Thursday, September 19, 2019

बीकानेर मनी लॉन्ड्रिंग केस : जयपुर में ईडी के दफ्तर के सामने लगे पोस्टर, रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां से होगी पूछताछ, प्रियंका गांधी भी साथ पहुंची

जयपुर में आज प्रवर्तन निदेशालय के सामने पोस्टर लगाए हैं. जिसमें प्रियंका गांधी, उनके पति रॉबर्ट वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी है. पोस्टर में उनके समर्थन में नारे लिखे गए हैं.  आपको बता दें कि बीकानेर और उनकी मां मौरीन से पूछताछ करेगा. रॉबर्ट वाड्रा की मां मौरीन वाड्रा भी उस फर्म में पार्टनर हैं, जिसने ज़मीन का सौदा किया था. मनी लॉन्ड्रिग मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी आज जयपुर में रोबर्ट वाड्रा  रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन प्रवर्तन निदेशालय के ऑफिस पहुंच गए हैं उनके साथ प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद हैं.मिली जानकारी के मुताबिक लखनऊ में रोड शो के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा देर रात जयपुर पहुंच गईं. इससे पहले जब ईडी ने दिल्ली में रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ की थी, तब भी प्रियंका पति को प्रवर्तन निदेशालय के ऑफ़िस तक उन्हें छोड़ने और लेने गई थीं.


 


जयपुर में 48 साल बाद महिला उम्मीदवार, 2014 में बीजेपी ने कांग्रेस को 5 लाख से ज्यादा वोटों से दी थी मात

राजस्थान में इस बार लोकसभा का चुनाव बेहद दिलचस्प है. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने इस राज्य में सभी सीटें जीतकर कांग्रेस का सफाया कर दिया था. लेकिन उसके बाद के चुनावों में बीजेपी के वोट प्रतिशत में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. अजमेर और अलवर में हुए लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी की हार हुई उसके बाद विधानसभा चुनाव में बीजेपी हारकर सत्ता से बाहर हो गई. हालांकि इस चुनाव में एग्जिट  और ओपिनियन पोल बीजेपी की बड़ी हार की ओर संकेत दे रह थे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ बीजेपी ने 75 सीटें जीत लीं. वहीं कांग्रेस भी बहुमत के आंकड़े को छू भर पाई थी. इस चुनाव में एक नारा भी सुना गया, 'वसुंधरा तेरी खैर नहीं, मोदी से बैर नहीं' जिसका संकेत था कि जनता पीएम मोदी से नहीं सीएम वसुंधरा राजे से नाराज है. इसमें कोई दो राय नहीं है कि वसुंधरा राजे की मनमानी से पार्टी संगठन के नेता भी नाराज थे और टिकट बांटने में भी वसुंधरा राजे की  वजह से कई नेता नाराज थे. वसुंधरा से नाराज होकर बीजेपी के कद्दावर नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह जो कि विधायक थे वह भी कांग्रेस में शामिल हो गए थे. वहीं पद्मावत विवाद, गुर्जर आंदोलन जैसे मुद्दों को भी वसुंधरा ठीक से संभाल पाने में नाकाम रहीं. राजस्थान में मीणा समुदाय से हमेशा से ही कांग्रेस के साथ देता रहा है. लेकिन किरोणी लाल मीणा जैसे नेताओं की वजह से बीजेपी के पक्ष में भी इनका झुकाव हुआ था. किरोणी लाल मीड़ा ने भी वसुंधरा से नाराज होकर अलग पार्टी बना ली थी. फिलहाल किरोड़ी लाल अब बीजेपी के साथ फिर गए हैंवहीं बीजेपी के लिए अच्छी बात यह है कि गुर्जर आंदोलन के नेता कर्नल बैंसला भी पार्टी में शामिल हो गए हैं.


होम | चुनाव | लोकसभा चुनाव 2019 | जयपुर के पूर्व राजघराने की दूसरी महिला, जो चुनी गईं सांसद; पांच लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीतीं

बीजेपी की दीया कुमारी (Diya Kumari) जयपुर (Jaipur) के पूर्व राजघराने की दूसरी सदस्य हैं जो लोकसभा सांसद निर्वाचित हुई हैं. उनसे पहले जयपुर राजघराने से गायत्री देवी चुनाव लड़ीं थीं. वे तीन बार सांसद रहीं. गायत्री देवी दीयाकुमारी की दादी थीं. राजसमंद सीट से लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2019) लड़ीं दीया कुमारी ने कांग्रेस के देवकीनंदन गुर्जर को पांच लाख से अधिक वोटों से हरा दिया


 



बीजेपी (BJP) की दीया कुमारी को 8,58,690 वोट मिले. उन्होंने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के देवकीनंदन गुर्जर (काका) को 5,51,916 वोटों के अंतर से हराया है.


गायत्री देवी (Gayatri Devi) राजस्थान की एक मात्र ऐसी महिला थीं जो तीन बार सांसद रहीं. जुलाई 2009 में गायत्री देवी का निधन हो गया था. गायत्री देवी के सौतेले बेटे भवानी सिंह ने भी 1987 में लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन वे हार गए थे. भवानी सिंह की बेटी 48 वर्षीय दीया कुमारी इस बार लोकसभा चुनाव में भारी मतों के अंतर से जीतने में सफल हुईं.  


दीया कुमारी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 2013 में सवाई माधोपुर सीट पर चुनाव लड़कर की थी. वे वहां जीती भी थीं. दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने दीया कुमारी को टिकट नहीं दिया और तब कहा गया कि दीया चुनाव ही नहीं लड़ना चाहतीं.


“वाविन-वेक्टस” की संयुक्तरूप से प्रथम चैनल पार्टनर मीट जश्न के साथ संपन्न हुई

जयपुर। बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री के ग्लोबल लीडर वाविन ने वॉटर स्टोरेज टैंक्स और पाइपिंग सिस्टम के क्षेत्र में देश की बहुप्रतिष्ठ...