Thursday, December 31, 2020

वेस्टसाइड का एंड ऑफ सीजन सेल जयपुर में शुरू

जयपुर 31 दिसंबर 2020 – फैशन के पसंदीदा ब्रांड, वेस्टसाइड का सबसे प्रतीक्षित सेल आखिरकार आ चुका है! चाहे आप घर के भीतर आराम से हों या अपने ड्रीम डेस्टिनेशन पर सैर-सपाटे के लिए गये हों, वेस्टसाइड के एंड ऑफ सीजन सेल में आपकी सभी ज़रूरतों का ख्याल रखा गया है। अपैरल, एसेसरीज, फुटवीयर, कॉस्मेटिक्स एवं होम डेकोर के सभी सामानों पर 60% तक की जबरदस्त छूट के साथ, हम सब अभी के लिए किफायती खरीदारी का लाभ उठा सकते हैं। यह सेल 1 जनवरी, 2021 से शुरू हो रहा है।

कैजुअल्‍स से लेकर फ्युजन व इंडियन तक, सब कुछ यहां उपलब्‍ध है! महिलाएं अपने लिए उत्‍स के कलर्स एवं मल्टी प्रिंट कुर्ता ले सकती हैं या फिर युवा व जोशपूर्ण नुऑन एवं सैसी सोडा के साथ अपनी पर्सनल स्टाइल का परिचय दे सकती हैं। एल.ओ.वी में सभी सुंदर एवं आकर्षक ड्रेसेज हैं, जबकि सुडौल शरीर वाली महिलाओं के लिए गिया में कमाल का कलेक्शन है। यदि आपको स्टायलिश, फैशनेबल एवं कंफिडेंट वर्कवियर चाहिए, तो 9 टू 9 वार्डरोब कलेक्शन बस आपके लिए ही है। यदि आप कुछ फ्युजन चाहती हैं, तो बॉम्बे पैस्ले आपके लिए परफेक्ट है। स्टूडियोफिट के कलेक्शन के स्टायलिश विकल्पों के साथ अपना जिम-वियर कैप्सुल बनाएं और यदि आप को खास मौकों के लिए आधुनिक, शानदार, आकर्षक व सॉफिस्टिकेटेड एथनिक वियर की तलाश है, तो आपके पास वार्क और जुबा का बेहतरीन विकल्प है।

इसमें पुरुषों का भी समान रूप से ख्याल रखा गया है। फैशनेबल नुऑन के साथ स्वयं को आकर्षक रूप दें, ईटीए एंड डब्‍ल्यूईएस के साथ स्वयं को डब्ल्यूएफएच लुक्स दें। यदि आपको कसरत करना पसंद है, तो स्टूडियोफिटइनडोर वर्क-आउट सेशंस के लिए बेहतरीन विकल्प प्रदान करता है। बच्चों के कपड़े की खरीदारी सही मायने में यहां बच्चों का खेल है। बेबी हॉपहॉप या वाईएंडएफ में से चुनें और उन्हें होम स्टडी सेशन या सुकून भरे फैमिली डिनर के लिए तैयार करें। वेस्टसाइड होम में हर किसी के घर के लिए लाइफस्टाइल फैशन की रेंज है और यह एक्सक्लूसिव, प्रचलित एवं अफोर्डेबल है। स्टूडियोवेस्ट के ब्यूटी सेक्शन में पुरुषों व महिलाओं दोनों के लिए कॉस्मेटिक्स, ग्रूमिंग एवं बॉडी केयर प्रोडक्ट्स की रेंज उपलब्ध है। वेस्टसाइड, आपके लिए सही मायने में वन-स्टॉप फैशन डेस्टिनेशन है।

वेस्टसाइड अपने ग्राहकों को सुरक्षित रखने के लिए सारी सावधानियां बरतता है। हम नियमित अंतरालों पर पूरी स्टोर को सैनिटाइज करते हैं और प्रवेश-द्वार पर सभी कर्मचारियों व ग्राहकों का तापमान मापा जाता है। सभी गार्मेंट्स को प्रत्येक ट्रायल के बाद एवं नियमित अंतरालों पर स्ट्रीम किया जाता है, जबकि ट्रायल रूम्स का उपयोग किये जाने के बाद हर बार इन्हें सैनिटाइज किया जाता है।

तो फिर आपको किस बात का है इंतजार? यह सेल सीजन है और आपके वार्डरोब के लिए वेस्टसाइड से बढ़कर भला कौन-सी जगह होगी!

 वेस्टसाइड के विषय में:

1998 में स्थापित और टाटा समूह का हिस्सा, ट्रेंट का मुख्यालय मुंबई में है, लेकिन इसका परिचालन पूरे भारत में है। ट्रेंट भारत की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती खुदरा श्रृंखला में से एक, वेस्टसाइड का संचालन करता है। कंपनी ने पहले से ही 8,000-34,000 वर्ग फुट को मापने वाले 168 वेस्टसाइड स्टोर स्थापित किए हैं। वेस्टसाइड प्रारूप अपने ब्रांडेड फैशन परिधान की एक विशेष श्रेणी प्रदान करता है और कंपनी के खुदरा व्यापार का मुख्य आधार बना हुआ है। कुछ विभागों में महिलाओं के पहनने, मेन्सवियर, बच्चों के पहनने, जूते, सौंदर्य प्रसाधन, इत्र और हैंडबैग, घरेलू फर्नीचर

परीक्षाओं की तैयारी कराने वाला अग्रणी प्लेटफॉर्म निओस्टेंसिल अनएकेडमी ग्रुप में हुआ शामिल

जयपुर 31 दिसंबर 2020 – देश के सबसे बड़े शिक्षण मंच अनएकेडमी ने आज सरकारी नौकरियों की परीक्षा की तैयारी के क्षेत्र में एक अग्रणी प्लेटफॉर्म निओस्टेंसिल का अधिग्रहण करने की घोषणा की। इस अधिग्रहण के बाद टियर टू और  टीयर थ्री शहरों में अनएकेडमी की मौजूदगी और बढ़ जाएगी और इस तरह अनएकेडमी को अपनी नेतृत्व की स्थिति को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

निओस्टेंसिल की स्थापना 2014 में कुश बीजल और लव बीजल ने की थी। इसके पीछे उनका मकसद देश में लोगों को सुलभ और किफायती गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना था। निओस्टेंसिल ने एक एसेट-लाइट और स्केलेबल मॉडल विकसित किया है जो छात्रों और शिक्षकों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच की समस्या को हल करने के लिए टैक्नोलाॅजी का लाभ उठाता है। लाइव-लर्निंग प्लेटफॉर्म निओस्टेंसिल ने 100 से अधिक कोचिंग संस्थानों को लाइव तैयारी कराने में मदद की है, और इस प्लेटफाॅर्म के माध्यम से 15,000 से अधिक छात्र फीस का भुगतान करते हुए अपने घरों के आराम से कक्षाओं का लाभ उठाते हैं।

अनएकेडमी ग्रुप के को-फाउंडर और सीईओ गौरव मुंजाल कहते हैं, ‘‘अनएकेडमी ग्रुप में हमारा मिशल ज्ञान और समझ को समस्त लोगांे तक पहुंचाना है और आज हालांकि हम उस लक्ष्य की ओर मजबूती से खड़े हैं, फिर भी हमें अभी एक लंबा रास्ता तय करना है। हम हमेशा ऐसे उपयोगी और महत्वपूर्ण साझेदारों और टीमों के रूप में तालमेल की तलाश कर रहे हैं, जो शैक्षिक उत्पादों को किफायती और सुलभ बनाकर प्रभाव पैदा कर रहे हैं। मैं पिछले 3 सालों से कुश और लव को जानता हूं और मुझे उनके अब तक के सफर कोे देखने का सौभाग्य मिला है। आज निओस्टेंसिल हमारे अनएकेडमी ग्रुप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर हमारे साथ जुड़ गया है।’’

निओस्टेंसिल ने 100 से अधिक संस्थानों के साथ टाई-अप किया है और आज यह लगभग 11,00,000 छात्रों को 500 से अधिक पाठ्यक्रम प्रदान करता है। महामारी के दौरान लाॅकडाउन होने के कारण, एडटेक स्टार्ट-अप ने शैक्षणिक संस्थानों के साथ अपनी साझेदारी को दोगुना किया है।

निओस्टेंसिल के फाउंडर और सीईओ कुश बीजल कहते हैं, ‘‘हमारा मिशन यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक विद्यार्थी को समस्त महत्वपूर्ण संसाधनों तक पहुंच मिले, भले ही वे किसी भी शहर में रहते हों। अनएकेडमी ग्रुप में शामिल होने से हम एक बड़े बदलाव का हिस्सा बनकर अपने इस विजन को आसानी से पूरा कर सकते हैं। गौरव मुंजाल के साथ तीन साल पहले हुई मुलाकात मुझे आज भी याद है, जब उन्होंने टिप्पणी की थी कि निओस्टेंसिल उनके सबसे सम्मानजनक प्रतियोगियों में से एक है, और हमारे लिए यह बात बहुत मायने रखती है। आज अनएकेडमी ग्रुप में शामिल होने पर हम खुशी का अनुभव कर रहे हैं।’’

अधिग्रहण के बाद कुश बीजल निओस्टेंसिल का संचालन करते रहेंगे और इस दौरान वे यह संभावनाएं भी तलाशना जारी रखेंगे कि दोनों प्लेटफाॅर्म किस तरह साझा तौर पर आगे बढ़ सकते हैं।

अनएकेडमी ग्रुप के बारे में

अनएकेडमी एक एजुकेशन टैक्नोलाॅजी प्लेटफाॅर्म है, जिसकी स्थापना 2015 में गौरव मुंजाल, रोमन सैनी और हेमेश सिंह ने की थी। इसे 2010 में गौरव मुंजाल द्वारा एक यूट्यूब चैनल के रूप में शुरू किया गया था। बेंगलुरू में मुख्यालय वाला अनएकेडमी भारत का एक ऐसा शिक्षण मंच है जो लाखों शिक्षकों को उन विद्यार्थियों के साथ एक मंच पर लाता है, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता है। 47,000 से अधिक पंजीकृत शिक्षकों और देश के 5000 शहरों में 14 भारतीय भाषाओं के साथ 40 मिलियन से अधिक शिक्षार्थियों के साथ अनएकेडमी भारत के सीखने के तौर-तरीकों को बदल रहा है। अनएकेडमी समूह में अनएकेडमी, प्रेपलेडर, कोडशेफ, मास्ट्री और ग्राफी ब्रांड्स शामिल हैं। कंपनी को टाइगर ग्लोबल, साॅफ्टबैंक विजन फंड 2, फेसबुक, जनरल अटलांटिक, सिकोइया इंडिया, एसएआईएफ पार्टनर्स, नेक्सस वेंचर पार्टनर्स, स्टीडव्यू कैपिटल और ब्लूम वेंचर्स जैसे प्रमुख निवेशकों का समर्थन हासिल है।

अधिक जानकारी के लिए प्ले स्टोर, ऐप स्टोर से अनएकेडमी लर्निंग ऐप डाउनलोड करें या विजिट करेंः  www.unacademy.com

निओस्टेंसिल के बारे में

निओस्टेंसिल की स्थापना 5 वर्ष पूर्व आईआईटी बॉम्बे और आईआईएम कलकत्ता के पूर्व छात्र कुश बीजल और एम्स और आईआईएम अहमदाबाद के पूर्व छात्र लव बीजल ने की थी। इसकी स्थापना टेस्ट प्रेपरेशन इंडस्ट्री की जमीनी समस्याओं को हल करने के लिए की गई थी।

रुपे ने पेनीयरबाई के सहयोग के साथ ‘रुपेपीओएस‘ समाधान को लाॅन्च करने के लिए आरबीएल बैंक से मिलाया हाथ

जयपुर 31 दिसंबर 2020- नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने बताया है कि भारतीय व्यापारियों के लिए एक नए भुगतान समाधान ‘रुपेपीओएस‘ को शुरू करने के लिए रुपे ने पेनीयरबाई के सहयोग से आरबीएल बैंक के साथ भागीदारी की है। यह स्मार्टफोन को रिटेल विक्रेताओं के लिए मर्चेंट पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनलों में बदल देगा। व्यापारी अब एक साधारण टैप और अपने एनएफसी सक्षम मोबाइल फोन पर भुगतान तंत्र के माध्यम से 5000 तक के संपर्क रहित भुगतान को स्वीकार कर सकेंगे। रुपे कार्ड का उपयोग करने वाले ग्राहक अपनी नियमित खरीद के लिए संपर्क रहित भुगतान कर सकते हैं।

‘रुपेपीओएस‘ खुदरा विक्रेताओं को बिना किसी अतिरिक्त पूंजी लागत के प्रभावी स्वीकृति बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा। यह अनोखी पहल लाखों वंचित और तकनीक से अछूते भारतीयों व एमएसएमई के बीच डिजिटल भुगतान स्वीकृति को आगे बढ़ाने में मददगार होगी। व्यापारी अपने पेनीयरबाई ऐप को अपडेट करके अपने एंड्रॉइड स्मार्टफोन को भुगतान स्वीकृति टर्मिनल में बदल सकते हैं। ‘रुपेपीओएस‘ के साथ, दूरस्थ इलाकों से लेकर नजदीक के स्थानीय स्टोर भी अब अपने स्मार्टफोन पर संपर्क रहित भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में, ‘रुपेपीओएस‘ स्केन रुपेएनसीएमसी के ऑफलाइन लेनदेन को भी स्वीकार करता है, इस प्रकार ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्ड भुगतान दोनों के लिए आसान स्वीकृति बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करता है। 200 रुपए या इससे कम के लेन-देन  पर ऑनलाइन प्रमाणीकरण की आवश्यकता नहीं होगी, यह इस किस्म के लेनदेन को नकद विनिमय की तरह त्वरित और आसान बना देगा। यह माइक्रो पेमेंट प्रोसेसिंग के लिए इंटरनेट निर्भरता को खत्म करने के दोहरे उद्देश्य को बढ़ावा देता है और ग्राहकों के लिए परेशानी मुक्त खरीदारी के अवसर को सुनिश्चित करता है।

आरबीएल बैंक में डिजिटल भुगतान और अधिग्रहण के हेड पुष्पेन्द्र शर्मा ने कहा, ‘हम ‘रुपेपीओएस‘ समाधान की पेशकश करने के लिए रुपे और पेनीयरबाई के साथ साझेदारी करते हुए प्रसन्न हैं। यह पहल डिजिटल भुगतान परिदृश्य को बदलने और लेनदेन के सुरक्षित और सुविधाजनक तरीकों तक पहुंच का लोकतंत्रीकरण करने के उद्देश्य से है। स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच और प्रसार के साथ हमारा मानना है कि डिजिटल भुगतान लाखों व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए सरल और किफायती है। इस अभिनव पेशकश के साथ, आरबीएल बैंक में हम हमारी भौगोलिक पैठ को गहरा करने और अपने ग्राहक आधार को बढ़ाने के लिए आश्वस्त हैं। ‘रुपेपीओएस‘ जैसे नवाचारों से निश्चित रूप से भारत को कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी।’

पेनीयरबाई के एमडी और सीईओ आनंद कुमार बजाज ने कहा, ‘पेनीयरबाई, देश में आत्मनिर्भर भुगतान समाधान का नेतृत्व करने के लिए डिजिटल भुगतान में आगे बढ़ने का लक्ष्य रखता है। ‘रुपेपीओएस‘ के माध्यम से, हम आसान और तेज डिजिटल भुगतान के लिए स्वीकृति बिंदुओं की संख्या जोड़कर एक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना चाहते हैं। यह लागत प्रभावी समाधान देश के 30 मिलियन छोटे और मध्यम व्यापारियों को लक्षित करते हुए तैयार किया गया है जो उन्हें अपने ग्राहकों को सरल संपर्क रहित समाधान के साथ सशक्त बनाता है। हम लास्ट-मील कनेक्टिविटी के साथ आसान उपयोग वाली डिजिटल तकनीक को जोड़कर अपने खुदरा विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए तत्पर हैं। ऐसे ही कामों से जनता में डिजिटल अंतराल घटेगा और डिजिटल भारत की नींव मजबूत होगी।’

एनपीसीआई में रुपे और एनएफसी के हेड नलिन बंसल ने कहा, ‘हम पेनीयरबाई, पेनेक्स्ट, यूविक और आरबीएल बैंक के साथ जुड़कर खुशी महसूस कर रहे हैं ताकि ‘रुपेपीओएस‘ को लाॅन्च कर देश भर के व्यापारियों को डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में शामिल किया जा सके। हमारा मानना है कि स्मार्टफोन को पीओएस मशीन में बदलने वाला यह क्रांतिकारी तंत्र डिजिटल भुगतानों की पैठ को मजबूत करेगा और देश में डिजिटल भुगतान के प्रति स्वीकृति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा। इससे व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों के लिए भी एक सहज लेन-देन का अनुभव विकसित होगा। व्यापारी के लिए डिजिटल भुगतान में आसानी तो होगी ही, साथ ही उन्हें इस सुविधा से काउंटर पर नकदी से निपटने की परेशानी को कम करने में भी मदद मिलेगी। यह हमारा विश्वास है कि यह पहल व्यापारियों और ग्राहकों की कैश पर निर्भरता को कम करते हुए ‘आत्मनिर्भर’ बनाने की ओर ले जाएगी। इस तरह कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत के कदम भी तेज होंगे।

गोदरेज के ‘हिट’ प्रोडक्ट्स के ट्रेडमार्क और कॉपीराइट उल्लंघन के लिए राजस्थान के अवैध कारखाना मालिक के खिलाफ कार्रवाई

जयपुर, 31 दिसंबर, 2020ः भारत के प्रमुख कीटनाशक ब्रांड गोदरेज हिट की मूल कंपनी गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) ने मच्छरों को मार भगाने वाले प्रोडक्ट गोदरेज काला हिट के कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन को लेकर रामदेव इंडस्ट्रीज के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया था। रामदेव इंडस्ट्रीज ने काला हिट से मिलते-जुलते प्रोडक्ट ‘सुपर हिट‘ का निर्माण किया और इसे बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया। कंपनी ने काला हिट के डिजाइन प्रारूप और पैकेजिंग एलिमेंट्स की भी नकल की। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की याचिका को स्वीकार करते हुए ट्रेडमार्क और कॉपीराइट उल्लंघन के लिए राजस्थान के अवैध कारखाना मालिक के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया। हाई कोर्ट के आदेशों के बाद, राजस्थान पुलिस के साथ कोर्ट रिसीवर ने नकली उत्पादों का पता लगाया और इन्हें जब्त करने की कार्रवाई की।

कोर्ट रिसीवर ने 23 दिसंबर, 2020 को राजस्थान के सूरतगढ़ में रामदेव इंडस्ट्रीज की मैन्यूफेक्चरिंग यूनिट का दौरा किया और तलाशी और जब्ती कार्रवाई के लिए खोजबीन की। इस दौरान काला हिट से मिलते-जुलते प्रोडक्ट ‘सुपर हिट‘ के केन जब्त किए गए। जीसीपीएल ने पाया कि ये प्रोडक्ट देशभर में बेचे जा रहे थे, मुख्य रूप से राजस्थान के साथ गुजरात, कर्नाटक और हरियाणा में। यह कार्रवाई नकली उत्पादों के निर्माण और वितरण को प्रभावित करेगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि लोगों तक जेनुइन और सुरक्षित गोदरेज हिट उत्पादों की पहुंच हो। यह मुकदमा रामदेव इंडस्ट्रीज के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में चलेगा।

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के चीफ एक्जीक्यूटिव आॅफिसर (भारत और सार्क) सुनील कटारिया ने कहा, ‘‘देश भर में नकली उत्पादों का वितरण और प्रसार एफएमसीजी उद्योग के लिए चिंता का एक प्रमुख विषय है। हम ट्रेडमार्क, लोगो और अन्य बौद्धिक संपदा के दुरुपयोग और अवैध उपयोग की कड़ी निंदा करते हैं। निर्माता और उपभोक्ता दोनों को इस समय अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। हमारे ब्रांड ने अपनी प्रभावशीलता के कारण बाजार में जबरदस्त सपोर्ट और विश्वास अर्जित किया है और हम अपने उपभोक्ताओं के लिए बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादों को निरंतर प्रस्तुत करने के अपने संकल्प पर कायम हैं। वर्तमान दौर का उपभोक्ता कहीं अधिक जानकार, समझदार है, और नकली और तस्करी के बाजार से संबंधित प्रोडक्ट्स को समझने में सक्षम है। नकली उत्पाद न केवल अपनी कैटेगरी के लिए प्राइस बैंड को प्रभावित करते हैं, बल्कि आगे जाकर वे अर्थव्यवस्था और व्यापार पर भी प्रभाव डालते हैं। इस तरह के नकली प्रोडक्ट्स का बाजार मंे बिकने से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘जीसीपीएल में हम अपने वितरण नेटवर्क, स्थानीय अधिकारियों और उपभोक्ताओं के सहयोग के माध्यम से नियमित रूप से हमारे उत्पादों की गुणवत्ता की जांच करते हैं। इस तरह की गैरकानूनी हरकतों के खिलाफ इंसाफ की आस में वर्तमान में हम एक सिविल मुकदमा लड़ रहे हैं।’’

अगर लोग गोदरेज के हिट प्रोडक्ट्स से मिलते-जुलते या नकली प्रोडक्ट्स पाते हैं या वे किसी थोक व्यापारी/खुदरा विक्रेता को ऐसी चीजें बेचते हुए पाते हैं, तो वे जीसीपीएल को 1800-266-0007 (टोल-फ्री) पर या care@godrejcp.com पर लिखकर रिपोर्ट दे सकते हैं।

अपने लगातार नवाचारों और वैरिएंट लॉन्च के लिए ‘हिट’ भारत में सबसे भरोसेमंद होम कीटनाशक ब्रांड है। इसके अलावा, यह हमेशा एक उद्देश्य संचालित ब्रांड भी रहा है, जो वेक्टर जनित रोगों से लड़ने में मदद करने के लिए विभिन्न सामाजिक जागरूकता अभियानों का एक हिस्सा है।

 

Wednesday, December 30, 2020

फास्टैग बनवाने के लिए मची होड़



जयपुर।  केंद्र सरकार ने एक जनवरी से सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया है। इसलिए राज्य के टोल प्लाजा, बैंक शाखाओं, बैंकिंग मोबाइल एप, एनएचएआई, एनपीसीआई, आईएचएमसीएल, माई फास्टैग एप व हाईवे से जुड़े पेट्रोल पम्प सहित अन्य माध्यमों से फास्टैग बनवाने वालों की संख्या में काफी तेजी आई है। एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक पिछले दिनों में हजारों की संख्या में फास्टैग बन चुके हैं।एनएचएआई के परियोजना निदेशक एनएन गिरि ने बतया कि वाहन चालक www.fastag.org पर आवेदन कर सकते हैं। वहीं फास्टैग को रिचार्ज के लिए कई बैंकिंग सेक्टर कंपनियों ने ग्राहकों को कैशबैक जैसे आकर्षक ऑफर भी दे रही हैं। एयरटेल पेमेंट बैंक ने व्यवस्था की है कि ग्राहक फास्टैग को एयरटेल थैंक्स ऐप के बैंक सेक्शन में कुछ ही क्लिक्स में खरीद सकते हैं। इससे 50 रुपये के कैशबैक का फायदा मिलेगा। गाड़ी पर फास्टैग नहीं तो एक जनवरी से हाईवेज के टोल को क्रास नहीं कर पाएंगे। इसकी वजह है कि एक जनवरी से हाईवेज के टोल प्लाजा पर से कैश लेन बंद की जा रही है। सिर्फ फास्टैग से ही गाड़ी निकल सकेगी। इतना ही नहीं अगर गाड़ी पर फास्टैग नहीं तो टोल प्लाजा से 500 मीटर पहले ही रोक दिया जाएगा। इसके लीए बेरिकेड्स लगाए जाएंगे। टोल प्रबंधन व बैंकों द्वारा बनाए गए स्टॉल पर से फास्टैग खरीदने के बाद ही टोल प्लाजा पार कर पाएंगे। फास्टैग 31 दिसंबर की रात 12 बजे के बाद सभी टोल प्लाजा पर लागू होगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) भी टोल प्लाजा की एक जनवरी से कैश लेन बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। अभी तक बिना फास्टैग वाले वाहनों को टोल प्लाजा पर एक लेन से नकदी लेकर गुजर रहे हैं।


दुल्हन का खजाना- आपकी दुल्हन के लिए कल्याण ज्वैलर्स की ओर से खास आभूषण

जयपुर 30 दिसंबर 2020 – साल का आखिरी दौर चल रहा है और इस समय पूरे देश में शादियों की धूम है। होने वाली दुल्हन के रूप में आप निश्चित रूप से अपने लिए सबसे बेहतरीन आभूषण चुनने में व्यस्त होंगी।

दुल्हन के आभूषण क्लासिक और गरिमामयी होने चाहिए जिन्हें पहनने से राजसी अनुभव हो और यह अनुभव सिर्फ शादी वाले दिन नहीं, बल्कि आपके पूरे वैवाहिक जीवन में होते रहना चाहिए। भारत में दुल्हन के ये आभूषण बहुत कीमती समझे जाते हैं और इन्हें बहुत सम्भाल कर रखा जाता है ताकि इन्हें आने वाली पीढ़ी को सौंपा जा सके।

एक दूल्हन अपने आभूषणों की सूची में हर चीज चाहती है और जब वह अपने सुसराल जाती है तो उसके सामान में सबसे महत्वपूर्ण चीज अगर कोई होती है, तो वह उसके आभूषण ही होते हैं।

इस बार यदि आप यह चाहती हैं कि आपके आभूषणों पर पूरी दुनिया की नजर हो तो कल्याण ज्वैलर्स आपके लिए कुछ खास आभूषण लेकर आए हैं-

Listicle:

 

यदि आप फूलों वाली ज्वैलरी पसंद करती हैं तो सोने के ये इयरिंग्स जिनमें खूबसूरत जैमस्टोन लगे हैं, आपके पास जरूर होने चाहिए। इसमें दोनों सिरों पर महंगे लाल स्टोन्स लगे हैं और बीच में है पोल्का स्टोन। ईयरिंग्स का यह सैट हर शादी में अलग ही नजर आने वाला है।

 

भारतीय परिधानों में चूड़ियों का एक खास स्थान है। सोने की शानदार चमक के साथ पोल्की स्टोन्स लगी हुई ये चूडियां बहुत खास हैं। इसकी डिजाइन के केन्द्र में देवी लक्ष्मी हैं और इसीलिए यह चूडियां दूल्हन के श्रंृगार के लिए बेहद खास हैं।

 

अपनी अनूठी और आरामदेह फिटिंग के साथ फूल की आकृति वाली यह एडजस्टेबल सोने की अंगूठी इसके बीच मंे लगे लाल फैंसी जैमस्टोन और चारों तरफ लगी पत्तियों के कारण अलग ही दिख रही है। यह बेहद खूबसूरत स्टाइलिश अंगूठी अपनी सिम्पल डिजाइन के कारण हर किसी को ग्लैमरस बना सकती है!

 

यह गरिमामयी डिजाइन वाला मांग टीका अपनी बनावट में काफी परम्परागत है। इसके बीचों बीच सोने का पेेंडेंट है, जिसके साथ तीन अलग-अलग तरह की चेन हैं। इसमें बीच वाली चेन फूलों और हरे, गुलाबी और सफेद रंग के सेमी प्रिसीयस स्टोन्स से सजी है। मांग टीका के बीच मंे एक लाल रंग का प्रीसियस जैमस्टोन है और सोने की छोटी-छोटी बाॅल्स लटकी हुई हैं। इससे यह मांग टीका दुल्हन के माथे की शान बन रहा है।

 

यह बहुत गहरी डिजाइन वाला आभूषण एक सजावटी व परम्परागत जेवर है। इसमें मोती और सेमी प्रीसियस गुलाबी व लाल जैमस्टोन लगे हैं। इसमें वो स्टोन्स बहुत खास हैं जो चेन और नथ के बीच में लगे हैं। नथ में दिख रही मोती की बूंद जैसी आकृति इसे बहुत ही खास बना रही है और इससे दुल्हन के चेहरे की खूबसूरती कई गुना बढ जाएगी।

 

देवी लक्ष्मी की बहुत गहरी आकृति में हल्के गुलाबी रंग की छटा से इस नेकलेस को अलग ही किस्म की परम्परागत दैवीय छवि मिल रही है। इसमें लगे हीरे की डोम की खूबसूरत आकृति और गुलाबी जेमस्टोन से इस एथनिक आभूषण को अलग ही चमक मिल रही है।

 

जो गरिमा और खूबसूरती से दमकना चाहती हैं, उनके पास यह कई लड़ियों वाला बाॅल नेकपीस होना ही चाहिए। यह अकेला नेकपीस ही दुल्हन की चमक को कई गुना बढ़ा देगा और उसे बहुत विशिष्ट ढंग से प्रस्तुत करेगा।

 

शानदार पीले सोने और हीरों वाला यह शानदार नेकलेस आप जिस भी अवसर पर पहनेंगी, अपने आप को खुद पर मोहित होने से रोक नहंीं पाएंगी। इस पोल्की ज्वैलरी सेट का अनूठ पैटर्न है, जिसमें हीरे और प्रीसियस स्टोन्स लगे हुए हैं और यह किसी की चमक बढ़ा सकता है और वह फूलों की महक की तरह सब तरफ खुशी बिखेर सकता है।

 

दुल्हन के आभूषणों का कोई भी खजाना इस शानदार डायमंड सेट के बिना पूरा नहीं हो सकता और जल्द ही विवाह सूत्र मंे बंधन वाली ज्यादातर होने वाली दुल्हनें हल्के रंग वाले डायमंड सेट को पसंद करती हंै। लाल जैमस्टोन इसके लिए सबसे बेहतरीन पसंद है। यह डायमंड सेट आपके लहंगे या शादी से पहले के मौकों के काॅकटेल गाउन को अलग ही रंगत दे सकता है।

 

Tuesday, December 29, 2020

आँगन संस्था द्वारा चलाये जा रहे भरोसा कार्यक्रम

जयपुर 29 दिसंबर 2020  –कार्यक्रम में सी डी पीं औ महेन्दर अवस्थी, एडवोकेट शक्ति सिंह व् योगेश शर्मा ने इस कुप्रथा पर अपने विचार व्यक्त किये| कार्यक्रम में सी एल जी मेंबर्स, वार्ड 3, 15,21 व् 19 से जितेंदर जैन ,नीतू शुक्ला, हेमलता व् रश्मि सिंह क्रमश शामिल हुए |

कार्यक्रम मैं बोलते हुए थानाधिकारी रघुवीर सिंह ने सभी को बाल विवाह से जुड़े हुए कानून के बारे में बताया व् सभी पुरुष व् महिलाओ से अपील करते हुए सुचना देने के साथ बाल विवाह को समर्थन न देने का भी आग्रह किया|
सी डी पीं औ महेन्दर अवस्थी ने कहा की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ व् आशा वर्कर्स से ऐसी सूचनाएं देने की साथ साथ उन्हें बचिओ से जुडी योजनाओ का लाभ दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे| साथ ही उन्होंने पुलिस की सहयता करने के लिए सभी स्टेकहोल्डरर्स से इस कुप्रथा को रोकने के लिए आगे आने की अपील की| उनके द्वारा भरोसा वालंटियर्स को भी उनके बच्चो की सुरक्षा के प्रति समर्पण की तारीफ करते हुए उन्हें इसी तरह बाल सुरक्षा मैं अपना योगदान देते रहने को कहा|
कार्यक्रम में पहुंचे वार्ड 3 पार्षद जितेंद्रर जैन ने कहा की बाल विवाह रोकथाम के लिए सभी पार्षद एक जुट हैं और हम हमारे कुम्हेर को बाल विवाह मुक्त बनाकर लड़को और लड़कीओ को सरकारी योजना से जोड़ेंगे ताकि उनका भविष्य उज्जवल बन सके|
वकील शक्ति सिंह जी द्वारा भी इस मुहीम को तब तक जारी रखने की बात कही तब तक की हर बच्ची सुरक्षित महसूस न करने लगे| एडवोकेट योगेश द्वारा लोगो को समझाईश दी गयी की जिस उम्र में बच्चों को समझाईश दी जाती हैं, उस उम्र मैं उनका विवाह कर देना किसी पाप से काम नहीं हैं,और ऐसा करना क़ानूनी अपराध भी हैं|
अंत मैं सी डी पीं औ महेन्दर अवस्थी द्वारा कार्यक्रम में मौजूद सभी व्यक्तिओ को शपथ दिलायी गयी और बाल विवाह मुक्त कुम्हेर बनाने के लिए चित्र का लोकार्पण किया गया| कार्यक्रम में आँगन संस्था की ओर से राजकुमारी, गिरीश कुंतल, मानतु, व् अक्षय ओझा मौजूद रहे|

डीबीएस बैंक इंडिया ने लाॅन्च किया ‘ट्रैवल नाउ’

जयपुर 29 दिसंबर 2020  – डीबीएस बैंक इंडिया ने आज ’ट्रैवल नाउ’ को लाॅन्च करने की घोषणा की, जो कि डिजीबैंक ऐप के भीतर वन-स्टॉप ट्रैवल मार्केटप्लेस है। यह नई सुविधा ग्राहकों को भारत के भीतर और बाहर सैकड़ों गंतव्यों में उड़ानें, बस टिकट और होटल ब्राउज करने और बुक करने में सक्षम बनाती है। ग्राहक भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस द्वारा पेश ट्रेवल इंश्योरेंस का विकल्प भी चुन सकते हैं। इसमें उड़ान रद्द होने पर और उड़ान की रवानगी और आगमन में 60 मिनट से अधिक की देरी पर आॅटोमेटेड क्लेम प्रोसेस का पालन किया जाता है।

डिजीबैंक का सहज यूएक्स ग्राहकों की प्राथमिकताओं को याद रखने और एक कस्टमाइज्ड और परेशानी मुक्त अनुभव देने के लिए बनाया गया है। ग्राहक अपने डिजीबैंक खाते का उपयोग करते हुए एक निर्बाध और सुरक्षित वन-क्लिक प्रक्रिया के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं, जिससे कार्ड विवरण दर्ज करने या सहेजने और ओटीपी की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं रहती। वे अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप पेश किए जाने वाले आॅफर्स की एक पूरी रेंज का लाभ भी उठा सकते हैं।

नई सुविधा के बारे मंे जानकारी देते हुए कार्तिक जैन, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर- डिजिटल बैंक, डीबीएस बैंक इंडिया ने कहा, ‘‘हमने यह देखा है कि अपनी यात्रा संबंधी तमाम इंतजाम के लिए ग्राहक अक्सर कई साइटों को नेविगेट करने में महत्वपूर्ण समय व्यतीत करते हैं। इसीलिए हमने उनकी यात्रा संबंधी सभी आवश्यकताओं के लिए और उनकी बुकिंग प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए डिजीबैंक में वन-स्टॉप-शॉप की शुरुआत की है। ट्रैवल नाउ प्रपोजल एक सहज बुकिंग अनुभव प्रदान करता है, जिसमें ऑटोमैटिक क्लेम सॉल्यूशन के साथ पहले से तैयार फ्लाइट कवर, और ग्राहक के डीबीएस खाते से परेशानी मुक्त वन-क्लिक भुगतान की सुविधा शामिल है। यह प्रस्ताव हमारे ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें अभिनव और निर्बाध समाधान प्रदान करने पर हमारे फोकस के अनुरूप है।‘‘

इंश्योरेंस संबंधी प्रस्ताव उड़ान और बस बुकिंग के लिए उपलब्ध हैं, जिन्हें भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ भागीदारी में प्रस्तुत किया जा रहा है। ये ऐसे प्रस्ताव हैं, जिन्हें ग्राहकों को उनकी यात्रा संबंधी मुश्किलों और प्रमुख चुनौतियों से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है। उड़ान में देरी और उड़ान रद्द होने संबंधी जानकारी स्वतः ही पता कर ली जाती है और इसके अनुरूप ग्राहकों को सूचित किया जाता है और साथ ही क्लेम का प्रोसेस भी आॅटोमेटेड रूप में शुरू कर दिया जाता है। दावों की प्रक्रिया एक सरल और टू-क्लिक प्रोसेस है, और राशि सीधे ग्राहकों के खाते में जमा की जाती है। बस बुकिंग के लिए ग्राहक 5 लाख रुपए तक का आकस्मिक मृत्यु कवर और 20 रुपए की कीमत पर (करों को मिलाकर) 1 लाख रुपए तक के आपातकालीन चिकित्सा व्यय का लाभ उठा सकते हैं।

डीबीएस ने 2016 में डिजीबैंक पेश किया था और इसके लॉन्च के बाद से 1 मिलियन बचत खाते खोले हैं। बचत खातों के अलावा, डिजीबैंक अनसिक्योर्ड लोन प्रदान करता है और विभिन्न फंड हाउसों में म्यूचुअल फंड निवेश के लिए पेपरलेस ऑनबोर्डिंग की पेशकश करने वाला पहला बैंक भी है। डीबीएस ट्रेजर्स के माध्यम से डीबीएस सेवाओं और वैल्थ साॅल्यूशंस की एक आकर्षक रेंज भी प्रदान करता है। इनमें विश्व स्तर पर त्वरित खाता खोलने की सेवाएं, एक आॅल-इन-वन डिजिटल बैंकिंग और वैल्थ मैनेजमेंट प्लेटफाॅर्म, रेमिटेंस सर्विसेज और अपने ग्राहकों के लिए 40 से अधिक विशिष्ट सेवाएं और पहले से रचे गए विशेषाधिकार शामिल हैं।

गोदरेज ने भारत को कोविड-19 वैक्‍सीन के लिए तैयार करने हेतु वैक्‍सीन कोल्‍ड चेन को मजबूत बनाया

जयपुर 29 दिसंबर 2020  – भारत में कोविड -19 वैक्सीन स्टोरेज की अविलंब मांग पूरी करने के लिए, गोदरेज के पास वैक्सीन रेफ्रीजिरेटर्स की रेंज मौजूद है, जो 2-8 डिग्री सेल्सियस की सटीक तापमान सीमा पर काम करती है और अब, इसने -20 डिग्री सेल्सियस तक की कूलिंग के साथ एडवांस्ड मेडिकल फ्रीजर भी उपलब्‍ध करा रहा है। यह तापमान सीमा भारत द्वारा मूल्यांकन किए जा रहे कई कोविड 19 टीकों के लिए पूरी तरह से अनुकूल हैं। भारत के लिए मूल्यांकन किए जा रहे वैक्सीन वेरिएंट के 5 फ्रंट रनर्स में से 4 को 2-8 डिग्री सेल्सियस पर रखा जाना आवश्‍यक है(जैसा कि पब्लिक डोमेन में अब तक की जानकारी उपलब्‍ध है), जबकि आउटरीच प्रोग्राम्‍स के लिए आवश्यक डाइल्‍यूएंट्स और फ़्रीजिंग आइस पैक्‍स को -20 डिग्री सेल्सियस पर स्‍टोर किया जाना आवश्‍यक है।

पेटेंटेड श्‍योर चिल टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित, गोदरेज मेडिकल रेफ्रिजरेटर्स बीच-बीच में बिजली की कटौती के बावजूद 2 से 8 डिग्री सेल्सियस की  तापमान सीमा बनाए रखने में सहायक हैं – जो कि इन वैक्‍सीन्‍स के परिरक्षण हेतु आवश्‍यक है। बिजली नहीं रहने पर, यह रेफ्रिजरेटर 43 डिग्री सेल्सियस के वातावरणीय तापमान पर भी 8-12 दिनों तक अपना तापमान बनाए रखने में सक्षम है। जिन क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति नहीं है, इस उपकरण को सौर ऊर्जा पर चलाया जा सकता है और इससे वैक्‍सीन्‍स को समान रूप से प्रभावी तरीके से परिरक्षित किया जा सकता है। दूसरी ओर, डी-कूल टेक्नोलॉजी वाले गोदरेज डीप फ्रीजर्स में डी-आकार के कॉपर रेफ्रिजरेटिंग ट्यूब्‍स का उपयोग किया गया है, ताकि त्‍वरित रूप से एकसमान कूलिंग हो सके। इसमें उच्च प्रशीतन क्षमता-युक्‍त 5-साइड कूलिंग के लिए पेंटा कूल टेक्नोलॉजी का भी इस्‍तेमाल किया गया है। ये तकनीकें -20 डिग्री सेल्सियस तक की प्रेसिजन कूलिंग करने और इसे 3-4 घंटे तक बनाये रखने में सहायक हैं। उपयोग की प्रकृति को देखते हुए, प्रेसिजन कूलिंग और इसे एक समय तक बनाये रखना दोनों महत्वपूर्ण रूप से आवश्यक है। कठिन स्थितियों के लिए मजबूत उपकरणों के निर्माण में वर्षों की दक्षता व अनुभव के चलते, हमारे मेडिकल रेफ्रिजरेटर 130 वोल्‍ट पर भी चल सकते हैं – जो कि इसे देश भर में लगाये जाने के लिए अतिरिक्‍त रूप से उपयुक्‍त बनाता है। गोदरेज मेडिकल रेफ्रिजरेटर भारत में बने हैं और इनमें इको-फ्रेंड्ली (सीएफसी, एचएफसी और एचसीएफसी मुक्त) R600A और दुनिया के सबसे ग्रीन R290 रेफ्रिजरेंट का उपयोग किया गया है, जो गोदरेज के पर्यावरण-पोषक मूल्य के अनुरूप अधिकतम ऊर्जा-दक्षता प्रदान करते हैं।

गोदरेज को केंद्र सरकार, विभिन्न राज्य सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय सहायता निकायों से कोविड -19 वैक्सीन के स्‍टोरेज के लिए लगभग 150 करोड़ रु. मूल्‍य के कई ऑर्डर मिल चुके हैं। अब इसे उन सरकारी उपक्रमों से भी इन्‍क्‍वायरीज प्राप्‍त हो रही हैं जो इस प्रतिरक्षण प्रयास में सहायता कर रहे हैं। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, गोदरेज अप्लायंसेज ने मेडिकल रेफ्रिजरेटर उत्‍पादन क्षमता को 10,000 यूनिट्स से बढ़ाकर 35,000 यूनिट्स सालाना की जा चुकी है।

गोदरेज एंड बॉयस, अपनी ऑफरिंग्‍स – चाहे मेडिकल कंपोनेंट्स हों जैसे कि हॉस्पिटल बेड एक्‍चुएटर्स एवं वेंटिलेटर्स के लिए इलेक्‍ट्रो-मैग्‍नेटिक वॉल्‍व्‍स हो, लोगों को घर पर सुरक्षित रखने हेतु डिसइंफेक्‍टेंट उपकरण हो, चाहे कार्य-स्‍थल पर लोगों को सुरक्षित रखने हेतु शारीरिक दूरी बनाये रखने वाले कार्यालयों की स्‍थापना हो, के माध्‍यम से अपने प्रयासों के जरिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण महामारी काल में राष्‍ट्र की सेवा करने के प्रति संकल्पित है; और इसे सर्वाधिक जरूरत के समय में मेड इन इंडिया मेडिकल रेफ्रिजरेटर्स और फ्रीजर्स के साथ देश की सेवा करने पर गर्व है।

इन प्रगतियों के बारे में टिप्पणी करते हुए, श्री कमल नंदीबिजनेस हेड और कार्यकारी उपाध्यक्षगोदरेज ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में, गोदरेज उपकरणों ने प्रशीतन (रेफ्रिजरेशन) में अपनी विशेषज्ञता हासिल की है और इसे चिकित्सा प्रशीतन (मेडिकल रेफ्रिजरेशन) क्षेत्र में आगे बढ़ाया है। हमें गर्व है कि यह विशेषज्ञता आज के समय में उपयोगी साबित हो रही है जब देश को एक मजबूत वैक्सीन कोल्ड चेन की आवश्यकता है और इस कारण हमें इस हेतु योगदान करने में सक्षम होने की खुशी है। हमारे मेडिकल रेफ्रिजरेटर और हमारे मेडिकल फ्रीजर, क्रमशः 2°C- 8°C और -20°C का सटीक शीतलन तापमान प्रदान करते हैं, जो कि इस समय भारत द्वारा मूल्यांकन किए जा रहे टीकों के लिए आवश्यक है। हम भारत के लिए कोविड -19 वैक्सीन को तैयार करने के लिए अन्य संभावित चुनौतियों को अच्छी तरह से हल करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य सेवा कोल्ड चेन को मजबूत करने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ सहयोग कर रहे हैं।”

 श्री जयशंकर नटराजनएसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट और हेड – न्यू बिज़नेस डेवलपमेंटगोदरेज अप्लायंसेज ने आगे बताया, “भारत में लाये जा रहे कोविड -19 वैक्सीन्‍स तापमान-संवेदी हैं और इनके असरदार बने रहने के लिए एक विशिष्ट तापमान सीमा पर स्टोर किया जाना आवश्यक है। हमारे मेडिकल रेफ्रिजरेटर्स को बिजली की कटौती के बावजूद इस तरह के सटीक शीतलन प्रदान करने हेतु डिज़ाइन किया गया है, और ये कठोर अंतर्राष्‍ट्रीय डब्‍ल्‍यूएचओ पीक्‍यूएस प्रमाणन मानक के अनुरूप हैं। देश में व्यापक सर्विस नेटवर्क के साथ कूलिंग इंडस्‍ट्री में 62 साल से हमारी मौजूदगी, हमें इस महत्वपूर्ण, त्वरित और विश्वसनीय सेवा प्रदान करने में सक्षम बनाता है। वर्तमान में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, हमने इन विशेष उत्पादों की उत्पादन क्षमता में 250 प्रतिशत की वृद्धि की है। सरकार और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ, हम सुदूरतम क्षेत्रों तक कोविड -19 वैक्सीन प्रतिरक्षण उपलब्‍ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि लाखों लोगों की जिंदगियां बचायी जा सके।”

एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के बीच रणनीतिक साझेदारी की घोषणा

जयपुर 29 दिसंबर 2020  – अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक और देश के सबसे बड़े स्मॉल फाइनेंस बैंकों में से एक एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (एयू बैंक) ने आज शीर्ष निजी जीवन बीमा कंपनियों में में से एक आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की। यह साझेदारी लोगों को उनकी जरूरत और लक्ष्य-आधारित जीवन बीमा समाधान पेश करने के लिहाज से की गई है।

एयू बैंक तेजी से पूरे देश में अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। दो प्रमुख कंपनियों के बीच यह टाई-अप आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ द्वारा पेश किए गए एक तेज रफ्तार, त्वरित, डिजिटल और पेपरलेस प्लेटफॉर्म के साथ अपने जीवन बीमा की पेशकश को और समृद्ध करेगा। इस कॉरपोरेट एजेंसी की व्यवस्था के माध्यम से, 13 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 700 से अधिक बैंकिंग टचपॉइंट्स पर एयू बैंक के 18 लाख से अधिक ग्राहक आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ के ग्राहक-केंद्रित सुरक्षा और दीर्घकालिक बचत प्रोडक्ट्स की पूरी रेंज तक आसानी से पहुंच बना पाएंगे। ये उत्पाद ग्राहकों को स्वयं और उनके परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने और उन्हें अपने वित्तीय लक्ष्य हासिल करने में मदद करने में सक्षम बनाएंगे।

एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री उत्तम टिबरेवाल ने इस अवसर पर कहा, ‘‘एयू बैंक ने हमेशा ग्राहकों को केंद्र मंे रखते हुए काम किया है। वित्तीय सेवाओं और ग्राहकों को मूल्यवान प्रस्ताव देने के हमारे आॅफर्स का विस्तार करते हुए हम एक अतिरिक्त जीवन बीमा भागीदार के साथ जुड़ना चाहते थे, ताकि हम अपने ग्राहकों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा की योजना बनाने में मदद कर सकें। इस तरह हम अपने उत्पादों और सेवाओं की मौजूदा रेंज को और व्यापक बनाने में कामयाब हो सकेंगे। इसी सिलसिले में हम अपने महत्वपूर्ण बीमा भागीदार के रूप में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस का स्वागत करते हैं। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का मानना है कि हमें अपने ग्राहकों की जरूरतों को समझने और उन्हें उनकी जरूरत के मुताबिक समाधान प्रदान करने और सहज सेवाएं उपलब्ध कराने की क्षमता और अनुभव है। मुझे यकीन है, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के ग्राहक-अनुकूल उत्पाद, हमारी व्यापक मौजूदगी और मजबूत तकनीकी क्षमताओं के साथ मिलकर हम बीमा संबंधी प्रोडक्ट्स की पैठ बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। निश्चित तौर पर दोनों कंपनियां मिलकर लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए करेंगी।‘‘

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के चीफ डिस्ट्रीब्यूशन आॅफिसर श्री अमित पलटा ने कहा, ‘‘हम देश के सबसे भरोसेमंद स्मॉल फाइनेंस बैंकों में से एक एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ साझेदारी करते हुए खुशी का अनुभव कर रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म का एकीकरण ग्राहकों को एक सहज, त्वरित और सही अर्थों में पेपरलेस अनुभव प्रदान करेगा। हमारा मानना है कि पारस्परिक रूप से लाभकारी इस साझेदारी के माध्यम से एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक अपने ग्राहकों के लिए ऐसे साॅल्यूशन प्रस्तुत कर सकेगा, जो उनके लिए वित्तीय बचत के साथ-साथ जोखिम को कम करने में भी सहायक साबित होंगे। साथ ही, यह हमें देश के अर्ध-शहरी और ग्रामीण भौगोलिक क्षेत्रों में हमारे मल्टी-चनल वितरण नेटवर्क को और मजबूत करने में सक्षम करेगा। जैसा कि हम सब जानते हैं, स्मॉल फाइनेंस बैंक वित्तीय समावेशन और जीवन बीमा के प्रवेश को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।‘‘

इस साझेदारी के बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, दिल्ली एनसीआर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गोवा, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेशों चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर में स्थित एयू बैंक के ग्राहक बेहतर वित्तीय योजना बनाकर अपने परिजनों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम होंगे। 

यूटीआई वैल्यू अपोर्चुनिटी फंड – एक फंड जो विभिन्न मार्केट कैप में अवसरों की तलाश करता है

जयपुर 29 दिसंबर 2020  – निवेशकों को अक्सर वित्तीय विशेषज्ञ यही सलाह देते हैं कि उन्हें निवेश के लिए ऐसे फंड्स को चुनना चाहिए, जो बाजारों के निकट पूर्ण स्पेक्ट्रम को कैप्चर करते हैं, दूसरे शब्दों में अच्छी तरह से विविध फंड। एक तरीका तो यह है कि आप बिग कैप फंड की तरफ बढ़ने लगते हैं, क्योंकि वे बाजार पूंजीकरण के लगभग 80-85 फीसदी को किसी न किसी रूप में कवर करते हैं। हालांकि, भले ही बड़ी पूंजी वाले फंड व्यापक बाजार/सूचकांक का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन निवेशकों को यह समझना चाहिए कि ये फंड हमेशा स्पेक्ट्रम के अवसरों को प्रतिबिंबित या कैप्चर नहीं करते हैं। इस स्पेक्ट्रम में विभिन्न बाजार पूंजीकरण, विभिन्न निवेश दृष्टिकोण (विकास बनाम मूल्य) या यहां तक कि समग्र बाजारों के कुछ हिस्सों में चक्रीयता के अवसर भी शामिल हो सकते हैं। यह विसंगति या बदली बाजार गतिशीलता फंड मैनेजर्स के लिए चुनौती खड़ी करती है कि वह पूंजीकरण स्पेक्ट्रम और निवेश शैलियों में अद्वितीय अवसरों के एक व्यापक क्षेत्र की पहचान तो करे ही, साथ ही यह भी ध्यान रखे कि संबंधित पोर्टफोलियो का जोखिम भी कम हो।

यूटीआई वैल्यू अपोर्चुनिटी फंड इस तरह के फंड में से एक है जो किसी दिए गए स्टॉक के सापेक्ष आंतरिक मूल्य के संदर्भ में व्यक्त होने वाले अवसरों की तलाश करता है, जिसका अर्थ है निवेश की ‘वैल्यू शैली, बाजार पूंजीकरण स्पेक्ट्रम में जिसे हम मल्टी-कैप फंड कहते हैं। जहां ‘वैल्यू’ का तात्पर्य अपने आंतरिक मूल्य से कम के लिए खरीद है। आंतरिक मूल्य केवल नकदी प्रवाह का वर्तमान मूल्य है जो कंपनी अपने शेयरधारकों के लिए समय-समय पर उत्पन्न करती है। अविकसित व्यवसाय स्पेक्ट्रम के दोनों छोर पर पाए जा सकते हैं। एक छोर पर बाजार प्रतिस्पर्धी फायदे की स्थिरता और ध्या कंपनी के लिए ग्रोथ रनवे की लंबाई की सराहना की जा सकती है। ये कंपनियां आवृत्ति और प्रतिवर्तन के मायने बहुत अच्छी तरह समझती हैं। स्पेक्ट्रम के दूसरे छोर पर ऐसी कंपनियां हैं जो चक्रीय कारकों, माहौल में बदलाव या अपने पिछले कार्यों के कारण चुनौतियों का सामना कर रही हैं। लेकिन यदि मूल व्यवसाय स्वस्थ है और बेहतर भविष्य का मार्ग (नकद प्रवाह, रिटर्न अनुपात) दिखाई देता है तो उनके निराशाजनक मूल्यांकन एक आकर्षक प्रवेश बिंदु प्रदान करते हैं। दोनों मामलों में अवसर उम्मीदों के सापेक्ष कुछ सस्ता खरीदा जा सकता है। यूटीआई वैल्यू अपाच्र्युनिटीज फंड उन कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करता है जिनके पास उच्च आंतरिक मूल्य है और समय के साथ नकदी प्रवाह उत्पन्न करने की क्षमता है।

यूटीआई वैल्यू अपोर्चुनिटी फंड को वर्ष 2005 में लॉन्च किया गया था। फंड में 30 नवंबर, 2020 तक 4.7 लाख से अधिक यूनिट धारकों के साथ ₹4,930 करोड़ से अधिक का एयूएम है। फंड में मार्केट कैप स्पेक्ट्रम में खुद को अधिक सक्रिय रूप से स्थापित करने का लचीलापन है। हालांकि, पोर्टफोलियो का झुकाव लार्ज कैप की तरफ है लेकिन वैल्यूएशन डिफरेंस के आधार पर मिड कैप एक्सपोजर अधिक व्यापक रूप से भिन्न हो सकता है। 30 नवंबर, 2020 तक फंड में लगभग 70 फीसदी निवेश लार्ज कैप में किया गया है, जबकि शेष हिस्सा मिड एंड स्मॉल कैप्स में निवेश हुआ है। इस स्कीम की शीर्ष होल्डिंग्स में एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, इन्फोसिस लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, एक्सिस बैंक लिमिटेड, भारती एयरटेल लिमिटेड, आईटीसी लिमिटेड, एस्काॅटर््स लिमिटेड, आयशर मोटर्स लिमिटेड, टाटा स्टील लिमिटेड और स्टेट बैंक आॅफ इंडिया है, जो पोर्टफोलियो के कॉर्पस में 48 फीसदी का हिस्सा रखते हैं।

यूटीआई वैल्यू अर्पाच्युनिटी फंड उन इक्विटी निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो अपना इक्विटी पोर्टफोलियो बनाने और लंबी अवधि वाली पूंजीगत वृद्धि की तलाश में हैं। वहीं, यह बाजार की स्थितियों के लिए मध्यम से लंबी अवधि के लिए उचित रिटर्न की तलाश में रहने वाले मध्यम जोखिम रखने वाले निवेशकों के लिए भी यह फंड उपयुक्त है।

 
 

राजस्थान में नकली टाटा वायरॉन तार जब्त

जयपुर 29 दिसंबर 2020  – अपने ब्रांड और परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए जारी प्रयास के तहत टाटा स्टील ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से राजस्थान के भरतपुर में स्थित गर्ग स्टील इंडस्ट्रीज पर संयुक्त रूप से छापेमारी की और अवैध तरीके से बेचे जा रहे नकली टाटा वायरॉन के कंटीले तारों को जब्त कर लिया। यह छापेमारी 24 दिसंबर, 2020 को की गई थी, जिसमें पुलिस ने छापे के दौरान नकली उत्पाद के 945 बंडल जब्त किए। जब्त किए गए उत्पादों की अनुमानित कीमत 30 लाख रुपये है। इसके अलावा, गर्ग स्टील के परिसर से नकली उत्पाद  बनाने के लिए इस्तेमाल की जारी रही मशीन भी बरामद गयी है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।

इस मामले में आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति का वितरण), 485 (संपत्ति चिह्न का नकल करने के लिए किसी प्रकार उपकरण का निर्माण करना या रखना), 486 (नकली संपत्ति चिह्न के साथ अंकित माल बेचना, 120-बी (आपराधिक षड़यंत्र) और कॉपी राइट एक्ट की धारा 63 व 65 और ट्रेड मार्क एक्ट की धारा 103, 104 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

टाटा वायरॉन के कंटीले तारों (बारब्ड वायर) की विशेष पैकेजिंग होती है, जो केवल हमारे चैनल पार्टनरों द्वारा बेचे जाने के लिए अधिकृत होती है। यह जानकारी मिली है कि उपर्युक्त व्यापार के मालिक असली प्लेन टाटा वायरॉन तारों को स्थानीय तारों के साथ मिला कर टाटा वायरॉन फेंसिंग वायर के पैकेज में नकली कंटीले तार (बारब्ड वायर) बेच रहे थे। टाटा स्टील उत्पाद के रूप में दोयम दर्जे की सामग्री बेचने से उपभोक्ता भी उतने ही प्रभावित होते हैं, जितना कि यह टाटा स्टील ब्रांड नाम को प्रभावित करता है।

टाटा स्टील के उत्पादों में उत्पाद-गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं के मन में बड़ा विश्वास है। तार उत्पादों पर टाटा नाम का ऐसा अनधिकृत उपयोग, जो टाटा स्टील उत्पादों की गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं करता है, कंपनी की प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है। टाटा स्टील अपने ट्रेडमार्क व ’लोगो’ के दुरुपयोग और हमारी पूर्व अनुमति के बिना टाटा स्टील तथा टाटा संस के ट्रेडमार्क व ’लोगो’ के उपयोग की कड़ी निंदा करता है। हमारी ब्रांड प्रतिष्ठा और विश्वास की रक्षा करने के लिए कंपनी की ब्रांड प्रोटेक्शन टीम उन प्रतिष्ठानों के खिलाफ निरंतर निगरानी और कार्रवाई करती है, जो जालसाजी समेत हमारे बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं।

टाटा स्टील ऐसी किसी भी गैरकानूनी गतिविधियों पर निगरानी और इनके खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी, जो हमारी संपत्ति और हमारे ब्रांड को प्रभावित कर रहे हैं।

टीपी रिन्‍यूएबल माइक्रोग्रिड ने बिहार में अपने पहले 5 किलोवाट के बायो-गैस उत्‍पादक संयंत्र का उद्घाटन किया

जयपुर 29 दिसंबर 2020 : टीपी रिन्‍यूएबल माइक्रोग्रिड (टीपीआरएमजी), जो टाटा पावर की पूर्ण स्‍वामित्‍व वाला अनुषंगी है, ने आज घोषणा की कि यह बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कमलपुरा (बसैठा) गांव स्थित अपने पहले 5-किलोवाट बायो-गैस उत्‍पादक संयंत्र का उद्घाटन किया। इस प्‍लांट का परिचालन ‘राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस’ अर्थात् 14 दिसंबर, 2020 को शुरू हुआ।

 टीपीआरएमजी ने ग्रासरूट्स एनर्जी के साथ मिलकर इस संयंत्र का निर्माण किया। इस संयंत्र में गोबर का उपयोग किया जाता है, जिसे आसपास के गांवों से खरीदा जाता है और फिर, इसे बायो-डाइजेस्‍टर से प्रोसेस किया जाता है, जिससे मिथैन गैस पैदा होती है। तत्पश्चात, इस गैस का उपयोग विशेष प्रकार से डिजाइन किये गये 5 किलोवाट के जेनरेटर को चलाने के लिए किया जाता है, जिससे बिजली पैदा की जाती है और इस बिजली का उपयोग पास के 30 किलोवाट के माइक्रोग्रिड जेनरेटिंग स्‍टेशन को चलाने के लिए किया जाता है। दिलचस्‍प बात यह है कि इस बायो-गैस संयंत्र के अपशिष्‍ट पदार्थ का उपयोग करके किसानों के लिए जैविक खाद तैयार किया जाता है।

इस अवसर पर, टाटा पावर के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी व प्रबंध निदेशक, श्री प्रवीर सिन्‍हा ने कहा, ”यह हमारे लिए गौरव का पल है कि हम भारत की सबसे अग्रणी रिन्‍यूएबल एनर्जी कंपनी बनने के हमारे उद्देश्‍य को हासिल करने की दिशा में रचनात्‍मक तरीके से आगे बढ़ रहे हैं और राष्‍ट्र को इसकी हरित ऊर्जा के लक्ष्‍यों को हासिल करने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।  हम इस प्रोजेक्‍ट को रिकॉर्ड समय में पूरा करने और राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर इस संयंत्र का परिचालन शुरू कर पाने के लिए हमारी टीम को बधाई देते हैं।”

 टीपी रिन्‍यूएबल माइक्रोग्रिड के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी, श्री मनोज गुप्‍ता ने कहा, ”यह हमारे लिए एक महत्‍वपूर्ण उपलब्धि है। हमें हमारे पहले बायो-गैस संयंत्र के लिए ग्रासरूट एनर्जी के साथ सहयोग करने पर गर्व है। किफायती तरीके से परिशुद्ध गैस पैदा करने हेतु इस कम लागत वाले एवं कम ऊर्जा-खपत वाली तकनीक के साथ, हम वर्तमान में अपरंपरागत ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करने वाले विविध बाजार खंडों को सेवा प्रदान करेंगे। हम उन्‍हें बिना उनका प्रदर्शन कम किये निम्‍न लागत वाले बायो-गैस चालित बिजली का उपयोग करने में उन्‍हें सक्षम बनायेंगे।”

 गांव के प्रधान, भू-स्‍वामी, ग्रासरूट एनर्जी टीम एवं टीपीआरएमजी की टीम की मौजूदगी में इस बायो-गैस संयंत्र का उद्घाटन किया गया।

टीपीआरएमजी का अब जोर भारत के ग्रामीण क्षेत्र में अपने बायो सीएनजी संयंत्र तैयार एवं शुरू करने पर है।

Monday, December 28, 2020

रिटेल ग्राहकों के लिए पेपरलेस प्रक्रिया के उद्देश्य से बैंक ऑफ बड़ौदा ने लॉन्च किया डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म

जयपुर 28 दिसंबर 2020 – देश में सार्वजनिक क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा ने डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस प्लेटफाॅर्म के माध्यम से रिटेल लोन लेने वाले संभावित ग्राहकों को उनके स्थान पर और उनके पसंद के समय पर पेपरलेस प्रक्रिया के माध्यम से डिजिटल रूप से ऋण प्राप्त करने की सुविधा प्रदान की जाएगी।

मौजूदा चयनित ग्राहकों को पूर्व-स्वीकृत माइक्रो पर्सनल लोन का आॅफर दिया गया है, ताकि वे ऑफलाइन/ऑनलाइन पार्टनर चैनलों के माध्यम से कुछ भी खरीदारी कर सकें और बाद में आसान ईएमआई में भुगतान कर सकें। ग्राहक अपने बचत बैंक खाते में इस राशि का लाभ उठा सकते हैं और बाद में बैंक की मोबाइल बैंकिंग ऐप m-Connect+ के माध्यम से इसे 60 सेकंड में 3 से 18 महीने तक की ईएमआई में बदल सकते हैं।

बैंक आॅफ बड़ौदा के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री विक्रमादित्य सिंह खिची ने कहा, ‘‘इस प्लेटफाॅर्म का मकसद ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है और डिजिटलीकरण के माध्यम से ऋण देने के बैंक के व्यवसाय को बढ़ाना है। बैंक ने हाई परफाॅर्मेंस वाले, अनूठे माहौल का निर्माण करके खुद को आंतरिक रूप से डिजिटल करने का प्रयास किया है, जिससे बैंक को अपने उत्पादों के लिए समय में कमी करने की सुविधा मिली है। रिटेल, एमएसएमई और कृषि क्षेत्रों में डिजिटल फस्र्ट लेंडिंग एप्रोच को अपनाते हुए बैंक अगले 5 वर्षों में 16 प्रतिशत की सीएजीआर से बैंकिंग उद्योग की वृद्धि को 1.50 गुना बढ़ाने की परिकल्पना करता है।‘‘

इसके अलावा, डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म किसी भी प्रकार के दखल के बिना 30 मिनट में होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन के लिए इन प्रिंसिपल अप्रूवल ’प्रदान करता है। डिजिटल ऋण प्रक्रिया को ऋण आवेदक की वित्तीय प्रोफाइल के विभिन्न स्रोतों से पूरा किया जाता है और आवेदक को 4 सरल चरणों में ‘इन प्रिंसिपल अप्रूवल‘ मिलेगा। संभावित आवेदक कई डिजिटल चैनलों – वेबसाइट, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

बैंक डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से ‘आॅनलाइन लोन अंगेस्ट फिक्स्ड डिपॉजिट्स‘ की सुविधा भी प्रदान करेगा। इस सुविधा के माध्यम से बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट ग्राहक मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग के माध्यम से अपनी ऑनलाइन एफडी के आधार पर तुरंत ऋण प्राप्त कर सकता है।

डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म के लॉन्च के साथ, बैंक का मानना है कि व्यक्तिगत ऋण वितरण को सबसे पहले डिजिटल किया जाए और इसके बाद एमएसएमई और एग्रीकल्चर डिस्बर्समेंट्स को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया जाएगा। बैंक ने अनुमान लगाया है कि खुदरा ऋण संवितरण में डिजिटल हिस्सा 5 वर्षों में बढ़कर 74 प्रतिशत हो जाएगा।

बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ जनरल मैनेजर डॉ रामजस यादव ने कहा, ‘‘हम अपनी डिजिटल यात्रा में तेजी लाने और बैंक को पूरी तरह से डिजिटल संगठन में बदलने के लिए निवेश और इनोवेशन जारी रखना चाहते हैं। डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म 2025 तक नाॅन-कॉर्पोरेट बुक को दोगुना करने में बैंक की मदद करेगा।‘‘

बैंक आॅफ बड़ौदा के हैड- फिनटेक, मोबिलिटी एंड डिजिटल लेंडिंग डिपार्टमेंट श्री अखिल हांडा ने कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य मौजूदा ऑपरेटिंग मॉडल को ‘डिजिटल फस्र्ट’ मॉडल के साथ रिप्लेस करना है और इसे हासिल करने के लिए, हम तेजी से नए उत्पादों को लॉन्च करेंगे। इस तरह हम अपने तेजी से बढ़ते डिजिटल ग्राहकों को और बेहतर सेवाएं दे पाएंगे।‘‘

बैंक ऑफ बड़ौदा के बारे में

20 जुलाई, 1908 को स्थापित बैंक ऑफ बड़ौदा (‘‘बैंक‘‘) सरकारी स्वामित्व वाला बैंकिंग और वित्तीय सेवा संगठन है, जिसका मुख्यालय वड़ोदरा (जिसे पहले बड़ौदा के नाम से जाना जाता था), भारत में है।

बैंक ऑफ बड़ौदा भारत का तीसरा सबसे बड़ा बैंक है, जिसकी देशभर में एक मजबूत घरेलू उपस्थिति है। बैंक के वितरण नेटवर्क में 8,200 से अधिक शाखाएं, 10,000 से अधिक एटीएम और 1,200 से अधिक सेल्फ-सर्विस ई-लॉबी शामिल हैं। 21 देशों में फैले 100 शाखाओं/सहायक कार्यालयों के नेटवर्क के साथ बैंक की एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति है। बैंक के पास पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां हैं, जिनमें बाॅब फाइनेंशियल सॉल्यूशंस लिमिटेड (पूर्ववर्ती बाॅब कार्ड्स लिमिटेड), बाॅब कैपिटल मार्केट्स और बाॅब एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड शामिल हैं। बीमा क्षेत्र में भी बैंक ऑफ बड़ौदा का संयुक्त उद्यम- इंडिया फस्र्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी है। नैनीताल बैंक में बैंक आॅफ बड़ौदा का 98.57 प्रतिशत हिस्सा है। बैंक ने तीन क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों अर्थात बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, बड़ौदा राजस्थान ग्रामीण बैंक और बड़ौदा गुजरात ग्रामीण बैंक को भी प्रायोजित किया है।

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