 में उपर चढ़ने और 'इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस' के रूप में जेजीयू की प्रतिष्ठित मान्यता मिलने से आने वाले वर्षों में भारत में एक अधिक विकसित उच्च शिक्षा परिदृश्य बनने की उम्मीद है।"


 इस रोमांचक विकास का स्वागत करते हुए, जेजीयू के संस्थापक कुलपति, प्रोफेसर (डॉ) सी राज कुमार ने कहा: “विश्व के शीर्ष ढाई प्रतिशत विश्वविद्यालयों में जेजीयू की जगह बनाना विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनने की उसकी आकांक्षा का वसीयतनामा है। प्रतिष्ठित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 के अनुसार पिछले साल के 751-800 बैंड के मुकाबले इस वर्ष 100 रैंक का सुधार करते हुए 651-700 बैंड में शामिल होने की यह वृद्धि उल्लेखनीय उपलब्धि है और यह गौरव का क्षण है और यह वास्तव में कम समय के हमारे विकास और हमारी संक्षिप्त संस्थागत यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की हमारी प्रतिबद्धता के लिए हमें मिली इस अंतरराष्ट्रीय मान्यता से हम अत्यंधिक गौरवान्ति हैं। एक दशक पुराने निजी, गैर-एसटीईएम, गैर-चिकित्सा विश्वविद्यालय होने के वाबजूद हमने सभी तरह की रूढियों को तोडा और जिसकी बदौलत हम विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय बने। बनने के लिए सभी रूढ़ियों को तोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता है। हमारा निरंतर प्रयास होगा कि हम शिक्षण, शिक्षण परिणामों, अंतर्राष्ट्रीय सहयोगों और गुणवत्ता को और मजबूत करें।”


 प्रोफेसर राज कुमार ने कोविड – १९ की महामारी के दौरान की अभूतपूर्व चुनौतियों और वर्तमान अनिश्चितताओं का जिक्र करते हुए जेजीयू में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा, "11 साल की उम्र में, युवा और गतिशील जेजीयू विकसित और उभरते भारत के लिए एक मार्ग प्रशस्त कर रहा है ताकि वैश्विक उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बने।  जैसा कि दुनिया एक वैश्विक महामारी से उबरने के लिए संघर्ष कर रही है वैसे में उच्चतम-रैंक वाले भारतीय विश्वविद्यालय के रूप में जेजीयू ने दुनिया के दूसरी सबसे अधिक आबादी वाले देश में सामाजिक विज्ञान, कला और मानविकी पर अपना ध्यान केंद्रित किया है जिसकी भारत तथा विश्व के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका है।‘‘


 जेजीयू अब उसी लीग में शामिल है, जिसमें कुछ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और परिपक्व विश्वविद्यालय शामिल हैं, जिनमें अमेरिकन यूनिवर्सिटी (1893 में स्थापित), मैसाचुसेट्स विश्वविद्यालय, बोस्टन (1852 में स्थापित) और अमरीका में सिटी यूनिवर्सिटी आफ न्यूयार्क (1961 में स्थापित); ब्रिटेन में वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय (1838 में स्थापित) और प्लायमाउथ विश्वविद्यालय (1862 में स्थापित), जर्मनी में लीबनिज यूनिवर्सिटेट हनोवर (1831 में स्थापित) और टोक्यो मेट्रोपॉलिटन विश्वविद्यालय (1949 में स्थापित) शामिल है। 


 जेजीयू को दुनिया भर के कुछ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित विश्वविद्यालयों से ऊपर स्थान दिया गया है, जिनमें मिडलसेक्स यूनिवर्सिटी (यूके), जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी (यूएसए), यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन (यूएसए), यूनिवर्सिटी ऑफ हैफा (इजरायल), यूनिवर्सिटी ऑफ सियोल (दक्षिण कोरिया) ), अबू धाबी विश्वविद्यालय (यूएई), यूनिवर्सिटिस्ट रोस्टॉक (जर्मनी) और बीजिंग विदेशी अध्ययन विश्वविद्यालय (चीन) शामिल है।


 अपनी प्रतिक्रिया में, जेजीयू के रजिस्ट्रार प्रोफेसर (डॉ) वाई.एस.आर. मूर्ति ने कहा, “मैं इस कामयाबी को लेकर उत्साहित हूं। जेजीयू में, हम विश्व स्तर की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं और ये रैंकिंग हमारी स्थापना के बाद से ही हमारे द्वारा उठाए गए कदमों की पुष्टि करती हैं। पिछले साल 751-800 बैंड से इस साल एक सौ रैंकों का सुधार करते हुए 651-700 बैंड में शामिल होना तथा पहले नम्बर के निजी विश्वविद्यालय के रूप में रैंक पाना एक समुचित दृष्टि, कार्यान्वयन योजना और निरंतर कड़ी मेहनत के बिना संभव नहीं होता। मैं इस उपलब्धि में उनके प्रशंसनीय योगदान के लिए शासी निकाय के सभी सदस्यों और विश्वविद्यालय के अन्य शीर्ष निकायों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, छात्रों और हमारे सहयोगी संस्थानों को ईमानदारी से धन्यवाद देना चाहता हूं। "


इस उपलब्धि को हासिल करने से पूर्व ही जेजीयू ने एक और कामयाबी हासिल करते हुए ई-लर्निंग उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित क्यूएस IGAUGE से शैक्षणिक डिजिटलीकरण (E-LEAD) प्रमाणन के लिए क्यूएस IGAUGE ई-लर्निंग उत्कृष्टता प्राप्त करने वाला पहले भारतीय विश्वविद्यालय बनने का गौरव हासिल किया।  यह जेजीयू के छात्रों को उनकी अकादमिक गतिविधियों में वास्तव में वैश्विक अनुभव प्रदान करने के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि COVID-19 जैसी वैश्विक महामारी भी उन्हें रोकती नहीं है।


यह समाचार वास्तव में उन छात्रों के लिए आशा की किरण के रूप में सामने आया है जो भारत में एक वैश्विक विश्वविद्यालय में विश्व स्तर की शिक्षा प्राप्त करने की आकांक्षा रखते हैं।


जिंदल स्कूल ऑफ़ बैंकिंग एंड फ़ाइनैंस के डीन और रैंकिंग, बेंचमार्किंग और इंस्टीट्यूशनल ट्रांसफ़ॉर्मेशन (ORBIT) ऑफिस के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ) आशीष भारद्वाज ने कहा, “बहुत ही युवा और केंद्रित विश्वविद्यालय के रूप में, हम परिपक्व राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की एक शानदार लीग का हिस्सा बनकर बहुत खुश हैं। हम निकट भविष्य में शीर्ष 500 में प्रवेश करने की परिकल्पना करते हैं, जिसके लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और फलदायी सहयोग सफलता के लिए महत्वपूर्ण हैं। ”


एडमिशन एंड आउटरीच के डीन और ऑफिस ऑफ़ रैंकिंग, बेंचमार्किंग एंड इंस्टीट्यूशनल ट्रांसफ़ॉर्मेशन (ORBIT) के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर अरज्या बी मजूमदार ने कहा, "यह हमारे संकाय की गुणवत्ता और विश्व स्तर पर हमारी प्रतिष्ठा का संकेत है। हमें, निश्चित रूप से, इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि रैंकिंग हालांकि उत्कृष्टता को निर्धारित करने का एक माध्यम है और हमारे लिए लक्ष्य की प्राप्ति का एक माध्यम है’ अपने आप में यह हमारे लिए लक्ष्य नहीं है। पिछले साल से क्यूएस डब्ल्यूयूआर में ऊपर जाने का अर्थ है कि हम उत्कृष्टता के लिए अपनी यात्रा पर आगे बढ रहे हैं। "


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