Monday, October 7, 2019

50 दिन में ही निपटा रहे केस; मोबाइल पर मिलती तारीख, 87 फीसदी मामले सुलझाए जा चुके

प्रदेश में बीमा लोकपाल निवेशकों के हितों के लिए प्रभावी साबित हो रहा है। कई बार पॉलिसीधारक की मौत के बाद बीमा कंपनियां क्लेम का भुगतान करने में आनाकानी करती हैं। बीमा कंपनी के कार्यालय में लिखित शिकायत करने के बावजूद आपकी समस्या का निदान नहीं हो रहा है, तो ऐसे में बीमा लोकपाल न्याय दिलाने में मददगार साबित हो रहा है। 



इस साल अब तक 87 फीसदी प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है। संबंधित लोगों को मोबाइल पर ही तारीख का नोटिस जारी कर दिया जाता है। बीमा लोकपाल में वर्ष 2019-20 मे अब तक 538 मामलें आ चुके है जिनमें 467 केसों का निस्तारण कर दिया गया है। बाकी 71 केस 15 सितम्बर से दर्ज हुए है। इन 71 केसों में से 24 केसों कि सुनवाई आगामी 9 से 11 अक्टूबर को हो जाएगी। एक अनुमान के अनुसार प्रदेश में औसतन महज 50 दिन में केस का निस्तारण रहा है।


पूर्व सरपंच के मृत्यु भोज में दूषित भोजन खाने से 72 लोगों को उल्टी-दस्त

बांदीकुई स्थित फूलेला की माली ढाणी में पूर्व सरपंच रामलाल सैनी के मृत्यु भोज में जीमने से शुक्रवार रात 72 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। रात को ही मौके पर पहुंची मेड़िकल टीम ने टेंट के नीचे ही लोगों को उपचार किया। गंभीर रूप से बीमार लोगों काे बांदीकुई अस्पताल में भर्ती करवाया गया।


पुलिस ने बताया कि जीमने के बाद लोगों को उल्टी व दस्त शुरू हो गया। कुछ को पेट दर्द की शिकायत भी हुई। लोग इतनी संख्या में बीमार हो गए कि जगह कम पड़ गई। इस पर उनका जमीन पर लिटाकर उपचार किया गया। बीसीएमएचओ डॉ आरपी मीणा ने बताया कि मृत्यु भोज में सब्जी व पूरी के साथ दाल की चांदी व लड्डू बनाए गए थे। संभवत: चांदी दूषित होने से ही लोग बीमार हुए है। लड्डू व पानी का सैंपल लिया गया। है। चांदी खत्म हो चुकी थी। जांच की जा रही है।



हाईटेंशन लाइन में करंट से एक व्यक्ति की मौत व दो झुलसे, भाजपा विधायक की अगुवाई में धरना प्रदर्शन

शहर के शिप्रापथ थाना क्षेत्र में त्रिवेणी नगर में स्थित सीताराम नगर बस्ती में शनिवार देर रात को हाईटेंशन लाइन के करंट से चिपककर परिवार के मुखिया सहित उसकी पत्नी, बेटा व बेटी भी बुरी तरह झुलस गए। इन चारों को दुर्गापुरा के समीप जयपुरिया सेटेलाइट अस्पताल पहुंचाया गया। जहां गंभीर रूप से झुलसे रतनलाल बैरवा (45) की मौत हो गई।


रविवार को शव का पोस्टमार्टम होना था। इससे पहले ही मृतक रतनलाल के परिजनों का कहना था कि हॉस्पिटल स्टॉफ ने जबरन छुट्‌टी दे दी। इससे आक्रोशित परिजनों ने हंगामा कर दिया। घटना का पता चलने पर सांगानेर से भाजपा विधायक अशोक लाहोटी, शहर अध्यक्ष और पूर्व विधायक मोहनलाल गुप्ता अपने समर्थकों के साथ दोपहर करीब 12 बजे जयपुरिया हॉस्पिटल पहुंच गए।


वे रतनलाल के परिवार को पांच लाख रूपए का आर्थिक मुआवजा देने, घायलों को नि:शुल्क उपचार व एक लाख का आर्थिक सहायता तथा कच्ची बस्ती में घरों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। वहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी प्रदर्शन शुरू हो गया।


वहीं, मृतक रामरतन के भाई व भतीजे सहित अन्य परिजनों ने मांगे नहीं मानने तक शव को लेने से इंकार कर दिया। करीब चार घंटे चले धरना प्रदर्शन के दौरान मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। इसी बीच कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा और इसके बाद सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज भी हॉस्पिटल पहुंचे। जहां दोनों नेताओं के समर्थक आपस में उलझ गए।



सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिए शहर में 13 को निकलेगी महर्षि वाल्मीकि की शोभायात्रा

आमजन में सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिए 13 अक्टूबर को शहर में महर्षि वाल्मीकि की शोभायात्रा निकाली जाएगी। गोविन्ददेवजी मन्दिर के मानस गोस्वामी और हिन्दु जागरण मंच के प्रमुख मुरली मनोहर व यात्रा संयोजक मनोज शर्मा के द्वारा कार्यकम की तैयारियों व सफल आयाेजन के लिए शोभायात्रा समिति के मुख्य कार्यालय का उद्घाटन गणगौरी बाजार स्थित भाजपा के पूर्व मंत्री भंवरलाल शर्मा के निवास पर किया गया।


जिसमें महर्षि वाल्मीकि जी के चित्र पर पूजा-अर्चना व दीप प्रज्वलित किया गया। यात्रा संयोजक मनोज शर्मा ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पवित्र ग्रन्थ रामायण के रचियता महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती 13 अक्टूबर 2019 जयपुर में मनायी जायेगी। इसी दिन महर्षि वाल्मीकि जी का जन्म हुआ था।


उन्होंने महा ग्रन्थ रामायण की रचना की जिसने मर्यादा, सत्य, प्रेम, भातृत्व, मित्रत्व एवम सेवक के धर्म की परिभाषा सिखाई। वाल्मीकि के जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिलता है, उन्होंने अपने जीवन की एक घटना से प्रेरित होकर अपना जीवन पथ बदल दिया, जिसके फलस्वरूप वे हिन्दुओं के आदि काव्य रामायण के रचयिता के रूप में प्रसिद्ध हुए।


महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती पर विशाल शोभयात्रा रविवार,13 अक्टूबर 2019 को पौण्ड्रिक उद्यान से प्रारम्भ होकर छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता, बापू बाजार, जौहरी बाजार व बड़ी चौपड़ होकर वाल्मीकि भवन पहुंचेगी। इस अवसर पर दिनेश जैदिया अध्यक्ष, लालू वाल्मीकि कोषाध्यक्ष, फूलचंद चावरिया, तथा सर्वसमाज के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।


अंतराज्यीय गैंग ने दिया था पूर्व प्रधान के घर डकैती की वारदात को अंजाम

जिले में भुसावर थाना इलाके में पथैना के पूर्व प्रधान के घर में हुई डकैती की वारदात का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक भरतपुर हैदर अली ने बताया कि गिरफ्तार सोनू कुमार सैन निवासी राधा नगर, थाना सेवर है। वह कुख्यात अपराधी विनोद जाट निवासी पथैना की अंतराज्यीय गैंग का सदस्य है। 


एसपी ने बताया कि गत 23 सितम्बर को पथैना के पूर्व प्रधान भूपेन्द्र सिंह जाट के घर में देर रात 6-7 नकाबपोश बदमाशों द्वारा मकान का दरवाजा तोड़कर उनकी कनपटी पर हथियार लगा दिया। इसके बाद कमरे में रखे लाईसेंसी दो बंदूक व एक रिवाल्वर लूटकर भाग निकले थे। तब भूपेंद्र जाट ने भुसावर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया।


घटना के बाद एसपी हैदर अली जैदी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडीएफ) भरतपुर सुरेश कुमार खींची के नेतृत्व में वृताधिकारी भुसावर ओमप्रकाश मीना, थानाधिकारी भुसावर की एक टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने डकैतों की तलाश में खेड़ली, महुआ, जयपुर, अलीगढ, मथुरा, भरतपुर में दबिश दी गई। इसी बीच मुखबिर की सूचना पर रविवार को आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर लिया। 


एसपी जैदी के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि इस वारदात को कुख्यात बदमाश विनोद जाट निवासी पथैना थाना भुसावर, बाॅबी जाट व लोकेन्द्र सिंह उर्फ लम्बू जाट निवासी सुभाषनगर भरतपुर व दीपक धनकड़ निवासी पुराना बस स्टेण्ड के पास भरतपुर के साथ मिलकर अंजाम देना स्वीकार किया है। 


यह एक अंतराज्यीय ईनामी गैंग है। इस गैंग का सरगना पथैना निवासी विनोद जाट है जो हत्या, लूट, फिरौती, अपहरण, डकैती के संगीन मुकदमों में राजस्थान, हरियाण व उत्तरप्रदेश में वांछित चल रहा है। जिस पर जिला पुलिस अधीक्षक भरतपुर से 5,000 रूपये व उत्तरप्रदेश पुलिस से 50,000 रूपये का ईनाम घोषित है।


विनोद जाट ग्राम पंचायत पथैना से सरपंच पद का चुनाव निर्विरोध जीतने के लिये अपने निकटतम राजनीतिक प्रतिद्वद्विंयो में अपना खौफ पैदा करना चाहता है। इस गैंग के सरगना विनोद जाट निवासी पथैना व अन्य सदस्यों के पकडे़ जाने पर राज्य की अन्य बडी आपराधिक वारदातों पर से पर्दा उठ सकेगा। 


40 लाख का हार्ट ट्रांसप्लांट एसएमएस अस्पताल में 7 लाख में मुमकिन होगा

एसएमएस में दिल के गंभीर रोगियों का भी इलाज होगा। ब्रेन डेड मरीज का दिल बाहर नहीं भेजना पड़ेगा। कार्डियो थोरेसिक एंड वेस्कुलर सर्जरी विभाग में 15 करोड़ रु. से मॉड्यूलर आपरेशन थिएटर बनाया गया है। प्रदेश में सरकारी स्तर पर पहला हार्ट ट्रांसप्लांट सेन्टर है। सीटीवीएस के विभागाध्यक्ष डॉ.अनिल शर्मा बताते हैं- एसएमएस में हार्ट ट्रांसप्लांट पर 7 लाख रुपए का खर्चा अाएगा। निजी अौर राज्य के बाहर के सेन्टरों पर करीबन 30 से 40 लाख रुपए का खर्च लग जाता है। 


हार्ट 10-20% ही काम करें, तो जीवन जीने के लिए अनुकूल नहींं है। अाईएचडी, अारएचडी जैसी बीमारियों जिनका उपचार अॉपरेशन या दवा से संभव नहीं है। उन्हीं का ट्रांसप्लांट संभव है। डॉ.शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की वेब रजिस्ट्री नोटो से जुड़ जाएगा। राज्य के बाहर भी अंग भेजा जा सकेगा। एसएमएस समेत अनेक निजी अस्पतालों में 32 लोगोंं के अंगदान करने से अब तक प्रदेश में 104 लोगों को जिन्दगी मिल चुकी है।



पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद राज्यवर्धन सिंह ने कहा- कांग्रेस सरकार की एंटी इनकम्बेंसी शुरू

पूर्व केंद्रीय मंत्री अाैर जयपुर ग्रामीण के मौजूदा सांसद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का नाम प्रदेश की सियासत में बार-बार उठता है। केंद्रीय मंत्रिमंडल मेंं इस बार शामिल नहीं किए गए तो उनके समर्थकों ने उन्हें प्रदेशाध्यक्ष का दावेदार बताया। वहीं सोशल मीडिया पर उन्हें प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में प्रोजेक्ट करना भी शुरू कर दिया गया है। प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में राठौड़ का नाम खूब चला लेकिन पार्टी ने उन्हीं की संसदीय क्षेत्र के विधायक सतीश पूनिया को कमान सौंप दी। अब प्रदेश की सियासत में राठौड़ अपना भविष्य किस तरह देखते हैं, इसे लेकर भास्कर ने उनसे सवाल किए। पढ़िए राज्यवर्धन राठौड़ से बातचीत के खास अंश... 


 


सवाल : पिछली सरकार में आप केंद्र में मंत्री रहे आपको महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो भी दिया। इस बार ड्राप कर दिया। क्या इसके पीछे परफॉरमेंस क्राइटेरिया था या जातिगत समीकरण थे। 
जवाब: राजनीति में आते ही सबसे पहला सबक प्रधानमंत्री मोदी ने ही हमें सिखाया था और वह था धैर्य। क्राइटेरिया बहुत सारे हो सकते हैं लेकिन ये भी मेरे लिए शानदार अवसर है। 


 


सवाल: प्रदेश की राजनीति में उतना सक्रिय नहीं दिख रहे, उसकी क्या वजह है?
जवाब: खेल के मैदान में जब कप्तान फील्ड की सेटिंग करता है तो फील्डर को भी वहीं रहना चाहिए। मेरा काम मैं 100 प्रतिशत करता हूं। न तो मैं भविष्य और न ही भूतकाल में जीता हूं। मैं वर्तमान में जीता हूं।


 


सवाल: राजे केंद्रीय भाजपा में उपाध्यक्ष हैं। प्रदेश में उनकी भूमिका को आप किस तरह से देखते हैं?
जवाब: वसुंधरा राजे विजनरी लीडर हैं। कैपेबल लीडर हैं। ऐसी कैपेबिलिटी राज्य के भी काम आए और देश के भी काम आए। 


 


सवाल: प्रदेशाध्यक्ष पद पर अापका नाम खूब चला, लेकिन अापके क्षेत्र के ही विधायक सतीश पूनिया प्रदेश अध्यक्ष बन गए। एेसा क्याें ?
जवाब: सतीश पूनिया का प्रदेशाध्यक्ष के लिए चुनाव बहुत अच्छा फैसला रहा। संगठन को बेहतर करने का काम वही कर सकता है जो संगठन में रहा हो। मुझे आश्चर्य होता था जब इस पद के लिए मेरा नाम चलता था।


 


सवाल: प्रदेश में लीडरशिप में क्या आपको कोई वेक्यूम दिख रहा है?
जवाब: लीडरशिप को डवलप करना एक सतत प्रक्रिया है। राजनीति और पार्टी में तो और भी महत्वपूर्ण है। हर अच्छे संस्थान में ग्रूमिंग होती है। लीडरशिप का डवलपमेंट लगातार होता रहना चाहिए। अब अमित शाह और पीएम मोदी का विजन अलग-अलग प्रदेशों में लीडरशिप डवलप करना है।


37वें मुख्य न्यायाधीश बने इंद्रजीत महांती, 20 लाख केसों के निस्तारण के लिए फॉर्मूला तय करना सबसे बड़ी चुनौती

जस्टिस इंद्रजीत महांति ने रविवार को राजस्थान हाईकोर्ट के 37 वें मुख्य न्यायाधीश के पद की शपत ली। हमारे यहां सबसे बड़ी चुनौती निचली अदालतों में 16 लाख और हाईकोर्ट के 4 लाख 44 हजार पेंडिंग प्रकरणों के निस्तारण का कोई फार्मूला तय करना है।


जजों की संख्या भी घटती जा रही है। हाईकोर्ट में जजों के 50 पद हैं लेकिन, कभी 40 जज भी एक साथ नहीं रहे। मुख्य न्यायाधीश सहित 22 जज हैं। नए जजों की नियुक्ति जल्द से जल्द करना और पेंडेंसी खत्म करने समेत 5 चुनौतियां हैं। 


 5 बड़े काम, जिससे हमें मिल सकती है बड़ी राहत  
1. जजों की नियुक्तियां : हाईकोर्ट में जजों के 50 पद स्वीकृत हैं। लेकिन पूरे पद कभी नहीं भरे। अभी मुख्य न्यायाधीश सहित 22 जज ही हैं।  यानी 56 प्रतिशत पद रिक्त हैं। कॉलेजियम में देरी की व्यवस्था को ठीक करना होगा।  
2. 3500 प्रकरण 20 साल से पुराने : एनजेडीजी की रिपोर्ट के अनुसार हाईकोर्ट में पेंडिंग 4.44 लाख मामलों में 3589 प्रकरण 20 से 30 साल पुराने हैं। 
3. अधीनस्थ अदालतों में पेंडेंसी : एनजेडीजी के अनुसार निचली अदालतों में 16 लाख 16 हजार मामले पेंडिंग हैं। इनका निस्तारण भी करना होगा। 
4. तारीख की मानसिकता : जजों की कमी का असर मुकदमों के निस्तारण पर भी दिख रहा है। लोगों की मानसिकता है कि प्रकरणों का निस्तारण समय पर नहीं होता। जल्द से जल्द निपटारे का कोई विकल्प निकालना होगा। 
5. ड्यू कोर्स में 20 हजार फाइलें : ड्यू कोर्स में क्रिमिनल केसेज की 20 हजार फाइलें पेंडिंग है। इसमें न पक्षकार पहल करते हैं न ही हाईकोर्ट की तरफ से अहम कदम उठाए जा रहे हैं।



रोडवेज बस और कार की टक्कर में 3 न्यायाधीश घायल, गंभीर हालत में जयपुर रेफर

जिले के मालपुरा-जयपुर सड़क मार्ग पर एक रोडवेज बस और ऑल्टो कार में आमने सामने की टक्कर हो गई। जिससे कार सवार तीन लोग घायल हो गए। तीनों न्यायाधीश मालपुरा न्यायालय में पदस्थ बताए जा रहे हैं। जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। जिसके बाद हाइवे पर लगे जाम को खुलवाया गया।


 


हादसा मालपुरा-जयपुर सड़क मार्ग पर डिग्गी मोड़ पर हुआ। तीनों घायल एडीजे विनोद कुमार गिरी, एसीजेएम प्रशांत चौधरी और मुंसिफ मजिस्ट्रेट सुनीता चिंघोलिया घायल हो गईं। तीनों को मालपुरा अस्पताल से जयपुर रेफर किया गया है। वहीं, एंबुलेंस के देर से आने के कारण नाराज अधिवक्ता अस्पताल के बाहर ही धरने पर बैठ गए। 


तेज रफ्तार कार डिवाइडर की रेलिंग तोड़ पोल से टकराई, चालक गाड़ी छोड़ भागा

जेएलएन मार्ग पर एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला। यहां शनिवार तड़के एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो कर एक बिजली पोल से टकरा गई। ड्राइवर कार को वहीं छोड़कर भाग गया। हालांकि सुबह का समय होने से सड़क पर कोई और वाहन नहीं था जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।


दुर्घटना थाना पुलिस के अनुसार जेएलएन मार्ग पर एक कार गांधी सर्किल से जवाहर सर्किल की ओर जा रही थी। कार की स्पीड काफी थी। अचानक कार अनियंत्रित हो गई और इन्दिरा गांधी पंचायती राज भवन के डिवाइडर पर चढ़ गई और रेलिंग तोड़ते हुए तथा पौधों को रौंदते हुए एक बिजली के पोल से टकरा गई। बिजली के पोल से टकरा कर कार वहीं रुक गई। चालक कार से निकला और वहां से चला गया।


हादसा वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गया।  पुलिस ने कार जब्त कर ली है तथा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार चालक की पहचान की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जेएलएन रोड पर कुछ समय पहले बड़े हादसे हो चुके हैं। एक हादसे में दो भाइयों सहित तीन की मौत हो गई थी।



गल्फ ऑयल इंडिया ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को सपोर्ट करने के लिए लॉन्च किए ‘ईवी फ्लुइड्स’

मुंबई ,  , 04  अक्टूबर , 2022 -  हिंदुजा समूह की कंपनी गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट्स ने  ‘ ईवी फ्लुइड्स ’  की विशेष श्रेणी के लिए स्विच मोबिलिटी और ...