Monday, December 5, 2022

जेके सीमेंट लिमिटेड ने मध्य भारत में अपनी उत्पादन क्षमता का किया विस्तार - उज्जैन, मध्य प्रदेश में आगामी ग्राइंडिंग यूनिट की आधारशिला रखी

उज्जैन, 05 दिसम्बर 2022: जेके सीमेंट लिमिटेड भारत में ग्रे सीमेंट के अग्रणी निर्माताओं और दुनिया के सबसे बड़े व्हाइट सीमेंट निर्माताओं में से एक है। जेके सीमेंट ने आज मध्य प्रदेश के उज्जैन में अपनी ग्रीनफील्ड ग्राइंडिंग यूनिट का भूमि पूजन समारोह किया। इस समारोह की अध्यक्षता जेके सीमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ राघवपत सिंघानिया, डिप्टी एमडी और सीईओ श्री माधवकृष्ण सिंघानिया, एवं वरिष्ठ नेतृत्व टीम द्वारा किया गया। 

यह ग्राइंडिंग यूनिट लगभग 400 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित की जा रही है, और इसके निर्माण का कार्य भी शुरू हो चुका है। इस यूनिट की कुल उत्पादन क्षमता 1.50 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) होगी, और  ये मध्य प्रदेश में प्रमुख ग्रे सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट में से एक है। वर्तमान में, जेके सीमेंट की राज्य में दो ऑपरेटिंग यूनिट हैं - मध्य प्रदेश के पन्ना में कंपनी के नए ग्रीनफील्ड सीमेंट प्लांट का उद्घाटन हाल ही में माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया गया था, अथवा कटनी में एक वॉल पुट्टी प्लांट है। 

जेके सीमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ राघवपत सिंघानिया जी ने कंपनी के इस विस्तार पर बोलते हुए कहा: "मैं मध्य प्रदेश सरकार को उनके निरंतर समर्थन के लिए और हमें राज्य के विकास का हिस्सा बनने का अवसर देने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ। क्षमता विस्तार, क्षेत्रीय विविधीकरण और पोर्टफोलियो मिश्रण के साथ, जेके सीमेंट मार्किट की बढ़ती सीमेंट डिमांड को पूरा करने में सक्षम हैं। इस विस्तार योजना के साथ, वित्त वर्ष 2024-25 तक अपनी सीमेंट उत्पादन क्षमता को 25 MTPA तक बढ़ाने, एवं अगले कुछ वर्षों में 30 MTPA के लक्ष्य को प्राप्त करने का रोडमैप विकसित किया जा चुका है”। 

भारत में बढ़ती सीमेंट डिमांड व न्यू मार्किट में चरणबद्ध तरीके से हमारी पहुंच का विस्तार करने के लिए कंपनी ने ग्रे सीमेंट उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की योजना बनाई है। उज्जैन इकाई के चालू होने पर, हमीरपुर (उत्तर प्रदेश) की नई ग्राइंडिंग यूनिट और पन्ना में ग्रीनफील्ड सीमेंट प्लांट के साथ कंपनी की कुल क्षमता 20.50 MTPA तक पहुंच जाएगी। ये विस्तार मध्य और उत्तरी भारत में जेके सीमेंट के बढ़ते पदचिह्न और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में तेजी लाने की हमारी प्रतिबद्धता को बल देता है।

केडीके सॉफ्टवेयर ने एलआईसीएचएफएल फाइनेंशियल सर्विसेज के पूर्व सीएमओ सोमनाथ पॉल को सीईओ नियुक्त किया

 

05 दिसंबर, 2022 | जयपुर मॉर्गेज उद्योग में 25 से अधिक वर्षों के कार्य अनुभव वाले विपणन और संचालन में विशेषज्ञता के साथ एक वरिष्ठ प्रबंधक पेशेवर, सोमनाथ पॉल केडीके सोफवेयर में शामिल हुए। अपनी पिछली भूमिका में वह एलआईसीएचएफएल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सीएमओ के रूप में काम कर रहे थे। सोमनाथ पॉल टीम का नेतृत्व करेंगे, जो विकास को आगे बढ़ाने और व्यावसायिक मूल्य प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।


केडीके सॉफ्टवेयर के संस्थापक और एमडी कपिल गोयल ने कहा, "केडीके के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए सोमनाथ विशेषज्ञता और कौशल के साथ एक कुशल प्रबंधकर्ता हैं। वह ग्राहको के व्यवहार के आधार पर जटिल व्यावसायिक समस्याओं, परिवर्तन, डिजाइनिंग और विपणन उत्पादों के प्रबंधन का विशाल अनुभव लाता है। मैं भारत में केडीके सॉफ्टवेयर के विजन और मिशन को आगे बढ़ाने में सोमनाथ की दीर्घकालीन सफलता की प्रतीक्षा कर रहा हूं।


केडीके सॉफ्टवेयर के सीईओ सोमनाथ पॉल ने कहा, "मैं केडीके सॉफ्टवेयर से जुड़कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। महामारी के बाद, भारतीय टेक कंपनियां माइक्रो परिवर्तनों का जवाब देने के लिए प्रक्रियाओं को सक्षम कर रही हैं। मैं नई प्रतिभाओं को पोषित करने, जीतने वाली रणनीतियों को विकसित करने, व्यापार विस्तार और संगठन के लिए नेटवर्किंग विधियों के लिए सर्वोत्तम संसाधनों को लागू करूँगा। इसके अलावा, मैं अपने प्रतिभाशाली कर्मचारियों और साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं ताकि एक साथ अधिक से अधिक मूल्य सृजित किया जा सके।


केडीके सॉफ्टवेयर में शामिल होने से पहले, सोमनाथ पॉल ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस को ब्रांड निर्माण, विकास रणनीति, उत्पाद और प्रक्रिया विकास, टीम निर्माण, प्रतिस्पर्धा विश्लेषण, नया व्यवसाय, क्रेडिट, संचालन, रिकवरी और कई अन्य क्षेत्रों में सेवा प्रदान की है। उन्होंने उत्तरी क्षेत्र की व्यापार रणनीति के लिए पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।


केडीके सॉफ्टवेयर एक दशक से भारतीय कराधान ढांचे में उन्नत तकनीक पेश कर रहा है। अपने हालिया उत्पाद 'एक्सप्रेस जीएसटी' के साथ केडीके सॉफ्टवेयर ने फिर से आसान तकनीक के साथ अपने अभ्यास को बढ़ाने के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को किफायती स्वचालन प्रदान करने के अपने वादे को पूरा किया है। जीएसटी फाइलिंग की जटिलताएं 'एक्सप्रेस जीएसटी' सॉफ्टवेयर के साथ कम हो गई हैं और व्यवसायी सीए पहले साल सॉफ्टवेयर का मुफ्त लाभ ले सकते हैं।

महाराजा महाराओ इज्यराज सिंह जी के करकमलो के द्वारा डर्मा मैग्नेटिका स्किन,लेज़र एंड हेयर ट्रांसप्लांट क्लिनिक का कोटा में 5 वी शाखा का उद्घटान हुवा

 

कोटा 05 दिसंबर 2022 - आज की दुनिया में हर कोई सुन्दर दिखना चाहता है। इसी सपने को साकार करने के लिए डर्मा मैग्नेटिका स्किन,लेज़र एंड हेयर ट्रांसप्लांट क्लिनिक ने 4-ई-6 रंगबाड़ी हाउसिंग बोर्ड कोटा में अपनी पांचवी शाखा का शुभारम्भ किया। कार्येक्रम की शुरुआत दीपजलाकर एवं फीता खोलकर मुख्य अतिथि महाराजा महाराओ इज्यराज सिंह जी पूर्व सांसद कोटा और गेस्ट ऑफ ऑनर श्री अमर सिंह जी पूर्व कलेक्टर बूँदी और डॉ विकास छाबरा डायरेक्टर, ऋतुराज यादव डायरेक्टर, ने डर्मा मैग्नेटिका स्किन,लेज़र एंड हेयर ट्रांसप्लांट क्लिनिक की पांचवी शाखा का उद्धघाटन किया।

मुख्य अतिथि महाराजा महाराओ इज्यराज सिंह जी पूर्व सांसद कोटा और गेस्ट ऑफ ऑनर श्री अमर सिंह जी पूर्व कलेक्टर बूँदी का स्वागत श्री मूलचंद शर्मा पूर्व नगर निगम आयुक्त कोटा और श्री भवानी सिंह चौहान पूर्व आर ए एस ने माल्यार्पण कर किया मंच संचालन श्री डॉ अमित सिंह राठौड़ ने किया

रोहित धमीजा डायरेक्टर डर्मा मैग्नेटिका स्किन,लेज़र एंड हेयर ट्रांसप्लांट क्लिनिक ने बताया की हमें ये बताते हुए हर्ष हो रहा है की हमने कोटा में हमारी पांचवी शाखा का शुभारम्भ कर दिया है और 1000 से अधिक संतुष्ट ग्राहकों के साथ सबसे तेजी से बढ़ता हुवा हमारा क्लिनिक है हम नहीं हमारे परिणाम बोलते है हमें लगता है की आने वाले कुछ सालो में गंजे लोगो के लिए क्लिनिक रामबाण साबित होगा। राजस्थान,पंजाब,गुजरात,उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में डर्मा मैग्नेटिका स्किन,लेज़र एंड हेयर ट्रांसप्लांट क्लिनिक आने वाले dino mein vistaar karegi। इस क्लिनिक को हमने बहुत ही हाइजनिक और एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ लांच किया है जिसमे हम स्किन एंड हेयर ट्रांसप्लांट की सभी सुविधाए जैसे की हेयर ट्रांसप्लांट,पीआरपी ट्रीटमेंट,विभिन प्रकार के लेजर्स, पील्स ,फेसयल, मीशोथेरेपी, एंटी एजिंग सर्विसेस (बोटॉक्स,फिलर्स, थ्रेड लिफ्ट,वैम्पायर फेसयल ) इत्यादि उपलब्ध करवा रहे है। हमारी सभी मशीने लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की है हमारे क्लिनिक में सभी स्टाफ सर्टिफाइड है।

इस क्लिनिक में डॉ दिवाकर शर्मा कंसलटिंग डाक्टर और डॉ मनीषा शर्मा डर्मा मैग्नेटिका स्किन,लेज़र एंड हेयर ट्रांसप्लांट क्लिनिक जिनको पिछले 15 साल से इस इंडस्ट्री का अनुभव है इनकी सेवा आप सभी ले सकते है सेवा लेने के लिए आप हम से 70735-70736
www.dermamagnetica.com पर सम्पर्क कर सकते है इन्होने बताया की यदि आप गंजेपन का शिकार हो गए है या आप के बाल झड़ रहे हैं या फिर आपको अपने स्कैल्प पर गंजेपन जैसे पैचेज या एक्सेसिव हेयर फॉल का अनुभव हो रहा है या आप प्रति दिन 100 से अधिक बाल झड़ रहे हैं, ताे आपको समझ जाना होगा कि आपके बालों का झड़ना सामान्य नहीं है और आपको तुरंत स्किन स्पेशलिस्ट को दिखाने की जरूरत है।

राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट ब्रिज एसोसिएशन, ब्रिज फेडरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित करेगा 64वां विंटर ब्रिज चैम्पियनशिप 2022

 जयपुर, 05 दिसम्बर, 2022: राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट ब्रिज एसोसिएशन ने ब्रिज फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आज घोषणा की है कि यह 3 दिसम्बर से 12 दिसम्बर 2022 के बीच जयपुर के सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में विंटर ब्रिज चैम्पियनशिप 2022 के 64वें संस्करण का आयोजन करने जा रहा है। बीएफआई भारत में कॉन्ट्रैक्ट ब्रिज गेम की सर्वोच्च शासी संस्था है, जिसे भारत के खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है।

सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को टूर्नामेन्ट एससीओसी का पालन करना होगा, जिसकी जानकारी बीएफआई की वेबसाईट www.bfi.net.in पर दी गई है और सभी कार्यक्रमों के लिए प्रविष्टियां 10 नवम्बर 2022 से शुरू हो चुकी हैं।

चैम्पियनशिप की समयसूची इस प्रकार होगी- चार की टीम- अशोक रूइया गोल्ड इवेंट (रैंकिंग पॉइन्ट इवेंट); चार की टीम- अशोक रूईया सिल्वर इवेंट; श्री सीमेंट (गोल्ड) मैच पॉइन्ट पेयर्स (रैंकिंग पॉइन्ट इवेंट); श्री सीमेंट (सिल्वर) मैच पॉइन्ट पेयर्स; ओपन आईएमपी पेयस- लेट श्री मुरली देओरा मैमोरियल ट्रॉफी; अशोक रूईया मिक्स्ड आईएमपी पेयर्स (रैंकिंग पॉइन्ट इवेंट); अशोक रूईया वुमेन आईएमपी पेयर्स (रैंकिंग पॉइन्ट इवेंट); अशोक रूईया सीनियर्स आईएमपी पेयर्स (न्यूनतम उम्र 60 वर्ष होनी चाहिए) और साईड पेयर इवेंट्स ( प्रविष्टियों की संख्या के आधार पर- न्यूनतम 24 जोड़े/ पेयर्स होने चाहिए)।

भारतीय राष्ट्रीयता के सभी रेज़ीडेन्ट ब्रिज खिलाड़ी इस टूर्नामेन्ट में हिस्सा ले सकते हैं। एक या अधिक नॉन-रेज़ीडेन्ट भारतीय ब्रिज खिलाड़ी या विदेशी खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि नॉन-रेज़ीडेन्ट भारतीय/ विदेशी खिलाड़ी या  नॉन-रेज़ीडेन्ट भारतीय/ विदेशी खिलाड़ी के साझेदार भारतीय रेज़ीडेन्ट खिलाड़ी किसी भी रैंकिंग पॉइन्ट आयोजन में हिस्सा नहीं ले सकते हैं। इस चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने वाले सभी भारतीय खिलाड़ियों को बीएफआई मास्टर पॉइन्ट योजना के तहत पंजीकृत होना चाहिए। अशोक रूईया गोल्ड/ अशोक रूईया सिल्वर ट्रॉफी में हिस्सा लेने वाली टीमों के पास टीम में न्यूनतम चार और अधिकतम 6 खिलाड़ी हो सकते हैं।

अशोक रूईया सिल्वर टीमों में टीम के अधिकतम दो खिलाड़ी नेशनल मास्टर्स या इससे अधिक रैंक के हो सकते हैं और यहां साझेदारी में कोई खेल नहीं होना चाहिए। शेष नेशनल मास्टर से नीचे की रैंक पर होने चाहिए। अशोक रूईया गोल्ड/ सिल्वर टीमों के लिए हर खिलाड़ी को टूर्नामेन्ट के हर चरण में बोर्ड पर न्यूनतम 25 फीसदी स्कोर हासिल करना होगा।

श्री सीमेंट पेयर्स ओपन आईएमपी पेयर्स/ अशोक रूईया मिक्स्ड आईएमपी पेयर्स/ अशोक रूईया मिक्स्ड वुमेन आईएमपी पेयर्स में हिस्सा लेने के लिए रैंक का कोई प्रतिबंध नहीं है। ट्रायोज़ को किसी भी पेयर्स इवेंट में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्री सीमेंट गोल्ड एमपी पेयर्स के फाइनल राउण्ड में एलीमिनेशन के हर चरण पर कैरी ओवर होगा। हालांकि, श्री सीमेंट सिल्वर एमपी पेयर्स में क्वालिफाय होने वाले प्लेयर्स को कोई कैरी ओवर नहीं दिया जाएगा।

कार्यक्रम के लिए कुल रु 8.65 लाख के पुस्कार दिए जाएंगे। अशोक रूईया गोल्ड के लिए कुल रु 3,30,000, अशोक रूईया सिलवर के लिए रु 1,65,000, श्री सीमेंट गोल्ड एमपी पेयर्स के लिए रु 73,000, श्री सीमेंट सिल्वर-एमपी पेयर्स के लिए रु 39,000, लेट श्री मुरली देओरा ओपन आईएमपी पेयर्स के लिए रु 53,000, अशोक रूईया मिक्स्ड आईएमपी पेयर्स के लिए रु 68,500, अशोक रूईया वुमेन आईएमपी पेयर्स के लिए रु 68,000 और अशोक रूईया सीनियर्स आईएमपी पेयर्स के लिए रु 68,500 का पुरस्कार दिया जाएगा।

Saturday, December 3, 2022

इस्कान मंदिर में गीता जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई





जयपुर। इस्कॉन, श्री श्री गिरिधारी दाऊजी मन्दिर, मानसरोवर, जयपुर में 3 दिसंबर को गीता जयंती का कार्यक्रम बड़े हर्सोल्लास से मनाया गया। ओम प्रकाश मोदी ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। ज्योति माहेश्वरी ने सभी को गीता जयंती की बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान भगवत गीता के पुरे 700 श्लोको का उच्चारण हुआ। इसके बाद तुलादान का कार्यक्रम हुआ और आरती की गई।

दिसम्बर- जनवरी का महीना इस्कॉन में श्री भगवत गीता मैराथन के रूप में मनाया जाता है। पिछले साल पुरे विश्व में इस गीता मैराथॉन में इस्कॉन के भक्तों द्वारा 25 लाख भगवत गीता का वितरण किया गया और इस बार ये लक्ष्य 30 लाख है। राजस्थान के लिए 1.60 प्रतियों का लक्ष्य रखा गया है। अभी जयपुर के कई विद्यालयों में भगवत गीता की पुस्तकों का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। इस्कॉन जयपुर के अध्यक्ष श्रीमान पंचरत्न दासजी ने कहा की भगवत गीता पुरे विश्व को जोड़ती है। लोगों में एकता का विकास करती है। उन्होंने सभी से इस गीता मैराथॉन में जुड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया की पिछली साल विश्व में भारत इस पुस्तक वितरण कार्यक्रम में प्रथम स्थान पर रहा, इस बार इस्कॉन ने राजस्थान में डेढ़ लाख गीता के वितरण का लक्ष्य रखा है। हरि भक्ति दास (संचालक, इस्कॉन यूथ फोरम) ने बताया की भगवत गीता वितरण से हजारों युवाओं में सनातन संस्कृति के लिए प्रेरणा जगी है और गीता से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेने से कई युवाओ की नशे की आद भी छूटी है। 


श्री कृष्ण बलराम मंदिर में मनायी गयी 5,159वीं गीता जयंती एवं प्रारंभ हुआ गीता कांटेस्ट


जयपुर | जगतपुरा स्थित श्री कृष्णा बलराम मंदिर में श्रीमद भगवद गीता की 5,159वीं गीता जयंती मनायी गयी, गीता जयंती श्रीमद भगवद गीता के आगमन का शुभ दिन है यह वह दिन है जिस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को वैदिक ज्ञान का सार प्रदान किया था और उन्हें जीवन के अंतिम लक्ष्य के बारे में बताया था | जिससे उन्होने महाभारत युद्ध में विजय प्राप्त की थी | 

मंदिर में विशेष 

गीता जयंती उत्सव पर मंदिर में गर्भगृह को विशेष रूप से सजाया गया, एवं भव्य श्रीमद भगवद गीता होम (यज्ञ) किया गया, साथ ही मंदिर के भक्तों द्वारा भगवद गीता के 18 अध्याय के 700 श्लोकों का सामूहिक उच्चारण किया गया एवं भगवद्गीता वितरण के लिए भक्तों ने मंदिर में चल रहे श्रील प्रभुपाद बुक मैराथन में भाग लिया एवं जन जन तक भगवत गीता पहुचने का लक्ष्य लिया |

श्रीमद भगवद गीता का आगमन 

द्वापर युग अगहन मास शुक्ल पक्ष की एकादशी पर श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था | इसी वजह से इस तिथि को गीता जयंती के नाम से भी जाना जाता है | महाभारत में जब कौरव और पांडवों के बीच युद्ध की शुरुआत हो रही थी | तब अर्जुन ने श्री कृष्ण के सामने शस्त्र रख दिए थे और कहा था कि मैं अपने ही कुल के लोगों पर प्रहार नहीं कर सकता | इसके बाद श्री कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया और अर्जुन को मानव जीवन का महत्व बताया था | 

अध्यक्ष अमितासन दासजी ने बताया श्रीमद्भागवत गीता के श्लोकों में मनुष्य जीवन की हर समस्या का हल छिपा है | गीता के 18 अध्याय और 700 गीता श्लोक में कर्म, धर्म, कर्मफल, मृत्यु आदि जीवन से जुड़े प्रश्नों के उत्तर मौजूद हैं | यह एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मनाई जाती है| 

गीता जयंती पर गीता कांटेस्ट प्रारंभ 

गीता कांटेस्ट कार्यक्रम समन्वयक श्री सिद्ध स्वरूप दास ने बताया कि गीता कांटेस्ट का आयोजन हरे कृष्णा मूवमेंट एवं कृष्ण भावनामृत सेंटर (KBC) के सहयोग से राजस्थान स्तर पर किया जाएगा | इसमें 16 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग भाग ले सकते हैं | गीता कांटेस्ट प्रतियोगिता का आयोजन 5 मार्च 2023 रविवार को किया जाएगा | प्रथम पुरस्कार गीता रत्न के रूप में ₹25,000/- का, द्वितीय पुरस्कार गीता भूषण के रूप में ₹ 11,000/- का, तृतीय पुरस्कार गीता श्री के रूप में ₹ 5100/- का दिया जाएगा | इसके अलावा 50 सांत्वना पुरस्कार 1100/- भी दिए जाएंगे | प्रत्येक प्रतिभागी को प्रमाण पत्र दिया जाएगा | प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा | रजिस्ट्रेशन करवाने के उपरांत विद्यार्थी को भगवद्गीता यथारूप उपहार स्वरूप दिया जाएगा |





एक्सिस बैंक के बरगंडी प्राइवेट और हुरुन इंडिया ने ‘500 मोस्ट वैल्युएबल प्राइवेट कंपनीज इन इंडिया’ लिस्ट का दूसरा एडिशन जारी किया

 







मुंबई, 03 दिसंबर, 2022- एक्सिस बैंक के निजी बैंकिंग व्यवसाय बरगंडी प्राइवेट और हुरुन इंडिया ने ‘2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500’ को लॉन्च करने का एलान किया है, जो भारत की 500 सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची का दूसरा संस्करण है। सूचीबद्ध कंपनियों के लिए बाजार पूंजीकरण और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के मूल्यांकन के रूप में परिभाषित इन कंपनियों को उनके मूल्य के अनुसार रैंक किया गया है। इस सूची पर पहुंचने की कट-ऑफ तारीख 30 अक्टूबर 2022 थी। यह सूची केवल भारत में मुख्यालय वाली कंपनियों को संदर्भित करती है; राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियां और विदेशी के साथ-साथ भारतीय कंपनियों की सहायक कंपनियां इसमें शामिल नहीं हैं।

‘2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500’ सूची में शामिल करने के लिए, कंपनियों के पास 6,000 करोड़ रुपए का न्यूनतम मूल्य होना आवश्यक है, जो 725 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर है। औसतन, 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 की कंपनियों की स्थापना 1985 में हुई थी, और आज इनका कुल मूल्य 226 लाख करोड़ रुपए (2.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) है, जो शुरुआती एडिशन की तुलना में स्थिर है। बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों में साल-दर-साल 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि एसएंडपी बीएसई 500 पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 2.5 प्रतिशत ऊपर था।

इस लिस्ट की लॉन्चिंग पर टिप्पणी करते हुए एक्सिस बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर अमिताभ चौधरी ने कहा, ‘‘बरगंडी प्राइवेट को भारत की 500 सबसे मूल्यवान कंपनियों का जश्न मनाने के लिए हुरुन इंडिया के साथ फिर से साझेदारी करने की खुशी है। बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 रिपोर्ट का दूसरा संस्करण, जिसमें भारत की 500 सबसे मूल्यवान कंपनियां शामिल हैं, इससे बेहतर समय नहीं हो सकता था। ऐसे समय में जब दुनिया की ज्यादातर अर्थव्यवस्थाएं मंदी की ओर बढ़ती नजर आ रही हैं, ऐसे में हमारा देश अपनी श्रेष्ठता के दशक में प्रवेश कर रहा है। भारतीय कंपनियां और उनके नेतृत्व आज देश की अनूठी स्थिति में उनके योगदान के लिए बहुत प्रशंसा का पात्र है, और हम यकीन के साथ कह सकते हैं कि वे अगले दशक में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में और भी बड़ी भूमिका निभाएंगे।’’

‘‘वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, ‘2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500’ सूची में शामिल कंपनियों ने अपने हितधारकों के लिए 226 लाख करोड़ रुपए (2.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) का मूल्य सृजित किया। भारत की अग्रणी धन प्रबंधन फ्रेंचाइजी के रूप में, बरगंडी प्राइवेट ने इस मूल्य निर्माण को करीब से देखा। इस वर्ष की सूची में शामिल कंपनियों ने राष्ट्र निर्माण में अत्यधिक योगदान दिया है। इन 500 कंपनियों की टॉपलाइन भारत की जीडीपी के 29 प्रतिशत के बराबर है, और ये कंपनियां देश के कुल कार्यबल के 1.5 फीसदी तक को रोजगार देती हैं। रिपोर्ट में जो बात सामने आई वह यह है कि सूची में शामिल 67 कंपनियां 10 साल से कम पुरानी हैं। ये नए जमाने की कंपनियां वास्तव में अपनी एंटरप्रेन्योरशिप, टैक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन के साथ आने वाले दशक को एक नया आकार देंगी।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘एक्सिस बैंक को भारतीय अर्थव्यवस्था में विकास के अवसरों के बारे में बेहद आशाएं हैं। एक पूर्ण-सेवा बैंक के रूप में वन एक्सिसदेने की हमारी क्षमता, सभी वित्तीय सेवाओं में विविध समाधान प्रदान करना, हमारी विशिष्टता का एक प्रमुख क्षेत्र है, जिससे हम अपने ग्राहकों के लिए अद्वितीय समाधान ला सकते हैं। जैसा कि भारत अपने सबसे महत्वपूर्ण दशक की ओर बढ़ रहा है, हम 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 सूची में शामिल कंपनियों के साथ साझेदारी करने के लिए तत्पर हैं, क्योंकि वे अपनी विकास यात्रा में और नई उपलब्धियां हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।’’

हुरुन इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा, ‘‘यह देखना बहुत आसान है कि ‘2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500’ लिस्ट भारत में कंपनियों के सबसे शक्तिशाली समूह का किस तरह प्रतिनिधित्व करती है। 2.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के कुल मूल्य के साथ, जो कि भारत की वर्तमान जीडीपी के बराबर है, वे भारत की अर्थव्यवस्था में मेरूदंड की भूमिका निभा रही हैं। इन 500 कंपनियों ने कुल मिलाकर 820 बिलियन अमेकिरकी डॉलर की बिक्री की और 7.3 मिलियन कर्मचारियों को रोजगार दिया, जो संयुक्त अरब अमीरात की कामकाजी आबादी से अधिक है। यदि आप यह समझना चाहते हैं कि वास्तव में भारतीय अर्थव्यवस्था में क्या चल रहा है, तो भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों यानी ‘2022 बरगंडी प्राइवेट, हुरुन इंडिया 500’ लिस्ट के पीछे की कहानियों को समझना एक अच्छा कदम हो सकता है। ‘2022 बरगंडी प्राइवेट, हुरुन इंडिया 500’ लिस्ट को जारी करने के लिए हुरुन इंडिया, एक्सिस बैंक के प्राइवेट बैंकिंग बिजनेस बरगंडी प्राइवेट के साथ साझेदारी करके खुश है।’’

‘‘इस साल, 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 लिस्ट बनाने की सीमा 6,000 करोड़ रुपए थी, जो पिछले साल से 15 प्रतिशत अधिक है। यह प्रभावशाली है, हुरुन ग्लोबल 500 में प्रवेश करने के लिए कट-ऑफ को देखते हुए 23 प्रतिशत की कमी आई है। बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 इंगित करता है कि वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल के बीच भारत आज भी संभवतः सबसे शानदार स्थान है। विकास की इस दर पर, बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 में प्रवेश करने की कट-ऑफ पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपए के करीब हो सकती है।’’

जहां तक मूल्य की बात है, ‘‘2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500’’ के मूल्य में 1,78,965 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। एनर्जी, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और कंज्यूमर गुड्स ऐसे सेक्टर हैं, जिन क्षेत्रों में मजबूत वृद्धि हुई है। सॉफ्टवेयर और सेवा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ और पिछले साल की तुलना में कुल मिलाकर 6 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। मुद्रास्फीति और बढ़ती मंदी के कारण, भारतीय आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों के बड़े सौदों को बंद करने की गति धीमी होने की उम्मीद है।’’

‘‘मेडिकल डायग्नोस्टिक्स क्षेत्र, जिसने टेस्टिंग मेंडेट के दम पर कोविड -19 के दौरान बहुत उच्च वृद्धि का आनंद लिया, ने लाभ को उलट दिया और मूल्य में लगभग 13,000 करोड़ रुपए बहा दिए।’’

‘‘2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 में से एक मुकाम बनाना किसी के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन 18 लोग ऐसे हैं जिन्होंने इसे एक से अधिक बार संभव कर दिखाया है। गौतम अडानी ने सूची में 7 कंपनियों को लॉन्च किया है और 8वीं - अंबुजा सीमेंट्स का अधिग्रहण किया है। शायद यह आश्चर्य की बात नहीं है कि वह उपमहाद्वीप के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। अन्य लोगों में एन चंद्रशेखरन शामिल हैं, जो टाटा संस के अध्यक्ष हैं, जिन्होंने सूची में छह कंपनियों को जोड़ा है और संजीव गोयनका और कुमार मंगलम बिड़ला जिन्होंने प्रत्येक ने सूची में तीन-तीन जोड़े हैं।’’

‘‘इन दिनों, स्टार्ट-अप से संबंधित कॉन्फ्रेंसेज में पैनल चर्चा के लिए सबसे गर्म विषय स्टार्ट-अप वैल्यूएशन है, जो 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 का दिल है। पब्लिक मार्केट लिस्टिंग जिसे वैल्यूएशन के लिए लिटमस टेस्ट माना जाता है, समाप्त हो गया है और कुछ के लिए यह जहर का प्याला बनने जैसा है। उदाहरण के लिए, 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 में कुछ सबसे बड़े वैल्यू शेडर्स पॉलिसी बाज़ार, पेटीएम, ज़ोमैटो और नायका जैसे स्टार्ट-अप हैं, जो पिछले साल की तुलना में अपने मूल्य में क्रमशः 68 प्रतिशत, 59 प्रतिशत, 50 प्रतिशत और 48 प्रतिशत खो चुके हैं। यह प्रवृत्ति एक स्पष्ट संकेत है कि निजी बाजारों में 2021 मापदंडों के आधार पर स्टार्ट-अप वैल्यूएशन कोई खास मायने नहीं रखता।’’

‘‘लंबे समय में, स्टार्ट-अप वैल्यू क्रिएशन बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 के भविष्य के संस्करणों में प्रवेश करने वाली कंपनियों की रफ्तार में काफी वृद्धि करने जा रहा है। उदाहरण के लिए, ज़ेप्टो और मेन्सा ब्रांड्स को सूची में प्रवेश करने में अपने स्थापना वर्ष से सिर्फ 2 साल लगे। सबसे मूल्यवान स्टार्ट-अप्स की अगली लहर का नेतृत्व उन संस्थापकों द्वारा किया जाएगा जो 800 मिलियन लोगों के लिए और क्लाइमेट सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण कर रहे हैं।’’

‘‘जब 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 कंपनियों की बात आती है, तो मुंबई हावी हो जाता है, 159 कंपनियों के साथ जो भारत 500 का 32 प्रतिशत हिस्सा है और कुल मूल्य का 48 प्रतिशत या 108 लाख करोड़ रुपए की टोटल वैल्यू के साथ। 63 कंपनियों और टोटल वैल्यू के 11 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद बेंगलुरु से मुंबई काफी आगे है।

‘‘वैल्यू शायद किसी कंपनी के प्रदर्शन को मापने का सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि मूल्य न केवल कंपनी के वर्तमान प्रदर्शन बल्कि इसकी भविष्य की क्षमता को भी ध्यान में रखता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यवसाय का मूल्य 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर है, तो इसका मतलब है कि निवेशकों का मानना है कि यह दस वर्षों के भीतर 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर का मुनाफा देने जा रहा है। नई जानकारी के प्रकाश में आने पर यह बदल जाता है, जैसे कि युद्धों का प्रभाव, मुद्रास्फीति, सरकारी डेटा, विनियम और सामान्य सेंटिमेंट्स।’’

दिलचस्प बात यह है कि भारत की कुछ सबसे मूल्यवान कंपनियों की बिक्री आश्चर्यजनक रूप से कम थी। 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 कंपनियों में से 61 की वित्त वर्ष 2022 में 1,000 करोड़ रुपए से कम की बिक्री हुई थी। उदाहरण के लिए, अडानी टोटल गैस के पास सिर्फ’ 3,248 करोड़ रुपए का राजस्व था और केवल 570 कर्मचारी थे, फिर भी उसका मार्केट कैप 3,96,245 करोड़ रुपए था, जबकि यूनिकॉर्न फ़िज़िक्स वाला का मूल्य 9,100 करोड़ रुपए था, बावजूद इसके कि वह वित्त वर्ष 2022 में बिक्री से 233 करोड़ से कम का उत्पादन कर रहा था।

‘‘2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 पर 53 प्रतिशत कंपनियां, जिन्हें मूल्य के आधार पर रैंक किया गया है, वे फॉर्च्यून इंडिया 500 में नहीं हैं, जिन्हें बिक्री द्वारा रैंक दिया जाता है। यह अंतर हुरुन से आया जिसमें रिलायंस कैपिटल और वैरोक इंजीनियरिंग जैसी कंपनियों को शामिल नहीं किया गया था, जिनकी बिक्री बड़ी थी लेकिन उन्हें 6,000 करोड़ रुपए की सीमा से अधिक पर ले जाने के लिए पर्याप्त वैल्यू जनरेट नहीं हुई। दूसरा कारण यह है कि 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 में राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियां शामिल नहीं हैं, जैसे भारतीय स्टेट बैंक और तेल और प्राकृतिक गैस निगम। दिलचस्प यह होगा कि संभवतः राज्य के स्वामित्व वाली केवल 60 सूचीबद्ध कंपनियों ने 6,000 करोड़ रुपए का कट-ऑफ हासिल किया होगा।’’

‘‘हुरुन 1999 से अपनी सूचियों और रिसर्च के माध्यम से एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दे रहा है। रिच लिस्ट और फिलेन्थ्रोपी लिस्ट के साथ शुरू करते हुए, हुरुन ने यूनिकॉर्न्स और हाल ही में 500 सबसे मूल्यवान कंपनियों को वैश्विक स्तर पर और साथ ही व्यक्तिगत देशों के लिए, सबसे अधिक रैंक दिया है। महत्वपूर्ण रूप से चीन और भारत।’’

‘‘क्षेत्रीय सरकारें देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों, 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 की कंपनियों को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। ये कंपनियां कर राजस्व, गुणवत्तापूर्ण रोजगार और उद्योग नेतृत्व के लिए सबसे बड़े अवसर उपलब्ध कराती हैं।’’

‘‘भारत के स्टार्ट-अप कुछ महत्वपूर्ण कंपनियों का निर्माण कर रहे हैं। 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 के 13 प्रतिशत से कम 10 साल से कम पुराने हैं, जिसका नेतृत्व अडानी ट्रांसमिशन, अडानी ग्रीन एनर्जी, स्विगी, रेजरपे और क्रेड कर रहे हैं। इन स्टार्टअप्स में से 71 यूनिकॉर्न और 8 गजेल्स हैं।’’

‘‘यह देखना भी बड़ा दिलचस्प है कि 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 से कंपनियों के 16 प्रतिशत निदेशक मंडल में महिलाएं शामिल हैं। जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ती है और भारत 500 बड़ा होता जाता है, उम्मीद है कि महिला बोर्ड निदेशकों का प्रतिशत भी बढ़ेगा। 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 के अनुसार लगभग 2.1 लाख महिला कर्मचारियों के साथ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सबसे बड़े नियोक्ता हैं।’’

‘‘पारिवारिक व्यवसाय अभी भी भारतीय अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा बनाते हैं। 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 मंे शामिल 70 प्रतिशत कंपनियां परिवार द्वारा संचालित व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं।’’

‘‘2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 लिस्ट दरअसल 27 विभिन्न उद्योगों में फैली हुई है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की समग्र विकास कहानी को प्रदर्शित करता है।’’

‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था की एक अनूठी विशेषता पारंपरिक औद्योगिक समूह हैं, जिनमें से कई 100 साल पहले शुरू हुए थे। शीर्ष 10 औद्योगिक समूहों के पास 2022 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 में से 61 कंपनियां या 12 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें टाटा समूह 15 कंपनियों के साथ सबसे आगे है, इसके बाद अडानी समूह 8 और मुरुगप्पा समूह 6 कंपनियों के साथ है।’’

अपनी बात का समापन करते हुए हुरुन इंडिया के एमडी और चीफ रिसर्चर अनस रहमान जुनैद ने कहा, ‘‘इन कंपनियों की कहानियां आधुनिक भारतीय अर्थव्यवस्था की कहानी बयान करती हैं!’’

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